नर्मदापुरम जिले के पिपरिया ब्लॉक में शिक्षकों के एरियर्स और छात्रवृत्ति राशि के ₹9.48 लाख के गबन के मामले में करीब डेढ़ साल बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। ऑपरेटर कमलेश अहिरवार द्वारा किए गए इस कथित गबन का आरोप सिद्ध होने और राशि वापस जमा करने के बावजूद, आज दिनांक 12.2026 शाम 5:30 बजे तक उसके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी है। इस मामले में अफसरान पर मेहरबानी का आरोप लग रहा है, जिससे शिक्षा और पुलिस विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जाँच में पाया गया कि ऑपरेटर कमलेश अहिरवार ने छात्रवृत्ति और एरियर्स की यह राशि अपने तीन स्वयं के खातों में, साथ ही अपनी पत्नी रिवा अहिरवार और भाई अनिल अहिरवार के खातों में स्थानांतरित की थी। लगभग डेढ़ साल पहले जब यह मामला उजागर हुआ था, तब अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए ऑपरेटर को नौकरी से हटा दिया था और गबन की राशि भी वापस जमा करवाई थी। बीईओ रघुवंशी के मुताबिक, जाँच के दौरान ऑपरेटर कमलेश अहिरवार ने ब्याज सहित राशि वापस करके अपनी गलती स्वीकार भी कर ली थी। इस पूरे मामले से संबंधित 5700 पन्नों की एक विस्तृत जाँच फाइल पिपरिया के बीईओ कार्यालय और मंगलवारा थाने के बीच घूम रही है, जो अब बीईओ कार्यालय की एक अलमारी में बंद बताई जा रही है। एफ़आईआर दर्ज करने को लेकर बीईओ और थाना प्रभारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं। पिपरिया के बीईओ श्री लाल रघुवंशी का कहना है कि उन्होंने थाना प्रभारी द्वारा माँगी गई सभी वांछित जानकारी तैयार कर ली थी और समस्त अभिलेख सहित कार्यालय के प्रभारी लेखपाल एवं स्टाफ 6 मार्च 2026 को पिपरिया पुलिस थाना में उपस्थित भी हुए थे। हालाँकि, समय के अभाव के कारण संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। इसके बाद, उन्होंने स्वयं 10 मार्च 2026 को मंगलवारा थाना पहुँचकर विवेचक उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह कुशवाहा से संपर्क किया, लेकिन 'व्यवस्था के कारण' आवश्यक कार्रवाई नहीं हो पाई। बीईओ ने थाना प्रभारी से कार्रवाई के लिए तिथि और समय निर्धारित कर सूचित करने का अनुरोध भी किया, लेकिन एफआईआर अब तक नहीं हुई है। इस गबन मामले में एफआईआर दर्ज न होने पर शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. मनीष वर्मा ने भी नाराजगी व्यक्त की थी। जाँच के बाद, कलेक्टर कार्यालय और जेडी ने 7 मार्च 2025 को ही ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों को 24 अक्टूबर 2025 और तीसरी बार 9 दिसंबर 2025 को भी दोहराया गया, लेकिन सभी निर्देशों के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है।
नर्मदापुरम जिले के पिपरिया ब्लॉक में शिक्षकों के एरियर्स और छात्रवृत्ति राशि के ₹9.48 लाख के गबन के मामले में करीब डेढ़ साल बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। ऑपरेटर कमलेश अहिरवार द्वारा किए गए इस कथित गबन का आरोप सिद्ध होने और राशि वापस जमा करने के बावजूद, आज दिनांक 12.2026 शाम 5:30 बजे तक उसके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकी है। इस मामले में अफसरान पर मेहरबानी का आरोप लग रहा है, जिससे शिक्षा और पुलिस विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जाँच में पाया गया कि ऑपरेटर कमलेश अहिरवार ने छात्रवृत्ति और एरियर्स की यह राशि अपने तीन स्वयं के खातों में, साथ ही अपनी पत्नी रिवा अहिरवार और भाई अनिल अहिरवार के खातों में स्थानांतरित की थी। लगभग डेढ़ साल पहले जब यह मामला उजागर हुआ था, तब अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए ऑपरेटर को नौकरी से हटा दिया था और गबन की राशि भी वापस जमा करवाई थी। बीईओ रघुवंशी के मुताबिक, जाँच के दौरान ऑपरेटर कमलेश अहिरवार ने ब्याज सहित राशि वापस करके अपनी गलती स्वीकार भी कर ली थी। इस पूरे मामले से संबंधित 5700 पन्नों की एक विस्तृत जाँच फाइल पिपरिया के बीईओ कार्यालय और मंगलवारा थाने के बीच घूम रही है, जो अब बीईओ कार्यालय की एक अलमारी में बंद बताई जा रही है। एफ़आईआर दर्ज करने को लेकर बीईओ और थाना प्रभारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं। पिपरिया के बीईओ श्री लाल रघुवंशी का कहना है कि उन्होंने थाना प्रभारी द्वारा माँगी गई सभी वांछित जानकारी तैयार कर ली थी और समस्त अभिलेख सहित कार्यालय के प्रभारी लेखपाल एवं स्टाफ 6 मार्च 2026 को पिपरिया पुलिस थाना में उपस्थित भी हुए थे। हालाँकि, समय के अभाव के कारण संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। इसके बाद, उन्होंने स्वयं 10 मार्च 2026 को मंगलवारा थाना पहुँचकर विवेचक उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह कुशवाहा से संपर्क किया, लेकिन 'व्यवस्था के कारण' आवश्यक कार्रवाई नहीं हो पाई। बीईओ ने थाना प्रभारी से कार्रवाई के लिए तिथि और समय निर्धारित कर सूचित करने का अनुरोध भी किया, लेकिन एफआईआर अब तक नहीं हुई है। इस गबन मामले में एफआईआर दर्ज न होने पर शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. मनीष वर्मा ने भी नाराजगी व्यक्त की थी। जाँच के बाद, कलेक्टर कार्यालय और जेडी ने 7 मार्च 2025 को ही ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों को 24 अक्टूबर 2025 और तीसरी बार 9 दिसंबर 2025 को भी दोहराया गया, लेकिन सभी निर्देशों के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है।
- नर्मदापुरम के सोहागपुर ब्लॉक में मंगलवार दोपहर करीब 1:00 बजे सोहागपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुधीर सिंह ठाकुर के नेतृत्व में किसानों ने पेट्रोल पंप पर प्रदर्शन किया और कलेक्टर नर्मदापुरम के नाम एक ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन और ज्ञापन किसानों को उनके कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में डीज़ल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर था। ज्ञापन में बताया गया है कि वर्तमान में मूंग की कटाई और धान की रोपाई का काम चल रहा है, जिसके कारण किसानों को डीज़ल की अत्यधिक आवश्यकता है। हालांकि, शासन के निर्देशों के अनुसार पेट्रोल पंपों पर किसानों को केन और बैरल में डीज़ल नहीं दिया जा रहा है, जिस वजह से उन्हें अपने ट्रैक्टर और हार्वेस्टर सीधे पेट्रोल पंप तक लाने पड़ रहे हैं। इस स्थिति के चलते कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं और किसानों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ भी बढ़ रहा है। कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि किसानों को उनकी आवश्यकतानुसार 200 लीटर तक बैरल में और 50 लीटर तक केन में डीज़ल उपलब्ध कराया जाए, ताकि कृषि कार्य समय पर पूरे हो सकें। ज्ञापन में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दिवंगत मॉडल ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह की न्यायिक हिरासत को मंगलवार को भोपाल की एक अदालत ने 14 दिन और बढ़ा दिया है। इन दोनों पर दहेज के लिए मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप है। ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पेश वकील अंकुर पांडे ने बताया कि जज शोभना भलवे की अदालत में दोनों आरोपी वर्चुअली पेश हुए, जिसके बाद CBI की 30 जून तक न्यायिक हिरासत बढ़ाने की मांग को अदालत ने स्वीकार कर लिया। फिलहाल, दोनों आरोपी भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं।1
- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक रेंजर पति को उसकी पत्नी ने किसी दूसरी महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों पकड़ लिया। इस दौरान दूसरी महिला ने खुद को बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन पत्नी के सामने पति का कोई भी बहाना या झूठ काम नहीं आया। पति को दूसरी महिला के साथ देखकर पत्नी के होश उड़ गए और वह पति की बेवफाई को देखकर सन्न रह गई।1
- आदर्श मानस मंडल रायसेन द्वारा कलेक्ट्रेट हनुमान मंदिर में एक संगीतमय सुन्दरकांड पाठ का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम आदर्श मानस मंडल के तत्वावधान में संपन्न हुआ।1
- एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की, जहाँ उन्होंने मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जनता मूर्ख थोड़ी है...।' उनका यह बयान और इससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि आख़िर कार्यक्रम के दौरान ऐसी कौन सी घटना घटी, जिसके कारण केंद्रीय मंत्री को इस तरह सार्वजनिक रूप से अपनी नाराज़गी प्रकट करनी पड़ी।1
- एक आशिक बिजली के एक टावर पर चढ़ गया है, जहाँ से उसने यह घोषणा की है कि वह 'उसी से शादी करेगा नहीं तो मर जाएगा'। इस चौंकाने वाली घटना के कारण स्थानीय ग्रामीण और पुलिस प्रशासन दोनों ही काफी परेशान हैं, वहीं उसके परिजनों की जान हलक में अटकी हुई है।1