कौशांबी के करारी थाना क्षेत्र के गुवारा तैयबपुर गांव में एक घरेलू विवाद के दौरान सात माह की गर्भवती महिला शमा बानो समेत तीन लोगों के साथ बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता शमा बानो का आरोप है कि गांव के ही दबंगों ने उनके बाल पकड़कर जमीन पर पटका और लाठी-डंडों से जमकर पीटा। शोर सुनकर बचाव में आए उनके पति सोन्ने और भतीजे मोहम्मद आसिम को भी आरोपियों ने बेरहमी से पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें दबंगों की बर्बरता साफ दिख रही है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शमा बानो ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन करारी पुलिस ने उन पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उनके पति सोन्ने, भतीजे मोहम्मद आसिम, उनकी पत्नी और जेठ का ही धारा 151 में चालान कर दिया। इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार और भी अधिक परेशान है। सात माह की गर्भवती शमा बानो ने कौशांबी के एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि दबंग खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पुलिस पीड़ितों पर ही कार्रवाई कर रही है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपने जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। इस संबंध में, करारी पुलिस का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस ने बताया कि वीडियो और प्राप्त तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ उचित विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कौशांबी के करारी थाना क्षेत्र के गुवारा तैयबपुर गांव में एक घरेलू विवाद के दौरान सात माह की गर्भवती महिला शमा बानो समेत तीन लोगों के साथ बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता शमा बानो का आरोप है कि गांव के ही दबंगों ने उनके बाल पकड़कर जमीन पर पटका और लाठी-डंडों से जमकर पीटा। शोर सुनकर बचाव में आए उनके पति सोन्ने और भतीजे मोहम्मद आसिम को भी आरोपियों ने बेरहमी से पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें दबंगों की बर्बरता साफ दिख रही है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शमा बानो ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन करारी पुलिस ने उन पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उनके पति सोन्ने, भतीजे मोहम्मद आसिम, उनकी पत्नी और जेठ का ही धारा 151 में चालान कर दिया। इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार और भी अधिक परेशान है। सात माह की गर्भवती शमा बानो ने कौशांबी के एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि दबंग खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि पुलिस पीड़ितों पर ही कार्रवाई कर रही है। पीड़िता ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपने जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। इस संबंध में, करारी पुलिस का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। पुलिस ने बताया कि वीडियो और प्राप्त तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ उचित विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- शुक्रवार को प्रयागराज की संगम नगरी में मौसम ने अचानक करवट बदली। आसमान में काले-घने बादल छा गए और तेज गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से प्रयागराज वासियों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है।1
- प्रयागराज में आदित्य मोटर्स के खिलाफ एक युवक ने मोर्चा खोल दिया है। युवक का आरोप है कि उसका पैसा भी चला गया है और उसे धमकी भी मिली है। प्रदर्शन करते हुए युवक ने न्याय की मांग की है, साफ तौर पर कहा है कि 'हमें इंसाफ चाहिए'।1
- भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकात एक बार फिर से गहन चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उनके वीडियो और गिफ्ट एक्सचेंज को लेकर राजनीतिक गलियारों में सियासत काफी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक बयान ने इस पूरे राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस के समर्थकों के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस लगातार जारी है। इस विवाद में विशेष रूप से "Meloni Toffee" नामक चर्चा भी वायरल हो रही है, जिसने पूरे मामले में नई उत्सुकता पैदा कर दी है। हालांकि, इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी, "Meloni Toffee" चर्चा के वायरल होने का कारण, और राहुल गांधी के उस बयान का पूरा संदर्भ, जिस पर यह राजनीतिक हंगामा मचा है, अभी भी स्पष्ट नहीं है। पूरी रिपोर्ट के लिए दर्शकों को Prayagraj News Live चैनल देखने का आग्रह किया गया है।1
- प्रयागराज के नैनी स्थित जहांगीर मेमोरियल चैरिटेबल हॉस्पिटल ने सभी देशवासियों, प्रदेशवासियों और प्रयागराज के निवासियों को बकरा ईद के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भेजी हैं। इस शुभकामना संदेश में लोकप्रिय टीवी पत्रकार पवनदेव भी शामिल हैं, जिन्होंने सभी को ईद की बधाई दी है। हॉस्पिटल ने अपनी शुभकामनाओं के साथ यह विशेष संदेश भी दिया है कि त्योहार के इस मौके पर सभी लोग अपने स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखें।1
- दिनांक 28 मई, 2026 को ईद-उल-अज़हा (बकरीद) पर्व की नमाज के दृष्टिगत नगर जोन में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए गए पुलिस प्रबंधों के संबंध में पुलिस उपायुक्त नगर द्वारा एक बाइट दी गई है।1
- लखनऊ के पारा थाने में 29 मई 2026 को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ कानून की रक्षक ही न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। प्रयागराज में तैनात एक महिला दरोगा, जो हंस खेड़ा की निवासी है, ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि उसकी सास, ससुर, पति और ननद उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। पीड़ित दरोगा ने बताया कि वह कई दिनों से पारा पुलिस से शिकायत कर रही थी, लेकिन उसका मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। अंततः, मजबूर होकर वह अपने परिजनों के साथ थाने पहुँची और पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। इस दौरान, उसने एक मार्मिक सवाल उठाया कि "जब मेरी ही FIR नहीं लिखी जा रही, मैं खुद दरोगा हूँ, तो आम महिलाओं का क्या हाल होता होगा।" फिलहाल, यह पूरा मामला मीडिया में आने के बाद पुलिस अधिकारी जाँच की बात कह रहे हैं। यह रिपोर्ट क्राइम एक्सपर्ट न्यूज़ के प्रधान संपादक रंजीत कुमार सोनकर द्वारा दी गई है।1
- प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र के अंतर्गत सड़वा पुलिस चौकी के तहत आने वाले लवायन कला गांव में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि विवाद के दौरान एक महिला को जमीन पर पटक दिया गया और उसके बाद बेरहमी से पीटा गया। घटना के समय मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, जहाँ आसपास मौजूद लोगों की भीड़ तमाशबीन बनी रही, जबकि कुछ लोग बीच-बचाव का प्रयास करते नजर आए। बताया गया है कि यह मारपीट दोनों पक्षों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर हुई कहासुनी के बाद हुई, जो आगे चलकर हिंसक झड़प में बदल गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि तहरीर और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। महिला के साथ सार्वजनिक रूप से हुई इस मारपीट की घटना ने कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1