ब्रेकिंग न्यूज : गोपालगंज में व्यवहार न्यायालय के एडीजे-10 मानवेंद्र मिश्र की कोर्ट ने 5 साल के बच्चे की हत्या के मामले में बड़ी मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर एक लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। घटना सिधवलिया थाना क्षेत्र के पंडितपुर गांव की है। 7 महीने पहले 13 अगस्त 2024 को अशोक चौरसिया की पत्नी सुमित्रा देवी स्कूल में काम करने गई थी। घर पर उनका 5 साल का बेटा अजय कुमार और बेटी पूनम कुमारी थी। सुमित्रा देवी जब घर लौटीं तो बेटा नहीं मिला। बेटी ने बताया कि बड़ी मां ने अजय को कुरकुरे के लिए 10 रुपए दिए थे। बाद में छोटी बेटी बीना कुमारी ने बताया कि उसने बड़ी मां को अजय को कंधे पर लेकर मक्के के खेत की तरफ जाते देखा था। परिवार और गांव वालों की मदद से खोजबीन की गई। शाम 5 बजे अजय का शव मक्के के खेत में मिला। बच्चे के गर्दन पर उंगलियों और नाखूनों के निशान थे। पुलिस ने बच्चे की बड़ी मां उर्मिला देवी के खिलाफ केस दर्ज किया। 17 मार्च से शुरू हुआ ट्रायल महज 9 दिनों में पूरा हुआ। अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए। कोर्ट ने नए कानून बीएनएस की धारा-103 के तहत उर्मिला देवीको दोषी करार दिया। अर्थंदंड न चुकाने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। अभियोजन की तरफ से एपीपी जयराम साह और बचाव पक्ष के वकील रमेश चौरसिया और उदय श्रीवास्तव की दलीलों और साक्ष्यं को देखते हुए कोर्ट ने ट्रायल को पूरा कर सजा सुनाई। कोर्ट में सात वर्ष की बच्ची बीना कुमारी जो कांड की चश्मदीद थी। उसके बयान को कोर्ट ने महत्वपूर्ण माना है। आरोपी महिला देवरानी से माफ करने की गुहार लगाती रही। मीडिया रिपोर्द्स के मुताबिक, कोर्ट में आरोपी उर्मिला देवी अपनी देवरानी और बच्चे की मां सुमित्रा देवी से बार- बार माफ करने की गुहार लगा रही थी। आरोपी महिला का पति बाहर काम करता है। बचाव पक्ष ने दलील दी है कि- महिला को हत्या करते किसी ने नहीं देखा, केवल शक के आधार पर उर्मिला देवी को फंसाया गया है। वारदात का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। जिस वक्त हत्या हुई, उस समय उर्मिला देवी खेत में काम कर रही थी। कुत्ते का दुपट्टा सूघकर घर तक पहुंच जाना, पर्याप्त सबूत नहीं है। बहन बीना ने कोर्ट को बताया कि, 'जब मैं स्कूल से आकर बस्ता रखने घर में गई तो बड़ी मां के रूम का दरवाजा थोड़ा खुला हुआ था। वहां बाबू जमीन पर पड़ा हुआ था। लेकिन बड़ी मम्मी मुझे भी बाबू को खोजने के लिए बाहर भेज दी। बाहर आते वक्त जब मैं पीछे पलट कर देखी तो विभा दीदी काला कपड़ा ओढ़ा कर बाबू को खेत के तरफ ले जा रही थी। इसके बाद मकई के खेत में खोजबीन किया गया, तो लड़का अजय कुमार मरा हुआ पड़ा था। उसकी गर्दन पर दोनों तरफ उंगलियों के निशान पड़ी थी...
ब्रेकिंग न्यूज : गोपालगंज में व्यवहार न्यायालय के एडीजे-10 मानवेंद्र मिश्र की कोर्ट ने 5 साल के बच्चे की हत्या के मामले में बड़ी मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर एक लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। घटना सिधवलिया थाना क्षेत्र के पंडितपुर गांव की है। 7 महीने पहले 13 अगस्त 2024 को अशोक चौरसिया की पत्नी सुमित्रा देवी स्कूल में काम करने गई थी। घर पर उनका 5 साल का बेटा अजय कुमार और बेटी पूनम कुमारी थी। सुमित्रा देवी जब घर लौटीं तो बेटा नहीं मिला। बेटी ने बताया कि बड़ी मां ने अजय को कुरकुरे के लिए 10 रुपए दिए थे। बाद में छोटी बेटी बीना कुमारी ने बताया कि उसने बड़ी मां को अजय को कंधे पर लेकर मक्के के खेत की तरफ जाते देखा था। परिवार और गांव वालों की मदद से खोजबीन की गई। शाम 5 बजे अजय का शव मक्के के खेत में मिला। बच्चे के गर्दन पर उंगलियों और नाखूनों के निशान थे। पुलिस ने बच्चे की बड़ी मां उर्मिला देवी के खिलाफ केस दर्ज किया। 17 मार्च से शुरू हुआ ट्रायल महज 9 दिनों में पूरा हुआ। अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए। कोर्ट ने नए कानून बीएनएस की धारा-103 के तहत उर्मिला देवीको दोषी करार दिया। अर्थंदंड न चुकाने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। अभियोजन की तरफ से एपीपी जयराम साह और बचाव पक्ष के वकील रमेश चौरसिया और उदय श्रीवास्तव की दलीलों और साक्ष्यं को देखते हुए कोर्ट ने ट्रायल को पूरा कर सजा सुनाई। कोर्ट में सात वर्ष की बच्ची बीना कुमारी जो कांड की चश्मदीद थी। उसके बयान को कोर्ट ने महत्वपूर्ण माना है। आरोपी महिला देवरानी से माफ करने की गुहार लगाती रही। मीडिया रिपोर्द्स के मुताबिक, कोर्ट में आरोपी उर्मिला देवी अपनी देवरानी और बच्चे की मां सुमित्रा देवी से बार- बार माफ करने की गुहार लगा रही थी। आरोपी महिला का पति बाहर काम करता है। बचाव पक्ष ने दलील दी है कि- महिला को हत्या करते किसी ने नहीं देखा, केवल शक के आधार पर उर्मिला देवी को फंसाया गया है। वारदात का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। जिस वक्त हत्या हुई, उस समय उर्मिला देवी खेत में काम कर रही थी। कुत्ते का दुपट्टा सूघकर घर तक पहुंच जाना, पर्याप्त सबूत नहीं है। बहन बीना ने कोर्ट को बताया कि, 'जब मैं स्कूल से आकर बस्ता रखने घर में गई तो बड़ी मां के रूम का दरवाजा थोड़ा खुला हुआ था। वहां बाबू जमीन पर पड़ा हुआ था। लेकिन बड़ी मम्मी मुझे भी बाबू को खोजने के लिए बाहर भेज दी। बाहर आते वक्त जब मैं पीछे पलट कर देखी तो विभा दीदी काला कपड़ा ओढ़ा कर बाबू को खेत के तरफ ले जा रही थी। इसके बाद मकई के खेत में खोजबीन किया गया, तो लड़का अजय कुमार मरा हुआ पड़ा था। उसकी गर्दन पर दोनों तरफ उंगलियों के निशान पड़ी थी...