डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा स्थित पंचायत समिति सभागार में आत्मा योजना के तहत खरीफ मौसम से पहले एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य किसानों को आगामी खरीफ सीजन के लिए तैयार करना था, जिसके तहत उन्हें कृषि और पशुपालन से जुड़ी नई तकनीकों, जैविक खेती के तरीकों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। पंचायत समिति प्रधान कारीलाल ननोमा इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। गोष्ठी में परियोजना निदेशक परेश पंड्या ने इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए जैविक और परम्परागत खेती के महत्व के बारे में बताया। उप परियोजना निदेशक सोहनलाल मीणा ने उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने के तरीके सुझाए, वहीं पशु चिकित्सा अधिकारी मनीष मीणा ने पशुपालन और बरसात में पशुओं की देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। मुख्य अतिथि कारीलाल ननोमा ने किसानों से सरकारी की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने और अपनी कृषि आय बढ़ाने के लिए विभागीय गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। सहायक कृषि अधिकारी जयदीप सिंह चौहान ने भी विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक पृथ्वीराज सिंह और अन्य कृषि पर्यवेक्षकों सहित क्षेत्र के लगभग 100 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अंत में, पृथ्वीराज सिंह चौहान ने आभार व्यक्त किया।
डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा स्थित पंचायत समिति सभागार में आत्मा योजना के तहत खरीफ मौसम से पहले एक किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य किसानों को आगामी खरीफ सीजन के लिए तैयार करना था, जिसके तहत उन्हें कृषि और पशुपालन से जुड़ी नई तकनीकों, जैविक खेती के तरीकों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। पंचायत समिति प्रधान कारीलाल ननोमा इस कार्यक्रम के
मुख्य अतिथि रहे। गोष्ठी में परियोजना निदेशक परेश पंड्या ने इसके उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए जैविक और परम्परागत खेती के महत्व के बारे में बताया। उप परियोजना निदेशक सोहनलाल मीणा ने उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने के तरीके सुझाए, वहीं पशु चिकित्सा अधिकारी मनीष मीणा ने पशुपालन और बरसात में पशुओं की देखभाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। मुख्य अतिथि कारीलाल ननोमा ने किसानों से सरकारी की
किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने और अपनी कृषि आय बढ़ाने के लिए विभागीय गतिविधियों से जुड़ने का आह्वान किया। सहायक कृषि अधिकारी जयदीप सिंह चौहान ने भी विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक पृथ्वीराज सिंह और अन्य कृषि पर्यवेक्षकों सहित क्षेत्र के लगभग 100 किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अंत में, पृथ्वीराज सिंह चौहान ने आभार व्यक्त किया।
- समाज सेवी अहारी ने बच्चों की परवरिश को लेकर महत्वपूर्ण विचार साझा किए हैं। उनके अनुसार, बचपन से ही बच्चों में अच्छी आदतें डालनी चाहिए, जिससे वे बड़े होकर अभिभावकों के लिए परेशानी का सबब न बनें। अहारी ने जोर देकर कहा कि बच्चों को संस्कार अपने घर में ही मिलते हैं, जबकि शिक्षा उन्हें स्कूल में प्राप्त होती है।1
- डूंगरपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन स्वच्छता' के तहत अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए गुजरात सीमा पर स्थित रतनपुर बॉर्डर से लगभग 30 लाख रुपये मूल्य की अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। इस दौरान पुलिस ने बाड़मेर के रहने वाले दो शातिर तस्करों को भी मौके से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर बिछीवाड़ा थाना पुलिस और रतनपुर पुलिस चौकी ने की। पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि उदयपुर से अहमदाबाद की ओर जाने वाले नेशनल हाईवे-48 (NH-48) के रास्ते गुजरात में अवैध शराब ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही रतनपुर चौकी प्रभारी अब्दुल मुनाफ और उनकी टीम ने नाकाबंदी की। तलाशी के दौरान संदिग्ध कंटेनर (नंबर NL 01 AF 7183) को रोका गया, जिसमें ऊपर से प्लास्टिक की बाल्टियां और टेबल रखे हुए थे। गहन जांच में पुलिस को उसके पीछे एक गुप्त केबिन मिला, जिसमें हरियाणा और चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब के कुल 252 कार्टन छिपाए गए थे। जब्त शराब में 'फॉर सेल ओनली इन हरियाणा' और 'फॉर सेल ओनली इन चंडीगढ़' मार्क वाली महंगी ब्रांड की शराब और वोडका शामिल है। इस सफल कार्रवाई में बिछीवाड़ा थानाधिकारी कैलाशचन्द्र सोनी के नेतृत्व में उपनिरीक्षक अब्दुल मुनाफ, कांस्टेबल जोगेन्द्रसिंह (नंबर 720), कुन्दनसिंह (नंबर 426), युवराजसिंह (नंबर 748), कपिल (नंबर 490) और गौरव (नंबर 951) की मुख्य भूमिका रही।3
- डूंगरपुर से मिली जानकारी के अनुसार, जिला कलेक्टर देशलदान ने गामड़ी अहाड़ा ग्राम पंचायत का दौरा किया। यहाँ उन्होंने आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर ने विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। शिविर में ग्रामीणों को आपसी सहमति के आधार पर बँटवारे संबंधी दस्तावेज और आबादी पट्टे वितरित कर लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी बिछीवाड़ा शाहीन अंजुम, तहसीलदार बाबू सिंह राजपुरोहित, ब्लॉक विकास अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।2
- वडोदरा में अदानी गैस पंप लाइन रोड पर रात में की गई सवारी और नाइट व्यू का एक मजेदार अनुभव साझा किया गया है। पोस्ट में प्रेग्नेंट कॉम्प्लेक्स, अदानी गैस पंप लाइन रोड और क्रैश कोर्स सर्किल जैसे स्थानों पर रात में घूमने और शानदार नज़ारों का आनंद लेने का जिक्र है। यह पोस्ट विशुद्ध रूप से मनोरंजन के उद्देश्य से डाली गई है, ताकि लोग नाइट राइड के इस आनंददायक अनुभव का मजा ले सकें। इसमें वडोदरा के नाइट व्यू को बेहद मजेदार बताते हुए लोगों को कभी इस क्षेत्र में आकर सवारी करने और मनोरंजन का आनंद लेने का सीधा निमंत्रण दिया गया है।1
- कुशलगढ़ वृत्त के तहत छोटा डूंगरा चौकी पुलिस और डीएसटी (जिला विशेष शाखा) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए डूंगरा मार्ग पर अवैध बजरी से भरे एक डंपर को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई डीएसटी अधिकारी श्री भंवरलाल और पुलिस टीम द्वारा की गई। डंपर को जब्त करने के बाद उसे छोटा डूंगरा थाना परिसर में खड़ा कराया गया है, और खनन विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है। प्रशासन द्वारा इस मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- कुवैत से मिली खबर के अनुसार, दो एशियाई प्रवासियों को झूठी लड़ाई की खबर देने के आरोप में देश से निकाला जाएगा। यह निर्णय कुवैत में हुए इस घटनाक्रम से जुड़ा है।1
- जगत माता जी के मंदिर में विशेष रूप से रविवार के दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी रहती है। हर रविवार को बड़ी संख्या में भक्तगण यहाँ दर्शन के लिए पहुँचते हैं।1
- समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी ने पड़ोसियों के कहने पर भैंस का मांस खाने संबंधी खबरों का जोरदार खंडन किया है। अहारी के अनुसार, यह तय करने के लिए कि मांस भैंस का था या नहीं, तकनीकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि पड़ोसियों के कहने पर इस तरह की बातें अखबारों में लिखना कहीं न कहीं एक विशेष समाज को आहत करता है, खास तौर पर आदिवासी समाज को, जिसे संतों और महात्माओं के पदचिन्हों पर चलने वाला बताया गया है। दिनेश चंद्र अहारी ने स्वीकार किया कि सभी समाजों में मांसाहारी और शाकाहारी दोनों तरह के लोग होते हैं, और उनके अपने समाज में भी मांसाहारी लोग हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां तक भैंस के मांस के सेवन की बात है, वे इसे स्वीकार नहीं करते और इसका विरोध करते हैं। अहारी ने इस बात पर जोर दिया कि पड़ोसियों के कहने मात्र से भैंस का मांस खाने की खबर लिखना गलत है, और इसलिए वे इस खबर का खंडन करते हुए इसका विरोध करते हैं।1