पांगी की मुख्य सड़क पर तय समय सीमा में तारकोल बिछाने की मांग, पंचायत प्रधानों ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन चम्बा 27 अगस्त 2026। पांगी घाटी की मुख्य सड़क की खस्ताहाल स्थिति और लंबित तारकोल बिछाने के कार्य को लेकर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने उपायुक्त चंबा को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करवाने की मांग उठाई है। ज्ञापन में कहा गया है कि पांगी घाटी की भौगोलिक परिस्थितियां बेहद कठिन हैं और यहां सड़क यातायात स्थानीय लोगों की जीवनरेखा है। पिछले करीब एक वर्ष से मुख्य सड़क की मरम्मत एवं निर्माण कार्य सीमा सड़क संगठन (BRO) की विभिन्न कंस्ट्रक्शन कंपनियों के माध्यम से किया जा रहा है। ऐसे में सड़क के शेष हिस्से पर तारकोल एवं बिटुमिन बिछाने का कार्य समय पर पूरा होना बेहद आवश्यक है। पंचायत प्रधानों ने उपायुक्त के समक्ष कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि BRO की 68 कंस्ट्रक्शन कंपनी को कुछ समय के लिए पांगी क्षेत्र से अन्य स्थान पर भेजा गया है। वहीं पांगी की परिस्थितियों को देखते हुए BRO-108 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी को किलाड़ क्षेत्र तक सड़क पर बिटुमिन एवं तारकोल बिछाने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया है। ज्ञापन में बताया गया कि BRO-94 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी तथा BRO-108 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी/उपांग द्वारा पूर्थी से बम्बल तक सड़क के विभिन्न हिस्सों में कार्य किया जा रहा है। पंचायत प्रधानों का कहना है कि सड़क के जो हिस्से अभी तक अधूरे हैं, उन्हें उसी क्रम में आगे बढ़ाते हुए पांबम्बल से किलाड़ तक का शेष कार्य BRO-108 के माध्यम से करवाया जाना चाहिए। प्रधानों ने तर्क दिया कि यदि BRO-108 द्वारा पहले से किए गए कार्य से ही शेष सड़क निर्माण एवं तारकोल बिछाने का कार्य आगे जारी रखा जाता है, तो काम में अनावश्यक देरी से बचा जा सकता है और पूरी सड़क को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र में मौसम की परिस्थितियां भी सड़क निर्माण कार्य के लिए बड़ी चुनौती हैं। सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी और कम तापमान के कारण निर्माण कार्य प्रभावित होता है। इसलिए मौसम अनुकूल रहने की अवधि में ही सड़क पर तारकोल बिछाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना जरूरी है। ज्ञापन के माध्यम से उपायुक्त चंबा से आग्रह किया गया है कि वे BRO के मुख्य अभियंता, शिमला के समक्ष इस मामले को उठाएं और सड़क के शेष कार्य को BRO-108 कंस्ट्रक्शन कंपनी के माध्यम से ही करवाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएं, ताकि पांगी घाटी की मुख्य सड़क का लंबित कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो सके। ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन और BRO के स्तर पर इस मांग को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जिससे पांगी घाटी के लोगों को बेहतर एवं सुरक्षित सड़क सुविधा मिल सके।
पांगी की मुख्य सड़क पर तय समय सीमा में तारकोल बिछाने की मांग, पंचायत प्रधानों ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन चम्बा 27 अगस्त 2026। पांगी घाटी की मुख्य सड़क की खस्ताहाल स्थिति और लंबित तारकोल बिछाने के कार्य को लेकर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने उपायुक्त चंबा को ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करवाने की मांग उठाई है। ज्ञापन में कहा गया है कि पांगी घाटी की भौगोलिक परिस्थितियां बेहद कठिन हैं और यहां सड़क यातायात स्थानीय लोगों की जीवनरेखा है। पिछले करीब एक वर्ष से मुख्य सड़क की मरम्मत एवं निर्माण कार्य सीमा सड़क संगठन (BRO) की विभिन्न कंस्ट्रक्शन कंपनियों के माध्यम से किया जा रहा है। ऐसे में सड़क के शेष हिस्से पर तारकोल एवं बिटुमिन बिछाने का कार्य समय पर पूरा होना बेहद आवश्यक है। पंचायत प्रधानों ने उपायुक्त के समक्ष कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि BRO की 68 कंस्ट्रक्शन कंपनी को कुछ समय के लिए पांगी क्षेत्र से अन्य स्थान पर भेजा गया है। वहीं पांगी की परिस्थितियों को देखते हुए BRO-108 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी को किलाड़ क्षेत्र तक सड़क पर बिटुमिन एवं तारकोल बिछाने का महत्वपूर्ण कार्य सौंपा गया है। ज्ञापन में बताया गया कि BRO-94 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी तथा BRO-108 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी/उपांग द्वारा पूर्थी से बम्बल तक सड़क के विभिन्न हिस्सों में कार्य किया जा रहा है। पंचायत प्रधानों का कहना है कि सड़क के जो हिस्से अभी तक अधूरे हैं, उन्हें उसी क्रम में आगे बढ़ाते हुए पांबम्बल से किलाड़ तक का शेष कार्य BRO-108 के माध्यम से करवाया जाना चाहिए। प्रधानों ने तर्क दिया कि यदि BRO-108 द्वारा पहले से किए गए कार्य से ही शेष सड़क निर्माण एवं तारकोल बिछाने का कार्य आगे जारी रखा जाता है, तो काम में अनावश्यक देरी से बचा जा सकता है और पूरी सड़क को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर तैयार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्र में मौसम की परिस्थितियां भी सड़क निर्माण कार्य के लिए बड़ी चुनौती हैं। सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी और कम तापमान के कारण निर्माण कार्य प्रभावित होता है। इसलिए मौसम अनुकूल रहने की अवधि में ही सड़क पर तारकोल बिछाने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना जरूरी है। ज्ञापन के माध्यम से उपायुक्त चंबा से आग्रह किया गया है कि वे BRO के मुख्य अभियंता, शिमला के समक्ष इस मामले को उठाएं और सड़क के शेष कार्य को BRO-108 कंस्ट्रक्शन कंपनी के माध्यम से ही करवाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएं, ताकि पांगी घाटी की मुख्य सड़क का लंबित कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा हो सके। ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने उम्मीद जताई कि जिला प्रशासन और BRO के स्तर पर इस मांग को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जिससे पांगी घाटी के लोगों को बेहतर एवं सुरक्षित सड़क सुविधा मिल सके।
- नेपाल में भोटे कोशी नदी ने बुधवार को ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रसुवा जिले में भारी तबाही मच गई। कृष्ण चंद राणा | पांगी न्यूज़ टुडे नेपाल से बड़ी खबर... नेपाल में भोटे कोशी नदी ने बुधवार को ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि रसुवा जिले में भारी तबाही मच गई। तिब्बत सीमा से सटे तिमुरे, रसुवागढ़ी और स्याफ्रुबेसी सहित आसपास के इलाकों में अचानक आई बाढ़ ने घरों, वाहनों, सड़कों और पुलों को अपनी चपेट में ले लिया। बाढ़ की तेज धार के साथ आया मलबा कई इलाकों में तबाही मचाता हुआ आगे बढ़ा। हाइड्रो पावर परियोजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। शुरुआती जानकारी में सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी और 25 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया था। बाद में नेपाल पुलिस की ओर से मृतकों की संख्या बढ़कर 95 तक पहुंचने की सूचना सामने आई। हालांकि, प्रभावित क्षेत्रों में संचार और सड़क संपर्क बाधित होने के कारण नुकसान का पूरा आकलन अभी बाकी है। इस प्राकृतिक आपदा में सुरक्षाकर्मी भी प्रभावित हुए हैं। नेपाल पुलिस मुख्यालय के अनुसार विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में तैनात 28 पुलिसकर्मी लापता बताए गए हैं। इनमें तिमुरे, रसुवागढ़ी, स्याफ्रुबेसी और आसपास के क्षेत्रों में तैनात जवान शामिल हैं। बाढ़ से कई सड़क मार्ग और पुल टूट गए हैं, जिसके चलते राहत और बचाव अभियान में भी मुश्किलें सामने आ रही हैं। नेपाल सरकार ने सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया है। हेलीकॉप्टरों के माध्यम से भी लापता लोगों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। वहीं, बाढ़ के कारणों को लेकर अभी अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक सूचनाओं में तिब्बत क्षेत्र में भूस्खलन अथवा नदी के अस्थायी रूप से अवरुद्ध होने की संभावना जताई जा रही है। नेपाल में भोटे कोशी की इस भीषण बाढ़ ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन के खतरे की गंभीरता को सामने ला दिया है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है। कृष्ण चंद राणा | पांगी न्यूज़ टुडे1
- पंडित राम प्रसाद शर्मा मंडी वाले अब कुछ चुनिंदा तिथियों पर बड़ोह रोड और नगरोटा बगवां में भी उपलब्ध प्री अपॉइंटमेंट ज़रूरी है1
- स्मार्ट मीटर ना लगवाने पर विद्युत बोर्ड ने शहर में काटे कई लोगों के कनेक्शन, जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाने पर भड़के लोग, बोर्ड और मीटर लगाने वाली कंपनी पर लगाया डराने धमकाने का आरोप एसपी के पास दी शिकायत, धरना प्रदर्शन कर विद्युत बोर्ड के अधिकारियों का घेराव करने का दिया अल्टीमेटम हमीरपुर स्मार्ट मीटर लगाने का मामला हमीरपुर शहर में भी अब तूल पकड़ गया है । हमीरपुर शहर के गौड़ा इलाके में कुछ उपभोक्ताओं ने जब स्मार्ट मीटर लगाने से मना कर दिया तो पहले विभाग ने उन्हें नोटिस देकर उनका विद्युत कनेक्शन काट दिया गया जिसे लेकर लोग भड़क गए हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विद्युत बोर्ड और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी उन्हें डरा धमका रही है इसे लेकर वीरवार को उपभोक्ता कल्याण मंच के साथ लोगों ने एसपी हमीरपुर के पास पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज करवाई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके विद्युत कनेक्शन पुनः स्थापित नहीं किए गए तो वह इसके खिलाफ विद्युत बोर्ड के अधिकारियों का घेरावकरेंगे और कार्यलय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे । उपभोक्ता कल्याण मंच के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने बताया कि उपभोक्ताओं के इनकार के बावजूद स्मार्ट मीटर जबरदस्ती और गैर कानूनी तरीके से लगाने का काम किया जा रहा है। जब लोग इसका विरोध कर रहे हैं तो उनका संवैधानिक हक छीन कर उनके कनेक्शन काटकर उन्हें अंधेरे में रखा जा रहा है । उन्होंने बताया कि हमीरपुर शहर के एक इलाके में भी के उपभोक्ताओं के कलेक्शन काटकर उन्हें अंधेरा दे दिया गया है। उन्होंने बताया कि एक परिवार को एक महीने तक बिना बिजली के रहना पड़ गया है और कोर्ट के दखल के बाद उनकी सप्लाई को बहाल किया गया। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने निर्णय दिया है कि विभाग जबरदस्ती स्मार्ट मीटर नहीं लगा सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस मामले में सरकार और विद्युत बोर्ड को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ेगा । ठाकुर ने बताया कि पुलिस अधीक्षक से विद्युत बोर्ड और स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज करके उन पर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार और विभाग नही माना तो हर गांव में लोगो के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी । बाइट सुरेश ठाकुर अध्यक्ष उपभोक्ता कल्याण मंच गौडा इलाके के सुमित प्रकाश गौतम ने बताया कि उनके चार कनेक्शन स्मार्ट मीटर न लगाने को लेकर काट दिए गए हैं जिसके कारण उन्हें समस्या हो रही है । उन्होंने बताया कि आज पुलिस अधीक्षक से मिलकर जबरदस्ती स्मार्ट मीटर न लगाने पर बिजली कनेक्शन काटने वालो के खिलाफ शिकयत कर कार्यवाही की मांग की है । बाइट प्रकाश गौतम पुरुषोत्तम प्रकाश ने बताया कि जब लोग स्मार्ट मीटर लगाना ही नहीं चाहते हैं तो जबरदस्ती इन्हें क्यों लगाया जा रहा है इनकी रीडिंग ठीक नहीं आती है पुराने मी ही ठीक है और उन्हें ही रहने दिया जाए।1
- NC को सवाल पूछने की जरूरत नहीं, BJP से सवाल पूछने की जरूरत है- Deputy CM सुरिंदर चौधरी “NC को सवाल पूछने की जरूरत नहीं है, जरूरत है BJP से सवाल पूछने की।” Deputy CM सुरेंद्र चौधरी के इस बयान ने जम्मू-कश्मीर की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।1
- स्मार्ट मीटर का विरोध पड़ा भारी! बिजली कनेक्शन कटा, SP हमीरपुर से शिकायत | Himachal News स्मार्ट मीटर का विरोध पड़ा भारी! बिजली कनेक्शन कटा, SP हमीरपुर से शिकायत | Himachal News1
- पंडित राम प्रसाद शर्मा मंडी वाले अब चुनिंदा तिथियों को बड़ोह रोड नगरोटा बगवां में भी उपलब्ध पप्री अपॉइंटमेंट ले कर मिलें1
- 100 फीट गहरी खाई में गिरा भेड़पालक, साथियों ने पीठ पर उठाकर बचाई जान; ‘जाको राखे साइयां…’ कहावत हुई चरितार्थ। चंबा जिले के चुराह क्षेत्र में एक भेड़पालक के साथ हुए हादसे ने हर किसी को हैरान कर दिया। करीब 100 फीट गहरी खाई में गिरने के बावजूद भेड़पालक की जान बच गई। हादसे के बाद उसके साथियों ने जिस साहस और इंसानियत का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ है। घायल साथी को सड़क तक पहुंचाने के लिए उन्होंने उसे अपनी पीठ पर उठाया और कई किलोमीटर का कठिन सफर पैदल तय किया। घटना की तस्वीरें चुराह क्षेत्र की बताई जा रही हैं। जानकारी के अनुसार भेड़पालकों का एक दल हर वर्ष की तरह इस बार भी लाहौल-स्पीति से अपनी भेड़-बकरियों को लेकर वापस अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान दल जब तंगेड़ा नाले के समीप पहुंचा तो अचानक एक भेड़पालक का पैर फिसल गया। पैर फिसलते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पहाड़ी से करीब 100 फीट नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में भेड़पालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद उसके साथियों में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन उन्होंने घबराने के बजाय तुरंत घायल साथी को बचाने के लिए प्रयास शुरू कर दिए। साथियों ने पीठ पर उठाकर तय किया कई किलोमीटर का सफर हादसे की गंभीरता के बावजूद घायल को मौके से सड़क तक पहुंचाना आसान नहीं था। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और रास्ते की कठिन परिस्थितियों के बीच साथियों ने अदम्य साहस दिखाते हुए घायल भेड़पालक को खाई से बाहर निकाला। सड़क तक पहुंचने के लिए कोई आसान रास्ता नहीं होने के कारण साथियों ने घायल को अपनी पीठ पर उठाया और कई किलोमीटर तक पैदल लेकर चले। इस दौरान उन्होंने न केवल अपने साथी की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, बल्कि कठिन पहाड़ी परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारी। काफी मशक्कत के बाद घायल भेड़पालक को चांजू पहुंचाया गया, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद भूमि कंपनी की एंबुलेंस के माध्यम से घायल को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा भेजा गया। मुश्किल वक्त में साथियों का हौसला बना जीवन की सबसे बड़ी ताकत हादसा कितना गंभीर था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भेड़पालक करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा था। इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद भी उसका जीवित बचना किसी चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर कहावत “जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई” को चरितार्थ कर दिया। वहीं, घायल भेड़पालक के साथियों ने जिस तरह अपनी जान की परवाह किए बिना उसे पीठ पर उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया, वह इंसानियत और आपसी भाईचारे की मिसाल है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में किसी हादसे के बाद समय पर मदद मिलना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस घटना में साथियों की तत्परता, हिम्मत और सूझबूझ ने घायल को समय पर उपचार तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। यह घटना यह संदेश भी देती है कि मुश्किल वक्त में अपनों का साथ, हौसला और इंसानियत किसी की जिंदगी बचाने की सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।1
- chin se nepal men aaya mahapralay dekhen is video men puri news1