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दादरी शहर में बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसके कारण निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, पानी की निकासी और जलभराव का मुद्दा भी स्थानीय लोगों को परेशान कर रहा है। लगता गाँव में बिजली के तार खुले में लटके हुए हैं, जबकि खंभों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं, जिसके कारण कॉलोनी के लोगों को अंधेरे में ही बाहर निकलना पड़ता है। बिजली के तारों में रोज़ाना फॉल्ट होने की खबरें भी सामने आ रही हैं। इन सभी समस्याओं को देखते हुए कॉलोनी के लोगों ने उत्तर प्रदेश बिजली विभाग से जल्द से जल्द सुधार करने का आग्रह किया है।
Sachin Rawal dadri
दादरी शहर में बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसके कारण निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, पानी की निकासी और जलभराव का मुद्दा भी स्थानीय लोगों को परेशान कर रहा है। लगता गाँव में बिजली के तार खुले में लटके हुए हैं, जबकि खंभों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं, जिसके कारण कॉलोनी के लोगों को अंधेरे में ही बाहर निकलना पड़ता है। बिजली के तारों में रोज़ाना फॉल्ट होने की खबरें भी सामने आ रही हैं। इन सभी समस्याओं को देखते हुए कॉलोनी के लोगों ने उत्तर प्रदेश बिजली विभाग से जल्द से जल्द सुधार करने का आग्रह किया है।
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- हरियाणा के करनाल जिले के निसिंग इलाके में एक पालतू कुत्ते जिम्मी ने अपने मालिक को बचाने के लिए एक ब्लैक कोबरा से बहादुरी से लड़ाई लड़ी। सांप के डंक मारने के बावजूद वह लगातार संघर्ष करती रही। करीब आठ मिनट तक चली इस लड़ाई के बाद जिम्मी की हालत बिगड़ गई और अंततः उसकी मौत हो गई। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है, जिससे परिवार में शोक के साथ-साथ जिम्मी की वफादारी और साहस पर गर्व का माहौल है। जिम्मी ने अपने मालिक के प्रति अटूट वफादारी की एक मिसाल कायम की है।1
- यह पाठ किसी को न जाने के लिए एक भावनात्मक आग्रह व्यक्त करता है, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि अभी बात पूरी नहीं हुई है और एक वादे के अनुसार मुलाकात अभी होनी बाकी है। यह पहले की गई प्रतिबद्धता के अधूरे पहलू को दर्शाता है।1
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- भूत-प्रेत संबंधी बाधाओं से निजात पाने के इच्छुक लोगों को बालाजी से जुड़े विशेष नियम जानने का अवसर दिया जा रहा है। इन नियमों की विस्तृत जानकारी हासिल करने के लिए, संबंधित व्यक्तियों से टिप्पणी अनुभाग में अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए कहा गया है।1
- गाजियाबाद के राकेश मार्ग स्थित गुलमोहर एनक्लेव सोसायटी में मंगलवार सुबह टावर एम-1 के समीप बैडमिंटन कोर्ट के पास तीन लोहे के पिलर (बोलार्ड) लगाए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। निवासियों का आरोप है कि सोसायटी के एक निवासी के कहने पर आरडब्ल्यूए के एक पदाधिकारी द्वारा ये पिलर लगवाए गए हैं, जिससे पहले से ही संकरा रास्ता और अधिक संकरा हो गया है। दर्जनों निवासियों ने मौके पर पहुंचकर इसका कड़ा विरोध जताया है, क्योंकि उनका कहना है कि यह कार्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए किया गया है और इससे किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। निवासियों ने बताया कि जिस स्थान पर ये पिलर लगाए गए हैं, वहां पहले से ही वाहनों के निकलने के लिए बहुत कम जगह है, जिससे आग लगने की स्थिति में फायर ब्रिगेड का वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाएगा। उन्होंने हाल ही में एसपी-2 टावर के एक फ्लैट में लगी आग की घटना का जिक्र किया, जब फायर ब्रिगेड के वाहन को सोसायटी के भीतर पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। निवासियों का कहना है कि अगर रास्तों पर इसी प्रकार अतिक्रमण कर पिलर लगाए जाते रहे, तो भविष्य में आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है, जिससे बड़ी जनहानि की आशंका है। सोसायटी निवासी दिनेश सिंह ने बताया कि उन्होंने आरडब्ल्यूए सचिव ए.के. दोहरे और पूर्व अध्यक्ष बिजेंद्र गिरी को बुलाकर पिलर लगाने की जानकारी दी, जिन्होंने इस कार्य से अनभिज्ञता जताई। कर्मचारियों से पूछने पर उन्होंने बताया कि यह कार्य आरडब्ल्यूए मैनेजर राहुल त्यागी के निर्देश पर हो रहा है। वहीं, कार्यकारिणी सदस्य रश्मि चौधरी और एडवोकेट राज किशोर शर्मा ने भी जानकारी न होने की बात कही और इसे गलत बताते हुए जिम्मेदार व्यक्ति से जवाब मांगने का आश्वासन दिया। इसके अतिरिक्त, गौरव बंसल ने जब आरडब्ल्यूए मैनेजर राहुल त्यागी से फोन पर बात की, तो उन्होंने कथित रूप से बताया कि यह कार्य कोषाध्यक्ष किंशुक बंसल के कहने पर कराया गया है। इस घटना के बाद सोसायटी में रोष व्याप्त है और निवासियों का कहना है कि सुरक्षा से जुड़े मामले में बिना आम सहमति और तकनीकी परीक्षण के इस प्रकार रास्ते में पिलर लगाना उचित नहीं है। निवासियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी गाजियाबाद, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष और मुख्य अग्निशमन अधिकारी (फायर ऑफिसर) को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने, कथित अतिक्रमण हटाने और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। निवासियों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में इस मार्ग के अवरुद्ध होने के कारण किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि होती है, तो उसकी समस्त जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए तथा कथित रूप से अतिक्रमण करवाने वाले संबंधित निवासी की होगी।4
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