जैन समाज के पर्युषण महापर्व 16 सितंबर से 25 सितंबर तक आयोजित टीकमगढ़ 15 सितंबर सकल दिगंबर जैन समाज के दस लक्षण पर्युषण महापर्व कल 16 सितंबर से प्रारंभ होंगे। धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जनता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस महापर्व में प्रत्येक जैन श्रावक आत्म साधना एवं धर्म आराधना करते हैं। प्रत्येक जैन मंदिर में प्रातः सुबह 6 बजे से अभिषेक, शांति धारा एवं विधान किया जाता है। यह पर्व श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जाता है। पर्व को लेकर टीकमगढ़ शहर के सभी जैन मंदिरों के साथ-साथ जिले के प्रमुख जैन तीर्थ एवं अतिशय क्षेत्रों पर भी समाज के लोग पूजन करने जाते हैं। दस लक्षण महापर्व जैन समाज का अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है। यह पर्व व्यक्ति को बाहरी आडंबर से दूर होकर अपनी आत्मा की ओर देखने, आत्मचिंतन करने तथा आत्मशुद्धि का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है। शहर के जैन मंदिरों के साथ अतिशय क्षेत्र पपौरा, सिद्ध क्षेत्र आहार, नवागढ़, बंधा सहित विभिन्न जैन क्षेत्रों में भी पर्व को लेकर धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। दस लक्षण पर्व आत्मचेतना, आत्मजागृति, संयम, तप, त्याग, करुणा और क्षमाभाव के माध्यम से जीवन को श्रेष्ठ बनाने का संदेश देता है। इन दिनों श्रद्धालु पूजा-अर्चना, अभिषेक, स्वाध्याय, सामायिक, ध्यान, उपवास, एकासन तथा विभिन्न प्रकार की तप-साधना करते हैं। जैन समाज में पर्युषण पर्व को आत्मशुद्धि, संयम, तप और धर्म साधना का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह केवल बाहरी उत्सव नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकने और कर्मों की निर्जरा करने का अवसर है। पर्व के दौरान श्रद्धालु क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों से दूर रहने तथा अहिंसा, सत्य, संयम और क्षमा को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं। दस लक्षण धर्म के माध्यम से मनुष्य को क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे गुणों को जीवन में धारण करने की प्रेरणा मिलती है। प्रत्येक दिन इन गुणों पर चिंतन एवं मनन कर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया जाता है। पर्युषण पर्व का सबसे महत्वपूर्ण संदेश क्षमा और मैत्रीभाव है। वर्षभर में जाने-अनजाने मन, वचन अथवा कर्म से किसी को दुख पहुंचा हो तो उसके लिए क्षमा मांगना और दूसरों को भी हृदय से क्षमा करना जैन धर्म की महान परंपरा है। इसी भावना के साथ सभी जीवों से क्षमा याचना की जाती है। यह पर्व मनुष्य को अहंकार और वैरभाव छोड़कर प्रेम, करुणा और आत्मीयता के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। दस लक्षण महापर्व हमें यह संदेश देता है कि मनुष्य केवल सांसारिक सुखों के पीछे न भागे, बल्कि आत्मकल्याण और मोक्ष मार्ग की ओर भी कदम बढ़ाए। तप, संयम और त्याग के माध्यम से कर्मों की निर्जरा कर आत्मा को निर्मल बनाने का प्रयास ही इस पर्व की वास्तविक भावना है।
जैन समाज के पर्युषण महापर्व 16 सितंबर से 25 सितंबर तक आयोजित टीकमगढ़ 15 सितंबर सकल दिगंबर जैन समाज के दस लक्षण पर्युषण महापर्व कल 16 सितंबर से प्रारंभ होंगे। धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जनता ने जानकारी देते हुए बताया कि इस महापर्व में प्रत्येक जैन श्रावक आत्म साधना एवं धर्म आराधना करते हैं। प्रत्येक जैन मंदिर में प्रातः सुबह 6 बजे से अभिषेक, शांति धारा एवं विधान किया जाता है। यह पर्व श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जाता है। पर्व को लेकर टीकमगढ़ शहर के सभी जैन मंदिरों के साथ-साथ जिले के प्रमुख जैन तीर्थ एवं अतिशय क्षेत्रों पर भी समाज के लोग पूजन करने जाते हैं। दस लक्षण महापर्व जैन समाज का अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है। यह पर्व व्यक्ति को बाहरी आडंबर से दूर होकर अपनी आत्मा की ओर देखने, आत्मचिंतन करने तथा आत्मशुद्धि का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है। शहर के जैन मंदिरों के साथ अतिशय क्षेत्र पपौरा, सिद्ध क्षेत्र आहार, नवागढ़, बंधा सहित विभिन्न जैन क्षेत्रों में भी पर्व को लेकर धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। दस लक्षण पर्व आत्मचेतना, आत्मजागृति, संयम, तप, त्याग, करुणा और क्षमाभाव के माध्यम से जीवन को श्रेष्ठ बनाने का संदेश देता है। इन दिनों श्रद्धालु पूजा-अर्चना, अभिषेक, स्वाध्याय, सामायिक, ध्यान, उपवास, एकासन तथा विभिन्न प्रकार की तप-साधना करते हैं। जैन समाज में पर्युषण पर्व को आत्मशुद्धि, संयम, तप और धर्म साधना का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह केवल बाहरी उत्सव नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकने और कर्मों की निर्जरा करने का अवसर है। पर्व के दौरान श्रद्धालु क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों से दूर रहने तथा अहिंसा, सत्य, संयम और क्षमा को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं। दस लक्षण धर्म के माध्यम से मनुष्य को क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे गुणों को जीवन में धारण करने की प्रेरणा मिलती है। प्रत्येक दिन इन गुणों पर चिंतन एवं मनन कर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया जाता है। पर्युषण पर्व का सबसे महत्वपूर्ण संदेश क्षमा और मैत्रीभाव है। वर्षभर में जाने-अनजाने मन, वचन अथवा कर्म से किसी को दुख पहुंचा हो तो उसके लिए क्षमा मांगना और दूसरों को भी हृदय से क्षमा करना जैन धर्म की महान परंपरा है। इसी भावना के साथ सभी जीवों से क्षमा याचना की जाती है। यह पर्व मनुष्य को अहंकार और वैरभाव छोड़कर प्रेम, करुणा और आत्मीयता के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। दस लक्षण महापर्व हमें यह संदेश देता है कि मनुष्य केवल सांसारिक सुखों के पीछे न भागे, बल्कि आत्मकल्याण और मोक्ष मार्ग की ओर भी कदम बढ़ाए। तप, संयम और त्याग के माध्यम से कर्मों की निर्जरा कर आत्मा को निर्मल बनाने का प्रयास ही इस पर्व की वास्तविक भावना है।
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, जनकल्याण एवं जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। @drmohanyadav51 #CMMadhya Pradesh #Cabinet Decisions #Cabinet Decisions MP1
- टीकमगढ़ में आज पटवारी संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर स्वामित्व योजना अंतर्गत पंजीयन कार्य में निष्पादक बनाए जाने के विरोध में पटवारी संघ जिला इकाई टीकमगढ़ द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया1
- *लिधौरा में भूराबाई मछुआरा समिति पर विवाद, अध्यक्ष-सचिव पर मनमानी का आरोप* खरो ग्राम की महिलाओं ने एएस आई पर घर मे घुसकर मारपीट के लगाए आरोप अतिरिक्त पुलिस को एसपी के नाम सौंपा ज्ञापन *लिधौरा में भूराबाई मछुआरा समिति पर विवाद, अध्यक्ष-सचिव पर मनमानी का आरोप* *टीकमगढ़।* लिधौरा थाना क्षेत्र की खरो ग्राम भूराबाई मछुआरा समिति के अध्यक्ष-सचिव की मनमानी को लेकर विवाद गहरा गया है। समिति सदस्यों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि अध्यक्ष नवलकिशोर और सचिव ने बिना कारण 60-70 पुराने सदस्यों को बाहर कर अपने परिवार के लोगों को सदस्य बना लिया। विरोध करने पर झूठी रिपोर्ट कर पुलिस से परेशान कराया जा रहा है। महिलाओं ने लिधौरा थाने के खरो ग्राम बीटप्रभारी ए एस आई सुहाग चंद पर घर आकर मारपीट का भी आरोप लगाया। इसे लेकर पीड़ित सदस्य और महिलाएं एसपी कार्यालय पहुंचीं और शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने जांच कराकर न्याय का आश्वासन दिया है।1
- बार थाना क्षेत्र के गढ़िया गांव में 12 सितंबर को हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। बार थाना क्षेत्र के गढ़िया गांव में 12 सितंबर को हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि गढ़िया गांव निवासी तोरण सिंह के बेटे सत्यपाल उर्फ सोनू की बातचीत बस्तगुवां गांव की एक युवती से होती थी। इसी बात को लेकर मुख्य आरोपी यशप्रताप परमार नाराज था। पुलिस के अनुसार आरोपी ने सोनू को पहले भी युवती से बातचीत बंद करने की धमकी दी थी। 12 सितंबर की शाम करीब चार बजे यशप्रताप अपने 5-6 साथियों के साथ गढ़िया गांव पहुंचा। आरोप है कि हमलावरों ने तोरण सिंह के पैतृक मकान पर सोनू को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। सोनू किसी तरह मौके से बचकर निकल गया। इसके बाद हमलावरों ने खाली और सूने मकान पर कई राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान यशप्रताप परमार निवासी जिगना, दतिया, शिवम रावत, अजमेर रावत उर्फ नन्ना और सुरेंद्र रावत निवासीगण शिवपुरी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन देशी तमंचे 315 बोर, चार जिंदा कारतूस, एक 12 बोर की अदिया और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक ज्ञान सिंह, अशोक कुमार सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।1
- टीकमगढ़ के चंद्रपुरा गांव से शुरू हुई भूमिगत जल निकासी व्यवस्था को जिला प्रशासन ने मॉडल के तौर पर दूसरे गांवों में भी लागू किया। टीकमगढ़ टीकमगढ़ की ग्राम पंचायतों का कमाल, ग्रे वॉटर प्रबंधन में राष्ट्रीय पुरस्कार गंदे पानी से मुक्ति का टीकमगढ़ मॉडल, देश में मिला पहला स्थान एंकर: कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की मुहिम को मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान टीकमगढ़ की ग्राम पंचायतों के प्रयासों को अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। गांवों की गलियों में बहते गंदे पानी, कीचड़ और जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए किए गए अभिनव प्रयोग को आईएससी-फिक्की स्वच्छता पुरस्कार में ग्रे वॉटर प्रबंधन श्रेणी में राष्ट्रीय विजेता चुना गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ नवीत कुमार धुर्वे और जिला समन्वयक मनीष जैन ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। खास बात ये है कि जिस प्रयोग की शुरुआत एक गांव से हुई थी, वो महज दो साल में 225 गांवों तक पहुंच गया। टीकमगढ़ के चंद्रपुरा गांव से शुरू हुई भूमिगत जल निकासी व्यवस्था को जिला प्रशासन ने मॉडल के तौर पर दूसरे गांवों में भी लागू किया। इस व्यवस्था में घरों से निकलने वाले स्नान, कपड़े धोने और रसोई के पानी को खुले में बहने से रोकने के लिए घरों के बाहर सिल्ट चैम्बर बनाए जाते हैं। इन चैम्बरों को करीब 8 इंच के पाइप से जोड़ा जाता है और पानी को भूमिगत पाइपलाइन के जरिए गांव के अंतिम छोर तक पहुंचाया जाता है। जहां सोख्ता गड्ढे के जरिए पानी का निस्तारण किया जाता है। यानी जिस गंदे पानी की वजह से कभी गांव की गलियां कीचड़ से सराबोर रहती थीं, उसी समस्या का समाधान अब जमीन के नीचे पाइपलाइन बिछाकर किया जा रहा है। इसका असर गांवों की तस्वीर पर भी दिखाई दे रहा है। गलियों में गंदा पानी कम हुआ... कीचड़ और जलभराव से राहत मिली... और ग्रामीणों का आवागमन भी आसान हुआ। ग्रामीण इस बदलाव को कुछ यूं बयां कर रहे हैं— हमारे गांव की गलियां अब आंगन में बदल गई हैं। इस पूरे मॉडल में जिला प्रशासन की योजना, तकनीकी मार्गदर्शन और ग्राम पंचायतों की भागीदारी के साथ उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग किया गया। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने इस उपलब्धि को ग्राम पंचायतों के संकल्प, विश्वास और प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि चंद्रपुरा से शुरू हुई यह पहल अब 225 गांवों तक पहुंच चुकी है और इसका उद्देश्य सिर्फ भूमिगत पाइपलाइन बिछाना नहीं, बल्कि गांवों की जीवन गुणवत्ता और ग्रामीण परिवेश को बदलना है। एक गांव से शुरू हुआ प्रयोग... 225 गांवों तक पहुंचा... और अब राष्ट्रीय पुरस्कार तक। टीकमगढ़ का ये मॉडल बताता है कि अगर स्थानीय समस्या का स्थानीय समाधान, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी एक साथ आए... तो गांव की तस्वीर बदली जा सकती है।1
- राजापुर में धूमधाम से मनाया गया बालक का जन्मदिन समाजसेवी वृंदावन राजपूत हुए शामिल, शुभकामनाएं दी राजापुर/बड़ामलहरा।* राजापुर गांव में वृंदावन राजपूत जी के बालक का जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वृंदावन राजपूत विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने केक काटकर बालक को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वृंदावन राजपूत ने कहा कि _"बच्चे देश और समाज का भविष्य हैं। हमें उन्हें अच्छी शिक्षा और संस्कार देने चाहिए।"_ इस दौरान आए हुए सभी मेहमानों ने बालक को ढेर सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिए। कार्यक्रम में भोजन, गीत-संगीत और हंसी-खुशी का माहौल रहा। पूरे गांव में खुशी की लहर देखी गई। --- 🎂 राजापुर में धूमधाम से मनाया गया बालक का जन्मदिन समाजसेवी वृंदावन राजपूत हुए शामिल, शुभकामनाएं दी राजापुर/बड़ामलहरा।* राजापुर गांव में वृंदावन राजपूत जी के बालक का जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वृंदावन राजपूत विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने केक काटकर बालक को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वृंदावन राजपूत ने कहा कि _"बच्चे देश और समाज का भविष्य हैं। हमें उन्हें अच्छी शिक्षा और संस्कार देने चाहिए।"_ इस दौरान आए हुए सभी मेहमानों ने बालक को ढेर सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिए। कार्यक्रम में भोजन, गीत-संगीत और हंसी-खुशी का माहौल रहा। पूरे गांव में खुशी की लहर देखी गई। --- 🎂1
- दबंग सरपंच ने पुलिस के सामने खरगापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की मारपीट सोशल मीडिया पर वीडियो हो रहा वायरल दबंग सरपंच ने पुलिस के सामने खरगापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की मारपीट सोशल मीडिया पर वीडियो हो रहा वायरल1
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ नाराज़ फूफा आपसे नाराज़ होकर आपके टैक्स लगा दिया है। फूफा चालाक भी है इसलिये कहेगा “व्यापारी पर टैक्स लगेगा" अब व्यापारी आपका रिश्तेदार तो है नही वो आपको मँहगा सामान बेचेगा। ये टैक्स अमेरिका के दबाव में लाया गया है।1