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लालसोट : 16 वां विशाल रक्तदान शिविर आयोजित पहल मानव सेवा संस्थान द्वारा खटवा रोड लक्ष्मी मैरिज गार्डन में रविवार को 16 वां विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया गया जिसमें अनुभवी चिकित्सा टीम द्वारा रक्त संग्रहित किया गया। इस अवसर पर रक्तदाताओं ने बढ चढ़कर रक्तदान किया ,वहीं चिकित्सा टीम ने रक्तदान महादान और रक्तदान करने से होने वाले फायदे के बारे में बताया । इस अवसर पर लालसोट विधायक रामविलास मीणा की गरिमा मयी उपस्थिति रही।
Girdhari lal Sahu
लालसोट : 16 वां विशाल रक्तदान शिविर आयोजित पहल मानव सेवा संस्थान द्वारा खटवा रोड लक्ष्मी मैरिज गार्डन में रविवार को 16 वां विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया गया जिसमें अनुभवी चिकित्सा टीम द्वारा रक्त संग्रहित किया गया। इस अवसर पर रक्तदाताओं ने बढ चढ़कर रक्तदान किया ,वहीं चिकित्सा टीम ने रक्तदान महादान और रक्तदान करने से होने वाले फायदे के बारे में बताया । इस अवसर पर लालसोट विधायक रामविलास मीणा की गरिमा मयी उपस्थिति रही।
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- लालसोट: विराट हिंदू सम्मेलन पर निकली कलश यात्रा केशव बस्ती लालसोट का विराट हिंदू सम्मेलन रविवार को श्याम सरोवर गार्डन में आयोजित हुआ। इससे पुर्व एक विशाल शोभायात्रा एवं विशाल कलश यात्रा प्रातः 11-30 बजे निकाली गई जिसमें भगवान एवं महापुरुषों की अनेकों जीवंत झांकियां शामिल रही। जिनका प्रदर्शन दिल्ली के मशहूर कलाकारों द्वारा किया गया। शोभायात्रा महाकाली मंदिर से खटवा रोड लक्ष्मी गार्डन होकर श्याम सरोवर पहुंची। शोभायात्रा का जगह-जगह विभिन्न संगठनों एवं लालसोट विधायक रामविलास मीणा द्वारा स्वागत सम्मान किया गया।1
- मिर्जापुर में हिंदू सम्मेलन का प्रोग्राम आयोजन रखा गया है1
- गंगापुरसिटी नगर परिषद अध्यक्ष शिव रतन अग्रवाल ने सुनी म न की बात कार्यक्रम1
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- बांदीकुई में अखिल भारतीय किन्नर महा सम्मेलन का आयोजन किन्नर समाज के स्वागत में शहरवासियों ने बिछाए पलक पांवड़े शहर में हर जगह जाम , सड़कों पर नजर आए शहर वासी , पुलिस ने सम्भाली शहर की ट्रैफिक सहित अन्य व्यवस्थाएं1
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- लालसोट : आज फुले बिग्रेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सैनी के लालसोट आगमन पर ज्योतिबा फुले सर्किल पर समाज की ओर से भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर समाज में उत्साह एवं उल्लास का माहौल रहा। स्वागत कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दंगल समिति अध्यक्ष रामफूल कपड़ा वाले, पूर्व समिति उपाध्यक्ष हीरालाल चाय वाले, पार्षद बृजमोहन सैनी, फुले बिग्रेड तहसील अध्यक्ष विष्णु सैनी (रामसर), विमलेश सैनी डोब, गिर्राज प्रसाद सैनी महारिया वाले, राकेश सैनी छावा, कमल सैनी पानी वाले सहित अनेक समाजबंधु मौजूद रहे। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने संगठन को और अधिक मजबूत करने तथा समाजहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।2
- गंगापुर सिटी स पियूष जीपीएल लीग मैच में चल रहे लीग मैच में आज एसबीपीएस वर्सेस फसीए डोमिनेटर्स के वीच हायर सेकेंडरी स्कूल खेल मैदान में खेल हुआ शुरू1
- करोड़ों की चरागाह भूमि पर 'अपनों' का डाका: रसूख के साए में सिमट रहे कोलाना के मैदान प्रशासन की 'चुप्पी' ने खड़े किए सवाल, चरागाह की जमीन पर रातों-रात गाड़ दिए पोल और तारबंदी बसवा/कोलाना। कहते हैं कि अगर बाड़ ही खेत को खाने लगे, तो फसल को कौन बचाएगा? बसवा तहसील के कोलाना ग्राम पंचायत में इन दिनों कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिल रहा है। अलवर-सिकंदरा हाईवे किनारे स्थित करोड़ों रुपये की बेशकीमती चरागाह भूमि पर भू-माफियाओं और जनप्रतिनिधियों की गिद्ध दृष्टि पड़ गई है। स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे सरकारी जमीन पर पोल गाड़कर और तारबंदी कर अवैध कब्जा जमा लिया गया है, लेकिन तहसील प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। छात्रावास के पास की जमीन पर 'सियासी' घेराबंदी पूरा मामला कोलाना ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित छात्रावास के पास का है। हाईवे किनारे होने के कारण इस जमीन की कीमत आसमान छू रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि रसूखदार जनप्रतिनिधियों ने अपनी सत्ता की हनक दिखाते हुए इस सार्वजनिक चरागाह भूमि को निजी जागीर बना लिया है। खुलेआम हुए इस अतिक्रमण ने पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश: "मूकदर्शक बना प्रशासन" स्थानीय लोगों का गुस्सा अब फूटने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि: "अगर जनता के चुने हुए प्रतिनिधि ही चरागाह भूमियों को निगलने लगेंगे, तो बेजुबान मवेशी कहां जाएंगे? प्रशासन की चुप्पी यह साफ इशारा कर रही है कि कहीं न कहीं ऊपर से दबाव है या फिर अधिकारियों की मिलीभगत है।" प्रमुख सवाल जो जवाब मांग रहे हैं: क्या हाईवे किनारे की करोड़ों की जमीन की सुरक्षा के लिए प्रशासन के पास कोई योजना नहीं है? अवैध तारबंदी और पोल गाड़ने की हिम्मत रसूखदारों को कहां से मिली? क्या बसवा तहसील प्रशासन केवल बड़े हादसे या जनांदोलन का इंतजार कर रहा है? निष्कर्ष: कोलाना की यह चरागाह भूमि भविष्य में सार्वजनिक विकास कार्यों के काम आ सकती थी, लेकिन फिलहाल यह 'सिस्टम' की लाचारी और 'सत्ता' के लालच की भेंट चढ़ती दिख रही है। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन इस खबर के बाद कुंभकर्णी नींद से जागता है या फिर यह फाइल भी 'ठंडे बस्ते' में डाल दी जाएगी।2