Shuru
Apke Nagar Ki App…
आज भी महिलाएं सत्ता नहीं, सिर्फ चूल्हा-चौकी तक सीमित नजर आईं। मोतीचक विकासखंड सभागार में आयोजित क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत की बैठक ने महिला आरक्षण की हकीकत उजागर कर दी। 29 ग्राम पंचायतें महिला सीट के लिए आरक्षित हैं, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि एक भी महिला प्रधान बैठक में नहीं पहुंची। उनकी जगह सभी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मौजूद रहे। सवाल उठता है कि जब निर्णय की मेज पर महिलाएं ही नहीं, तो आरक्षण का उद्देश्य क्या रह गया? आज भी महिलाएं सत्ता नहीं, सिर्फ चूल्हा-चौकी तक सीमित नजर आईं।
विवेकानन्द
आज भी महिलाएं सत्ता नहीं, सिर्फ चूल्हा-चौकी तक सीमित नजर आईं। मोतीचक विकासखंड सभागार में आयोजित क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत की बैठक ने महिला आरक्षण की हकीकत उजागर कर दी। 29 ग्राम पंचायतें महिला सीट के लिए आरक्षित हैं, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि एक भी महिला प्रधान बैठक में नहीं पहुंची। उनकी जगह सभी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मौजूद रहे। सवाल उठता है कि जब निर्णय की मेज पर महिलाएं ही नहीं, तो आरक्षण का उद्देश्य क्या रह गया? आज भी महिलाएं सत्ता नहीं, सिर्फ चूल्हा-चौकी तक सीमित नजर आईं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- अपनी ही बहन के साथ क्या कर दिया दरिंदा भाई दरिंदगी की भी कोई हद होती है इसपर कहोगे फ्रेंड कमेंट 🎁 में जरूर राय दे अपनी1
- गोरखपुर: सपा छोड़ बसपा में लौटे जावेद सिमनानी, बोले– 7 महीने से घुट रहा था दम | BSP News1
- प्रेमी को गोली मारने वाली लड़की के कांड जानते हैं आप? गोरखपुर की रिवॉल्वर रानी ब्लैकमेलर वीडियो कॉल पर न्यूड वीडियो से 150 को फंसाया? जिसमें कई पुलिसकर्मी भी फंस गए?1
- सीवेज से जहरीला हो रहा गोरखपुर रामगढ़ताल, कांग्रेस ने किया एक दिवसीय उपवास1
- गोरखपुर में घूसखोरी पर बड़ी कार्रवाई• बिजली विभाग का कार्यकारी सहायक 5 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार• गोरखपुर से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देने वाली बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विद्युत वितरण मंडल द्वितीय के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में तैनात कार्यकारी सहायक अभिषेक भारती को एंटी करप्शन टीम ने 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। मामला ठेकेदारी कार्य से जुड़ा है। गोरखनाथ थाना क्षेत्र निवासी शिकायतकर्ता शिवकुमार त्रिपाठी ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि उनकी ठेकेदारी से संबंधित जमानत राशि की अवमुक्ति के बदले उनसे लगातार 5,000 रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने जाल बिछाया और कार्यालय परिसर में ही घूस लेते समय आरोपी को पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी को कैंट थाना ले जाया गया, जहां विधिक प्रक्रिया पूरी कर उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। शिकायतकर्ता शिवकुमार त्रिपाठी का कहना है कि बिना रिश्वत दिए उनका वैध भुगतान रोका जा रहा था, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही थी। यह कार्रवाई न सिर्फ बिजली विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार है, बल्कि आम नागरिकों और ठेकेदारों के लिए भी एक मजबूत संदेश है कि रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ आवाज उठाने पर कार्रवाई तय है।1
- Post by Shambhu Rajbhar1
- एक बच्ची ने एक बच्ची को जन्म दिया क्या उमर है मेरे भाई इस बच्ची का इस रिश्ते को क्या कहोगे कमेंट 🎁 बॉक्स में जवाब दो घोर कलयुग आ गया मेरे भाई जानवर वाला हिसाब हो रहा है ना साले बहन को देख रहे है ना मां को जैसे जानवर करता है वैसे इंसान ना जानवर में कोई फर्क है ना ही साला इंसान में1
- रामगढ़ताल बचाओ अभियान: सीवेज से जहरीला हो रहा ताल, कांग्रेस ने किया एक दिवसीय उपवास | Gorakhpur News1
- गोरखपुर में घूसखोरी पर बड़ी कार्रवाई• बिजली विभाग का कार्यकारी सहायक 5 हजार लेते रंगे हाथ गिरफ्तार• गोरखपुर से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देने वाली बड़ी कार्रवाई सामने आई है। विद्युत वितरण मंडल द्वितीय के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में तैनात कार्यकारी सहायक अभिषेक भारती को एंटी करप्शन टीम ने 5,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। मामला ठेकेदारी कार्य से जुड़ा है। गोरखनाथ थाना क्षेत्र निवासी शिकायतकर्ता शिवकुमार त्रिपाठी ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि उनकी ठेकेदारी से संबंधित जमानत राशि की अवमुक्ति के बदले उनसे लगातार 5,000 रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने जाल बिछाया और कार्यालय परिसर में ही घूस लेते समय आरोपी को पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी को कैंट थाना ले जाया गया, जहां विधिक प्रक्रिया पूरी कर उसे पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। शिकायतकर्ता शिवकुमार त्रिपाठी का कहना है कि बिना रिश्वत दिए उनका वैध भुगतान रोका जा रहा था, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही थी। यह कार्रवाई न सिर्फ बिजली विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार है, बल्कि आम नागरिकों और ठेकेदारों के लिए भी एक मजबूत संदेश है कि रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ आवाज उठाने पर कार्रवाई तय है।1