बस्ती जिले के कप्तानगंज विकास खंड के खरक देवारी गांव निवासी प्रगतिशील किसान आज्ञा राम वर्मा ने कृषि क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने गन्ने की एक नई प्रजाति 'कप्तान-बस्ती' विकसित की है, जिसे भारत सरकार ने आधिकारिक मान्यता प्रदान करते हुए पंजीकृत कर लिया है। इस उपलब्धि से न केवल बस्ती, बल्कि पूरे पूर्वांचल का गौरव बढ़ा है, और इसे किसी किसान द्वारा वर्षों के शोध, प्रयोग तथा नवाचार का एक दुर्लभ उदाहरण माना जा रहा है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPV&FRA) ने इस नई गन्ना प्रजाति को पंजीकरण संख्या REG/2015/1586 के साथ पंजीकृत किया है। इस पंजीकरण के साथ ही किसान आज्ञा राम वर्मा को इस किस्म पर विशेष कानूनी अधिकार प्राप्त हो गए हैं, जो 5 मई 2041 तक प्रभावी रहेंगे। इस अवधि में उनकी अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति, संस्था या कंपनी इस प्रजाति के बीज का उत्पादन, बिक्री, वितरण या निर्यात नहीं कर सकेगी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, 'कप्तान-बस्ती' गन्ना प्रजाति उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में पारंपरिक किस्मों से बेहतर सिद्ध हो सकती है। बताया जा रहा है कि इससे प्रति एकड़ 1200 से 1300 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। यह गन्ने की सबसे घातक बीमारी रेड रॉट (लाल सड़न रोग) के प्रति अधिक प्रतिरोधक क्षमता रखती है, जिससे फसल के नुकसान का खतरा काफी कम हो जाता है। विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि यह प्रजाति कम सिंचाई और सामान्य खाद-पानी में भी बेहतर विकास करती है, जिससे खेती की लागत घटती है और किसानों की आय बढ़ने की संभावना रहती है। इसके गन्ने लंबे, मजबूत और अधिक वजन वाले होते हैं, जो उत्पादन के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी बढ़ाते हैं। अपनी इस सफलता पर किसान आज्ञा राम वर्मा ने बताया कि यह वर्षों की मेहनत, निरंतर प्रयोग और खेती के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने ऐसी गन्ना प्रजाति विकसित करने का सपना देखा था, जिससे किसानों को अधिक उत्पादन, कम लागत और बेहतर लाभ मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'कप्तान-बस्ती' आने वाले समय में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यह उपलब्धि अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह साबित करेगी कि वैज्ञानिक सोच, नवाचार और दृढ़ संकल्प के बल पर किसान भी कृषि अनुसंधान में नई मिसाल कायम कर सकते हैं।
बस्ती जिले के कप्तानगंज विकास खंड के खरक देवारी गांव निवासी प्रगतिशील किसान आज्ञा राम वर्मा ने कृषि क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने गन्ने की एक नई प्रजाति 'कप्तान-बस्ती' विकसित की है, जिसे भारत सरकार ने आधिकारिक मान्यता प्रदान करते हुए पंजीकृत कर लिया है। इस उपलब्धि से न केवल बस्ती, बल्कि पूरे पूर्वांचल का गौरव बढ़ा है, और इसे किसी किसान द्वारा वर्षों के शोध, प्रयोग तथा नवाचार का एक दुर्लभ उदाहरण माना जा रहा है। भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन पौधा किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण (PPV&FRA) ने इस नई गन्ना प्रजाति को पंजीकरण संख्या REG/2015/1586 के साथ पंजीकृत किया है। इस पंजीकरण के साथ ही किसान आज्ञा राम वर्मा को इस किस्म पर विशेष कानूनी अधिकार प्राप्त हो गए हैं, जो 5 मई 2041 तक प्रभावी रहेंगे। इस अवधि में उनकी अनुमति के बिना कोई भी व्यक्ति, संस्था या कंपनी इस प्रजाति के बीज का उत्पादन, बिक्री, वितरण या निर्यात नहीं कर सकेगी। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, 'कप्तान-बस्ती' गन्ना प्रजाति उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में पारंपरिक किस्मों से बेहतर सिद्ध हो सकती है। बताया जा रहा है कि इससे प्रति एकड़ 1200 से 1300 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त
किया जा सकता है। यह गन्ने की सबसे घातक बीमारी रेड रॉट (लाल सड़न रोग) के प्रति अधिक प्रतिरोधक क्षमता रखती है, जिससे फसल के नुकसान का खतरा काफी कम हो जाता है। विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि यह प्रजाति कम सिंचाई और सामान्य खाद-पानी में भी बेहतर विकास करती है, जिससे खेती की लागत घटती है और किसानों की आय बढ़ने की संभावना रहती है। इसके गन्ने लंबे, मजबूत और अधिक वजन वाले होते हैं, जो उत्पादन के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी बढ़ाते हैं। अपनी इस सफलता पर किसान आज्ञा राम वर्मा ने बताया कि यह वर्षों की मेहनत, निरंतर प्रयोग और खेती के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने ऐसी गन्ना प्रजाति विकसित करने का सपना देखा था, जिससे किसानों को अधिक उत्पादन, कम लागत और बेहतर लाभ मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 'कप्तान-बस्ती' आने वाले समय में प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी। कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यह उपलब्धि अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह साबित करेगी कि वैज्ञानिक सोच, नवाचार और दृढ़ संकल्प के बल पर किसान भी कृषि अनुसंधान में नई मिसाल कायम कर सकते हैं।
- राम मंदिर से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है, जिसमें एक शहीद की बेटी ने अपनी आवाज बुलंद की है।1
- सनातन रक्षक संघ के अध्यक्ष मुकुंद माधव त्रिपाठी ने एक बड़ा ऐलान करते हुए चेतावनी दी है कि यदि राम मंदिर घोटाला साबित हुआ, तो वे राजनीति से पूरी तरह संन्यास ले लेंगे और कार्यकारिणी से भी अलग हो जाएँगे। त्रिपाठी का यह बयान राम मंदिर से जुड़े कथित विवाद और घोटाले की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए यह कड़ा संकल्प व्यक्त किया है।1
- महंत संतदास राजेश सिंह मानव ने चढ़ावा घोटाले के मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने इस मामले पर जोर देते हुए कहा है कि चढ़ावे के एक-एक रुपए का हिसाब-किताब होना चाहिए।1
- राम मंदिर में चोरी की घटना हुई है। इस मामले को लेकर बाहुबली बृजभूषण शरण सिंह जी भी कथित तौर पर किसी का नाम लेने से डर रहे हैं।1
- अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा के पूर्व बीजेपी विधायक बाबा गोरखनाथ ने अपने 42वें जन्मदिन के अवसर पर खुलकर अपनी बात रखी।1
- अम्बेडकरनगर की जहांगीरगंज पुलिस को अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने लूट की वारदातों में शामिल एक शातिर अंतरजनपदीय अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से लूट की धनराशि में से ₹10,500 नकद बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) डॉ. तेजवीर सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी आलापुर प्रदीप सिंह चंदेल के पर्यवेक्षण में चलाए गए अभियान के दौरान हुई। थाना जहांगीरगंज में दर्ज मुकदमा संख्या 83/26 के तहत पुलिस टीम ने प्रकाश में आए अभियुक्त अनुराग यादव उर्फ राज यादव को पकड़ा, जो राम सजीवन यादव का पुत्र और पकड़ी भोजपुर, थाना टांडा, जनपद अम्बेडकरनगर का निवासी है। पुलिस के अनुसार, बरामदगी के आधार पर अभियुक्त के खिलाफ आवश्यक साक्ष्य संकलित कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है, और आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। इस गिरफ्तारी और बरामदगी में उपनिरीक्षक चन्द्रकान्त सिंह, उपनिरीक्षक इन्द्रजीत सिंह यादव, कांस्टेबल गौरव यादव, रिक्रूट कांस्टेबल संदीप कुशवाहा, चालक कांस्टेबल रविकिशन गौतम और कांस्टेबल जोगेन्द्र चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जहांगीरगंज पुलिस की इस कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में अपराधियों के बीच पुलिस का सख्त संदेश गया है।1
- राम मंदिर के दानपात्र से पैसे निकालने को लेकर सामने आए आरोपों के संबंध में एक बड़ा बयान सामने आया है।1
- भारत सरकार द्वारा संचालित जल जीवन मिशन के तहत, देश के अनेक राज्यों के गाँवों और कस्बों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नल टोटी लगाए जा रहे हैं। इस पहल का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ पानी की पहुँच सुनिश्चित करना है। इस संबंध में लखनऊ से लाल चंद सोनी ने आज सुबह टाइम्स टीम के लिए रिपोर्टिंग की है।1
- अयोध्या में राम मंदिर से चढ़ावे की कथित चोरी की खबरों के बीच, होटल एलीगेंस के मालिक और समाजसेवी अमित वर्मा ने इन दावों को झूठा, बेबुनियाद और अफवाह बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर से एक भी रुपया चोरी नहीं हुआ है और ऐसी खबरें लोगों की आस्था को ठेस पहुँचाने का प्रयास हैं। पत्रकारों द्वारा रुदौली विधानसभा क्षेत्र के एक गाँव में गोबर के ढेर से कथित तौर पर बड़ी रकम बरामद होने, कुछ लोगों की गिरफ्तारी और कई लोगों से पूछताछ की खबरों के संबंध में पूछे जाने पर, अमित वर्मा ने कहा कि अयोध्या प्रभु श्रीराम की नगरी है, जिससे करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है। उन्होंने बिना तथ्यों के मंदिर को बदनाम करने वाली बातों पर विश्वास न करने की अपील की। वर्मा ने आगे कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने कोई अपराध किया है, तो कानून को अपना काम करना चाहिए और दोषी को निश्चित रूप से सजा मिलनी चाहिए। हालांकि, उन्होंने किसी व्यक्ति की करतूत को राम मंदिर से जोड़कर पूरे मंदिर और उसकी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने को पूरी तरह गलत बताया। अमित वर्मा ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक खबरों से बचने तथा केवल आधिकारिक और प्रमाणित जानकारी पर ही भरोसा करने का आग्रह किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, जिसे राजनीतिक या सनसनीखेज अफवाहों का विषय बनाने के बजाय सत्य और तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, "यदि किसी ने अपराध किया है तो उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले, लेकिन बिना प्रमाण राम मंदिर पर उंगली उठाना स्वीकार्य नहीं है।"1