बलरामपुर में आदिवासी समाज और कई संगठनों ने एक सरकारी आदेश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिसे वे देश के संविधान, धर्मनिरपेक्षता और आदिवासियों के अधिकारों के विरुद्ध बताते हैं। संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस आदेश को तुरंत वापस नहीं लेती, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और जनहित याचिका (PIL) दाखिल करेंगे। संयुक्त संगठनों ने छत्तीसगढ़ सरकार से इस विवादित आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग की है, उम्मीद करते हुए कि सरकार संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना, भाईचारे और आदिवासियों के अधिकारों का सम्मान करेगी। उन्होंने साफ कहा है कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का रुख करेंगे। वहां, संविधान के अनुच्छेद 32 और 226 के तहत जनहित याचिका लगाकर इस आदेश की कानूनी समीक्षा की मांग की जाएगी। आदिवासी समाज का दृढ़ मत है कि यह आदेश संविधान के अनुच्छेद 13, 14, 15, 25, 28, 29 और पांचवीं अनुसूची के खिलाफ है। संगठनों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी अधिकारी ने जानबूझकर ऐसा असंवैधानिक आदेश जारी किया है, तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। कुल मिलाकर, आदिवासी समाज ने अपनी सांस्कृतिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने की अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर दी है।
बलरामपुर में आदिवासी समाज और कई संगठनों ने एक सरकारी आदेश के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जिसे वे देश के संविधान, धर्मनिरपेक्षता और आदिवासियों के अधिकारों के विरुद्ध बताते हैं। संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार इस आदेश को तुरंत वापस नहीं लेती, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और जनहित याचिका (PIL) दाखिल करेंगे। संयुक्त संगठनों ने छत्तीसगढ़ सरकार से इस विवादित आदेश को तत्काल रद्द करने की मांग की है, उम्मीद करते हुए कि सरकार संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना, भाईचारे और आदिवासियों के अधिकारों का सम्मान करेगी। उन्होंने साफ कहा है कि अगर ऐसा नहीं हुआ, तो वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट का रुख करेंगे। वहां, संविधान के अनुच्छेद 32 और 226 के तहत जनहित याचिका लगाकर इस आदेश की कानूनी समीक्षा की मांग की जाएगी। आदिवासी समाज का दृढ़ मत है कि यह आदेश संविधान के अनुच्छेद 13, 14, 15, 25, 28, 29 और पांचवीं अनुसूची के खिलाफ है। संगठनों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी अधिकारी ने जानबूझकर ऐसा असंवैधानिक आदेश जारी किया है, तो उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। कुल मिलाकर, आदिवासी समाज ने अपनी सांस्कृतिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने की अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट कर दी है।
- बलरामपुर में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाडे शामिल होने पहुँचीं।1
- झारखंड के गढ़वा जिले की सोनदाग पंचायत के पावा गांव में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी योजना के तहत निर्मित एक सार्वजनिक हैंडपंप और सिंचाई कूप को मिट्टी से भर दिया गया है। इस घटना के कारण ग्रामीणों को पीने के पानी और खेतों की सिंचाई के लिए भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे पूरे गांव में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने सोमवार को लगभग 1:30 बजे बताया कि गांव के ही साउद खान नामक व्यक्ति ने अपनी जमीन का दावा करते हुए रात के समय सरकारी हैंडपंप और सिंचाई कूप में मिट्टी भरवा दी। ग्रामीणों के अनुसार, इस हैंडपंप से गांव के कई परिवार वर्षों से शुद्ध पीने का पानी प्राप्त करते थे, जबकि सिंचाई कूप से किसान अपने खेतों की सिंचाई करते थे। अब हैंडपंप बंद हो जाने से उन्हें पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है, और सिंचाई कूप के मिट्टी से भर जाने के कारण किसानों को खेती करने में भी बड़ी परेशानी आ रही है। ग्रामीणों ने इसे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला बताते हुए दोषी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के विरोध में, ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को एक लिखित आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में तत्काल हैंडपंप और सिंचाई कूप से मिट्टी हटवाकर उन्हें पहले की तरह चालू कराने और दोषी व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। इस संबंध में, सोनदाग पंचायत के मुखिया ने भी पुष्टि की है कि इन सुविधाओं का निर्माण सरकारी राशि से पूरे गांव के उपयोग के लिए किया गया था, और उन्होंने बताया कि संबंधित व्यक्ति को कई बार समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नहीं माना।1
- Post by Yuva team jharkhand1
- अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कषगम (TVK) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में अपनी पहली चुनावी भागीदारी में ही 'बहुत बड़ा बहुमत' हासिल करते हुए कुल 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। पार्टी प्रमुख थलपति विजय ने स्वयं पेरंबूर और त्रिची ईस्ट विधानसभा क्षेत्रों से जीत हासिल कर विधायक बने हैं। तमिलागा वेट्री कज़गम (TVK) के अन्य विधायकों में पूनमल्ली विधानसभा क्षेत्र से प्रकाशम.आर और तिरुवल्लूर निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. टी. अरुणकुमार शामिल हैं। वहीं, पटाभिराम के लिए कोई अलग से स्वतंत्र विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र नहीं है, क्योंकि यह अवाडी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसके वर्तमान विधायक थिरु एस. एम. नासर हैं।4
- छत्तीसगढ़ के सीतापुर इलाके से रोजगार की तलाश में चेन्नई गई तीन युवतियां वहां फंस गई हैं। इन युवतियों ने एक वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई है, जिसके बाद सीतापुर के स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह पूरा मामला सीतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम भरतपुर, बेलजोरा और बिनई की युवतियों से जुड़ा है। बताया गया है कि जशपुर में तीन महीने का सिलाई प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, उन्हें प्लेसमेंट दिलाने का झांसा देकर चेन्नई के कांचीपुरम ले जाया गया था। युवतियों का आरोप है कि दो युवतियों और एक युवक ने उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर चेन्नई पहुंचाया था। अब उन्हें घर वापस लौटने के लिए परेशान किया जा रहा है और घर वापसी के नाम पर प्रत्येक युवती से दस-दस हजार रुपये की मांग की जा रही है। चेन्नई में फंसी युवतियों ने सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से संपर्क कर अपनी आपबीती सुनाई और सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगाई। विधायक रामकुमार टोप्पो ने शिकायत मिलते ही तुरंत संज्ञान लिया और स्थानीय पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि इस गंभीर मामले में जल्द से जल्द युवतियों को सकुशल वापस लाया जाए। विधायक टोप्पो ने कहा, "युवतियों के साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी मिली है। यह बहुत गंभीर मामला है। मैंने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया है कि वे तुरंत कार्रवाई करें और चेन्नई में फंसी हमारी बेटियों को सुरक्षित घर वापस लाएं।" सीतापुर थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और उन लोगों की तलाश कर रही है जो युवतियों को प्लेसमेंट के नाम पर चेन्नई ले गए थे। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।1
- सरगुजा जिले की तीन युवतियों को सिलाई प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट के बहाने चेन्नई ले जाया गया, जहाँ अब उन्हें घर लौटने के लिए प्रत्येक से 10-10 हजार रुपए की मांग की जा रही है। युवतियों ने एक वीडियो बनाकर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से मदद की गुहार लगाई है। यह घटना सरगुजा संभाग के सीतापुर, मैनपाट और जशपुर क्षेत्र से मानव तस्करी की लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच हुई है, जहाँ अक्सर नाबालिगों को महानगरों में अच्छे काम और पैसों का लालच देकर ले जाया जाता है, और फिर उन्हें घर नहीं आने दिया जाता या बेच दिया जाता है। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भरतपुर के बेलजोरा बिनई की इन तीनों युवतियों ने अपने वीडियो में बताया कि उन्होंने जशपुर में तीन महीने का सिलाई प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद दो युवतियों और एक युवक द्वारा उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर चेन्नई के कांचीपुरम ले जाया गया। वे अब वहाँ फँस गई हैं और घर वापस आना चाहती हैं, लेकिन उन्हें छोड़ा नहीं जा रहा। उनका कहना है कि जो लोग उन्हें वहाँ लाए थे, उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया है। कुछ दिन पहले हुई बातचीत में उनसे कहा गया था कि अगर वे घर जाना चाहती हैं, तो प्रत्येक लड़की को 10-10 हजार रुपए देने होंगे। युवतियों ने अपनी तबीयत खराब होने की भी बात कही है। विधायक रामकुमार टोप्पो के संज्ञान में यह वीडियो आने के बाद उन्होंने तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी। उन्होंने प्रशासन व पुलिस को चेन्नई में फंसी तीनों युवतियों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के निर्देश दिए हैं। यह भी बताया गया है कि सीतापुर और मैनपाट क्षेत्र के कई नाबालिग लड़के-लड़कियां मानव तस्करी का शिकार हो चुके हैं, जिनमें से कई की घर वापसी हो चुकी है, जबकि कई का अभी तक पता नहीं चल सका है।1
- MCB केल्हारी क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में मीडिया द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद, केंद्रीय खनिज विभाग की उड़नदस्ता टीम ने MCB जिले में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभाग ने न केवल रेत के अवैध भंडारण को लेकर छापेमारी की, बल्कि तय सीमा से अधिक मात्रा में रेत मिलने पर संबंधितों को कड़े नोटिस भी जारी किए हैं। इस औचक निरीक्षण के दौरान विभाग ने पूरी पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता के साथ काम किया। रेत के अवैध भंडारण की सटीक जानकारी जुटाने और खनन माफियाओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीम ने ड्रोन का उपयोग किया। अब जिले में रेत खनन और भंडारण पर पूरी तरह से हाईटेक तकनीक से निगरानी रखी जा रही है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सके। खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा (MCB) ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि केंद्रीय टीम के साथ मिलकर केल्हारी क्षेत्र में रेत भंडारण का औचक निरीक्षण किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से डेटा जुटाया गया है और तय मात्रा से अधिक रेत पाए जाने पर नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। तिग्गा ने यह भी कहा कि भविष्य में भी अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ ऐसी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।1
- एक व्यक्ति ने जानकारी दी है कि उनके इलाके में बहुत जबरदस्त बारिश हुई है। इस अनुभव को साझा करते हुए, उन्होंने दूसरों से उनके क्षेत्र में बारिश की स्थिति के बारे में पूछा है।1