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अवैध प्लाटिंग पर सख्त हुआ बाँदा विकास प्राधिकरण,कई जगहों पर कार्रवाई की चेतावनी। अवैध प्लाटिंग पर सख्त हुआ बाँदा विकास प्राधिकरण,कई जगहों पर कार्रवाई की चेतावनी।
Surash Sahu
अवैध प्लाटिंग पर सख्त हुआ बाँदा विकास प्राधिकरण,कई जगहों पर कार्रवाई की चेतावनी। अवैध प्लाटिंग पर सख्त हुआ बाँदा विकास प्राधिकरण,कई जगहों पर कार्रवाई की चेतावनी।
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- Post by Ashok singh veram27@gmail.com1
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- बांदा। शिक्षा के प्रति जागरूकता केवल नारों से नहीं, बल्कि संकल्पित पहल और ज़मीनी भागीदारी से जन्म लेती है। महुआ गांव में “स्कूल चलो अभियान” के तहत जो दृश्य उभरा, वह इसी तथ्य का जीवंत उदाहरण बन गया, जहाँ खंड शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार पटेरिया ने दायित्व को औपचारिकता से आगे बढ़ाकर उसे जन-आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया।उनके नेतृत्व में निकली रैली महज़ एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का प्रवाह प्रतीत हुई। बच्चों के उत्साहपूर्ण स्वर— “हर घर से एक ही आवाज, स्कूल चले हम सब आज” और “शिक्षा है हर बच्चे का अधिकार”—गांव की गलियों में गूंजते हुए उस सच्चाई को रेखांकित कर रहे थे कि शिक्षा केवल अधिकार ही नहीं, भविष्य का आधार भी है।इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी स्वयं अधिकारी की सक्रिय भागीदारी रही। पटेरिया ने न केवल रैली का नेतृत्व किया, बल्कि बच्चों के साथ कदम से कदम मिलाकर यह संदेश भी दिया कि प्रशासन तब प्रभावी होता है, जब वह जनता के बीच उतरकर संवाद स्थापित करता है। अभिभावकों से उनका सीधा संवाद, एक विश्वास की नींव रखता दिखा—जहाँ आदेश नहीं, बल्कि समझाइश और संवेदनशीलता से बदलाव की कोशिश की गई। शिक्षकों और ब्लॉक संसाधन केंद्र की टीम की सक्रिय भागीदारी ने इस पहल को और सशक्त बनाया। यह सामूहिक प्रयास इस बात का संकेत है कि जब शिक्षा को लेकर प्रशासन और समाज एक साथ खड़े होते हैं, तब परिवर्तन की गति स्वाभाविक रूप से तेज हो जाती है।ग्रामीणों द्वारा इस पहल की सराहना केवल एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उस भरोसे का संकेत है जो ऐसे प्रयासों से जन्म लेता है। महुआ की यह तस्वीर यह बताती है कि यदि नीयत स्पष्ट हो और नेतृत्व संवेदनशील, तो “स्कूल चलो अभियान” जैसे प्रयास कागज़ों से निकलकर जन-जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकते हैं।1
- *सहायक एसपी ने बाल विवाह, किशोर अपराधों को की मासिक समीक्षा बैठक* रिपोर्ट-अल्तमश हुसैन-7054881233 बांदा। एसजेपीयू एवं जनपदीय बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न स्टेकहोल्डर्स की बैठक को आज सहायक पुलिस अधीक्षक बांदा/ क्षेत्राधिकारी नगर सुश्री मेविस टाक की अध्यक्षता में किया गया । इस दौरान बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत बाल विवाह की रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान चलाने तथा मानक संचालन प्रक्रिया को अपनाने पर बल दिया गया । साथ ही बाल विवाह में सेवाएं देने वाले टेंट हाउस एवं कैटरर्स आदि पर प्रतिबंध लगाया जाए । बाल विवाह का मामला पाए जाने पर लड़की एवं लड़के के माता-पिता सहित विवाह संपन्न कराने वाले व्यक्तियों, टेंट हाउस तथा कैटरर्स के विरुद्ध विधिक कार्यवाही के बारे में जानकारी दी गई । साथ ही बाल श्रम मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने हेतु निरंतर कार्यवाही पर जोर दिया गया । जनपद में हो रहे विवाह आयोजनों में टेंट हाउस एवं कैटरर्स द्वारा नाबालिग बच्चों से रात्रि में कार्य कराए जाने पर चिंता व्यक्त की गई तथा इसे रोकने हेतु टेंट हाउस एवं कैटरर्स के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने की आवश्यकता को देखते दिशा निर्देश दिए गए । गुमशुदा बच्चों को खोजने तथा उनकी सूचना समय से ब्ब्ज्छै एवं वात्सल्य पोर्टल में फीडबैक के साथ अपडेट किए जाने हेतु निर्देशित किया गया । बरामद बालिकाओं के नियमानुसार आंतरिक चिकित्सीय परीक्षण कराए जाने की प्रक्रिया को विस्तार से बताया गया। महिला पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपराध से पीड़ित होने की स्थिति में आवश्यकता अनुसार काउंसलिंग कराते हुए आंतरिक चिकित्सीय परीक्षण अनिवार्य रूप से कराया जाए । पीड़िता के धारा 180 ठछैै के अंतर्गत बयान केवल महिला उपनिरीक्षक या उससे ऊपर के अधिकारी द्वारा ही दर्ज किए जाएं । पीड़िता द्वारा दिए गए बयानों की पुष्टि कॉल रिकॉर्ड तथा परिजनों के बयानों से भी की जाए । पीड़िता जितने दिन बाहर रही, कहाँ-कहाँ रही, किसके साथ रही तथा उसके साथ क्या अपराध हुआ,इन सभी तथ्यों से संबंधित पर्याप्त एवं सुसंगत साक्ष्य संकलन किए जाने हेतु विवेचकों को निर्देशित किया गया । ऐसी बालिकाएं जो चार माह से अधिक समय से बरामद नहीं हुई हैं, उनके मामलों में उनके लैंगिक शोषण की संभावना मानते हुए विवेचना कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए । साथ ही पीड़ित बच्चों की गोपनीयता बनाए रखते हुए उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर उनके संरक्षण, देखरेख एवं पुनर्वास को सुनिश्चित किये जाने हेतु भी निर्देशित किया गया ।ऐसे किशोर जिनके द्वारा कोई अपराध कारित किया गया है, उनके मामलों में नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड को भेजा जाए । चरित्र सत्यापन के समय यह सुनिश्चित किया जाए कि यदि अपराध 18 वर्ष से कम आयु में कारित किया गया हो, तो किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार ही कार्यवाही एवं सत्यापन किया जाए । समीक्षा बैठक में, सदस्य जिला प्रोबेशन विभाग बांदा, सदस्य बाल संरक्षण विभाग,मुख्यचिकित्साधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन बांदा, समस्त थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, आरपीएफ, जीआरपी, थाना एएचटी, एसजेपीयू, वन स्टाप सेन्टर, साथी उत्तर प्रदेश संस्था तथा ग्रामीण स्वावलंबन समिति, के सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे1
- संवाददाता बांदा दैनिक । जनपद बांदा के कस्बा कमासिन निवासी रामसागर गर्ग (अध्यापक/प्रधानाचार्य) की सुपुत्री आशु गर्ग का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा में नायब तहसीलदार पद पर हुआ है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से पूरे कस्बे में खुशी और उत्साह का माहौल है। गृह आगमन पर आशु गर्ग का जोरदार स्वागत किया गया। पिता रामसागर गर्ग ने तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर बेटी का स्वागत किया, वहीं मिष्ठान वितरण कर सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मौजूद गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने आशु गर्ग को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आशु गर्ग ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें प्रेरित किया और एक अच्छे मित्र की तरह मार्गदर्शन दिया, जिसकी बदौलत वे इस मुकाम तक पहुंच सकीं।1
- अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने बिसंडा थाने का आकस्मिक निरीक्षण किया।1