जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खारीबहार में कृषि विभाग की एक संयुक्त टीम ने लगभग 17.1 टन अवैध रूप से भंडारित उर्वरक जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ‘भूमि शक्ति’ नामक ऑर्गेनिक ग्रेन्युलर उर्वरक को किसानों के बीच डीएपी खाद बताकर बेचने की तैयारी चल रही थी। इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने संबंधित परिसर को सील कर आगे की जांच शुरू कर दी है। कृषि विभाग के उप संचालक एम.आर. भगत ने बताया कि विभाग को खारीबहार क्षेत्र के एक मकान में बड़ी मात्रा में उर्वरक के अवैध भंडारण और उसे डीएपी खाद बताकर बेचने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए पत्थलगांव एवं फरसाबहार कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान अधिकारियों ने मकान से कुल 342 बोरी ऑर्गेनिक ग्रेन्युलर उर्वरक बरामद किया, जिसका कुल वजन लगभग 17.1 टन है। अधिकारियों के अनुसार, इस उर्वरक को डीएपी खाद के रूप में किसानों को बेचने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होने और फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी। मामले की जानकारी मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पत्थलगांव राकेश पैंकरा भी मौके पर पहुंचे और पूरे भंडारण स्थल को तत्काल सील करने के निर्देश दिए। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए जब्ती प्रकरण तैयार किया गया है और इसे आगे की कार्रवाई के लिए उप संचालक कृषि कार्यालय, जशपुर भेजा जा रहा है। इस छापामार कार्रवाई में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नंदे भगत, उर्वरक निरीक्षक देवकांत अजगल्ले, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी किशन कुशवाहा, मुकेश सिंह सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कृषि विभाग ने इस कार्रवाई को किसानों के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है और कहा है कि कृषि आदानों की अवैध बिक्री और नकली उर्वरकों के कारोबार पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध उर्वरक कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। उप संचालक कृषि एम.आर. भगत ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक, बीज एवं अन्य कृषि सामग्री खरीदें तथा खरीदारी के समय पक्की रसीद अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध बिक्री की जानकारी तुरंत कृषि विभाग को देने का भी आग्रह किया है।
जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत खारीबहार में कृषि विभाग की एक संयुक्त टीम ने लगभग 17.1 टन अवैध रूप से भंडारित उर्वरक जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ‘भूमि शक्ति’ नामक ऑर्गेनिक ग्रेन्युलर उर्वरक को किसानों के बीच डीएपी खाद बताकर बेचने की तैयारी चल रही थी। इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने संबंधित परिसर को सील कर आगे की जांच शुरू कर दी है। कृषि विभाग के उप संचालक एम.आर. भगत ने बताया कि विभाग को खारीबहार क्षेत्र के एक मकान में बड़ी मात्रा में उर्वरक के अवैध भंडारण और उसे डीएपी खाद बताकर बेचने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना की गंभीरता को देखते हुए पत्थलगांव एवं फरसाबहार कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान अधिकारियों ने मकान से कुल 342 बोरी ऑर्गेनिक ग्रेन्युलर उर्वरक बरामद किया, जिसका कुल वजन लगभग 17.1 टन है। अधिकारियों के अनुसार, इस उर्वरक को डीएपी खाद के रूप में किसानों को बेचने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होने और फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी। मामले की जानकारी मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पत्थलगांव राकेश पैंकरा भी मौके पर पहुंचे और पूरे भंडारण स्थल को तत्काल सील करने के निर्देश दिए। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करते हुए जब्ती प्रकरण तैयार किया गया है और इसे आगे की कार्रवाई के लिए उप संचालक कृषि कार्यालय, जशपुर भेजा जा रहा है। इस छापामार कार्रवाई में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नंदे भगत, उर्वरक निरीक्षक देवकांत अजगल्ले, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी किशन कुशवाहा, मुकेश सिंह सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कृषि विभाग ने इस कार्रवाई को किसानों के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है और कहा है कि कृषि आदानों की अवैध बिक्री और नकली उर्वरकों के कारोबार पर लगातार नजर रखी जा रही है। विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध उर्वरक कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। उप संचालक कृषि एम.आर. भगत ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक, बीज एवं अन्य कृषि सामग्री खरीदें तथा खरीदारी के समय पक्की रसीद अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अवैध बिक्री की जानकारी तुरंत कृषि विभाग को देने का भी आग्रह किया है।
- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में शासन की महत्वाकांक्षी शिक्षा योजना में फर्जीवाड़े का एक मामला सामने आया है। पत्थलगांव पुलिस ने एक शासकीय शिक्षक चमर साय पैकरा को गिरफ्तार किया है, जिस पर अपनी वास्तविक आय को छिपाकर अपनी पुत्री को पंडित जवाहरलाल नेहरू उत्कर्ष योजना का अनुचित लाभ दिलाने का आरोप है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी शिक्षक ने अपनी वार्षिक आय मात्र 75 हजार रुपये दर्शाते हुए आय प्रमाण पत्र बनवाया और शपथ पत्र के माध्यम से गलत जानकारी प्रस्तुत की। इसी आधार पर उसने अपनी पुत्री का शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा छठवीं में निःशुल्क प्रवेश करा लिया। हालांकि, जांच के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त वेतन अभिलेखों में शिक्षक की वास्तविक वार्षिक आय लगभग 6 लाख 79 हजार रुपये पाई गई। आदिवासी विकास विभाग एवं अन्य दस्तावेजों की जांच से भी यह पुष्टि हुई कि आरोपी ने जानबूझकर आय छुपाकर सरकारी योजना का लाभ उठाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की धोखाधड़ी से आर्थिक रूप से कमजोर एवं पात्र प्रतिभावान विद्यार्थियों के अधिकार प्रभावित होते हैं, और इससे शासन की योजनाओं का उद्देश्य भी बाधित होता है। पत्थलगांव पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी को 30 मई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस संबंध में बताया कि शासकीय योजनाओं में फर्जी दस्तावेज, झूठी जानकारी या मिथ्या शपथ पत्र के आधार पर लाभ लेने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पात्र हितग्राहियों के अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।2
- चैनपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रुति अग्रवाल द्वारा अवैध बालू उठाव के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में बालू कारोबार से जुड़े ट्रैक्टर मालिकों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस ने हाल ही में अवैध रूप से बालू उठाव कर रहे तीन ट्रैक्टरों को जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र की नदियों से होने वाला अवैध बालू उठाव लगभग पूरी तरह बंद हो गया है। चैनपुर में अवैध बालू उठाव पर पुलिस की इस सख्ती का असर अब आम लोगों और सरकारी योजनाओं पर भी पड़ने लगा है।1
- चैनपुर प्रखंड के प्रेमनगर के समीप परिवहन विभाग और स्थानीय पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष वाहन जांच अभियान चलाया। शुक्रवार शाम सात बजे तक मिली जानकारी के अनुसार, इस संयुक्त कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए, जिससे क्षेत्र में नियम तोड़ने वाले चालकों के बीच हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने, शराब पीकर गाड़ी चलाने तथा बिना नंबर प्लेट के सड़क पर दौड़ रहे वाहनों की गहन जांच की गई। इस जांच में कुल सोलह मोटरसाइकिल, तीन ट्रैक्टर और एक पिकअप वैन का चालान काटा गया। कार्रवाई की प्रक्रिया समाचार लिखे जाने तक भी जारी थी। मोटरयान निरीक्षक प्रदीप कुमार तिर्की ने बताया कि क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के मद्देनजर यह अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं नशे की हालत में वाहन चलाने और हेलमेट नहीं पहनने के कारण होती हैं, जिससे दुर्घटना के समय सिर में गंभीर चोट लगने से लोगों की जान चली जाती है। सड़क सुरक्षा मैनेजर प्रभाष कुमार ने युवाओं और बाइक चालकों से हेलमेट पहनने की अपील करते हुए कहा कि नई सड़कों के कारण वाहनों की रफ्तार बढ़ी है, और ऐसे में दुर्घटना होने पर सिर को सबसे अधिक खतरा होता है। उन्होंने यह भी बताया कि गंभीर सिर की चोट का उपचार स्थानीय स्तर पर संभव न होने के कारण मरीजों को रांची रेफर करना पड़ता है, इसलिए हेलमेट पहनकर स्वयं की सुरक्षा करना बेहद आवश्यक है। प्रभाष कुमार ने लोगों को जागरूक करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि शराब का सेवन करना एक अलग बात है, लेकिन शराब पीकर वाहन चलाना कानूनन अपराध है और यह कई लोगों की जान को खतरे में डाल सकता है। इस अभियान के दौरान मोटरयान निरीक्षक प्रदीप कुमार तिर्की, सड़क सुरक्षा मैनेजर प्रभाष कुमार, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, एसआई राजेंद्र मंडल सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल और वाहन जांच कर्मी मौजूद रहे। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।1
- राज्य में ठनका गिरने से चार लोगों की जान चली गई है। इसी के साथ, राजधानी रांची में तापमान में 9 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने 31 तारीख तक के लिए बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है।1
- अंबिकापुर में नगर निगम की घोर लापरवाही सामने आई है, जहाँ पानी की सप्लाई अभी तक शुरू नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अब तक एक बूँद भी पानी नहीं मिला है, जो नगर निगम के उदासीन रवैये का स्पष्ट 'नमूना' है।1
- सिमडेगा जिले के बानो थाना क्षेत्र में पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री में संलिप्त एक फरार आरोपी को पुनः गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो चोरी की बुलेट मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं। यह जानकारी एसडीपीओ सिमडेगा धर्मदेव पासवान ने दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पाकरटांड़ थाना में दर्ज कांड संख्या-10/2025 के तहत 5 जुलाई 2025 को एंटी क्राइम चेकिंग अभियान के दौरान प्रह्लाद सिंह नामक एक व्यक्ति को चोरी की बुलेट मोटरसाइकिल (JH 01EQ-7008) के साथ पकड़ा गया था। उसकी निशानदेही पर एक अन्य चोरी की बुलेट मोटरसाइकिल (JH01EQ-6031) भी बरामद की गई थी। प्रह्लाद सिंह ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह दीना सिंह के साथ मिलकर चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री करता है। पुलिस जांच में दीना सिंह उर्फ दीनानाथ सिंह, जो कोनसोदे भंडारटोली, थाना बानो, जिला सिमडेगा का निवासी है, रांची, गुमला और सिमडेगा सहित विभिन्न क्षेत्रों से चोरी की गई मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री में शामिल पाया गया। उसे 6 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, लेकिन बाद में वह फरार हो गया था। फरार होने के बाद से पुलिस लगातार छापेमारी अभियान चला रही थी और 30 मई 2026 को उसे बानो क्षेत्र से पुनः गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस के अनुसार, आरोपी दीना सिंह के विरुद्ध रांची, गुमला और सिमडेगा के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पहले भी जेल जा चुका है। इस गिरफ्तारी अभियान में पाकरटांड़ थाना प्रभारी प्रदीप कुमार, बानो थाना प्रभारी श्यामनंदन सिंह, पाकरटांड़ थाना के अवर निरीक्षक उपेंद्र रविदास और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।1