छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले स्थित धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल में एक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के इलाज को लेकर ड्यूटी डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच जमकर विवाद हो गया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, खम्हार निवासी एक व्यक्ति का धरमजयगढ़ के लक्ष्मीपुर चौक के पास सड़क हादसा हुआ था, जिसके बाद घायल को उपचार के लिए तत्काल सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ लाया गया था। इसी दौरान इलाज और डॉक्टर की उपलब्धता को लेकर परिजनों और ड्यूटी डॉक्टर के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मरीज के परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल पहुँचने पर संबंधित डॉक्टर मौजूद नहीं थे, जिसके कारण उन्हें फोन कर बुलाना पड़ा। परिजनों का यह भी आरोप है कि फोन पर बातचीत के दौरान डॉक्टर ने उनसे अभद्र व्यवहार किया और यहाँ तक कह दिया कि "मेरा नंबर तुम्हें किसने दिया, मैं तुम्हारा नंबर ब्लॉक कर दूंगा"। मीडिया के माध्यम से, परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि ड्यूटी के समय डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नहीं थे, तो मरीजों की जिम्मेदारी कौन संभालेगा। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या आपात स्थिति में डॉक्टर को फोन करना भी गलत है और यदि डॉक्टर मरीजों के परिजनों के नंबर ब्लॉक करने की बात करेंगे, तो आम जनता इलाज के लिए किस पर भरोसा करेगी। वहीं, इस विवाद पर डॉक्टर ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने घायल मरीज की पहले ही जाँच कर ली थी और आवश्यक उपचार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही वे अस्पताल से बाहर गए थे। डॉक्टर का आरोप है कि बाद में मरीज के परिजन उनसे ऊँची आवाज में और धमकाने के अंदाज़ में बात कर रहे थे, जिसके कारण ही यह विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले स्थित धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल में एक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के इलाज को लेकर ड्यूटी डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच जमकर विवाद हो गया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, खम्हार निवासी एक व्यक्ति का धरमजयगढ़ के लक्ष्मीपुर चौक के पास सड़क हादसा हुआ था, जिसके बाद घायल को उपचार के लिए तत्काल सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ लाया गया था। इसी दौरान इलाज और डॉक्टर की उपलब्धता को लेकर परिजनों और ड्यूटी डॉक्टर के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मरीज के परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल पहुँचने पर संबंधित डॉक्टर मौजूद नहीं थे, जिसके कारण उन्हें फोन कर बुलाना पड़ा। परिजनों का यह भी आरोप है कि फोन पर बातचीत के दौरान डॉक्टर ने उनसे अभद्र व्यवहार किया और यहाँ तक कह दिया कि "मेरा नंबर तुम्हें किसने दिया, मैं तुम्हारा नंबर ब्लॉक कर दूंगा"। मीडिया के माध्यम से, परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि ड्यूटी के समय डॉक्टर अस्पताल में मौजूद नहीं थे, तो मरीजों की जिम्मेदारी कौन संभालेगा। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या आपात स्थिति में डॉक्टर को फोन करना भी गलत है और यदि डॉक्टर मरीजों के परिजनों के नंबर ब्लॉक करने की बात करेंगे, तो आम जनता इलाज के लिए किस पर भरोसा करेगी। वहीं, इस विवाद पर डॉक्टर ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने कहा कि उन्होंने घायल मरीज की पहले ही जाँच कर ली थी और आवश्यक उपचार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही वे अस्पताल से बाहर गए थे। डॉक्टर का आरोप है कि बाद में मरीज के परिजन उनसे ऊँची आवाज में और धमकाने के अंदाज़ में बात कर रहे थे, जिसके कारण ही यह विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई।
- रायगढ़ के ग्राम जोरापाली में पूर्व महापौर मधु बाई किन्नर और कुंती बाई किन्नर के गुटों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक रूप ले चुका है। यह विवाद कहासुनी से बढ़कर मारपीट तक पहुंच गया, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। पूर्व महापौर मधु बाई किन्नर ने आरोप लगाया है कि कुंती बाई किन्नर के गुट के लोगों ने बाहरी व्यक्तियों को बुलाकर उनके साथियों और अन्य किन्नरों के साथ मारपीट की। इस घटना के बाद मधु बाई किन्नर ने पुलिस अधीक्षक के नाम एक आवेदन सौंपा है, जिसमें उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने के बाद यह कोतरा रोड थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।3
- एक गरीब और असहाय परिवार को संत रामपाल जी महाराज का सहारा मिला है। इस पूरी घटना और परिवार को मिली सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए, दर्शक "AnnaPurna Muhim" YouTube चैनल पर पूरी वीडियो अवश्य देख सकते हैं।1
- कोरबा के बांकीमोंगरा में व्यापारी भीषण गर्मी के बीच अपने कारोबार को संचालित करने के लिए मजबूर हैं। बताया गया है कि 45 डिग्री सेल्सियस की चिलचिलाती धूप में भी उन्हें अपना व्यवसाय करना पड़ रहा है। यह स्थिति तब बनी हुई है जब उन्हें कोर्ट से राहत मिल चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उनकी दुकानों के ताले अभी तक नहीं खुले हैं।1
- छत्तीसगढ़ में बेटी की मौत के एक मामले में, मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मायके वालों का आरोप है कि बेटी की मौत के पीछे ससुराल पक्ष की भूमिका है।1
- कोरबा में इतिहास प्रसिद्ध समाजसेविका, कुशल प्रशासक, न्यायप्रिय शासक और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक लोकमाता पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होलकर की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा रिसदी स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि एवं माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी सहित पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने अहिल्याबाई होलकर के आदर्शों, सुशासन, जनसेवा और समाज कल्याण के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया। भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई होलकर भारतीय इतिहास की ऐसी महान शासिका थीं, जिन्होंने सेवा, सुशासन, न्याय और जनकल्याण के क्षेत्र में अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाते हुए समाज में सशक्त नेतृत्व की मिसाल कायम की। मोदी ने बताया कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र, धर्म और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहा, और उन्होंने देशभर में मंदिरों, धर्मशालाओं, घाटों तथा जनहित के अनेक निर्माण कार्यों के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपराओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके आदर्श आज भी समाज को नई दिशा दे रहे हैं और जनप्रतिनिधियों व समाजसेवियों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। कार्यक्रम में आरएसएस के जिला कार्यवाहक कैलाश नाहक ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर को न्यायप्रियता और दूरदर्शिता की प्रतिमूर्ति बताते हुए कहा कि वे राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में एक महान प्रेरणास्रोत थीं। नाहक ने बताया कि उन्होंने युवा काल में ही लाठी चलाना, तलवारबाजी, कूटनीति, विदेश नीति और शासन-प्रशासन की बारीकियों का गहन ज्ञान प्राप्त कर लिया था। अपनी अद्भुत नेतृत्व क्षमता, दूरदर्शिता और न्यायप्रियता के बल पर उन्होंने समाज में एक आदर्श शासक के रूप में पहचान बनाई। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए उल्लेखनीय कार्य किए, जिसमें मुगलों और अंग्रेजों द्वारा खंडित तथा ध्वस्त किए गए 350 से अधिक मंदिरों का देश के विभिन्न हिस्सों में जीर्णोद्धार शामिल है। कैलाश नाहक ने जोर दिया कि उनका जीवन समाजसेवा, धर्म संरक्षण और जनकल्याण के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है, जो आज भी युवा पीढ़ी को प्रेरणा देता है। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आरएसएस के जिला कार्यवाहक कैलाश नाहक, डॉ. मनोज कुमार झा, हेमंत मोहलीकर, बालकृष्ण ठाकुर, जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, जिला कोषाध्यक्ष अजय पांडेय, जिला उपाध्यक्ष योगेश जैन, रूक्मणी नायर, वरिष्ठ भाजपा नेता विकास अग्रवाल, मंडल अध्यक्ष डॉ राजेश राठौर, जिला मीडिया प्रभारी अर्जुन गुप्ता, कुलसिंह कंवर, सरजू अजय, प्रकाश अग्रवाल, राजेश लहरे, संजीव शर्मा, संजय राठौर व मोंटी पटेल सहित कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ने अहिल्याबाई होलकर के जनसेवा और धर्म संरक्षण के आदर्शों को स्मरण किया, जो आज भी समाज को एक नई दिशा प्रदान करते हैं और भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।1
- कोरबा जिले के कटबितला और बरीडीह गांवों में सीमांकन प्रक्रिया के दौरान ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना की सूचना मिलने पर, संबंधित उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) तत्काल मौके पर पहुंचीं।1
- मालखरौदा और गोरखापाली के चर्चित कोटवार हत्या कांड में एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजकर जेल भेज दिया गया है।1