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राहुल गांधी ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्ध को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो इस स्थिति से भारत को भारी नुकसान हो सकता है। इसी संदर्भ में, राहुल गांधी ने मोदी सरकार की नीति पर सवाल भी उठाए हैं।
Dharmendra Raikwar
राहुल गांधी ने अमेरिका और ईरान के बीच संभावित युद्ध को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो इस स्थिति से भारत को भारी नुकसान हो सकता है। इसी संदर्भ में, राहुल गांधी ने मोदी सरकार की नीति पर सवाल भी उठाए हैं।
- Biren PatelAbu Road, Sirohiy chuti..p.m ko kya bol Raha h8 hrs ago
- Biren PatelAbu Road, Sirohidimaag m gober bhara h8 hrs ago
- Biren PatelAbu Road, Sirohiy ghadha h8 hrs ago
- Ashish GuptaSadar, Lucknowglat sabdo ka comments Mt karo wrna kanoon sabhi ke liye barabar kam krta hai ...hosh me raho sabdo ka chayan sahi karo all comments user9 hrs ago
- Rattilal rajbharJaunpur, Uttar Pradeshye sarwabyapi kutta hai9 hrs ago
- Rattilal rajbharJaunpur, Uttar Pradeshjada vot Milne se jeet gya9 hrs ago
- Kamayani ShikhaRajsamand, Rajsamandये कोई इंसान है, जो देश का भला कर सके,9 hrs ago
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- प्रेमी ने अपनी प्रेमिका रजनी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। यह वारदात इसलिए हुई क्योंकि प्रेमिका रजनी, अपने प्रेमी पर लगातार साथ रहने का दबाव बना रही थी।1
- जालौन जिले से मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वायरल वीडियो जालौन की लौना कोतवाली क्षेत्र से संबंधित है।1
- शासन के निर्देशानुसार, गंगा दशमी पर्व के उपलक्ष्य में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कुण्डेश्वर धाम मंदिर परिसर और नदी के घाटों पर एक श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस महत्वपूर्ण पहल में कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय, संयुक्त कलेक्टर श्री शैलेन्द्र सिंह, एसडीएम बल्देवगढ़ श्रीमती भारती देवी मिश्रा, और तहसीलदार श्री सतेन्द्र सिंह गुर्जर सहित संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा जन अभियान परिषद के सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर नदी के घाटों की सफाई में योगदान दिया। इसी अभियान के क्रम में, आज शाम जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगा दशमी पर्व के अवसर पर जमदार नदी पर एक भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा।2
- झांसी के प्रेमनगर नगरा पावर हाउस में ट्रांसफार्मर के ऊपर शॉर्ट सर्किट हो गया, जिससे तार जलकर राख हो गए। इस घटना के बाद, मोहल्लेवासियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पानी डालकर आग पर काबू पा लिया।1
- झांसी के टोड़ीफतेहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बुढ़ाई में एक प्रेम प्रसंग का खौफनाक अंत सामने आया है, जहाँ एक शादीशुदा प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। यह घटना 22 मई को तब सामने आई जब रजनी अहिरवार का शव उसके घर में लहूलुहान हालत में मिला, जिसकी गर्दन और नाक पर धारदार हथियार के गहरे निशान थे। इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि रजनी अहिरवार का गांव के ही रक्षपाल बघेल से पिछले करीब आठ महीनों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। आरोपी रक्षपाल पहले से शादीशुदा था और उसके तीन बच्चे थे, जबकि मृतका रजनी भी तीन बच्चों की मां थी। इन परिस्थितियों के बावजूद, दोनों के बीच लगातार बातचीत और मुलाकातें होती थीं। बताया गया है कि रजनी, रक्षपाल पर उसे अपने साथ रखने का लगातार दबाव बना रही थी। घटना वाली रात इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। कहासुनी इतनी बढ़ी कि गुस्से में आकर आरोपी रक्षपाल ने कुल्हाड़ी से रजनी पर कई वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में रक्षपाल ने हत्या की बात कबूल कर ली है, और पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।2
- झांसी में 22 मई की रात को एक व्यक्ति ने अपनी गर्लफ्रेंड रजनी अहिरवार की हत्या कर दी। रजनी अहिरवार उस व्यक्ति से 8 साल छोटी थी।1
- रीवा में जैन संत माता जी के साथ हुई एक दुखद घटना ने पूरे समाज को अंदर तक झकझोर दिया है। इस घटना को केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, संत परंपरा और समाज की भावनाओं पर गहरा आघात बताया जा रहा है। इसी पीड़ा और आक्रोश के बीच, बबीना की श्री श्री 1008 दिगंबर जैन समाज ने खंड विकास अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से समाज ने प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने की पुरज़ोर मांग की है। समाज के लोगों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि संत-महात्मा त्याग, तपस्या और अहिंसा के प्रतीक होते हैं, और उनके साथ इस प्रकार की घटनाएँ पूरे समाज को व्यथित करती हैं। यह भी मांग की गई है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, और प्रशासन संत समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करे। "संतों का सम्मान, समाज का अभिमान" की भावना के साथ, बबीना जैन समाज एकजुट होकर इस दुखद घटना के लिए न्याय की मांग कर रहा है।1
- 20 मई को रीवा, मध्य प्रदेश में जैन साध्वियों के साथ हुई दुर्घटना ने पूरे देश के जैन समाज को झकझोर कर रख दिया है, जिससे अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले साधु-संतों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस घटना के सामने आए सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट होता है कि वाहन चालक ने जानबूझकर और अपनी सनक में पूज्य आर्यिका माताओं को टक्कर मारी। टक्कर मारने के बाद वह निर्दयी व्यक्ति तेज गति से मौके से भाग गया। हालांकि, उक्त वाहन और उसके चालक को रीवा से लगभग 270 किलोमीटर दूर जबलपुर में पकड़ लिया गया है। रीवा हादसे के बाद जैन समाज में बढ़े इस आक्रोश को लेकर आज बबीना में दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष आशीष जैन कल्लन के नेतृत्व में एक विशाल मौन जुलूस निकाला गया। यह जुलूस विकास खंड कार्यालय पहुंचा, जहाँ खंड विकास अधिकारी राम अवतार सिंह को एक ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान भारी संख्या में पुरुष, महिलाएं, युवा और बच्चे मौजूद थे।1
- शासन के निर्देशानुसार, 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के तहत गंगा दशमी पर्व पर 25 मई 2026 को पूरे मध्यप्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। इसी क्रम में, टीकमगढ़ जिला मुख्यालय पर जतारा विधायक श्री हरिशंकर खटीक के मुख्य आतिथ्य में कुण्डेश्वर धाम मंदिर में जिला स्तरीय गंगा दशमी पर्व कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम की शुरुआत 25 मई की सुबह जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीयजनों और विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के सदस्यों द्वारा कुण्डेश्वर मंदिर परिसर तथा जमङार नदी के घाटों की सफाई के लिए श्रमदान से होगी। इसके बाद, संध्याकाल में कुण्डेश्वर मंदिर स्थित नदी के घाट पर महाआरती की जाएगी। शासन के निर्देशों के अनुसार, सभी पंचायतों और नगरीय निकायों द्वारा भी इस अवसर पर जल संवर्धन और जल संरक्षण संबंधी कार्य किए जाएँगे। जिला प्रशासन ने समस्त नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि 'जल है तो कल है' के संदेश को सार्थक करने हेतु 25 मई को अपने नजदीकी जल स्रोतों पर पहुँचकर श्रमदान करें। साथ ही, जनसामान्य को जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संगोष्ठी, सेमीनार और व्याख्यान जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया गया है।4