सहरसा जिले के सौरबाजार नगर पंचायत में अपने हक और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे सफाई कर्मियों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। पिछले पांच दिनों से कामकाज ठप कर सफाई कर्मियों ने नगर पंचायत कार्यालय का घेराव किया और नगर प्रशासन, संबंधित एजेंसी तथा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पंचायत में कुल 107 सफाई कर्मी और चालकों की आवश्यकता है, लेकिन केवल 45 से 50 कर्मियों से ही पूरे नगर क्षेत्र का काम कराया जा रहा है। इससे कम कर्मचारियों पर अधिक काम का बोझ डालकर उनका लगातार शोषण किया जा रहा है। कर्मियों का यह भी कहना है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता, जिससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाता है। साथ ही, उन्हें काम के दौरान मास्क, दस्ताने, झाड़ू, जूते और वर्दी जैसे आवश्यक सुरक्षा संसाधन भी उपलब्ध नहीं कराए जाते। सफाई कर्मियों ने गंभीर आरोप लगाया कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के अभाव में उन्हें गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है, और उनकी स्वास्थ्य तथा सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी सफाई कर्मियों ने नगर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों पर सरकारी राशि का सही उपयोग न करने और पैसे के बंदरबांट का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें उनके मूल अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाएंगी, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस आंदोलन के चलते, पांच दिनों से सफाई कार्य प्रभावित है, जिसका असर नगर क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि जो कर्मी प्रतिदिन शहर और समाज को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी निभाते हैं, उनकी समस्याओं को आखिर कब सुना जाएगा? और क्या नगर प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा या फिर यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा?
सहरसा जिले के सौरबाजार नगर पंचायत में अपने हक और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे सफाई कर्मियों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। पिछले पांच दिनों से कामकाज ठप कर सफाई कर्मियों ने नगर पंचायत कार्यालय का घेराव किया और नगर प्रशासन, संबंधित एजेंसी तथा जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पंचायत में कुल 107 सफाई कर्मी और चालकों की आवश्यकता है, लेकिन केवल 45 से 50 कर्मियों से ही पूरे नगर क्षेत्र का काम कराया जा रहा है। इससे कम कर्मचारियों पर अधिक काम का बोझ डालकर उनका लगातार शोषण किया जा रहा है। कर्मियों का यह भी कहना है कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता, जिससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो जाता है। साथ ही, उन्हें काम के दौरान मास्क, दस्ताने, झाड़ू, जूते और वर्दी जैसे आवश्यक सुरक्षा संसाधन भी उपलब्ध नहीं कराए जाते। सफाई कर्मियों ने गंभीर आरोप लगाया कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के अभाव में उन्हें गंभीर बीमारियों का खतरा बना रहता है, और उनकी स्वास्थ्य तथा सुरक्षा को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी सफाई कर्मियों ने नगर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों पर सरकारी राशि का सही उपयोग न करने और पैसे के बंदरबांट का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें उनके मूल अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाएंगी, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस आंदोलन के चलते, पांच दिनों से सफाई कार्य प्रभावित है, जिसका असर नगर क्षेत्र की स्वच्छता व्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि जो कर्मी प्रतिदिन शहर और समाज को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी निभाते हैं, उनकी समस्याओं को आखिर कब सुना जाएगा? और क्या नगर प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा या फिर यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा?
- बिहार में यादवों ने सम्राट चौधरी को चेतावनी दी है।1
- राज्य सरकार की पहल “सबका सम्मान, जीवन आसान” निश्चय योजना के तहत मंगलवार को तारापुर प्रखंड में दो सहयोग शिविरों का आयोजन किया गया। बिहमा पंचायत स्थित मध्य विद्यालय बिहमा और तारापुर मुख्यालय स्थित अंबेडकर भवन में आयोजित इन शिविरों में लोगों की समस्याओं से संबंधित कुल 186 आवेदन प्राप्त हुए। बिहमा के मध्य विद्यालय में हुए शिविर का नेतृत्व जिला परिवहन पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार अलबेला ने किया, जहाँ विभिन्न विभागों के स्टॉल पर कुल 136 आवेदन प्राप्त हुए। इस शिविर में 12 लाभुकों को राशन कार्ड और 12 लाभुकों को आयुष्मान कार्ड भी वितरित किए गए। प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रशांत कुमार ने बताया कि पूर्व में आयोजित एक शिविर के 118 आवेदनों का निष्पादन पहले ही किया जा चुका है। वहीं, तारापुर मुख्यालय स्थित अंबेडकर भवन में नगर पंचायत अध्यक्ष नीलम देवी की अध्यक्षता में आयोजित सहयोग शिविर में 50 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 15 नगर पंचायत से संबंधित थे और 35 अन्य विभागों से जुड़े थे। कार्यपालक पदाधिकारी सोनाली प्रिया ने लोगों की समस्याओं को सुनकर आवश्यक निर्देश दिए तथा मौके पर ही 10 मामलों का निष्पादन भी कराया। इस शिविर में अंचलाधिकारी संतोष कुमार, बीपीआरओ गौत्तम भारती, पीओ राजीव कुमार, मुखिया वंदना कुमारी सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- पंजाब के जालंधर शहर के मलेशिया मलियाल पिंड में दो मशीनें संचालित की जा रही हैं।1
- मुंगेर किला परिसर स्थित शहीद स्मारक के पास बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की ओर से महंगाई, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह धरना मुंगेर जिला राजद अध्यक्ष राजेश कुमार बिंद की अध्यक्षता में हुआ। धरना स्थल पर मौजूद राजद के दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं ने महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने इन समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की।1
- मुंगेर में एक ही रात में दो घरों में सेंधमारी कर कुल 60 लाख रुपये की बड़ी चोरी को अंजाम दिया गया है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा डॉग स्क्वायड को जांच में लगाया गया है, जो मामले की पड़ताल कर रही है।1
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फुलवारी शरीफ, पटना में आयोजित सहयोग सह जन-कल्याण शिविर के उद्घाटन के अवसर पर बड़ा बयान दिया। मंच से उन्होंने घोषणा की कि पटना का नाम अब पाटलिपुत्र होगा। इसी मौके पर मुख्यमंत्री ने अपराधियों को नेपाल भगाने की भी बात कही।1
- वैशाली में पत्रकार प्रिंस कुमार यादव को सम्राट चौधरी की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी को लेकर लोगों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जहाँ उनका स्पष्ट कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना पत्रकार को बहुत महंगा पड़ गया है। कई लोग इस सच को जानकर हैरान हैं।1
- मुंगेर जिले के तारापुर अनुमंडल सभाकक्ष में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) राकेश रंजन कुमार ने इस बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कुमार देवेंद्र भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जुलूस, पहलाम, सुरक्षा व्यवस्था, बिजली आपूर्ति, पेयजल और साफ-सफाई जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, लखनपुर, असरगंज और संग्रामपुर में 26 जून को ताजिया जुलूस निकालकर पहलाम की रस्म अदा की जाएगी। वहीं, गाजीपुर, तारापुर, कोराजी और माधोडीह में 27 जून को पहलाम होगा। पर्व के दौरान सभी संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारी और पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जुलूसों को निर्धारित समय पर निकालने और समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश जारी किए गए। बैठक में बिजली विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, जबकि पीएचईडी विभाग को पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने का आदेश दिया गया। नगर पंचायत को साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों ने आम लोगों से अफवाहों से बचने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील भी की। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद थे।1
- नवगछिया-पूर्णिया हाईवे पर तैनात ट्रैफिक जवान धनंजय पासवान ने खाकी का मानवीय चेहरा पेश करते हुए एक छात्र की मदद की है। उनकी इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि छात्र की महत्वपूर्ण परीक्षा न छूटे, जिसके कारण वे छात्र के लिए एक मसीहा बन गए।1