संभल जनपद की गुन्नौर तहसील के ग्राम इसमपुर डांडा में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा एक विशाल किसान पंचायत का आयोजन किया गया। ऋषिपाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव शामिल हुए। पंचायत के दौरान भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक (असली) से जुड़े 111 किसानों ने संगठन छोड़कर भाकियू (टिकैत) की सदस्यता ग्रहण की। यह सदस्यता सचिन कुमार यादव, दिलीप कुमार यादव, एडवोकेट रामविरेश यादव और प्रमोद कुमार यादव के नेतृत्व में ली गई। पंचायत में यूरिया और डीएपी खाद की कमी, बिजली कटौती और आलू किसानों की बदहाल स्थिति पर गंभीर चर्चा की गई। विजेंद्र सिंह यादव ने आरोप लगाया कि किसान खाद के लिए घंटों लाइनों में लगने के बावजूद उससे वंचित हैं और निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। साथ ही, उन्होंने बिजली व्यवस्था को भी बेहद खराब बताया। आलू किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने मांग की कि सरकार को आलू निर्यात की प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर किसानों की समस्याओं को अनदेखा करने और उनकी जमीनों पर नजर रखने का आरोप लगाया। विजेंद्र सिंह यादव ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो जिला मुख्यालय और प्रदेश सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी रणनीति जल्द ही घोषित की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट रामविरेश यादव ने किया और इसे महावीर सिंह, रामवीर सिंह यादव, देशराज सिंह यादव, राजपाल सिंह यादव, मुकेश यादव, अमर सिंह राजपूत, शिवनारायण सिंह, डॉ. दिनेश कुमार, नरेंद्र सिंह यादव, वीरू यादव, देवेंद्र सिंह यादव, विनीत शर्मा, प्रदीप कुमार आर्य, प्रमोद यादव और रामबाबू सिंह समेत कई किसान नेताओं ने संबोधित किया।
संभल जनपद की गुन्नौर तहसील के ग्राम इसमपुर डांडा में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा एक विशाल किसान पंचायत का आयोजन किया गया। ऋषिपाल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव शामिल हुए। पंचायत के दौरान भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक (असली) से जुड़े 111 किसानों ने संगठन छोड़कर भाकियू (टिकैत) की सदस्यता ग्रहण की। यह सदस्यता सचिन कुमार यादव, दिलीप कुमार यादव, एडवोकेट रामविरेश यादव और प्रमोद कुमार यादव के नेतृत्व में ली गई। पंचायत में यूरिया और डीएपी खाद की
कमी, बिजली कटौती और आलू किसानों की बदहाल स्थिति पर गंभीर चर्चा की गई। विजेंद्र सिंह यादव ने आरोप लगाया कि किसान खाद के लिए घंटों लाइनों में लगने के बावजूद उससे वंचित हैं और निजी दुकानों से महंगे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर हैं। साथ ही, उन्होंने बिजली व्यवस्था को भी बेहद खराब बताया। आलू किसानों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने मांग की कि सरकार को आलू निर्यात की प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर किसानों की समस्याओं को अनदेखा करने और उनकी जमीनों पर नजर रखने का आरोप
लगाया। विजेंद्र सिंह यादव ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन ने इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया, तो जिला मुख्यालय और प्रदेश सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी रणनीति जल्द ही घोषित की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट रामविरेश यादव ने किया और इसे महावीर सिंह, रामवीर सिंह यादव, देशराज सिंह यादव, राजपाल सिंह यादव, मुकेश यादव, अमर सिंह राजपूत, शिवनारायण सिंह, डॉ. दिनेश कुमार, नरेंद्र सिंह यादव, वीरू यादव, देवेंद्र सिंह यादव, विनीत शर्मा, प्रदीप कुमार आर्य, प्रमोद यादव और रामबाबू सिंह समेत कई किसान नेताओं ने संबोधित किया।
- मुरादाबाद के थाना पाकबड़ा क्षेत्र में महिला और बच्चे की जली हुई लाश मिलने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 8 जुलाई 2026 को ग्राम मोढ़ा के जंगल में प्रवीन के खेत से 35 वर्षीय महिला का शव बरामद हुआ था, जबकि अगले दिन 9 जुलाई को वहीं पास में 13 वर्षीय बच्चे का शव मिला। पुलिस जांच में मृतकों की पहचान मोढ़ा तैया निवासी सीमा और उनके पुत्र अंकुश के रूप में हुई। पहचान मिटाने के उद्देश्य से दोनों शवों के चेहरों को जलाया गया था। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी जयराम पुत्र पातीराम (32 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका भाई जसराम फरार है। पूछताछ में जयराम ने कबूल किया कि उसे अपनी भाभी सीमा के अन्य व्यक्तियों से संबंधों पर संदेह था। साथ ही, मकान के सौदे की बकाया राशि 2 लाख 40 हजार रुपये को लेकर सीमा द्वारा बनाए जा रहे दबाव और अपने पति जसराम के साथ उनके लगातार विवाद से वह परेशान था। इसी रंजिश के चलते जयराम और उसके भाई जसराम ने मिलकर सीमा और अंकुश की हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए पेट्रोल डालकर शवों को आग के हवाले कर दिया। थाना पाकबड़ा में मुकदमा संख्या-177/26 धारा 103(1)/238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर पुलिस कानूनी कार्रवाई कर रही है।2
- कानपुर में कचहरी के पास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक अधिवक्ता और दो पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई और मारपीट होती दिख रही है। वीडियो में पुलिसकर्मी अपनी वर्दी में नजर आ रहे हैं, जबकि अधिवक्ता भी अपने निर्धारित ड्रेस कोड में दिखाई दे रहे हैं। वायरल फुटेज के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, मारपीट में शामिल दोनों पुलिसकर्मियों में से एक कानपुर कोतवाली का आरक्षी है, जबकि दूसरा पुलिसकर्मी 112 सेवा में कार्यरत है। सूत्रों का दावा है कि इस दौरान एक पुलिसकर्मी शराब के नशे में था। खाकी और काले कोट के बीच हुई इस झड़प का वीडियो कानपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- अमरोहा के हसनपुर में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए दयावली खालसा गांव में मुनादी करवाई है। पुलिस ने गांव में डुगडुगी पिटवाकर सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि अनीश, विक्रम और धर्मवीर नाम के तीन बदमाशों को छह महीने के लिए जिले की सीमा से बाहर कर दिया गया है। प्रशासन ने पूरे गांव को इन बदमाशों के जिलाबदर होने की जानकारी दी है। साथ ही, ग्रामीणों को सचेत किया गया है कि यदि ये तीनों आरोपी गांव में दिखाई दें, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए।1
- अमरोहा के जिला अधिकारी नितिन गौड़ ने जिले में बाढ़ की स्थिति के संबंध में जानकारी साझा की है। इस दौरान उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और उससे जुड़ी वर्तमान परिस्थितियों पर आधिकारिक विवरण प्रस्तुत किया।1
- मुरादाबाद में आयोजित CJP के विरोध प्रदर्शन में मशहूर पंजाबी सिंगर काका ने पहुंचकर अपना समर्थन दिया है। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन में शामिल लोगों का हौसला बढ़ाया और अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में काका की उपस्थिति और समर्थन स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।1
- संभल के कैलादेवी थाना क्षेत्र के मुजाहिदपुर गांव की रहने वाली एक महिला ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने शिकायती पत्र के माध्यम से जुनावई थाना क्षेत्र के मडकावली गांव निवासी अवधेश कुमार पर शादी का झांसा देकर कई वर्षों तक शारीरिक शोषण करने, उसकी जमीन हड़पने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता राजो ने बताया कि अवधेश कुमार ने उसे प्रेमजाल में फंसाकर शादी की थी। महिला का आरोप है कि साथ रहने के दौरान उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए गए, जिससे 8 वर्षीय पुत्र का जन्म हुआ। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने बहला-फुसलाकर उसकी चार बीघा जमीन अपने नाम करवा ली और करीब तीन साल पहले उसे तथा उसके बेटे को घर से निकाल दिया। अब आरोपी दूसरी शादी करने की बात कहकर उसे धमका रहा है और कानूनी कार्रवाई करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहा है। महिला का कहना है कि उसने 3 जुलाई 2026 को कैलादेवी थाने में शिकायत दी थी, लेकिन उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। अब पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए और उसे न्याय दिलाया जाए।1
- अमरोहा के थाना धनौरा क्षेत्र स्थित ग्राम रसूलपुर के सीपिया घाट पर हो रहे लगातार जल कटाव ने ग्रामीणों के लिए बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव को क्षतिग्रस्त और दुर्गम रास्तों के कारण ट्रैक्टर का सहारा लेकर प्रभावित घटनास्थल तक पहुँचना पड़ा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिंचाई और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर जल कटाव का जायजा लिया। उन्होंने उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को सिंचाई विभाग के साथ तालमेल बिठाकर राहत कार्यों की सख्त निगरानी करने के निर्देश दिए और स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए बिजनौर प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्थिति पर पैनी नजर रखने के लिए ग्राम प्रधान को समय-समय पर फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, अधिकारियों को कंट्रोल रूम के माध्यम से सतत संपर्क में रहने और स्थायी समाधान मिलने तक ग्रामीणों के आवागमन के लिए वैकल्पिक और अस्थायी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।4
- अमरोहा के जिलाधिकारी नितिन गौड़ ने कांवड़ यात्रियों के लिए विशेष संबोधन दिया है। उन्होंने यात्रा के दौरान व्यवस्थाओं और यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।1
- अमरोहा के हसनपुर में एक 13 साल की मासूम बच्ची के साथ घिनौनी और हैवानियत भरी हरकत को अंजाम दिया गया है। इस घटना के बाद से क्षेत्र में भारी आक्रोश है और लोग आरोपियों के लिए कठोर सजा की मांग कर रहे हैं। मामले में सरकार द्वारा आरोपियों को जेल तो भेज दिया गया है, लेकिन अब तक किसी को भी फांसी की सजा नहीं हुई है। पीड़ित पक्ष और न्याय की मांग करने वाले लोगों का कहना है कि इन दरिंदों को फांसी के सिवाय कुछ और मंजूर नहीं होना चाहिए।1