राज्य सरकार के 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' के अंतर्गत शुक्रवार को सायला की ग्राम पंचायत तूरा में देशो की नाड़ी खुदाई स्थल पर एक जल संरक्षण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में नरेगा श्रमिकों, स्थानीय ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जहाँ उन्होंने जल संरक्षण के महत्वपूर्ण संदेश को साझा किया। कार्यक्रम के दौरान, जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के सहायक अभियंता भूरिसिंह और कनिष्ठ अभियंता हेमेन्द्र सिंह मंडलावत, साथ ही ग्राम पंचायत तूरा के कनिष्ठ सहायक नाथाराम की उपस्थिति में विभिन्न गतिविधियां हुईं। इनमें श्रमदान, जल चौपाल, सामुदायिक बैठक और जल शपथ कार्यक्रम शामिल थे। इसके अतिरिक्त, पौधों को पानी पिलाकर पर्यावरण संरक्षण और जल बचत का संदेश भी दिया गया। अधिकारियों ने उपस्थित ग्रामीणों से जल संरक्षण को एक जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया और वर्षा जल के अधिकतम संग्रहण पर विशेष बल दिया। उन्होंने चारागाह भूमि में अधिक से अधिक पौधारोपण करने, वर्षा के पानी को व्यर्थ बहने से रोककर टांकों में संग्रहित करने, तथा फार्म पॉण्ड एवं अन्य जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से पानी के संरक्षण और उपयोग के लिए भी प्रेरित किया। इस अवसर पर, उपस्थित ग्रामीणों और श्रमिकों ने जल संरक्षण की शपथ ली, और जल स्रोतों के संरक्षण तथा पर्यावरण संवर्धन में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प व्यक्त किया। यह संपूर्ण कार्यक्रम जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग, सायला द्वारा आयोजित किया गया।
राज्य सरकार के 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' के अंतर्गत शुक्रवार को सायला की ग्राम पंचायत तूरा में देशो की नाड़ी खुदाई स्थल पर एक जल संरक्षण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में नरेगा श्रमिकों, स्थानीय ग्रामीणों और विभागीय अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जहाँ उन्होंने जल संरक्षण के महत्वपूर्ण संदेश को साझा किया। कार्यक्रम के दौरान, जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के सहायक अभियंता भूरिसिंह और कनिष्ठ अभियंता हेमेन्द्र सिंह मंडलावत, साथ ही ग्राम पंचायत तूरा के कनिष्ठ सहायक नाथाराम की उपस्थिति में विभिन्न गतिविधियां हुईं। इनमें श्रमदान, जल चौपाल, सामुदायिक बैठक और जल शपथ कार्यक्रम शामिल थे। इसके अतिरिक्त, पौधों को पानी पिलाकर पर्यावरण संरक्षण और जल बचत का संदेश भी दिया गया। अधिकारियों ने उपस्थित ग्रामीणों से जल संरक्षण को एक जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया और वर्षा जल के अधिकतम संग्रहण पर विशेष बल दिया। उन्होंने चारागाह भूमि में अधिक से अधिक पौधारोपण करने, वर्षा के पानी को व्यर्थ बहने से रोककर टांकों में संग्रहित करने, तथा फार्म पॉण्ड एवं अन्य जल संरक्षण संरचनाओं के माध्यम से पानी के संरक्षण और उपयोग के लिए भी प्रेरित किया। इस अवसर पर, उपस्थित ग्रामीणों और श्रमिकों ने जल संरक्षण की शपथ ली, और जल स्रोतों के संरक्षण तथा पर्यावरण संवर्धन में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प व्यक्त किया। यह संपूर्ण कार्यक्रम जल ग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग, सायला द्वारा आयोजित किया गया।
- जालौर की न्यू रामदेव कॉलोनी में रात के समय रोड लाइटें बंद पाई गईं। यह अभी का नजारा है, जहाँ रात के अंधेरे में लाइटें गुल हैं।1
- जालौर शहर सहित पूरे जिले में शुक्रवार रात से तेज हवाएँ चल रही हैं, जिसके कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इन हवाओं ने शहरवासियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की है। गौरतलब है कि शुक्रवार की रात्रि को शहर में हल्की बूंदाबांदी भी हुई थी। शनिवार की सुबह से भी तेज हवाओं का दौर लगातार जारी है, जिसने गर्मी के प्रभाव को कम कर लोगों को और अधिक राहत पहुँचाई है।1
- भीनमाल में श्री सावलाजी सेवा संस्थान घांची समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को स्थानीय घांची समाज न्याति नोहरा में आयोजित की गई। संस्थान अध्यक्ष बाबूलाल चौहान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और संगठनात्मक विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। संस्थान के सचिव दिनेशकुमार भाटी ने बताया कि बैठक में समाज के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक सम्मान समारोह आयोजित करने पर विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही, युवाओं को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए एक करियर गाइड शिविर आयोजित करने की योजना पर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने समाज के युवाओं को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न करियर विकल्पों के प्रति जागरूक बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिस पर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने पर सहमति बनी। इस बैठक में राजमल चौहान, चुन्नीलाल चौहान, माधवाराम सोलंकी, मोहनलाल भाटी, भंवरलाल चौहान, मेघाराम चौहान, पारसमल चौहान, भीखाराम भाटी, दिनेश चौहान, कलाराम चौहान, मसराराम राठौड़, चतराराम चौहान, डायालाल चौहान, हीरालाल चौहान, थानाराम चौहान, कालुराम परमार, चंपालाल राठौड़, दलपत भाटी, कालुराम बोराणा, जुगराज चौहान, नारायण चौहान, घेवाराम मोदी, गणाराम राठौड़, बाबूलाल भाटी सहित बड़ी संख्या में समाज बंधुओं ने भाग लिया और समाज के विकास व एकजुटता को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रतिभा सम्मान समारोह, करियर गाइड शिविर और समाजहित से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अंतिम निर्णय लेने के लिए 28 जून को समाज की सामान्य सभा (जनरल बैठक) आयोजित की जाएगी। इस सभा में समाज के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया गया है।1
- सिरोही जिले के गोयली गाँव में, कुत्तों के हमले से घायल हुए एक बंदर का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। टीम को जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, सिरोही रेस्क्यू टीम और निरमा फाउंडेशन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने मिलकर घायल बंदर को सुरक्षित बचा लिया।1
- सुमेरपुर, सांडेराव और तखतगढ़ क्षेत्रों में 30 मई शनिवार अलसुबह हुई बारिश के कारण समर्थन मूल्य खरीद केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं भीग गया, जिसके बाद प्रशासन और भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) हरकत में आ गए। इस मामले को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद एफसीआई अजमेर मंडल प्रबंधक राकेश कुमार के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। यह टीम शनिवार शाम करीब 7 बजे तखतगढ़ स्थित खरीद केंद्र पहुंची, जिसमें एफसीआई प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना, प्रबंधक रींकूजी खटूमरा और गोविंदराम गोसाईवाल शामिल थे। अधिकारियों ने बारिश से प्रभावित गेहूं के कट्टों का गहन निरीक्षण किया और बूम्बी का उपयोग कर विभिन्न स्थानों से नमूने एकत्र किए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए संग्रहित किया गया। टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन भी किया। यह उल्लेखनीय है कि जल संसाधन विभाग के डाक बंगले परिसर में संचालित अस्थायी खरीद केंद्र पर गेहूं का समय पर उठाव न होने के कारण बड़ी मात्रा में स्टॉक खुले में पड़ा था। शनिवार सुबह हुई बारिश से कई कट्टे भीग गए, जिससे किसानों और संबंधित एजेंसियों में भारी चिंता बढ़ गई थी। एफसीआई अधिकारियों ने प्रभावित गेहूं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेते हुए एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रबंधक (गुणवत्ता) कालूराम मीना ने बताया कि बारिश से प्रभावित गेहूं के नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण किया जा चुका है और इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। गुणवत्ता निरीक्षक दिलीप गोस्वामी ने भी पुष्टि की कि बारिश के कारण कुछ गेहूं के बैग प्रभावित हुए हैं और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन किया है। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- पाली जिले के सुमेरपुर क्षेत्र में बिरामी गांव के पास 1400 एमएम व्यास की जवाई-पाली जीआरपी पाइपलाइन में लीकेज होने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो गई है। इस सूचना के तुरंत बाद, संबंधित विभाग ने पाइपलाइन के रखरखाव और मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य पूरा होने तक, जवाई पाइपलाइन से जुड़े सभी क्षेत्रों में वैकल्पिक भंडारण और उपलब्ध जल स्रोतों के माध्यम से जलापूर्ति सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, तकनीकी कार्य के चलते संबंधित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति आगामी दो दिनों तक प्रभावित रहने की संभावना है। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे जल का संयमित उपयोग करें और आवश्यकतानुसार पानी का संग्रह करके रखें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नियमित जलापूर्ति बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य को शीघ्र पूरा करने के लिए टीम लगातार सक्रिय रूप से काम कर रही है।2
- कोटा के तलवंडी स्थित आयुर्वेदिक महाविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय साहित्य परिषद के 9वें प्रदेश महाधिवेशन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भारतीय साहित्य, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में साहित्यकारों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहित्य केवल ज्ञान का स्रोत नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र को नई दिशा देने वाली एक सशक्त शक्ति है। बिरला ने भारतीय साहित्य को देश की संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों का मजबूत आधार बताया, साथ ही कहा कि साहित्यकारों और लेखकों ने अपनी लेखनी के माध्यम से विभिन्न कालखंडों में भारतीय संस्कृति को संरक्षित और संवर्धित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। लोकसभा अध्यक्ष ने आगे कहा कि साहित्य राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और आने वाली पीढ़ियों को उनकी जड़ों, संस्कृति और गौरवशाली विरासत से जोड़ता है। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि साहित्य हमारी पहचान और सभ्यता को जीवंत बनाए रखने का एक सशक्त माध्यम है। वर्तमान समय में युवाओं को साहित्य से जुड़ने की आवश्यकता पर जोर देते हुए, बिरला ने कहा कि यह न केवल ज्ञान प्रदान करता है, बल्कि व्यक्ति में संवेदनशीलता, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय साहित्य का अध्ययन कर जीवन के लिए सकारात्मक प्रेरणा प्राप्त करने का आह्वान किया। इस महाधिवेशन में प्रदेशभर से आए साहित्यकारों, शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान भारतीय साहित्य, भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने साहित्य साधकों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।1
- स्थानीय निवासियों ने रात के समय का एक नजारा साझा किया है, जिसमें सड़क लाइटों की अजीब स्थिति दिखाई गई है। जानकारी के अनुसार, दिन के समय ये लाइटें चालू रहती हैं, जबकि रात होते ही ये बंद कर दी जाती हैं, जिससे अंधेरा छा जाता है।1