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उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद नगर के चौक पर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था के लिए एक खुली चुनौती पेश की है।
Harshdeep Mishra
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद नगर के चौक पर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस घटना ने क्षेत्र की कानून व्यवस्था के लिए एक खुली चुनौती पेश की है।
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- हरदोई जिले के नोसाहरा नसौली डामर नामक स्थान से एक व्यक्ति ने मदद की गुहार लगाई है। व्यक्ति ने यह कहते हुए सहायता की विनती की है कि अगर उन्हें मदद मिलती है, तो यह उनकी महान कृपा होगी।1
- आज हरदोई में जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने ईद के त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराया। यह व्यवस्था थाना कोतवाली शहर क्षेत्रान्तर्गत जामा मस्जिद पर सुनिश्चित की गई। इस दौरान, ड्यूटी स्थल पर तैनात संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।1
- हरदोई के शाहाबाद में सीओ ऑफिस के पास कानून-व्यवस्था का एक ऐसा "हाई-वोल्टेज" तमाशा देखने को मिला, जिसने "बॉलीवुड फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया"। हालांकि, असल माजरा क्या है इसकी पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं है, लेकिन पीड़ित परिवार का दावा है कि वे न्याय की उम्मीद में तहरीर देने पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उनके बच्चों से ही बदसलूकी कर डाली। इसके बाद सड़क एक "रणक्षेत्र" में बदल गई, जहां एक नाबालिग लड़की के आगे भागने पर शाहाबाद थाने का एक सिपाही उसके पीछे दौड़ पड़ा। सिपाही को दौड़ता देख बच्चों की एक टोली भी उनके पीछे लग गई। इसी बीच, एक महिला सिपाही स्कूटी से मौके पर पहुंचीं, और उनके पीछे लड़की का "आक्रोशित परिवार" भी आ गया। सड़क पर जमकर हाथापाई की स्थिति बनी, जहां पीड़ित परिवार ने सिपाही पर कपड़े तक फाड़ देने का "संगीन आरोप" लगाया है। खाकी का यह "ऑन-ड्यूटी" ड्रामा अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।2
- बकरीद जैसे संवेदनशील त्योहार पर शाहाबाद के मोहल्ला चौक में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दो पक्षों के बीच अचानक हिंसक विवाद छिड़ गया। देखते ही देखते दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे और बीच बाजार की सड़क एक 'दंगल' का अखाड़ा बन गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि इस घटना से ठीक एक दिन पहले ही, त्योहार को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से इलाके में भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च निकाला गया था। लेकिन अगले ही दिन दबंगों ने खुलेआम बवाल कर पुलिस के खौफ को सीधी चुनौती दे डाली। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर त्योहार के दिन भी सरेआम लाठियां चलेंगी, तो आम जनता खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगी। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच में जुट गई है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। प्रशासन ने दावा किया है कि माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1