दौसा कुंडल सीएससी अस्पताल में डॉक्टरों के बिना मरीजों की हालत खराब अस्पताल से मरीजों के भगवान ही गायब, अब कहां मिलेंगी भगवान की सुविधाए ,नाम मात्र का सीएससी अस्पताल ऐसा ही कुछ नजरा सैंथल उपखंड क्षेत्र के कुंडल सीएससी में देखने को मिला जहां पर कुंडल सीएससी अस्पताल पर चार डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं लेकिन एक भी डॉक्टर अस्पताल में नहीं है और अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह से ध्वस्त होती हुई नजर आ रही है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार ने पीएसी को सीएससी में बढ़ाकर ग्रामीणों को उपखंड व तहसील मुख्यालय पर अस्पतालों में सुविधा दी थी लेकिन वहां पर आज चार डॉक्टरों में से एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं है और इस हालत में गंभीर पेशेंट को या तो जिला अस्पताल दौसा के लिए रेफर करना पड़ रहा है या फिर प्राइवेट डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है इस कुंडल अस्पताल के अंतर्गत सैकड़ो गांवो के मरीज आते हैं लेकिन डॉक्टर नहीं होने के कारण उन्हें बिना इलाज ही दोसा या फिर अपने निजी स्तर पर चिकित्सा सुविधा लेनी पड़ती है गंभीर विषय यह भी है कि जिस अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं तो फिर उसको चलने का मरीज को क्या फायदा है जिम्मेदार अधिकारियों की वजह से डॉक्टर के पद खाली हैं चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं लेकिन इसके बाद भी डॉक्टर नहीं लगाए गए हैं इस संबंध में ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अमित राय ने बताया कि यहां पर पूर्व में चिकित्सक लगे हुए थे लेकिन उनका पीजी में सिलेक्शन होने के बाद यह पद खाली हो गए हैं और यहां पर सैंथल सीएचसी से एक डॉक्टर महेश कुमार शर्मा को लगाया था जो मेडिकल अवकाश पर गए हुए हैं और सरकार से नए डॉक्टर व आदेश आते ही नए डॉक्टर लगा दिए जाएंगे
दौसा कुंडल सीएससी अस्पताल में डॉक्टरों के बिना मरीजों की हालत खराब अस्पताल से मरीजों के भगवान ही गायब, अब कहां मिलेंगी भगवान की सुविधाए ,नाम मात्र का सीएससी अस्पताल ऐसा ही कुछ नजरा सैंथल उपखंड क्षेत्र के कुंडल सीएससी में देखने को मिला जहां पर कुंडल सीएससी अस्पताल पर चार डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं लेकिन एक भी डॉक्टर अस्पताल में नहीं है और अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह से ध्वस्त होती हुई नजर आ रही है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार ने पीएसी को सीएससी में बढ़ाकर ग्रामीणों को उपखंड व तहसील मुख्यालय पर अस्पतालों में सुविधा दी थी लेकिन वहां पर आज चार डॉक्टरों में से एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं है और इस हालत में गंभीर पेशेंट को या तो जिला अस्पताल दौसा के लिए रेफर करना पड़ रहा है या फिर प्राइवेट डॉक्टरों का सहारा लेना पड़ रहा है इस कुंडल अस्पताल के अंतर्गत सैकड़ो गांवो के मरीज आते हैं
लेकिन डॉक्टर नहीं होने के कारण उन्हें बिना इलाज ही दोसा या फिर अपने निजी स्तर पर चिकित्सा सुविधा लेनी पड़ती है गंभीर विषय यह भी है कि जिस अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं तो फिर उसको चलने का मरीज को क्या फायदा है जिम्मेदार अधिकारियों की वजह से डॉक्टर के पद खाली हैं चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं लेकिन इसके बाद भी डॉक्टर नहीं लगाए गए हैं इस संबंध में ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अमित राय ने बताया कि यहां पर पूर्व में चिकित्सक लगे हुए थे लेकिन उनका पीजी में सिलेक्शन होने के बाद यह पद खाली हो गए हैं और यहां पर सैंथल सीएचसी से एक डॉक्टर महेश कुमार शर्मा को लगाया था जो मेडिकल अवकाश पर गए हुए हैं और सरकार से नए डॉक्टर व आदेश आते ही नए डॉक्टर लगा दिए जाएंगे
- आज दौसा जिले के नांगल राजावतान क्षैत्र में बहुत ही तेज़ ओलावृष्टि हुई देखने को मिली। वहां के ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की बर्फबारी तो 20 सालो पहले देखने को मिली थी।1
- बताया जा रहा है कि 4 अप्रैल 2026 शाम को भारी बरसात आने के कारण किसानों का भारी नुकसान हो गया चमकर होला वृष्टि हुई खेतों में पड़ी फसल चौपट हो गई यह खबर अलवर जिला टहल तहसील श्यालूता गांव की बताई जा रही है1
- Post by Yogesh Kumar Gupta1
- 🟥 बड़ी खबर | पचवारा क्षेत्र का काला दिन राजस्थान के पचवारा क्षेत्र में आई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर कहर बरपा दिया है। तेज़ ओलों की मार से तरबूज और सौंफ की फसल पूरी तरह से तबाह हो गई, जिससे खेतों में खड़ी फसल देखते ही देखते बर्बाद हो गई। बताया जा रहा है कि इस प्राकृतिक आपदा से क्षेत्र के किसानों को सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। कई किसानों की सालभर की कमाई एक ही झटके में खत्म हो गई, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। स्थानीय किसानों ने सरकार से तत्काल सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि उन्हें इस भारी नुकसान से राहत मिल सके। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते सहायता नहीं मिली, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। 👉 प्रशासन से जल्द राहत और सहायता की उम्मीद जताई जा रही है। 😓🌾 #पचवारा #ओलावृष्टि #किसान_संकट #राजस्थान_समाचार #मुआवजा4
- चित्तौड़गढ़, 4 अप्रैल जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. मंजू ने शनिवार शाम को सांवलियाजी सामान्य चिकित्सालय तथा महिला एवं बाल चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पीएमओ को अस्पताल परिसर में स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ रखने के सख्त निर्देश दिए तथा गर्मी के मौसम को देखते हुए पानी, हवा एवं फायर सेफ्टी सहित अन्य व्यवस्थाएं सुचारु रखने के लिए कहा। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने आपातकालीन कक्ष, डॉक्टर कक्ष, पर्ची काउंटर, डायलिसिस यूनिट, रामाश्रय सहित विभिन्न वार्डों का अवलोकन किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में विभिन्न स्थानों पर पाई गई गंदगी को गंभीरता से लेते हुए एक सप्ताह के भीतर स्वच्छता व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी भी ली। उन्होंने चिकित्सालय परिसर में पड़े पुराने व अनुपयोगी सामान का नियमानुसार निस्तारण कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही जहां-जहां गंदगी पाई गई है वहां स्वच्छ वातावरण के लिए गमलों में पौधे लगाने के निर्देश भी दिए। महिला एवं बाल चिकित्सालय में निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (SNCU) सहित विभिन्न वार्डों का अवलोकन किया तथा वहां की साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला कलक्टर ने चिकित्सालय परिसर में संचालित अन्नपूर्णा भोजनालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजनालय की साफ-सफाई, राशन भंडारण एवं रसोईघर की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा वहां तैयार की गई सब्जी का स्वाद लेकर गुणवत्ता की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर (भू-अ) रामचंद्र खटीक सहित चिकित्सालय का चिकित्सकीय एवं अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।4
- बिजासन माता मेला (खुर्रा): धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और शौर्य के प्रतीक 'बिजासन माता मेले' का समापन इस वर्ष बेहद गौरवशाली और शांतिपूर्ण ढंग से हुआ। खुर्रा में आयोजित इस मेले ने इस बार एक नया इतिहास रचा है। लाखों की भीड़ होने के बावजूद, प्रशासन की सजगता और आमजन की समझदारी के चलते पूरे मेले के दौरान कोई भी अप्रिय घटना घटित नहीं हुई। सुरक्षा का अनूठा उदाहरण: बिना डंडे के पूरी हुई ड्यूटी इस मेले की सबसे बड़ी उपलब्धि सुरक्षा व्यवस्था रही। मात्र 280 पुलिसकर्मियों के बंदोबस्त में लाखों श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। पुलिस की सतर्कता का आलम यह था कि चोरी, छीना-झपटी या असामाजिक तत्वों की एक भी शिकायत सामने नहीं आई। डीडवाना (नागौर) से आए एक आरएसी (RAC) जवान ने अपने 25 साल के अनुभव को साझा करते हुए कहा: "मैंने अपने कार्यकाल में खाटू श्याम जी सहित कई बड़े मेलों में ड्यूटी की है, लेकिन यह पहला ऐसा मेला था जहाँ हमें हाथ में डंडा तक नहीं उठाना पड़ा। जनता के सहयोग और प्रशासन के सामंजस्य से हमने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी ड्यूटी निभाई।" कुश्ती दंगल: अखाड़े में दिखा शौर्य, बराबरी पर छूटे मुकाबले मेले के अंतिम दिन आयोजित विशाल 'कुश्ती दंगल' आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। इसमें उत्तर प्रदेश, भरतपुर, कोटा, करौली और आसपास के क्षेत्रों से आए दर्जनों नामी पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया। रोमांचक मुकाबला: 4100 रुपये के इनाम वाली कुश्ती इतनी रोमांचक रही कि पंचायत प्रशासन को इसे 7 बार आयोजित करवाना पड़ा, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। अंत में दोनों पहलवान बराबर रहे। बड़ी कुश्ती: 11,000 रुपये की इनामी कुश्ती में भी पहलवानों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली और मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ। सरपंच के कार्यकाल का 5वां सफल आयोजन ग्राम पंचायत किशोरपुरा द्वारा गठित कमेटी और सरपंच हरिओम मीणा के नेतृत्व में यह आयोजन ऐतिहासिक रहा। यह उनके कार्यकाल का लगातार पाँचवाँ सफल मेला है। समापन के अवसर पर मडावरी थाना प्रभारी और सरपंच ने सभी पहलवानों का साफा पहनाकर सम्मान किया। साथ ही, एसपी सागर राणा के कुशल मार्गदर्शन और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया गया। ग्राउंड रिपोर्ट: खेमराज जोशी शुरू न्यूज (खुर्रा)3
- Post by Raj.JANTA SEVA-84 NEWS1
- Post by Yogesh Kumar Gupta4