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सोनभद्र के दुद्धी स्थित बघाडू वन रेंज में वन विभाग के अधिकारियों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल उठ खड़े हुए हैं। ग्राम तुर्रीडीह निवासी शिवलाल गोंड सहित कई ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम के नेतृत्व में प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) रेणुकूट को लिखित शिकायत सौंपकर रेंजर और वन दरोगा के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि शिवलाल गोंड अपनी भूमिधरी भूमि पर निर्माण कार्य करा रहे थे, तभी बघाडू रेंज के वन दरोगा लवलेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर इसे वन विभाग की जमीन बताते हुए काम रुकवा दिया। आरोप है कि उनसे कार्रवाई और मुकदमे के डर से ₹80 हजार की मांग की गई, जिसमें से शिवलाल ने आर्थिक तंगी के बावजूद जमीन रेहन रखकर ₹40 हजार दिए, लेकिन उत्पीड़न जारी रहा। ग्रामीणों ने एक अन्य घटना भी बताई, जिसमें लगभग एक माह पूर्व नंदू राम नामक व्यक्ति को रेंज कार्यालय में रोककर एक लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि उनकी पत्नी शारदा देवी ने किसी तरह ₹40 हजार की व्यवस्था कर अधिकारियों को दिए, तब जाकर उन्हें छोड़ा गया। इन घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम ने ग्रामीणों, प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ डीएफओ कार्यालय पहुंचकर पूरे प्रकरण की शिकायत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि गरीबों और आदिवासियों का इसी प्रकार शोषण होता रहा, तो जनता का प्रशासन पर विश्वास कमजोर होगा। सूत्रों के अनुसार, डीएफओ रेणुकूट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तलब किया है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ताओं से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू हो गई है। जुबेर आलम ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि पीड़ितों से ली गई धनराशि तत्काल वापस कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर एक व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज है, और ग्रामीण विभागीय जांच के परिणामों का इंतजार कर रहे हैं, उम्मीद है कि सच सामने आएगा और दोषियों पर उचित कार्रवाई होगी।

4 days ago
user_Nitesh Kumar
Nitesh Kumar
Mandi Agent Mahuli•
4 days ago

सोनभद्र के दुद्धी स्थित बघाडू वन रेंज में वन विभाग के अधिकारियों पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल उठ खड़े हुए हैं। ग्राम तुर्रीडीह निवासी शिवलाल गोंड सहित कई ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम के नेतृत्व में प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) रेणुकूट को लिखित शिकायत सौंपकर रेंजर और वन दरोगा के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि शिवलाल गोंड अपनी भूमिधरी भूमि पर निर्माण कार्य करा रहे थे, तभी बघाडू रेंज के वन दरोगा लवलेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर इसे वन विभाग की जमीन बताते हुए काम रुकवा दिया। आरोप है कि उनसे कार्रवाई और मुकदमे के डर से ₹80 हजार की मांग की गई, जिसमें से शिवलाल ने आर्थिक तंगी के बावजूद जमीन रेहन रखकर ₹40 हजार दिए, लेकिन उत्पीड़न जारी रहा। ग्रामीणों ने एक अन्य घटना भी बताई, जिसमें लगभग एक माह पूर्व नंदू राम नामक व्यक्ति को रेंज कार्यालय में रोककर एक लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि उनकी पत्नी शारदा देवी ने किसी तरह ₹40 हजार की व्यवस्था कर अधिकारियों को दिए, तब जाकर उन्हें छोड़ा गया।

इन घटनाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला पंचायत सदस्य जुबेर आलम ने ग्रामीणों, प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ डीएफओ कार्यालय पहुंचकर पूरे प्रकरण की शिकायत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि गरीबों और आदिवासियों का इसी प्रकार शोषण होता रहा, तो जनता का प्रशासन पर विश्वास कमजोर होगा। सूत्रों के अनुसार, डीएफओ रेणुकूट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तलब किया है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायतकर्ताओं से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू हो गई है। जुबेर आलम ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि पीड़ितों से ली गई धनराशि तत्काल वापस कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर एक व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा तेज है, और ग्रामीण विभागीय जांच के परिणामों का इंतजार कर रहे हैं, उम्मीद है कि सच सामने आएगा और दोषियों पर उचित कार्रवाई होगी।

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  • मूल पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों सारी शर्तें केवल जनता के लिए ही होती हैं। इसमें कहा गया है कि यह भाजपा का राज है और सब कुछ जनता का ही है।
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    मूल पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि आखिर क्यों सारी शर्तें केवल जनता के लिए ही होती हैं। इसमें कहा गया है कि यह भाजपा का राज है और सब कुछ जनता का ही है।
    user_Pappu singh
    Pappu singh
    ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सोनभद्र में इंडियन बैंक की सलखन-चोपन शाखा में ग्राहकों ने शाखा प्रबंधक के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्राहकों ने प्रबंधक पर अभद्र व्यवहार करने और बैंकिंग कार्यों में गंभीर अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य शिकायतों में केवाईसी (KYC) प्रक्रिया से संबंधित मुद्दे भी शामिल हैं। ग्राहकों ने उच्च अधिकारियों से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने और जिम्मेदार व्यक्ति पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। ग्राहकों का कहना है कि बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता और सम्मान अत्यंत आवश्यक है, और यदि उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करने की चेतावनी दी है।
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    सोनभद्र में इंडियन बैंक की सलखन-चोपन शाखा में ग्राहकों ने शाखा प्रबंधक के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्राहकों ने प्रबंधक पर अभद्र व्यवहार करने और बैंकिंग कार्यों में गंभीर अनियमितताएं बरतने का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य शिकायतों में केवाईसी (KYC) प्रक्रिया से संबंधित मुद्दे भी शामिल हैं।

ग्राहकों ने उच्च अधिकारियों से इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने और जिम्मेदार व्यक्ति पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। ग्राहकों का कहना है कि बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता और सम्मान अत्यंत आवश्यक है, और यदि उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करने की चेतावनी दी है।
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • गढ़वा जिले के कल्याणपुर में स्थित एक चिकित्सा केंद्र सभी बीमारियों के इलाज का दावा करता है, जिसके चलते यह अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस केंद्र पर दूर-दूर से मरीज अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहाँ मरीजों को बेहतर परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
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    गढ़वा जिले के कल्याणपुर में स्थित एक चिकित्सा केंद्र सभी बीमारियों के इलाज का दावा करता है, जिसके चलते यह अपनी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस केंद्र पर दूर-दूर से मरीज अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, यहाँ मरीजों को बेहतर परामर्श और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • सूरजपुर जिले के रामपुर क्षेत्र में रेवटी चौकी के अंतर्गत सतीश पटेल और गगन देवांगन नामक दो व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि इन्होंने दो युवकों के साथ जबरदस्ती मारपीट की और उनसे ₹30,000 लूट लिए। बताया गया है कि युवकों के मना करने पर उन्हें लाठी और डंडों से खूब पीटा गया, और इस पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया गया। घटना के समय मौके पर 10 से ज़्यादा लोग मौजूद थे। आरोप है कि रामपुर में ठगी और लूटपाट का कार्य चल रहा है, जहां गरीबों को जबरदस्ती फंसाकर उनसे वसूली की जाती है और गांव में अनैतिक कार्य भी चलाए जा रहे हैं। इस बड़ी ख़बर के सामने आने के बाद रेवटी चौकी के अंतर्गत चलने वाले इन कामों को रोकने और मारपीट के शिकार हुए लड़कों को इंसाफ दिलाने में सहयोग की मांग की गई है।
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    सूरजपुर जिले के रामपुर क्षेत्र में रेवटी चौकी के अंतर्गत सतीश पटेल और गगन देवांगन नामक दो व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि इन्होंने दो युवकों के साथ जबरदस्ती मारपीट की और उनसे ₹30,000 लूट लिए। बताया गया है कि युवकों के मना करने पर उन्हें लाठी और डंडों से खूब पीटा गया, और इस पूरी वारदात का वीडियो भी बनाया गया। घटना के समय मौके पर 10 से ज़्यादा लोग मौजूद थे।

आरोप है कि रामपुर में ठगी और लूटपाट का कार्य चल रहा है, जहां गरीबों को जबरदस्ती फंसाकर उनसे वसूली की जाती है और गांव में अनैतिक कार्य भी चलाए जा रहे हैं। इस बड़ी ख़बर के सामने आने के बाद रेवटी चौकी के अंतर्गत चलने वाले इन कामों को रोकने और मारपीट के शिकार हुए लड़कों को इंसाफ दिलाने में सहयोग की मांग की गई है।
    user_जनता की ख़बर
    जनता की ख़बर
    Local News Reporter वाड्रफनगर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • ज्ञान बिंदु कोचिंग (Gyan Bindu GS Academy) के संचालक रौशन आनंद का मर्डर नहीं हुआ है; बल्कि उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। प्रिंस यादव, जो कि पहले खान सर के कोचिंग (Khan Global Studies) विवाद में आरोपी थे, की नेपाल के एक होटल में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हुई है। जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद, ज्ञान बिंदु के निदेशक रौशन आनंद ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि उनके भाई की हत्या एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी। उन्होंने खुले तौर पर खान सर (Faisal Khan) और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आरएस प्रसाद पर अपने भाई की हत्या का आरोप लगाया है। नेपाल पुलिस ने अभी तक प्रिंस की मौत के कारणों की पुष्टि नहीं की है और वे पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। इस दुखद घटना के बाद, रौशन आनंद पटना में लोगों को संबोधित करते हुए भी देखे गए।
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    ज्ञान बिंदु कोचिंग (Gyan Bindu GS Academy) के संचालक रौशन आनंद का मर्डर नहीं हुआ है; बल्कि उनके छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। प्रिंस यादव, जो कि पहले खान सर के कोचिंग (Khan Global Studies) विवाद में आरोपी थे, की नेपाल के एक होटल में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हुई है।

जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद, ज्ञान बिंदु के निदेशक रौशन आनंद ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि उनके भाई की हत्या एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी। उन्होंने खुले तौर पर खान सर (Faisal Khan) और किसान कोल्ड स्टोरेज के मालिक आरएस प्रसाद पर अपने भाई की हत्या का आरोप लगाया है।

नेपाल पुलिस ने अभी तक प्रिंस की मौत के कारणों की पुष्टि नहीं की है और वे पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। इस दुखद घटना के बाद, रौशन आनंद पटना में लोगों को संबोधित करते हुए भी देखे गए।
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    6 hrs ago
  • जनपद सोनभद्र में जिला पंचायत अध्यक्ष का वाहन अचानक सड़क पर बने एक गड्ढे में फंस गया। इस घटना के बाद, मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहन को गड्ढे से बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत की। अथक प्रयासों के बाद, गाड़ी को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा, हालांकि किसी भी प्रकार की जनहानि या वाहन को गंभीर क्षति होने की कोई सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों ने सड़क की खराब स्थिति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है।
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    जनपद सोनभद्र में जिला पंचायत अध्यक्ष का वाहन अचानक सड़क पर बने एक गड्ढे में फंस गया। इस घटना के बाद, मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाहन को गड्ढे से बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत की। अथक प्रयासों के बाद, गाड़ी को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया।

इस घटना के कारण कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा, हालांकि किसी भी प्रकार की जनहानि या वाहन को गंभीर क्षति होने की कोई सूचना नहीं है। स्थानीय लोगों ने सड़क की खराब स्थिति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की है।
    user_Bharat kumar bharat
    Bharat kumar bharat
    पत्रकार Robertsganj, Sonbhadra•
    6 hrs ago
  • एक वीडियो के माध्यम से यह सवाल उठाया गया है कि क्या राहुल गांधी के किसी आंदोलन को रोकने की कथित साज़िश रची जा रही है। इस घटनाक्रम के तहत छात्रों को धमकी दिए जाने की बात सामने आई है, और यह भी कहा गया है कि बिरला ने इसमें अपनी ताकत झोंक दी है। यह पूरा मामला राहुल गांधी, भाजपा, प्रधानमंत्री मोदी, कांग्रेस और छात्रों से जुड़े एक बड़े राजनीतिक विवाद की ओर संकेत करता है।
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    एक वीडियो के माध्यम से यह सवाल उठाया गया है कि क्या राहुल गांधी के किसी आंदोलन को रोकने की कथित साज़िश रची जा रही है। इस घटनाक्रम के तहत छात्रों को धमकी दिए जाने की बात सामने आई है, और यह भी कहा गया है कि बिरला ने इसमें अपनी ताकत झोंक दी है। यह पूरा मामला राहुल गांधी, भाजपा, प्रधानमंत्री मोदी, कांग्रेस और छात्रों से जुड़े एक बड़े राजनीतिक विवाद की ओर संकेत करता है।
    user_Pappu singh
    Pappu singh
    ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • गढ़वा के चर्चित समाजसेवी विकास माली का गया स्थित कार्यालय इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि इस कार्यालय से विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जाता है। कार्यालय की व्यवस्था और उसकी कार्यशैली को देखकर लोग काफी प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहीं से कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रभावी ढंग से निगरानी की जाती है। यह कार्यालय अपनी खासियत और कामकाज के तरीके के कारण लोगों के बीच लोकप्रियता बटोर रहा है।
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    गढ़वा के चर्चित समाजसेवी विकास माली का गया स्थित कार्यालय इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जाता है कि इस कार्यालय से विभिन्न सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जाता है। कार्यालय की व्यवस्था और उसकी कार्यशैली को देखकर लोग काफी प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहीं से कई महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रभावी ढंग से निगरानी की जाती है। यह कार्यालय अपनी खासियत और कामकाज के तरीके के कारण लोगों के बीच लोकप्रियता बटोर रहा है।
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • झारखंड के गढ़वा जिले के लिए यह गौरव और खुशी की बात है कि स्थानीय फिल्म "लॉकडाउन के गोद में" को प्रतिष्ठित चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है। इस उपलब्धि से जिले के फिल्म प्रेमियों, कलाकारों और युवाओं में उत्साह का माहौल है। यह फिल्म लॉकडाउन काल की संवेदनशील परिस्थितियों और आम लोगों के संघर्ष की कहानी को बेहद मार्मिक तरीके से प्रस्तुत करती है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे महज 20 वर्षीय युवा फिल्मकार विजय हिंद ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद मोबाइल फोन से शूट किया। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी (डीओपी) में नीरज कुमार, रवि रंजन और रमेश बाबू का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जबकि अजय बाबू समेत पूरी टीम ने निर्माण कार्य में अहम भूमिका निभाई। इस फिल्म का निर्माण गढ़वा के वरिष्ठ फिल्म निर्माता दयाशंकर गुप्ता द्वारा किया गया है। निर्माता दयाशंकर गुप्ता ने इस चयन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे झारखंड से आई सैकड़ों फिल्मों के बीच गढ़वा की फिल्म का चुना जाना जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गढ़वा में फिल्म निर्माण के लिए आधुनिक संसाधनों और सुविधाओं की कमी के बावजूद, यहां के युवा कलाकार अपनी प्रतिभा, मेहनत और जुनून से लगातार नई पहचान बना रहे हैं, जिसका उदाहरण विजय हिंद जैसे युवा फिल्मकार हैं जो दर्शाते हैं कि लगन और समर्पण से सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। "लॉकडाउन के गोद में" ने अपने प्रदर्शन के दौरान दर्शकों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की थी और लॉकडाउन के दौरान आम लोगों की पीड़ा, संघर्ष व भावनात्मक पहलुओं को दर्शाने वाली इस फिल्म को एक प्रमुख न्यूज चैनल पर लगभग 20 लाख दर्शकों ने देखा था, जिसकी कहानी और प्रस्तुति को खूब सराहा गया। जानकारी के अनुसार, यह फिल्म 26 जून से 28 जून तक रांची स्थित सरला बिरला यूनिवर्सिटी में आयोजित चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित की जाएगी। इस आयोजन में बॉलीवुड के कई प्रसिद्ध कलाकार, लेखक, निर्देशक और निर्माता शामिल होंगे, और ऐसे मंच पर गढ़वा की फिल्म का प्रदर्शन जिले के लिए सम्मान की बात मानी जा रही है। फिल्म के चयन की खबर मिलते ही गढ़वा जिले में खुशी का माहौल है, जहां कला एवं संस्कृति से जुड़े लोगों ने इसे स्थानीय प्रतिभाओं की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले के अन्य युवा कलाकारों को भी प्रेरणा देगी और क्षेत्रीय सिनेमा को नई पहचान प्राप्त होगी। वहीं, युवा फिल्मकार विजय हिंद की हालिया फिल्म "हॉस्पिटल" भी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, जो दर्द, संघर्ष और रोमांच से भरपूर है। इसमें विजय हिंद मुख्य भूमिका में हैं, जबकि अभिनेत्री रौनक तिवारी ने अपने प्रभावशाली अभिनय से कहानी को मजबूत बनाया है। निर्माता दयाशंकर गुप्ता ने "हॉस्पिटल" के अंतिम क्लाइमैक्स की विशेष प्रशंसा की है, जिसे वे दर्शकों के मन पर गहरी छाप छोड़ने वाला मानते हैं। विजय हिंद ने दर्शकों के प्यार, स्नेह और आशीर्वाद को बेहतर फिल्में बनाने की प्रेरणा बताया है, यह कहते हुए कि उनका सपना है कि गढ़वा की फिल्मों को राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पहचान मिले। गढ़वा की इस उपलब्धि को क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। फिल्म प्रेमियों का मानना है कि स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा और समर्पण आने वाले समय में गढ़वा को झारखंड के महत्वपूर्ण फिल्म केंद्रों में शामिल कर सकता है, और "लॉकडाउन के गोद में" का चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल में चयन जिले की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बन गया है।
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    झारखंड के गढ़वा जिले के लिए यह गौरव और खुशी की बात है कि स्थानीय फिल्म "लॉकडाउन के गोद में" को प्रतिष्ठित चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है। इस उपलब्धि से जिले के फिल्म प्रेमियों, कलाकारों और युवाओं में उत्साह का माहौल है। यह फिल्म लॉकडाउन काल की संवेदनशील परिस्थितियों और आम लोगों के संघर्ष की कहानी को बेहद मार्मिक तरीके से प्रस्तुत करती है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे महज 20 वर्षीय युवा फिल्मकार विजय हिंद ने अपने सीमित संसाधनों के बावजूद मोबाइल फोन से शूट किया। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी (डीओपी) में नीरज कुमार, रवि रंजन और रमेश बाबू का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जबकि अजय बाबू समेत पूरी टीम ने निर्माण कार्य में अहम भूमिका निभाई। इस फिल्म का निर्माण गढ़वा के वरिष्ठ फिल्म निर्माता दयाशंकर गुप्ता द्वारा किया गया है।

निर्माता दयाशंकर गुप्ता ने इस चयन पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे झारखंड से आई सैकड़ों फिल्मों के बीच गढ़वा की फिल्म का चुना जाना जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गढ़वा में फिल्म निर्माण के लिए आधुनिक संसाधनों और सुविधाओं की कमी के बावजूद, यहां के युवा कलाकार अपनी प्रतिभा, मेहनत और जुनून से लगातार नई पहचान बना रहे हैं, जिसका उदाहरण विजय हिंद जैसे युवा फिल्मकार हैं जो दर्शाते हैं कि लगन और समर्पण से सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। "लॉकडाउन के गोद में" ने अपने प्रदर्शन के दौरान दर्शकों के बीच काफी लोकप्रियता हासिल की थी और लॉकडाउन के दौरान आम लोगों की पीड़ा, संघर्ष व भावनात्मक पहलुओं को दर्शाने वाली इस फिल्म को एक प्रमुख न्यूज चैनल पर लगभग 20 लाख दर्शकों ने देखा था, जिसकी कहानी और प्रस्तुति को खूब सराहा गया।

जानकारी के अनुसार, यह फिल्म 26 जून से 28 जून तक रांची स्थित सरला बिरला यूनिवर्सिटी में आयोजित चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित की जाएगी। इस आयोजन में बॉलीवुड के कई प्रसिद्ध कलाकार, लेखक, निर्देशक और निर्माता शामिल होंगे, और ऐसे मंच पर गढ़वा की फिल्म का प्रदर्शन जिले के लिए सम्मान की बात मानी जा रही है। फिल्म के चयन की खबर मिलते ही गढ़वा जिले में खुशी का माहौल है, जहां कला एवं संस्कृति से जुड़े लोगों ने इसे स्थानीय प्रतिभाओं की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले के अन्य युवा कलाकारों को भी प्रेरणा देगी और क्षेत्रीय सिनेमा को नई पहचान प्राप्त होगी। वहीं, युवा फिल्मकार विजय हिंद की हालिया फिल्म "हॉस्पिटल" भी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, जो दर्द, संघर्ष और रोमांच से भरपूर है। इसमें विजय हिंद मुख्य भूमिका में हैं, जबकि अभिनेत्री रौनक तिवारी ने अपने प्रभावशाली अभिनय से कहानी को मजबूत बनाया है। निर्माता दयाशंकर गुप्ता ने "हॉस्पिटल" के अंतिम क्लाइमैक्स की विशेष प्रशंसा की है, जिसे वे दर्शकों के मन पर गहरी छाप छोड़ने वाला मानते हैं। विजय हिंद ने दर्शकों के प्यार, स्नेह और आशीर्वाद को बेहतर फिल्में बनाने की प्रेरणा बताया है, यह कहते हुए कि उनका सपना है कि गढ़वा की फिल्मों को राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पहचान मिले।

गढ़वा की इस उपलब्धि को क्षेत्रीय सिनेमा के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। फिल्म प्रेमियों का मानना है कि स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा और समर्पण आने वाले समय में गढ़वा को झारखंड के महत्वपूर्ण फिल्म केंद्रों में शामिल कर सकता है, और "लॉकडाउन के गोद में" का चित्रपट झारखंड फिल्म फेस्टिवल में चयन जिले की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बन गया है।
    user_SAMACHAR TV GLOBAL
    SAMACHAR TV GLOBAL
    गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    15 hrs ago
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