जीरो एक्सीडेंट संस्कृति को मिलेगा और बल: एमपी ट्रांसको के नव नियुक्त अभियंताओं ने ली कार्यस्थल सुरक्षा की शपथ मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) प्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में कंपनी ने अपने नव नियुक्त जूनियर इंजीनियरों के लिए राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (एनपीटीआई), बदरपुर (नई दिल्ली) में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कार्यस्थल सुरक्षा पर केंद्रित विशेष शपथ ग्रहण सत्र आयोजित किया। इस अवसर पर प्रशिक्षु अभियंताओं ने अपने संपूर्ण सेवाकाल में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। एमपी ट्रांसको द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि अभियंताओं को आधुनिक विद्युत पारेषण प्रणाली की कार्यशैली, संचालन की दक्षता, नेतृत्व क्षमता और सुरक्षा संबंधी व्यवहारिक पहलुओं से भी परिचित करा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान ट्रांसमिशन सिस्टम के संचालन एवं अनुरक्षण, ग्रिड प्रबंधन, परियोजना क्रियान्वयन, विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा, नेतृत्व विकास तथा प्रभावी संचार कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम के विशेष सत्र में देश के प्रख्यात पावर इंजीनियर एवं ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ डॉ. राजेश अरोरा ने प्रशिक्षु अभियंताओं को एमपी ट्रांसको की 'जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी' के मूल उद्देश्य और महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विद्युत क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील और जोखिमपूर्ण है, इसलिए तकनीकी दक्षता के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन प्रत्येक अभियंता की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने एक्स्ट्रा हाई टेंशन (ईएचटी) सबस्टेशनों और ट्रांसमिशन लाइनों पर कार्य करते समय निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) के उपयोग तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष जोर दिया। डॉ. अरोरा ने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक सफलता तभी संभव है, जब उसके कर्मचारी सुरक्षित वातावरण में कार्य करें। उन्होंने प्रशिक्षु अभियंताओं से आग्रह किया कि वे सुरक्षा नियमों का स्वयं पालन करने के साथ-साथ अपने सहकर्मियों को भी सुरक्षित कार्य प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करें। उनका कहना था कि दुर्घटना रहित कार्य संस्कृति केवल नियमों से नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी की जागरूकता, अनुशासन और जिम्मेदारी से विकसित होती है। शपथ ग्रहण समारोह में सभी प्रशिक्षु अभियंताओं ने अपने सेवाकाल के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, सभी सुरक्षा नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन करने, जोखिमों की समय रहते पहचान कर उनका निराकरण करने तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार कार्य संस्कृति को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन एवं प्रशासन) श्री धीरेंद्र सिंह ने बताया कि 60 नव नियुक्त जूनियर इंजीनियरों के लिए आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें ट्रांसमिशन क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, आधुनिक परिचालन प्रक्रियाओं और व्यावसायिक दायित्वों से परिचित कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से अभियंताओं में तकनीकी दक्षता के साथ नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित किया जा रहा है, जिससे वे भविष्य में कंपनी की ट्रांसमिशन प्रणाली के सुरक्षित, कुशल एवं निर्बाध संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। एमपी ट्रांसको का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि कंपनी विद्युत पारेषण व्यवस्था में तकनीकी उत्कृष्टता के साथ-साथ सुरक्षा संस्कृति को भी समान महत्व देती है। आधुनिक प्रशिक्षण, व्यवहारिक अनुभव और सुरक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता के माध्यम से तैयार हो रहे ये युवा अभियंता भविष्य में प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
जीरो एक्सीडेंट संस्कृति को मिलेगा और बल: एमपी ट्रांसको के नव नियुक्त अभियंताओं ने ली कार्यस्थल सुरक्षा की शपथ मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) प्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में कंपनी ने अपने नव नियुक्त जूनियर इंजीनियरों के लिए राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (एनपीटीआई), बदरपुर (नई दिल्ली) में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कार्यस्थल सुरक्षा पर केंद्रित विशेष शपथ ग्रहण सत्र आयोजित किया। इस अवसर पर प्रशिक्षु अभियंताओं ने अपने संपूर्ण सेवाकाल में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा सुरक्षित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। एमपी ट्रांसको द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि अभियंताओं को आधुनिक विद्युत पारेषण प्रणाली की कार्यशैली, संचालन की दक्षता, नेतृत्व क्षमता और सुरक्षा संबंधी व्यवहारिक पहलुओं से भी परिचित करा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान ट्रांसमिशन सिस्टम के संचालन एवं अनुरक्षण, ग्रिड प्रबंधन, परियोजना क्रियान्वयन, विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा, नेतृत्व विकास तथा प्रभावी संचार कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम के विशेष सत्र में देश के प्रख्यात पावर इंजीनियर एवं ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ डॉ. राजेश अरोरा ने प्रशिक्षु अभियंताओं को एमपी ट्रांसको की 'जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी' के मूल उद्देश्य और महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि विद्युत क्षेत्र अत्यंत संवेदनशील और जोखिमपूर्ण है, इसलिए तकनीकी दक्षता के साथ-साथ सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन प्रत्येक अभियंता की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने एक्स्ट्रा हाई टेंशन (ईएचटी) सबस्टेशनों और ट्रांसमिशन लाइनों पर कार्य करते समय निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) के उपयोग तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष जोर दिया। डॉ. अरोरा ने कहा कि किसी भी संगठन की वास्तविक सफलता तभी संभव है, जब उसके कर्मचारी सुरक्षित वातावरण में कार्य करें। उन्होंने प्रशिक्षु अभियंताओं से आग्रह किया कि वे सुरक्षा नियमों का स्वयं पालन करने के साथ-साथ अपने सहकर्मियों को भी सुरक्षित कार्य प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करें। उनका कहना था कि दुर्घटना रहित कार्य संस्कृति केवल नियमों से नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी की जागरूकता, अनुशासन और जिम्मेदारी से विकसित होती है। शपथ ग्रहण समारोह में सभी प्रशिक्षु अभियंताओं ने अपने सेवाकाल के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, सभी सुरक्षा नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन करने, जोखिमों की समय रहते पहचान कर उनका निराकरण करने तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार कार्य संस्कृति को सुदृढ़ बनाने का संकल्प लिया। एमपी ट्रांसको के मुख्य अभियंता (मानव संसाधन एवं प्रशासन) श्री धीरेंद्र सिंह ने बताया कि 60 नव नियुक्त जूनियर इंजीनियरों के लिए आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें ट्रांसमिशन क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, आधुनिक परिचालन प्रक्रियाओं और व्यावसायिक दायित्वों से परिचित कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से अभियंताओं में तकनीकी दक्षता के साथ नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और सुरक्षा के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित किया जा रहा है, जिससे वे भविष्य में कंपनी की ट्रांसमिशन प्रणाली के सुरक्षित, कुशल एवं निर्बाध संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। एमपी ट्रांसको का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि कंपनी विद्युत पारेषण व्यवस्था में तकनीकी उत्कृष्टता के साथ-साथ सुरक्षा संस्कृति को भी समान महत्व देती है। आधुनिक प्रशिक्षण, व्यवहारिक अनुभव और सुरक्षा के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता के माध्यम से तैयार हो रहे ये युवा अभियंता भविष्य में प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
- मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के हरसूद में स्थित स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान करने वाला एक प्रमुख संस्थान है। [1, 2] मुख्य विशेषताएं नामकरण और स्तर: जनभागीदारी समिति की अनुशंसा पर शासकीय महाविद्यालय हरसूद का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय किया गया है। [1] वार्षिक गतिविधियां: महाविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ भव्य वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया जाता है, जिसमें छात्र-छात्राएं उत्साह से भाग लेते हैं। [1] प्रोत्साहन: शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों व शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है तथा नकद पुरस्कारों से प्रोत्साहित किया जाता है। [1] क्षेत्रीय विकास: यह संस्थान हरसूद क्षेत्र के युवाओं में शिक्षा और प्रतिभा को निखारने का कार्य कर रहा है। [1] मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के हरसूद में स्थित स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान करने वाला एक प्रमुख संस्थान है। [1, 2] मुख्य विशेषताएं नामकरण और स्तर: जनभागीदारी समिति की अनुशंसा पर शासकीय महाविद्यालय हरसूद का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय किया गया है। [1] वार्षिक गतिविधियां: महाविद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलकूद प्रतियोगिताओं के साथ भव्य वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया जाता है, जिसमें छात्र-छात्राएं उत्साह से भाग लेते हैं। [1] प्रोत्साहन: शैक्षणिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों व शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है तथा नकद पुरस्कारों से प्रोत्साहित किया जाता है। [1] क्षेत्रीय विकास: यह संस्थान हरसूद क्षेत्र के युवाओं में शिक्षा और प्रतिभा को निखारने का कार्य कर रहा है। [1]1
- खालवा विकासखंड के ग्राम मेहलू में जल संकट,ग्रामीण महिलाएं बावड़ी से पानी लाने को मजबूर, इसे सिस्टम की लापरवाही कहे या शासन प्रशासन की अनदेखी *खालवा के महेलू गांव में पेयजल का संकट, 500 मीटर दूर से ला रहीं महिलाएं पानी* बारिश में भी प्यासा महेलू, बावड़ी का सहारा *आदिवासी क्षेत्र महेलू में पीने के पानी का अकाल* रिपोर्ट रामचंद्र कासडे खंडवा *खंडवा।* आदिवासी अंचल खालवा अंतर्गत आदिवासी क्षेत्र ग्राम पंचायत महेलू के ग्राम महेलू में बारिश का मौसम होने के बावजूद पीने के पानी का गंभीर संकट बना हुआ है। गांव में नल-जल योजना और हैंडपंप फेल होने से ग्रामीणों को पीने का पानी नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में गांव की महिलाएं रोजाना 500 मीटर दूर स्थित एक छोटी सी बावड़ी से सिर पर मटकी रखकर पानी भरकर ला रही हैं। इसी सीमित पानी से परिवार की पीने की जरूरत पूरी की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी प्रशासन द्वारा पानी की समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया गया है। बरसात के दिनों में भी गांव में टैंकर नहीं पहुंच रहा है। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में तत्काल पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और स्थाई समाधान के लिए बोरवेल/नलजल योजना को दुरुस्त किया जाए।1
- पुनासा/मुंदी भोगावा में खेतों में जलभराव का विधायक नारायण पटेल ने किया निरीक्षण मांधाता विधायक नारायण पटेल ने शुक्रवार को ग्राम भोगावा में किसानों के खेतों में जलभराव की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित खेतों का जायजा लेते हुए किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं। निरीक्षण के दौरान विधायक ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल निकासी की समुचित व्यवस्था कर खेतों में भरे पानी को शीघ्र निकालने तथा समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए कहा। विधायक नारायण पटेल ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा या फसल क्षति का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ग्रामीणों एवं किसानों ने विधायक द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए जाने पर संतोष व्यक्त किया।1
- *दैनिक आल न्यूज़ टाइम्स भोपाल और खंडवा से प्रकाशन & ANT चैनल और अखबार की एजेंसी क़े लिए अभी संपर्क करे 9424550560*✍️ आप देख रहे हैं ANT आल इंडिया न्यूज़ नेटवर्क और मैं हूँ एंकर हर्षिता। आपके साथ रुख करते हैं आज की अहम खबरों की ओर।संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया। सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर संसद परिसर पहुंचे और हाथ में दानपात्र लेकर बैठ गए। कुछ देर बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी वहां पहुंचे। राहुल गांधी ने पप्पू यादव का अभिवादन किया और प्रतीकात्मक रूप से दानपात्र में दान देकर विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। इस प्रदर्शन का उद्देश्य राजनीतिक मुद्दों को प्रतीकात्मक ढंग से उठाना बताया गया। घटना के दौरान मौजूद सांसदों और मीडिया का ध्यान इस अनोखे विरोध की ओर आकर्षित हुआ। प्रदर्शन के बाद इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने इसे विपक्ष का रचनात्मक विरोध बताया, जबकि कुछ ने इसे केवल राजनीतिक नाटक करार दिया। वहीं सोशल मीडिया पर "संसद में विपक्ष ने चंदा चोरी का नाट्य रूपांतरण", "श्रद्धालु बने राहुल गांधी, पुजारी बने पप्पू यादव" जैसी व्यंग्यात्मक टिप्पणियां भी वायरल हो रही हैं। हालांकि ये टिप्पणियां सोशल मीडिया पर व्यक्त विचार हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इस प्रदर्शन को लेकर बयान बाजी भी तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद के भीतर विरोध प्रदर्शन के नए तरीके आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल इस घटनाक्रम की चर्चा संसद से लेकर सोशल मीडिया तक जारी है।ANT आल इंडिया न्यूज़ नेटवर्क।क़े लिए गोविन्द सिंह ठाकुर क़े साथ एडिटर इन चीफ मसूद जावेद क़ादरी की रिपोर्ट। चैनल को सब्सक्राइब, लाइक, शेयर और कमेंट ज़रूर कीजिए। अपना ख्याल रखें। आदाब, नमस्ते।1
- #खासखबर प्रमोदजैन# वीडियो बुलेटिन,(दादाजी धूनीवाले मंदिर निर्माण के 7 प्रमुख किरदार??) सोशल एवं प्रिंट मीडिया पर।1
- 6 sites खंडवा जिले में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए बच्चों और युवाओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट पर है। लगातार मूसलाधार बारिश के चलते हाल ही में जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान भी किया था। [1, 2] शहर और ग्रामीण इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई जगहों पर जलभराव और टापू जैसी स्थिति बन गई है। [1, 2] खंडवा के लिए जरूरी सुरक्षा नियम पिकनिक स्थलों और जलाशयों से दूरी: खंडवा के नदी-नालों या सुक्ता डैम जैसे पिकनिक क्षेत्रों की तरफ बिल्कुल न जाएं। हाल ही में वहां टापू पर फंसे लोगों का रेस्क्यू करना पड़ा था। [1, 2] जलभराव वाले रास्तों पर न जाएं: सड़कों पर पानी भरा होने के कारण गड्ढे या खुले नाले दिखाई नहीं देते हैं। युवाओं को पानी से भरे रास्तों पर गाड़ी चलाने या पैदल चलने से रोकें। मौसम के अपडेट पर नजर रखें: मौसम विभाग के अनुसार क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। [1, 2, 3] बच्चों की विशेष देखभाल: छोटे बच्चों को घर के अंदर ही रखें और उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ साफ पानी ही पीने को दें। 6 sites खंडवा जिले में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए बच्चों और युवाओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट पर है। लगातार मूसलाधार बारिश के चलते हाल ही में जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान भी किया था। [1, 2] शहर और ग्रामीण इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं, जिससे कई जगहों पर जलभराव और टापू जैसी स्थिति बन गई है। [1, 2] खंडवा के लिए जरूरी सुरक्षा नियम पिकनिक स्थलों और जलाशयों से दूरी: खंडवा के नदी-नालों या सुक्ता डैम जैसे पिकनिक क्षेत्रों की तरफ बिल्कुल न जाएं। हाल ही में वहां टापू पर फंसे लोगों का रेस्क्यू करना पड़ा था। [1, 2] जलभराव वाले रास्तों पर न जाएं: सड़कों पर पानी भरा होने के कारण गड्ढे या खुले नाले दिखाई नहीं देते हैं। युवाओं को पानी से भरे रास्तों पर गाड़ी चलाने या पैदल चलने से रोकें। मौसम के अपडेट पर नजर रखें: मौसम विभाग के अनुसार क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं। बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। [1, 2, 3] बच्चों की विशेष देखभाल: छोटे बच्चों को घर के अंदर ही रखें और उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ साफ पानी ही पीने को दें।1
- किसान युवकों के साथ हुई लूट की घटना,1 लुटेरी महिला सहित 2 लुटेरे आये पुलिस गिरफ्त में किसान युवकों के साथ हुई लूट की घटना,1 लुटेरी महिला सहित 2 लुटेरे आये पुलिस गिरफ्त में हरदा/टिमरनी- देर रात्रि 2 किसान युवकों के साथ हुई लूट की घटना। पुलिस ने एक महिला सहित दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, एक आरोपी हुआ फरार ,पुलिस कर रही आरोपी की तलाश। मामले की जानकारी देते हुए टिमरनी पुलिस ने बताया कि पुलिस अधीक्षक शंशाक के कुशल मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित मिश्रा एवं एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया के निर्देशन में थाना टिमरनी पुलिस टीम के द्वारा टिमरनी क्षेत्र में लूट की घटना कारित करने वाले आरोपीयो कि गिरफ्तारी करने पर सफलता मिली है। घटना का विवरणः- दिनांक 31/07/26 को फरियादी धीरज पटेल निवासी बहरागांव ने रिपोर्ट किया कि में अपने साले मनीष के साथ वेयर हाउस टिमरनी में मूगं बेचने के लिए अपना ट्रेक्टर ट्राली को लाईन में खडा करके रात लगभग 10-11 बजे अपनी मोटरसायकल से मनीष के साथ गावं वापस जा रहा था जैसे ही हम दोनो नहर के पास सोडलपुर पहुचें । तो वहां रोड किनारे सोडलपुर की उषा बंजारा अपने साथी नरेन्द्र सोलंकी , अजय बंजारा व विजय के साथ शराब पी रही थी। मैं मनीष के साथ मोटरसायकल से वहां से निकला तो उषा व उसके तीनो साथी नरेन्द्र , अजय व विजय ने दौडकर हमारी मोटरसायकल रोक ली औऱ फिर उषा बंजारा व नरेन्द्र सोलंकी नें मेरी जेब से मेरा पर्स जिसमें करीबन 3000 रुपये रखे थे उषा ने छीने लिये व नरेन्द्र ने मेरी जेब में रखा रेडमी कंपनी का -एम 13 मोबाईल भी छीन लिया । मेरा साला मनीष मुझे बचाने लगा तो उषा बंजारा के साथी अजय बंजारा व विजय नायक ने मनीष का पर्स 2000 रुपये व मनीष का रियल मी कंपनी का मोबाईल व मनीष के गले में पहनी हुई सोने की चेन कुल कीमती 2.50 लाख रूपये छीन लिये मैनें और मनीष ने चिल्ला चोट की तो उषा बजारां ने अपने तीनो साथियो के साथ मिलकर लात घुसों से मुझे व मनीष को बहुत मारा जिससे हम दोनो को सिर व शरीर में काफी चोटें आयी है ।किसी राहगीर ने 112 गाडी को फोन लगाकर पुलिस को सूचना दी । पुलिस की गाडी आती देख उषा बंजारा , नरेन्द्र ,अजय व विजय वहां से भाग गये और मेरी मोटरसायकल लूटकर भाग गये रिपोर्ट पर रात्री में थाना टिमरनी में अपराध क्र 440/26 धारा 309(6) बीएनएस पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया । ज्ञात हो कि आरोपी उषा पर पूर्व में भी गम्भीर मामले दर्ज हुए है,युवक की आत्महत्या,ब्लैकमेलिंग के मामले में वह जेल जा चुकी है। पुलिस व्दारा की गई कार्यवाहीः- वरिष्ट अधिकारीयो के निर्देशन में तत्काल अलग अलग टीमे गठित कर आरोपीयो की तलाश हर संभव स्थानो पर की गई । थाना प्रभारी टिमरनी के नेतृत्व में दिनांक 01/08/26 को आरोपी उषा बंजारा उर्फ कैटरीना पति बब्लू बंजारा उम्र 31 साल,अजय बंजारा पिता ज्ञानचन्द्र बंजारा उम्र 23 साल व विजय नायक पिता ज्ञानचन्द्र बंजारा सभी निवासी सोडलपुर को घेरा बंदी कर पकडा गया तीनो आरोपीयो कि पृथक पृथक पूछताछ कर 02 पर्स, नगदी,01 सोने की चेन,मोबाईल दस्तावेज विधिवत जप्त किये गये बाद आरोपीयो को माननीय न्यायालय पेश किया गया । प्रकरण का आरोपी फरार है जिसकी तलाश जारी है *कार्यवाही में सराहनीय भूमिका:* एसडीओपी टिमरनी आकांक्षा तलया थाना प्रभारी मुकेश गौड़, उनि रामविलास करपे , उनि प्रिंयका पाठक ,प्रआर नवीन चौधरी, आर. अर्जुन लोवंशी ,आर.अभिलेष चतुर्वेदी,आर सुनिल,शैलेन्द्र राजपूत,आर पिन्टू उईके,आर अनिता म. सै. मोनिका जाट की रही।2