कोरबा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जिले में किसानों को रासायनिक उर्वरकों की सुचारु एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सहकारी समिति प्रबंधकों और निजी उर्वरक विक्रेताओं की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने खाद के भंडारण और विक्रय संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उर्वरक नियंत्रण आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में बताया गया कि जिले में खरीफ 2026 के लिए रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और किसानों को आवश्यकतानुसार खाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों के भंडारण, परिवहन और विक्रय में किसी भी अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग और जिला स्तरीय उर्वरक नियंत्रण दल द्वारा नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण किए जाएंगे, जिसमें पीओएस मशीन में स्टॉक और वास्तविक भंडार में अंतर, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर विक्रय, बिना लाइसेंस उर्वरक वितरण, अनुदान प्राप्त खाद का दुरुपयोग तथा अनुचित स्थानों पर भंडारण जैसी अनियमितताएं पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी। कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी समिति प्रबंधकों को पंजीकृत किसानों से संपर्क कर उन्हें अग्रिम खाद उठाव के लिए प्रोत्साहित करने और खाद वितरण प्रक्रिया में अपेक्षित गति लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समितियों में उपलब्ध उर्वरकों का शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं मात्रा के अनुसार किसानों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ वितरण किया जाए ताकि वितरण व्यवस्था से संबंधित कोई शिकायत न हो। उन्होंने खाद उठाव एवं वितरण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने का भी निर्देश दिया, इसे सभी संबंधित अधिकारियों और प्रबंधकों की प्राथमिक जिम्मेदारी बताया। खरीफ 2026 के लिए, उन्होंने सीमांत किसानों को पिछले वर्ष वितरित यूरिया की 80 प्रतिशत और डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा एकमुश्त, लघु किसानों को निर्धारित मात्रा में से यूरिया दो किश्तों में तथा बड़े कृषकों को यूरिया तीन किश्तों में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता बनी रहे। साथ ही, समितियों को धान खरीदी वर्ष 2025-26 के लिए पंजीकृत, किसान पुस्तिका और भू-अधिकार पुस्तिका धारक किसानों की यूआरडी सूची से शत-प्रतिशत आधार सीडिंग सुनिश्चित करने और गोदामों में उपलब्ध उर्वरक की जानकारी संबंधित समितियों में प्रदर्शित करने को कहा गया। निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं दुकान संचालकों को भी कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उर्वरकों के विक्रय में शासन द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अवैध जमाखोरी, कालाबाजारी या अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और किसानों को निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक विक्रय करने तथा कृषक पंजी का अनिवार्य रूप से संधारण सुनिश्चित करने को कहा। निजी विक्रेताओं को उर्वरकों के साथ किसी अन्य सामग्री, जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व, रसायन, बीज, कीटनाशक अथवा दवाओं की टैगिंग या दबावपूर्ण बिक्री न करने का निर्देश दिया गया, नियमों के उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस रद्द या निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठानों पर पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक का नियमित मिलान बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया, जिससे वितरण व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे। किसानों की सुविधा और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कलेक्टर श्री दुदावत ने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर का प्रदर्शन सभी सहकारी समितियों और संबंधित संस्थानों में प्रमुखता से किया जाए, ताकि किसानों को आवश्यक जानकारी एवं सहायता समय पर प्राप्त हो सके। इस बैठक में उप संचालक कृषि श्री डी.पी.एस. कंवर, उप पंजीयक सहकारी संस्थान श्री एम. मिंज, डीएमओ श्री ऋतुराज देवांगन, सहायक नोडल सहकारी केंद्रीय बैंक श्री मुकेश कुमार पटेल सहित सभी सहकारी समिति प्रबंधक एवं निजी खाद विक्रेता व अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
कोरबा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने जिले में किसानों को रासायनिक उर्वरकों की सुचारु एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सहकारी समिति प्रबंधकों और निजी उर्वरक विक्रेताओं की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने खाद के भंडारण और विक्रय संबंधी नियमों का कड़ाई से पालन करने तथा किसानों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उर्वरक नियंत्रण आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में बताया गया कि जिले में खरीफ 2026 के लिए रासायनिक उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और किसानों को आवश्यकतानुसार खाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि उर्वरकों के भंडारण, परिवहन और विक्रय में किसी भी अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग और जिला स्तरीय उर्वरक नियंत्रण दल द्वारा नियमित एवं आकस्मिक निरीक्षण किए जाएंगे, जिसमें पीओएस मशीन में स्टॉक और वास्तविक भंडार में अंतर, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर विक्रय, बिना लाइसेंस उर्वरक वितरण, अनुदान प्राप्त खाद का दुरुपयोग तथा अनुचित स्थानों पर भंडारण जैसी अनियमितताएं पाए जाने पर दंडात्मक
कार्रवाई होगी। कलेक्टर श्री दुदावत ने सभी समिति प्रबंधकों को पंजीकृत किसानों से संपर्क कर उन्हें अग्रिम खाद उठाव के लिए प्रोत्साहित करने और खाद वितरण प्रक्रिया में अपेक्षित गति लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समितियों में उपलब्ध उर्वरकों का शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं मात्रा के अनुसार किसानों को पूर्ण पारदर्शिता के साथ वितरण किया जाए ताकि वितरण व्यवस्था से संबंधित कोई शिकायत न हो। उन्होंने खाद उठाव एवं वितरण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने का भी निर्देश दिया, इसे सभी संबंधित अधिकारियों और प्रबंधकों की प्राथमिक जिम्मेदारी बताया। खरीफ 2026 के लिए, उन्होंने सीमांत किसानों को पिछले वर्ष वितरित यूरिया की 80 प्रतिशत और डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा एकमुश्त, लघु किसानों को निर्धारित मात्रा में से यूरिया दो किश्तों में तथा बड़े कृषकों को यूरिया तीन किश्तों में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि खरीफ सीजन में खाद की उपलब्धता बनी रहे। साथ ही, समितियों को धान खरीदी वर्ष 2025-26 के लिए पंजीकृत, किसान पुस्तिका और भू-अधिकार पुस्तिका धारक किसानों की यूआरडी सूची से शत-प्रतिशत आधार सीडिंग सुनिश्चित करने और गोदामों में उपलब्ध उर्वरक की जानकारी संबंधित समितियों में प्रदर्शित करने को कहा गया। निजी उर्वरक विक्रेताओं एवं दुकान संचालकों को भी कलेक्टर श्री दुदावत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उर्वरकों के विक्रय में शासन द्वारा निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अवैध जमाखोरी, कालाबाजारी या अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी और किसानों को निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक विक्रय करने तथा कृषक पंजी का अनिवार्य रूप से संधारण सुनिश्चित करने को कहा। निजी विक्रेताओं को उर्वरकों के साथ किसी अन्य सामग्री, जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व, रसायन, बीज, कीटनाशक अथवा दवाओं की टैगिंग या दबावपूर्ण बिक्री न करने का निर्देश दिया गया, नियमों के उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस रद्द या निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सभी निजी उर्वरक विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठानों पर पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक का नियमित मिलान बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया, जिससे वितरण व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता बनी रहे। किसानों की सुविधा और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कलेक्टर श्री दुदावत ने निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर का प्रदर्शन सभी सहकारी समितियों और संबंधित संस्थानों में प्रमुखता से किया जाए, ताकि किसानों को आवश्यक जानकारी एवं सहायता समय पर प्राप्त हो सके। इस बैठक में उप संचालक कृषि श्री डी.पी.एस. कंवर, उप पंजीयक सहकारी संस्थान श्री एम. मिंज, डीएमओ श्री ऋतुराज देवांगन, सहायक नोडल सहकारी केंद्रीय बैंक श्री मुकेश कुमार पटेल सहित सभी सहकारी समिति प्रबंधक एवं निजी खाद विक्रेता व अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
- टमाटर की उन्नत खेती ने आदिवासी किसानों के जीवन की तस्वीर बदल दी है। इस बदलाव के परिणामस्वरूप उनकी आय में वृद्धि हुई है, जिससे आत्मनिर्भरता का उनका सपना और भी मजबूत हुआ है।1
- Post by बजरंग पटवा1
- छत्तीसगढ़ में बेटी की मौत के एक मामले में, मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मायके वालों का आरोप है कि बेटी की मौत के पीछे ससुराल पक्ष की भूमिका है।1
- ग्राम पंचायत रामपुर के किसान रामकुमार कंवर देशी मुर्गा का पालन कर हजारों रुपए कमा रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला में एक घटना सामने आई है, जहाँ ग्रामीणों ने पौधारोपण के लिए की जा रही 14 एकड़ भूमि के सीमांकन का कड़ा विरोध किया। इस दौरान मौके पर काफी हंगामा हुआ, जिसके चलते प्रशासनिक अधिकारियों को सीमांकन की कार्रवाई रोकनी पड़ी।1
- धर्मजयगढ़ वनमंडल के बोरो वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने देर रात एक जेसीबी मशीन को जब्त किया है। यह कार्रवाई बोरो रेंज के जबगा बीट क्षेत्र में की गई, जहाँ संरक्षित वन (पीएफ) क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में जेसीबी मशीन मिली। जब्त की गई मशीन को धर्मजयगढ़ काष्ठागार में सुरक्षित रखा गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। वन विभाग को बीती रात सूचना मिली थी कि पीएफ क्षेत्र में जेसीबी मशीन के माध्यम से अवैध निर्माण या खुदाई जैसी गतिविधियां चल रही हैं। इस सूचना पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुँचे और जबगा बीट के कक्ष क्रमांक 600 के पीएफ जंगल क्षेत्र में देर रात जेसीबी मशीन को पाया। विभागीय अधिकारियों ने मशीन जब्त कर ली है और अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह जेसीबी जंगल क्षेत्र में किस उद्देश्य से लाई गई थी और क्या वहां कोई अवैध गतिविधि संचालित की जा रही थी। यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि धर्मजयगढ़ वन क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जेसीबी मशीनों के जरिए जंगल भूमि को नुकसान पहुँचाने और अवैध निर्माण की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। फिलहाल, वन विभाग इस मामले की जांच में जुटा हुआ है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इसमें क्या तथ्य सामने आते हैं और विभाग संबंधित लोगों के खिलाफ क्या वैधानिक कार्रवाई करेगा। संरक्षित वन क्षेत्र के भीतर आधी रात को जेसीबी मशीन की मौजूदगी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब जांच के निष्कर्षों के बाद ही सामने आ सकेंगे।4
- कोरबा के नगर पालिका परिषद दीपका के वार्ड क्रमांक-15 के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया है, जिसके तहत भाजपा प्रत्याशी ऋषि सिदार को जनता का समर्थन और आशीर्वाद मिल रहा है। भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर वार्डवासियों से ऋषि सिदार को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की। इस दौरान वार्डवासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों पर विश्वास जताते हुए भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने का भरोसा दिलाया। भाजपा नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनहितकारी नीतियों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है, जिससे जनता का विश्वास भाजपा के प्रति लगातार मजबूत हुआ है। इस जनसंपर्क अभियान में कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, विधायक प्रेमचंद पटेल, महापौर संजू देवी राजपूत, सह संभाग प्रभारी डॉ. राजीव सिंह, खाद्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष ज्योतिनंद दुबे, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा, नगर पालिका दीपका के अध्यक्ष राजेंद्र राजपूत, जिला महामंत्री संजय शर्मा, अजय विश्वकर्मा, दीपका मंडल के प्रभारी योगेश जैन, मंडल अध्यक्ष राजू प्रजापति सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इसी क्रम में भाजपा को एक और बड़ी राजनीतिक सफलता मिली जब दीपका नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक-17 के निर्दलीय पार्षद धीरेन्द्र तिवारी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। धीरेन्द्र तिवारी ने भाजपा की जनहितैषी नीतियों, विकासोन्मुखी विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व से प्रभावित होकर यह निर्णय लिया। कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन और भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने उन्हें पार्टी का गमछा पहनाकर स्वागत किया। नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि धीरेन्द्र तिवारी के पार्टी में शामिल होने से संगठन को और अधिक मजबूती मिलेगी तथा क्षेत्र में विकास एवं जनसेवा के कार्यों को नई गति प्राप्त होगी। यह उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी कांग्रेस के पार्षद और पूर्व पार्षद भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिससे क्षेत्र की राजनीति में भाजपा की स्थिति और अधिक मजबूत होती दिखाई दे रही है।1
- कोरबा जिले में शादी का झांसा देकर एक महिला से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटनाक्रम के अनुसार, युवक ने महिला को शादी का प्रलोभन दिया और उसके साथ संबंध बनाए। जब महिला पांच माह की गर्भवती हो गई, तो उसे मायके भेज दिया गया। इसके बाद आरोपी ने किसी और से शादी कर ली। इस मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।1