*बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की टिप्पणी पर हंगामा* दतिया, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने हाल ही में एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि आश्रमों में कुछ युवा सिर्फ़ "लौंडियाबाज़ी करने आते हैं"। इस टिप्पणी पर हंगामा मच गया है, और लोग इसे सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला बयान बता रहे हैं। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की इस टिप्पणी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि उन्होंने यह बयान आश्रम के अंदर के कुछ करीबियों की ओर इ संकेत करते हुए की है, जिनकी पटरी नहीं बैठ रही है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि यह बयान भविष्य की किसी संभावित प्रत्याशित घटना का पहले से ही स्पष्टीकरण देने के लिए है। इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर भी आलोचना हो रही है, और लोग इसे सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला बयान बता रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि यह टिप्पणी मस्जिदों और मदरसों को लेकर किसी बड़े मौलाना ने की होती, तो क्या सनातन के पैरोकार उसे स्वीकार करते? बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की इस टिप्पणी को कैसे परिभाषित किया जाए, यह एक सवाल है। क्या यह बयान सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को बढ़ावा देने के लिए है, या फिर यह एक गलत बयान है जो धर्म की प्रतिष्ठा को धूमिल करता है? *बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की टिप्पणी पर हंगामा* दतिया, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने हाल ही में एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि आश्रमों में कुछ युवा सिर्फ़ "लौंडियाबाज़ी करने आते हैं"। इस टिप्पणी पर हंगामा मच गया है, और लोग इसे सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला बयान बता रहे हैं। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की इस टिप्पणी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि उन्होंने यह बयान आश्रम के अंदर के कुछ करीबियों की ओर इ संकेत करते हुए की है, जिनकी पटरी नहीं बैठ रही है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि यह बयान भविष्य की किसी संभावित प्रत्याशित घटना का पहले से ही स्पष्टीकरण देने के लिए है। इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर भी आलोचना हो रही है, और लोग इसे सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला बयान बता रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि यह टिप्पणी मस्जिदों और मदरसों को लेकर किसी बड़े मौलाना ने की होती, तो क्या सनातन के पैरोकार उसे स्वीकार करते? बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की इस टिप्पणी को कैसे परिभाषित किया जाए, यह एक सवाल है। क्या यह बयान सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को बढ़ावा देने के लिए है, या फिर यह एक गलत बयान है जो धर्म की प्रतिष्ठा को धूमिल करता है?
*बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की टिप्पणी पर हंगामा* दतिया, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने हाल ही में एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि आश्रमों में कुछ युवा सिर्फ़ "लौंडियाबाज़ी करने आते हैं"। इस टिप्पणी पर हंगामा मच गया है, और लोग इसे सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला बयान बता रहे हैं। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की इस टिप्पणी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि उन्होंने यह बयान आश्रम के अंदर के कुछ करीबियों की ओर इ संकेत करते हुए की है, जिनकी पटरी नहीं बैठ रही है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि यह बयान भविष्य की किसी संभावित प्रत्याशित घटना का पहले से ही स्पष्टीकरण देने के लिए है। इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर भी आलोचना हो रही है, और लोग इसे सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला बयान बता रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि यह टिप्पणी मस्जिदों और मदरसों को लेकर किसी बड़े मौलाना ने की होती, तो क्या सनातन के पैरोकार उसे स्वीकार करते? बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की इस टिप्पणी को कैसे परिभाषित किया जाए, यह एक सवाल है। क्या यह बयान सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को बढ़ावा देने के लिए है, या फिर यह एक गलत बयान है जो धर्म की प्रतिष्ठा को धूमिल करता है? *बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की टिप्पणी पर हंगामा* दतिया, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने हाल ही में एक बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि आश्रमों में कुछ युवा सिर्फ़ "लौंडियाबाज़ी करने आते हैं"। इस टिप्पणी पर हंगामा मच गया है, और लोग इसे सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला बयान बता रहे हैं। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की इस टिप्पणी को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि उन्होंने यह बयान आश्रम के अंदर के कुछ करीबियों की ओर इ संकेत करते हुए की है, जिनकी पटरी नहीं बैठ रही है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि यह बयान भविष्य की किसी संभावित प्रत्याशित घटना का पहले से ही स्पष्टीकरण देने के लिए है। इस टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर भी आलोचना हो रही है, और लोग इसे सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाला बयान बता रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि यह टिप्पणी मस्जिदों और मदरसों को लेकर किसी बड़े मौलाना ने की होती, तो क्या सनातन के पैरोकार उसे स्वीकार करते? बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर की इस टिप्पणी को कैसे परिभाषित किया जाए, यह एक सवाल है। क्या यह बयान सनातन धर्म की प्रतिष्ठा को बढ़ावा देने के लिए है, या फिर यह एक गलत बयान है जो धर्म की प्रतिष्ठा को धूमिल करता है?
- Haripal DangiDatia, Madhya Pradesh😤6 hrs ago
- *दतिया ब्रैकिग न्यूज---* *उज्जैन की युवती का किया कई सालों से शोषण शादी का झांसा देकर दतिया जिला में लगने वाले तहसील सेवड़ा के कृष्णपाल यादव के द्रारा कई बार बनाये शारीरिक संबंध*। सेवड़ा का निवासी कृष्णपाल यादव दतिया के होमगार्ड में पदस्थ हैं। *युवती ने जब शादी के लिए बोला तो युवती के साथ मारपीट की छोटी धाराओं में केस दर्ज किया दतिया पुलिस ने*। दतिया पुलिस बचानें में लगी हुई है होमगार्ड जवान कृष्णपाल यादव को। *युवती ने शोसल मिडिया पर लगाई गुहार*।1
- आज भाजपा ने कांग्रेस के एक आदिवासी विधायक मुकेश मल्होत्रा को पदमुक्त करवा दिया और हारे हुए प्रत्याशी को वापस विधायक घोषित करवा लिया। यह भारतीय जनता पार्टी के अंत की शुरुआत है। भाजपा को यह कभी स्वीकार नहीं होगा कि एक आदिवासी व्यक्ति सामान्य सीट से विधायक कैसे बन गया। भाजपा सदन में आदिवासी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार जी से उनकी औकात पूछती है और चुने हुए आदिवासी विधायकों का चुनाव साम, दाम, दंड, भेद लगाकर शून्य करवाती है। स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी दलित और आदिवासी विरोधी है। हमें माननीय सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है। हम सुप्रीम कोर्ट में अपील कर कानूनी तरीके से फिर से कांग्रेस का विधायक बनवाएँगे।1
- Post by Lakshya News tv1
- Post by विकास वर्मा1
- थाना मऊरानीपुर क्षेत्रान्तर्गत घटित हत्या की घटना कारित करने वाले 03 अभियुक्तगण पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार, इस प्रकरण में की जा रही कार्यवाही के संबंध में क्षेत्राधिकारी मऊरानीपुर की वीडियो बाइट1
- Post by The News Tantra1
- Post by Adiya dantre 99816018601
- लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, " वेस्ट एशिया में जो हो रहा है उससे कितने पैसे का नुकसान होगा...इससे हमारी अर्थव्यवस्था को जबरदस्त नुकसान होने वाला है। तो इस पर चर्चा करने से क्या दिक्कत है? यही हमारी मांग थी उसके बाद हम दूसरे मुद्दे पर चर्चा करेंगे...वेस्ट एशिया का मामला क्या जरूरी नहीं है? ये जनता का मुद्दा है इसलिए हम इस पर चर्चा चाहते हैं...1