टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा कस्बे के एक श्रद्धालु का मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत द्वारिकापुरी की यात्रा के दौरान पैर फ्रैक्चर हो गया। पीड़ित को शासन और प्रशासन से अब तक कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है, जिसके कारण उन्हें अपना इलाज एक निजी अस्पताल में कराना पड़ रहा है और इस पर हजारों रुपये खर्च हो चुके हैं। दिगौड़ा निवासी 60 वर्षीय विष्णु तिवारी 27 मई की रात को टीकमगढ़ से रिजर्व ट्रेन द्वारा 196 अन्य श्रद्धालुओं के साथ द्वारिकाधीश धाम और सोमनाथ धाम की यात्रा पर निकले थे। उनकी सीट नंबर B-8/7 थी। द्वारिकाधीश धाम में भगवान के दर्शन के बाद जब विष्णु तिवारी खाना खाने एक स्टॉल में गए, तो वहां लगे लोहे के पाइप से टकराकर बुरी तरह गिर पड़े, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर आ गया। उन्होंने तत्काल इस घटना की जानकारी पर्यवेक्षक ओपी गुप्ता और सहायक पर्यवेक्षक हरिश्चंद्र मिश्रा को दी, लेकिन उनके द्वारा विष्णु तिवारी का कोई उपचार नहीं कराया गया। 2 जून की सुबह यात्रा समाप्त होने के बाद, जब श्रद्धालु टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरे, तो उनके पैर में भारी सूजन और असहनीय दर्द था, और वे चल भी नहीं पा रहे थे। इसके बाद विष्णु तिवारी ने अपना इलाज एक निजी अस्पताल में कराया है, जिस पर अब तक लगभग ₹32,000 खर्च हो चुके हैं। उन्होंने बताया है कि यात्रा के दौरान पैर फ्रैक्चर होने के बावजूद, उन्हें शासन और प्रशासन से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली और न ही उनके पैर का इलाज कराया गया। विष्णु तिवारी ने शासन और प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके इलाज में खर्च हुए रुपयों की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
टीकमगढ़ जिले के दिगौड़ा कस्बे के एक श्रद्धालु का मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत द्वारिकापुरी की यात्रा के दौरान पैर फ्रैक्चर हो गया। पीड़ित को शासन और प्रशासन से अब तक कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है, जिसके कारण उन्हें अपना इलाज एक निजी अस्पताल में कराना पड़ रहा है और इस पर हजारों रुपये खर्च हो चुके हैं। दिगौड़ा निवासी 60 वर्षीय विष्णु तिवारी 27 मई की रात को टीकमगढ़ से रिजर्व ट्रेन द्वारा 196 अन्य श्रद्धालुओं के साथ द्वारिकाधीश धाम और सोमनाथ धाम की यात्रा पर निकले थे। उनकी सीट नंबर B-8/7 थी। द्वारिकाधीश धाम में भगवान के दर्शन के बाद जब विष्णु तिवारी खाना खाने एक स्टॉल में गए, तो वहां लगे लोहे के पाइप से टकराकर बुरी तरह गिर पड़े, जिससे उनके पैर में फ्रैक्चर आ गया। उन्होंने तत्काल इस घटना की
जानकारी पर्यवेक्षक ओपी गुप्ता और सहायक पर्यवेक्षक हरिश्चंद्र मिश्रा को दी, लेकिन उनके द्वारा विष्णु तिवारी का कोई उपचार नहीं कराया गया। 2 जून की सुबह यात्रा समाप्त होने के बाद, जब श्रद्धालु टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरे, तो उनके पैर में भारी सूजन और असहनीय दर्द था, और वे चल भी नहीं पा रहे थे। इसके बाद विष्णु तिवारी ने अपना इलाज एक निजी अस्पताल में कराया है, जिस पर अब तक लगभग ₹32,000 खर्च हो चुके हैं। उन्होंने बताया है कि यात्रा के दौरान पैर फ्रैक्चर होने के बावजूद, उन्हें शासन और प्रशासन से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली और न ही उनके पैर का इलाज कराया गया। विष्णु तिवारी ने शासन और प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके इलाज में खर्च हुए रुपयों की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में कृषि विभाग के अधिकारियों और एसडीएम मैडम नवाब तहसीलदार ने किसानों के बीच पहुंचकर उन्हें खाद और भंडारण से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिए। यह जानकारी मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव के माध्यम से सामने आई है।3
- टीकमगढ़ जिला अस्पताल में शनिवार को डिलीवरी के नाम पर पैसों के अवैध लेन-देन का मामला सामने आया है। अस्पताल में सक्रिय महिला डॉक्टरों के कई दलाल मरीजों से अवैध वसूली कर रहे थे। इस पूरे रैकेट का खुलासा खुद अस्पताल में सक्रिय एक महिला दलाल ने किया है। खुलासे के अनुसार, ये दलाल महिलाओं को सोनोग्राफी कराने के बहाने निजी क्लीनिकों पर ले जाते हैं। इसके बाद, उन्हें संबंधित महिला डॉक्टर के सरकारी बंगले या निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया जाता है।1
- टीकमगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए लगातार नई-नई पहल कर रहे हैं। इन प्रयासों के तहत, महिलाओं को उनकी सुरक्षा के उपायों और अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, साथ ही यह स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नारी सम्मान सुनिश्चित करने में टीकमगढ़ की पूरी पुलिस अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रही है। इसी कड़ी में, जिला पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने एक 'छोटी सी परी' को प्रतीकात्मक रूप से पुलिस अधीक्षक बनाया। इस पहल के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि जिले के सभी निवासियों को नारी सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में अपना भरपूर सहयोग प्रदान करना चाहिए।1
- टीकमगढ़ जिला प्रशासन द्वारा 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम रविवार, 21 जून 2026 को सुबह 6 बजे टीकमगढ़ में मंदिर के पास स्थित नजरबाग प्रांगण में होगा। इस समारोह में जतारा विधायक हरिशंकर खटीक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस वर्ष योग दिवस की थीम "स्वस्थ आयु के लिए योग" रखी गई है। आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, शारीरिक एवं मानसिक संतुलन बनाए रखने तथा स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था की ओर प्रेरित करना है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल होकर इसे सफल बनाएं।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में इलाज के बाद एक महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद महिला के परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। अपने विरोध को दर्ज कराने के लिए, परिजनों ने मृतका के शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया।1
- Post by Manoj jain2
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ललितपुर दौरे के दौरान 1765 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात के साथ एक राजनीतिक बयान भी चर्चा का विषय बन गया। मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक मंच से श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ की ईमानदार और सज्जन छवि की सराहना करते हुए कहा कि उनके परिवार के कुछ लोगों के आचरण के कारण उनकी छवि प्रभावित हो रही है। मुख्यमंत्री ने मंच से ही मंत्री को स्पष्ट संदेश दिया कि यदि वह परिवारवाद और गलत गतिविधियों के खिलाफ मजबूती से खड़े होते हैं तो सरकार पूरी ताकत के साथ उनके पीछे खड़ी होगी। इस बयान को कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने गंभीरता से सुना, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। राजनीतिक विश्लेषक इस संदेश को महज एक सामान्य नसीहत नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार, परिवारवाद और अनुचित गतिविधियों के खिलाफ अपनी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दोहराने का प्रयास किया है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच भी इस बयान की काफी चर्चा रही; कई ने इसे मंत्री के लिए सार्वजनिक मंच से दिया गया स्पष्ट संदेश माना, जबकि कुछ राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह बयान भविष्य की राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक अनुशासन से भी जुड़ा हो सकता है। मुख्यमंत्री का यह बयान अब ललितपुर जिले से लेकर प्रदेश की राजनीति तक चर्चा का केंद्र बन गया है, और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक मायने और प्रभाव को लेकर चर्चाएं जारी रहने की संभावना है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की ग्राम पंचायत अस्तौन में अहिरवार समाज ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक कुरीति को समाप्त करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया है। समाज की बैठक में यह तय किया गया है कि अब से 13वीं मृत्यु भोज के आयोजन को सामाजिक रूप से प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि 13वीं मृत्यु भोज जैसी प्रथा के कारण अनेक परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है, जिससे गरीब और कमजोर परिवार अक्सर कर्ज के तले दब जाते हैं। समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत इच्छा से 13वीं मृत्यु भोज का आयोजन करता है, तो समाज का कोई भी सदस्य उसमें शामिल नहीं होगा। अहिरवार समाज ने सभी सदस्यों से इस निर्णय का पालन करने और ऐसी कुरीतियों को खत्म करने में सहयोग करने का अनुरोध किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य फिजूलखर्ची पर रोक लगाना, गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ से बचाना, कर्ज और सामाजिक दबाव को कम करना, तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास को बढ़ावा देकर सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन करना है। प्रभु दयाल गौतम द्वारा जारी इस सूचना में समाज सुधार की इस पहल को सफल बनाने और एक जागरूक एवं प्रगतिशील समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया है।1