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कौशांबी जिले में 26 जून को हुए एक हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यह हादसा एक टैंकर के कारण हुआ, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं।
Sheetla Prasad
कौशांबी जिले में 26 जून को हुए एक हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यह हादसा एक टैंकर के कारण हुआ, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं।
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- टिन्नू यादव के भाई दिनेश ने आरोप लगाया है कि चंपत राय ने टिन्नू यादव से पल्ला झाड़ लिया है। दिनेश ने यह सवाल भी उठाया कि क्या टिन्नू यादव ट्रस्ट के अध्यक्ष थे। परिवार के अनुसार, चंपत राय का सबसे खास आदमी टिन्नू यादव है, लेकिन अब उसका परिवार कह रहा है कि चंपत ने उससे दूरी बना ली है। इस पूरे मामले को लेकर दिनेश का कहना है कि बड़े लोगों को बचाया जा रहा है, जबकि छोटे लोगों को फंसाया जा रहा है।1
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- प्रतापगढ़ पुलिस ने CEIR पोर्टल की तकनीकी सहायता से एक विशेष अभियान चलाकर 61 लाख रुपये से अधिक के 407 गुम हुए मल्टीमीडिया मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों को आज पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम में उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया, जिससे 407 परिवारों की खुशी लौट आई है। यह अभियान पुलिस अधीक्षक श्री दीपक भूकर और अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री आलोक कुमार भाटी के निर्देशन में जनपद की सर्विलांस टीम और सभी थानों की साइबर टीमों द्वारा चलाया गया था। बरामद किए गए 407 मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत 61 लाख 5 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस लाइन प्रतापगढ़ स्थित साईं कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में एसपी दीपक भूकर और एएसपी आलोक कुमार भाटी ने लाभार्थियों को उनके कीमती फोन वापस सौंपे। अपना फोन वापस पाकर लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्यवाही और संवेदनशीलता की जमकर सराहना की। इस अवसर पर एसपी दीपक भूकर ने जनता से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं और IMEI ब्लॉक कराएं।1
- सुल्तानपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ न्याय के रखवालों पर ही एक बुजुर्ग को डराने और उनसे जबरन वसूली का आरोप लगा है। ग्राम पट्टी जलालपुर के निवासी बुजुर्ग राम सुभाग ने आरोप लगाया है कि उन्हें दोस्तपुर थाने बुलाया गया था, जहाँ उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया। सिपाहियों ने उनसे एक कथित वायरल वीडियो का डर दिखाकर, मामले को रफा-दफा करने के लिए ₹1 लाख की मांग की। राम सुभाग के अनुसार, सिपाहियों ने उन्हें न तो वह कथित वीडियो दिखाया और न ही कोई रिपोर्ट प्रस्तुत की, बल्कि सीधे पैसों की सौदेबाजी शुरू कर दी। इस घटना से व्यथित पीड़ित बुजुर्ग ने अब प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। इस गंभीर आरोप के बाद, क्षेत्राधिकारी विनय कुमार गौतम ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। यह घटना स्थानीय स्तर पर एक बड़ा सवाल उठा रही है कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो आम नागरिक अपनी सुरक्षा और न्याय के लिए कहाँ जाए।1
- सुल्तानपुर पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों को बड़ी राहत प्रदान की है। जून 2024 के महीने में, पुलिस ने विभिन्न साइबर ठगी के 19 पीड़ितों के बैंक खातों में कुल ₹10,33,140 (दस लाख तैंतीस हजार एक सौ चालीस रुपये) सफलतापूर्वक वापस कराए हैं। यह महत्वपूर्ण कार्रवाई पुलिस अधीक्षक चारू निगम के कुशल निर्देशन में की गई। इस अभियान में नोडल अधिकारी एएसपी बृजनरायण सिंह और क्षेत्राधिकारी, साइबर क्राइम थाना आलोक कुमार सिंह का पर्यवेक्षण रहा, जबकि साइबर क्राइम थाना प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में टीम ने ठगी गई राशि को वापस दिलाने का काम किया। पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने इस विषय पर एक वीडियो बयान भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने जनता से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने बताया कि साइबर धोखाधड़ी होने के बाद शुरुआती 24 घंटे अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि पीड़ित इस अवधि में तुरंत अपनी शिकायत दर्ज कराता है, तो ठगी गई राशि को अपराधियों द्वारा अन्य खातों में स्थानांतरित होने से पहले ही रोका जा सकता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि ठगी का अहसास होते ही सीधे थाने जाने के बजाय तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। एसपी ने यह भी जानकारी दी कि केंद्र सरकार के मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल के तहत, अब साइबर थाने के प्रभारी निरीक्षक को 50,000 रुपये तक की होल्ड की गई राशि को जांच के बाद सीधे पीड़ित के खाते में वापस ट्रांसफर करने का अधिकार मिल गया है। इस प्रावधान से छोटे मामलों में पीड़ितों को अदालत के चक्कर लगाए बिना त्वरित राहत मिल रही है। उन्होंने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि जैसे ही कोई धोखाधड़ी हो, बिना समय गंवाए 1930 पर कॉल करना चाहिए, क्योंकि पैसा अपराधियों के खाते में होल्ड होने पर रिफंड की संभावना काफी बढ़ जाती है।3
- पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी को कुछ देर पहले दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। सपा मुखिया अखिलेश यादव तुरंत उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे। राजेंद्र चौधरी समाजवादी पार्टी की संस्थापक टीम के सदस्य रहे हैं और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेहद करीबी माने जाते थे। जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री बने, तब मुलायम सिंह यादव ने उन्हें अखिलेश के साथ साये की तरह रहने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से राजेंद्र चौधरी एक भी दिन, एक भी घंटे अखिलेश यादव से अलग नहीं हुए हैं और हमेशा उनके आसपास ही नज़र आते हैं। अखिलेश यादव ने अस्पताल पहुंचकर राजेंद्र चौधरी का हाल-चाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों से उनकी सेहत के बारे में जानकारी ली और बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।1
- अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के आरोप में अविनाश शुक्ला को 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।1
- प्रतापगढ़ जिले के पट्टी क्षेत्र के परसनी गांव निवासी अभिषेक सिंह, जो राज बहादुर सिंह के पुत्र हैं, शुक्रवार दोपहर अपने खेत की सिंचाई के लिए पंपिंग सेट पर मोटर चालू करने हेतु प्लग लगा रहे थे। इसी दौरान जैसे ही उन्होंने प्लग लगाया, वे विद्युत करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना को देख परिजनों में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल सीएचसी पट्टी ले जाया गया। वर्तमान में अभिषेक सिंह का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पट्टी में चल रहा है और वे वहां भर्ती हैं।1