नन्दलाल शर्मा पडरौना -कुशीनगर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ऊर्जा संकट के इस दौर में, जहाँ पूरा विश्व संघर्ष कर रहा है, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद अंतर्गत पडरौना नगर पालिका से एक अनूठी राष्ट्रभक्ति की मिसाल सामने आई है। स्थानीय प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान लक्ष्मी नारायण ज्वेलर्स के संचालक अंशुमान बंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के आह्वान से प्रेरित होकर एक ऐतिहासिक 'राष्ट्र संकल्प' की घोषणा की है।अंशुमान बंका और उनके परिवार ने निर्णय लिया है कि जब तक वैश्विक परिस्थितियां सामान्य नहीं हो जातीं, वे अपने प्रतिष्ठान पर स्वैच्छिक रूप से सोने की बिक्री स्थगित रखेंगे। उनका मानना है कि सोना केवल एक धातु है, लेकिन राष्ट्र की आर्थिक सुदृढ़ता उससे कहीं अधिक मूल्यवान है। इस साहसी निर्णय पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा: "जब राष्ट्र किसी बड़ी चुनौती के दौर से गुजर रहा हो, तब त्याग केवल संतों का ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का आभूषण बन जाता है। यदि आवश्यकता पड़े, तो व्यापार प्रतीक्षा कर सकता है, परंतु भारत की आर्थिक शक्ति कमजोर नहीं होनी चाहिए।"केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए भी इस परिवार ने एक ठोस कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की चुनौतियों के बीच, उन्होंने छोटी दूरियों के लिए साइकिल का उपयोग करने का संकल्प लिया है। उन्होंने युवाओं और समाज के अन्य वर्गों से भी आग्रह किया है कि वे साइकिल को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं, क्योंकि यह न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित में ऊर्जा बचत का एक सशक्त माध्यम भी है।इस पहल के माध्यम से देश के व्यापारियों, उद्योगपतियों और युवाओं को संदेश देते हुए बंका परिवार ने कहा कि आज समय आलोचना का नहीं बल्कि सहभागिता का है।राजनीति नहीं, राष्ट्रनीति: व्यक्तिगत और राजनीतिक लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्रनीति पर ध्यान देने की आवश्यकता है। सुविधा नहीं, संकल्प: व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग कर राष्ट्र निर्माण के संकल्प की शक्ति को पहचानना होगा।पडरौना से उठी यह आवाज देश के अन्य नागरिकों के लिए एक आह्वान है कि "जब राष्ट्र पुकारता है, तब त्याग ही सबसे बड़ा राष्ट्रधर्म बन जाता है।" इस पहल की स्थानीय स्तर पर जमकर सराहना हो रही है और इसे जनभागीदारी की एक उत्कृष्ट मिसाल माना जा रहा है।
नन्दलाल शर्मा पडरौना -कुशीनगर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और ऊर्जा संकट के इस दौर में, जहाँ पूरा विश्व संघर्ष कर रहा है, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जनपद अंतर्गत पडरौना नगर पालिका से एक अनूठी राष्ट्रभक्ति की मिसाल सामने आई है। स्थानीय प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान लक्ष्मी नारायण ज्वेलर्स के संचालक अंशुमान बंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के आह्वान से प्रेरित होकर एक ऐतिहासिक 'राष्ट्र संकल्प' की घोषणा की है।अंशुमान बंका और उनके परिवार ने निर्णय लिया है कि जब तक वैश्विक परिस्थितियां सामान्य नहीं हो जातीं, वे अपने प्रतिष्ठान पर स्वैच्छिक रूप से सोने की बिक्री स्थगित रखेंगे। उनका मानना है कि सोना केवल एक धातु है, लेकिन राष्ट्र की आर्थिक सुदृढ़ता उससे कहीं अधिक मूल्यवान है। इस साहसी निर्णय पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा: "जब राष्ट्र किसी बड़ी चुनौती के दौर से गुजर रहा हो, तब त्याग केवल संतों का ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का आभूषण बन जाता है। यदि आवश्यकता पड़े, तो व्यापार प्रतीक्षा कर सकता है, परंतु भारत की आर्थिक शक्ति कमजोर नहीं होनी चाहिए।"केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि ऊर्जा संबंधी चुनौतियों को देखते हुए भी इस परिवार ने एक ठोस
कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की चुनौतियों के बीच, उन्होंने छोटी दूरियों के लिए साइकिल का उपयोग करने का संकल्प लिया है। उन्होंने युवाओं और समाज के अन्य वर्गों से भी आग्रह किया है कि वे साइकिल को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं, क्योंकि यह न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित में ऊर्जा बचत का एक सशक्त माध्यम भी है।इस पहल के माध्यम से देश के व्यापारियों, उद्योगपतियों और युवाओं को संदेश देते हुए बंका परिवार ने कहा कि आज समय आलोचना का नहीं बल्कि सहभागिता का है।राजनीति नहीं, राष्ट्रनीति: व्यक्तिगत और राजनीतिक लाभ से ऊपर उठकर राष्ट्रनीति पर ध्यान देने की आवश्यकता है। सुविधा नहीं, संकल्प: व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग कर राष्ट्र निर्माण के संकल्प की शक्ति को पहचानना होगा।पडरौना से उठी यह आवाज देश के अन्य नागरिकों के लिए एक आह्वान है कि "जब राष्ट्र पुकारता है, तब त्याग ही सबसे बड़ा राष्ट्रधर्म बन जाता है।" इस पहल की स्थानीय स्तर पर जमकर सराहना हो रही है और इसे जनभागीदारी की एक उत्कृष्ट मिसाल माना जा रहा है।
- उत्तर प्रदेश के खुशीनगर स्थित एक मदरसे में पाकिस्तान निर्मित पंखा मिलने से हड़कंप मच गया। पड़रौना कोतवाली पुलिस ने पंखे को जब्त कर गहन जांच शुरू कर दी है।1
- कुशीनगर के रामकोला स्थित पेट्रोल पंप पर तेल की किल्लत से स्थानीय जनता परेशान है। पेट्रोल-डीजल न मिलने के कारण वाहनों के पहिए थम गए हैं, जिससे आवागमन और दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक ईंट भट्ठे के पानी भरे गड्ढे में डूबने से तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे से पूरे गाँव में मातम पसर गया है, वहीं ग्रामीणों ने भट्ठा संचालकों की घोर लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जाँच में जुटे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में यूरिया खाद की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। निर्धारित ₹266.50 के बजाय ₹400 में बिक रही यूरिया से किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।4
- कुशीनगर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने कुल 1,47,540 वादों का निपटारा कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। इसमें मोटर दुर्घटना पीड़ितों को ₹3.96 करोड़ से ज़्यादा का मुआवज़ा मिला, वहीं पारिवारिक विवादों में 3 जोड़ों को सुलह कराकर एक साथ विदा किया गया। बैंक ऋण और राजस्व के हजारों मामले भी निपटाए गए।2
- कुशीनगर में बन रहे पुल पर एक ट्रेलर ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई।3
- पडरौना कोतवाली परिसर में थाना दिवस का आयोजन हुआ, जहाँ जॉइंट मजिस्ट्रेट सहित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने लोगों की समस्याएँ सुनीं। राजस्व और ज़मीन विवाद सहित कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इसका उद्देश्य जनता को त्वरित न्याय दिलाना और स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान करना है।1
- कुशीनगर के विशुनपुरा स्थित एक मदरसे में पाकिस्तान निर्मित पंखा मिलने से हड़कंप मच गया है। इस संदिग्ध मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है, जिसकी जानकारी जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को दी गई है।1
- कुशीनगर में पत्नी से हुए झगड़े के बाद एक पति ने चाकू से अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया। उसे गंभीर हालत में तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1