ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद बलरामपुर देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ एक नवजात धान के खेत में तो दूसरी गन्ने के खेत में मिली, यूपी-112 ने समय पर अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान सफेद कपड़े में लिपटी करीब एक दिन की मासूम अचेत हालत में मिली, पुलिसकर्मियों ने खेत से निकालकर अस्पताल में कराया भर्ती; दोनों बच्चियों की हालत फिलहाल स्थिर बलरामपुर। जिले में मानवता को झकझोर देने वाली दो घटनाएं सामने आई हैं, जहां अलग-अलग स्थानों पर नवजात बच्चियां खेतों में लावारिस हालत में मिलीं। एक मासूम धान के खेत में तो दूसरी गन्ने के खेत में पड़ी मिली। दोनों ही मामलों में सूचना मिलते ही यूपी-112 की पुलिस टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और अपनी सूझबूझ, संवेदनशीलता तथा तत्परता का परिचय देते हुए नवजात बच्चियों को सुरक्षित खेतों से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से दोनों मासूमों की जान बचाई जा सकी। दोनों घटनाओं ने जहां लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर नवजात बच्चियों को इस तरह खेतों में किस परिस्थिति में छोड़ दिया गया, वहीं यूपी-112 के पुलिसकर्मियों की तत्परता और मानवीय संवेदना की क्षेत्र में चर्चा हो रही है। धान के खेत में मिली करीब एक दिन की नवजात पहला मामला श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र के ग्राम किथुरा का है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 5:25 बजे डायल-112 पर सूचना प्राप्त हुई कि गांव के पास स्थित धान के खेत में एक नवजात बच्ची पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही पीआरवी-5455 की टीम बिना समय गंवाए बताए गए स्थान पर पहुंची। मौके पर पहुंचकर पुलिसकर्मियों ने खेत में तलाश शुरू की तो उन्हें सफेद कपड़े में लिपटी एक नवजात बच्ची दिखाई दी। बच्ची की उम्र करीब एक दिन बताई गई। वह अचेत अवस्था में थी और उसकी हालत बेहद नाजुक नजर आ रही थी। मासूम को इस हालत में देखकर पीआरवी टीम के कमांडर कांस्टेबल सुशान्त तिवारी और पायलट होमगार्ड विजय सिंह ने तत्काल उसे सुरक्षित तरीके से खेत से बाहर निकाला। पुलिसकर्मियों ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय थाना श्रीदत्तगंज पुलिस के सहयोग से उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। इसके बाद नवजात को संयुक्त चिकित्सालय बलरामपुर के महिला प्रसव वार्ड में भर्ती कराया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने तत्काल बच्ची का उपचार शुरू किया। पुलिस के अनुसार, उपचार मिलने के बाद फिलहाल बच्ची की हालत कुशल बताई जा रही है। गन्ने के खेत में करीब 600 मीटर अंदर मिली दूसरी मासूम दूसरी घटना तुलसीपुर क्षेत्र के महादेव जमुनी गांव के पास की है। यहां भी एक नवजात बच्ची गन्ने के खेत में सफेद कपड़े में लिपटी हुई मिली। पुलिस के अनुसार, ग्राम लालनगर सिपहिया निवासी विजय कुमार पांडेय ने सुबह करीब 10:05 बजे डायल-112 पर सूचना दी कि गन्ने के खेत में एक नवजात बच्ची पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही पीआरवी-5460 की टीम मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों को बच्ची खेत के काफी अंदर मिली। बताया गया कि मासूम गन्ने के खेत में करीब 600 मीटर अंदर अचेत अवस्था में पड़ी थी। पीआरवी-5460 के कमांडर कांस्टेबल कौशल कुमार और सब कमांडर कांस्टेबल विशाल कश्यप ने बिना देर किए खेत के अंदर जाकर नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस की सहायता से उसे सामुदायिक चिकित्सालय तुलसीपुर पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने बच्ची का प्राथमिक उपचार किया। उसकी स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए चिकित्सकों ने उसे संयुक्त चिकित्सालय बलरामपुर रेफर कर दिया, जहां आगे उसका उपचार कराया गया। समय पर मिली मदद बनी जीवनरक्षक दोनों मामलों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि नवजात बच्चियों के खेत में मिलने की सूचना समय रहते पुलिस तक पहुंची और यूपी-112 की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। खेतों में अचेत अवस्था में पड़ी दोनों मासूमों को पुलिसकर्मियों ने स्वयं सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई। यदि सूचना मिलने के बाद कार्रवाई में देरी होती तो दोनों नवजातों की हालत और गंभीर हो सकती थी। ऐसे में यूपी-112 की त्वरित प्रतिक्रिया उनके लिए जीवनरक्षक साबित हुई। पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता की हो रही सराहना दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी पुलिसकर्मियों की तत्परता और संवेदनशीलता की चर्चा है। आमतौर पर पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित मानी जाती है, लेकिन इन दोनों मामलों में यूपी-112 के जवानों ने मानवीय जिम्मेदारी निभाते हुए संकट में फंसी मासूमों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिसकर्मियों द्वारा खेतों के अंदर जाकर नवजातों को ढूंढना, उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना और तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना जनसेवा की भावना को दर्शाता है। नवजातों को खेत में छोड़ने की परिस्थितियां बनीं सवाल इन घटनाओं ने कई गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। आखिर दोनों नवजात बच्चियों को खेतों में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा? क्या किसी ने उन्हें जानबूझकर वहां छोड़ा या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी? इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल प्राथमिकता दोनों मासूमों की सुरक्षा और स्वास्थ्य है। संबंधित पुलिस द्वारा घटनाओं की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है और बच्चियों को खेतों में छोड़ने के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जनसेवा के लिए 24 घंटे तत्पर यूपी-112 पुलिस विभाग के अनुसार, पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए पुलिसकर्मियों को जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। खेतों में मिली दोनों नवजात बच्चियों के मामलों में यूपी-112 की टीमों की त्वरित कार्रवाई इसी भावना का उदाहरण बनकर सामने आई है। पुलिस विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति, दुर्घटना, संकट या जरूरतमंद व्यक्ति की सूचना मिलने पर तत्काल डायल-112 पर सूचना दें, ताकि पुलिस टीम समय रहते मौके पर पहुंचकर आवश्यक सहायता उपलब्ध करा सके। दो अलग-अलग घटनाओं में खेतों से मिली इन मासूम बच्चियों के लिए यूपी-112 के जवान उस समय मददगार साबित हुए, जब उन्हें तत्काल सुरक्षा और उपचार की सबसे ज्यादा जरूरत थी। पुलिस की इस मानवीय पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि समय पर मिली सहायता किसी की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद बलरामपुर देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ एक नवजात धान के खेत में तो दूसरी गन्ने के खेत में मिली, यूपी-112 ने समय पर अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान सफेद कपड़े में लिपटी करीब एक दिन की मासूम अचेत हालत में मिली, पुलिसकर्मियों ने खेत से निकालकर अस्पताल में कराया भर्ती; दोनों बच्चियों की हालत फिलहाल स्थिर बलरामपुर। जिले में मानवता को झकझोर देने वाली दो घटनाएं सामने आई हैं, जहां अलग-अलग स्थानों पर नवजात बच्चियां खेतों में लावारिस हालत में मिलीं। एक मासूम धान के खेत में तो दूसरी गन्ने के खेत में पड़ी मिली। दोनों ही मामलों में सूचना मिलते ही यूपी-112 की पुलिस टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और अपनी सूझबूझ, संवेदनशीलता तथा तत्परता का परिचय देते हुए नवजात बच्चियों को सुरक्षित खेतों से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से दोनों मासूमों की जान बचाई जा सकी। दोनों घटनाओं ने जहां लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर नवजात बच्चियों को इस तरह खेतों में किस परिस्थिति में छोड़ दिया गया, वहीं यूपी-112 के पुलिसकर्मियों की तत्परता और मानवीय संवेदना की क्षेत्र में चर्चा हो रही है। धान के खेत में मिली करीब एक दिन की नवजात पहला मामला श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र के ग्राम किथुरा का है। पुलिस के अनुसार, गुरुवार सुबह करीब 5:25 बजे डायल-112 पर सूचना प्राप्त हुई कि गांव के पास स्थित धान के खेत में एक नवजात बच्ची पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही पीआरवी-5455 की टीम बिना समय गंवाए बताए गए स्थान पर पहुंची। मौके पर पहुंचकर पुलिसकर्मियों ने खेत में तलाश शुरू की तो उन्हें सफेद कपड़े में लिपटी एक नवजात बच्ची दिखाई दी। बच्ची की उम्र करीब एक दिन बताई गई। वह अचेत अवस्था में थी और उसकी हालत बेहद नाजुक नजर आ रही थी। मासूम को इस हालत में देखकर पीआरवी टीम के कमांडर कांस्टेबल सुशान्त तिवारी और पायलट होमगार्ड विजय सिंह ने तत्काल उसे सुरक्षित तरीके से खेत से बाहर निकाला। पुलिसकर्मियों ने बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय थाना श्रीदत्तगंज पुलिस के सहयोग से उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। इसके बाद नवजात को संयुक्त चिकित्सालय बलरामपुर के महिला प्रसव वार्ड में भर्ती कराया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने तत्काल बच्ची का उपचार शुरू किया। पुलिस के अनुसार, उपचार मिलने के बाद फिलहाल बच्ची की हालत कुशल बताई जा रही है। गन्ने के खेत में करीब 600 मीटर अंदर मिली दूसरी मासूम दूसरी घटना तुलसीपुर क्षेत्र के महादेव जमुनी गांव के पास की है। यहां भी एक नवजात बच्ची गन्ने के खेत में सफेद कपड़े में लिपटी हुई मिली। पुलिस के अनुसार, ग्राम लालनगर सिपहिया निवासी विजय कुमार पांडेय ने सुबह करीब 10:05 बजे डायल-112 पर सूचना दी कि गन्ने के खेत में एक नवजात बच्ची पड़ी हुई है। सूचना मिलते ही पीआरवी-5460 की टीम मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों को बच्ची खेत के काफी अंदर मिली। बताया गया कि मासूम गन्ने के खेत में करीब 600 मीटर अंदर अचेत अवस्था में पड़ी थी। पीआरवी-5460 के कमांडर कांस्टेबल कौशल कुमार और सब कमांडर कांस्टेबल विशाल कश्यप ने बिना देर किए खेत के अंदर जाकर नवजात को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस की सहायता से उसे सामुदायिक चिकित्सालय तुलसीपुर पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने बच्ची का प्राथमिक उपचार किया। उसकी स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए चिकित्सकों ने उसे संयुक्त चिकित्सालय बलरामपुर रेफर कर दिया, जहां आगे उसका उपचार कराया गया। समय पर मिली मदद बनी जीवनरक्षक दोनों मामलों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि नवजात बच्चियों के खेत में मिलने की सूचना समय रहते पुलिस तक पहुंची और यूपी-112 की टीमों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। खेतों में अचेत अवस्था में पड़ी दोनों मासूमों को पुलिसकर्मियों ने स्वयं सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई। यदि सूचना मिलने के बाद कार्रवाई में देरी होती तो दोनों नवजातों की हालत और गंभीर हो सकती थी। ऐसे में यूपी-112 की त्वरित प्रतिक्रिया उनके लिए जीवनरक्षक साबित हुई। पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता की हो रही सराहना दोनों घटनाओं के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी पुलिसकर्मियों की तत्परता और संवेदनशीलता की चर्चा है। आमतौर पर पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित मानी जाती है, लेकिन इन दोनों मामलों में यूपी-112 के जवानों ने मानवीय जिम्मेदारी निभाते हुए संकट में फंसी मासूमों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिसकर्मियों द्वारा खेतों के अंदर जाकर नवजातों को ढूंढना, उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना और तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना जनसेवा की भावना को दर्शाता है। नवजातों को खेत में छोड़ने की परिस्थितियां बनीं सवाल इन घटनाओं ने कई गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। आखिर दोनों नवजात बच्चियों को खेतों में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा? क्या किसी ने उन्हें जानबूझकर वहां छोड़ा या इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी? इन सवालों का जवाब पुलिस की जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल प्राथमिकता दोनों मासूमों की सुरक्षा और स्वास्थ्य है। संबंधित पुलिस द्वारा घटनाओं की परिस्थितियों की जानकारी जुटाई जा रही है और बच्चियों को खेतों में छोड़ने के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जनसेवा के लिए 24 घंटे तत्पर यूपी-112 पुलिस विभाग के अनुसार, पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने जनसेवा को प्राथमिकता देते हुए पुलिसकर्मियों को जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। खेतों में मिली दोनों नवजात बच्चियों के मामलों में यूपी-112 की टीमों की त्वरित कार्रवाई इसी भावना का उदाहरण बनकर सामने आई है। पुलिस विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन स्थिति, दुर्घटना, संकट या जरूरतमंद व्यक्ति की सूचना मिलने पर तत्काल डायल-112 पर सूचना दें, ताकि पुलिस टीम समय रहते मौके पर पहुंचकर आवश्यक सहायता उपलब्ध करा सके। दो अलग-अलग घटनाओं में खेतों से मिली इन मासूम बच्चियों के लिए यूपी-112 के जवान उस समय मददगार साबित हुए, जब उन्हें तत्काल सुरक्षा और उपचार की सबसे ज्यादा जरूरत थी। पुलिस की इस मानवीय पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि समय पर मिली सहायता किसी की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
- ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद बलरामपुर देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेशमानसिकता न्यूज़1
- बलरामपुर प्रभारी मंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने की विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा1
- 25 हजार का इनामी शातिर अपराधी गिरफ्तार कई वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को ललिया पुलिस और एसओजी टीम ने दबोचा बलरामपुर, 17 सितम्बर। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना ललिया पुलिस और एसओजी टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी हैदर अली पुत्र मुंशी रजा निवासी झांगीडीह, थाना ललिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी वर्ष 2022 में दर्ज मु0अ0सं0 148/2022, धारा 379/411 भादवि के मामले में वांछित था और गिरफ्तारी से बचने के लिए कई वर्षों से फरार चल रहा था। आरोपी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर बीआर कन्या इंटर कॉलेज के निकट ग्राम धंधरा केरवनिया से आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध ललिया थाने में चोरी, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में पूर्व में भी मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक ऋषिकेश पाण्डेय, हेड कांस्टेबल अशोक कुमार, हेड कांस्टेबल धर्मवीर सिंह तथा एसओजी बलरामपुर के हेड कांस्टेबल शशांक यादव, कांस्टेबल विशाल द्विवेदी, आदर्श कुमार और दिलीप गुप्ता शामिल रहे। 25 हजार का इनामी शातिर अपराधी गिरफ्तार कई वर्षों से फरार चल रहे आरोपी को ललिया पुलिस और एसओजी टीम ने दबोचा बलरामपुर, 17 सितम्बर। पुलिस अधीक्षक बलरामपुर मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देश पर वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना ललिया पुलिस और एसओजी टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी हैदर अली पुत्र मुंशी रजा निवासी झांगीडीह, थाना ललिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी वर्ष 2022 में दर्ज मु0अ0सं0 148/2022, धारा 379/411 भादवि के मामले में वांछित था और गिरफ्तारी से बचने के लिए कई वर्षों से फरार चल रहा था। आरोपी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा 25 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर बीआर कन्या इंटर कॉलेज के निकट ग्राम धंधरा केरवनिया से आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध ललिया थाने में चोरी, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में पूर्व में भी मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक ऋषिकेश पाण्डेय, हेड कांस्टेबल अशोक कुमार, हेड कांस्टेबल धर्मवीर सिंह तथा एसओजी बलरामपुर के हेड कांस्टेबल शशांक यादव, कांस्टेबल विशाल द्विवेदी, आदर्श कुमार और दिलीप गुप्ता शामिल रहे।1
- #बलरामपुर : ₹25 हजार का इनामी वांछित अपराधी गिरफ्तार ललिया पुलिस व एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई, कई वर्षों से था फरार #बलरामपुर। थाना ललिया पुलिस एवं एसओजी टीम ने वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत ₹25,000 के इनामी वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान हैदर अली पुत्र मुंशी रजा निवासी झांगीडीह, थाना ललिया, जनपद बलरामपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर 2022 को चन्द्रकिशोर शुक्ला पुत्र नेवल किशोर शुक्ला, निवासी निकट मोहनदास बाबा मंदिर, कस्बा ललिया ने थाना ललिया में लिखित प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के 4जी टावर में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि 02 अगस्त 2022 को टावर की देखरेख के लिए पहुंचने पर वहां से EXICOM BATTERY 100AH की दो बैटरियां तथा डेल्टा मॉड्यूल के दो पीस गायब मिले। मामले में थाना ललिया पर मु0अ0सं0 148/2022, धारा 379/411 भादवि के तहत अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस के मुताबिक अभियोग पंजीकरण के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया था। #बलरामपुर : ₹25 हजार का इनामी वांछित अपराधी गिरफ्तार ललिया पुलिस व एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई, कई वर्षों से था फरार #बलरामपुर। थाना ललिया पुलिस एवं एसओजी टीम ने वांछित एवं वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत ₹25,000 के इनामी वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान हैदर अली पुत्र मुंशी रजा निवासी झांगीडीह, थाना ललिया, जनपद बलरामपुर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर 2022 को चन्द्रकिशोर शुक्ला पुत्र नेवल किशोर शुक्ला, निवासी निकट मोहनदास बाबा मंदिर, कस्बा ललिया ने थाना ललिया में लिखित प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के 4जी टावर में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है। उन्होंने बताया कि 02 अगस्त 2022 को टावर की देखरेख के लिए पहुंचने पर वहां से EXICOM BATTERY 100AH की दो बैटरियां तथा डेल्टा मॉड्यूल के दो पीस गायब मिले। मामले में थाना ललिया पर मु0अ0सं0 148/2022, धारा 379/411 भादवि के तहत अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस के मुताबिक अभियोग पंजीकरण के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक द्वारा ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया था।1
- प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर विधायक राम फेरन पांडे ने मरीजों में बांटे फल सीएचसी इकौना पहुंचकर प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की इकौना, श्रावस्ती। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार को श्रावस्ती विधायक राम फेरन पांडे ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) इकौना पहुंचकर मरीजों एवं तीमारदारों को फल वितरित किए। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर राष्ट्रसेवा के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। विधायक राम फेरन पांडे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन सेवा और जनकल्याण की भावना के साथ मनाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपना जीवन देश और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया है। उनके जन्मदिन के अवसर पर अस्पताल में भर्ती मरीजों के बीच फल वितरण कर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की गई।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ईश्वर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा के लिए निरंतर ऊर्जा प्रदान करें। उनके नेतृत्व में देश विकास और प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे। विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिन को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि सेवा, जनकल्याण और जरूरतमंदों की सहायता के संकल्प के रूप में मनाया जाना चाहिए। इसी भावना के साथ सीएचसी इकौना में मरीजों को फल वितरित किए गए।इस अवसर पर अस्पताल में मौजूद मरीजों और तीमारदारों ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।1
- aurhawa Ham Apne gaon ke liye Kya Karen agar jab Pradhan hi bhrashtachar ho to hamare gaon mein agar Bhavan Panchayat Ko dekha jaaye to vah itna kharab sthiti hai ki Kya bataun1
- ब्लॉक प्रमुख अमित सिंह ने सीएचसी सिरसिया का किया निरीक्षण,1
- बलरामपुर थाना ललिया पुलिस द्वारा रुपये 25,000 का ईनामी शातिर अपराधी को किया गिरफ्तार घटना का संक्षिप्त विवरण:-दिनांक 23.09.2022 को वादी चन्द्रकिशोर शुक्ला पुत्र नेवल किशोर शुक्ला निवासी निकट मोहनदास बाबा मन्दिर कस्बा ललिया थाना ललिया जनपद बलरामपुर द्वारा लिखित प्रार्थना पत्र दिया कि आवेदक रिलायंस जियो इन्फोकाम लिमिटेड 4जी टावर में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है दिनांक 02.08.2022 को जब वह टावर की देख रेख के लिए पहुँचा तो टावर से EXICOM BATTARY 100AH WHITE BLACK कलर की 02 बैटरी व डेल्टा माड्यूल 02 गायब मिला, जिसके सम्बन्ध में थाना ललिया पर मु0अ0सं0 148/2022 धारा धारा 379/411 भादवि बनाम अज्ञात पंजीकृत कर विवेचनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की गई। अभियोग पंजीकरण के समय से ही आरोपी फरार चल रहा था जिस पर पुलिस अधीक्षक द्वारा रू0 25,000 की ईनाम घोषित किया गया था। पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देशन में वांछित/वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में *अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय व क्षेत्राधिकारी ललिया डीके. श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण मे प्रभारी निरीक्षक ललिया मृत्युन्जय सिंह के नेतृत्व में आज 17.09.2026 को थाना ललिया पुलिस टीम मय एसओजी टीम द्वारा मु0अ0सं0 148/2022 धारा 379/411 भादवि से संबंधित रुपये 25,000/- का पुरस्कार घोषित वांछित अभियुक्त हैदर अली पुत्र मुंशी रजा निवासी झांगीडीह थाना ललिया जनपद बलरामपुर जो विगत कई कई वर्षों से फरार चल रहा था, को मुखबिर की सूचना के आधार पर बीआर0 कन्या इंटर कालेज ग्राम धंधरा केरवनिया से गिरफ्तार किया गया। बलरामपुर थाना ललिया पुलिस द्वारा रुपये 25,000 का ईनामी शातिर अपराधी को किया गिरफ्तार घटना का संक्षिप्त विवरण:-दिनांक 23.09.2022 को वादी चन्द्रकिशोर शुक्ला पुत्र नेवल किशोर शुक्ला निवासी निकट मोहनदास बाबा मन्दिर कस्बा ललिया थाना ललिया जनपद बलरामपुर द्वारा लिखित प्रार्थना पत्र दिया कि आवेदक रिलायंस जियो इन्फोकाम लिमिटेड 4जी टावर में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है दिनांक 02.08.2022 को जब वह टावर की देख रेख के लिए पहुँचा तो टावर से EXICOM BATTARY 100AH WHITE BLACK कलर की 02 बैटरी व डेल्टा माड्यूल 02 गायब मिला, जिसके सम्बन्ध में थाना ललिया पर मु0अ0सं0 148/2022 धारा धारा 379/411 भादवि बनाम अज्ञात पंजीकृत कर विवेचनात्मक कार्यवाही प्रारंभ की गई। अभियोग पंजीकरण के समय से ही आरोपी फरार चल रहा था जिस पर पुलिस अधीक्षक द्वारा रू0 25,000 की ईनाम घोषित किया गया था। पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देशन में वांछित/वारंटी अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु चलाए जा रहे अभियान के क्रम में *अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय व क्षेत्राधिकारी ललिया डीके. श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण मे प्रभारी निरीक्षक ललिया मृत्युन्जय सिंह के नेतृत्व में आज 17.09.2026 को थाना ललिया पुलिस टीम मय एसओजी टीम द्वारा मु0अ0सं0 148/2022 धारा 379/411 भादवि से संबंधित रुपये 25,000/- का पुरस्कार घोषित वांछित अभियुक्त हैदर अली पुत्र मुंशी रजा निवासी झांगीडीह थाना ललिया जनपद बलरामपुर जो विगत कई कई वर्षों से फरार चल रहा था, को मुखबिर की सूचना के आधार पर बीआर0 कन्या इंटर कालेज ग्राम धंधरा केरवनिया से गिरफ्तार किया गया।1