नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का वो आखिरी खत... जो आज भी इतिहास को रुला देता है! नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का वो आखिरी खत... जो आज भी इतिहास को रुला देता है! दुनिया के सबसे निडर इंसान, जिसे अंग्रेज भी थर-थर कांपते थे, उस दिन शायद जानते थे कि समय कम है। उन्होंने अपनी जेब से एक कागज निकाला और अपनी पत्नी एमिली के नाम वो आखिरी शब्द लिखे, जो आज इतिहास के सबसे भावुक पन्ने बन चुके हैं। "एमिली, मैं एक ऐसे मिशन पर निकल रहा हूँ जहाँ मौत हर कदम पर मेरा इंतज़ार कर रही है। शायद यह हमारा आखिरी मिलन हो। लोग मुझे 'आज़ाद हिंद' का सेनापति कहते हैं, पर तुम्हारे लिए मैं सिर्फ एक वो पति हूँ जो कभी तुम्हारे साथ सुकून के दो पल नहीं बिता पाया।" सबसे दर्दनाक हिस्सा वो था जब उन्होंने अपनी नन्ही बेटी अनीता का जिक्र किया, जिसे उन्होंने कभी जी भर के देखा तक नहीं था। उन्होंने लिखा— "मेरी नन्ही अनीता... उसे बताना कि उसका पिता उसे बेपनाह प्यार करता था। उसे एक बहादुर और स्वाभिमानी इंसान बनाना और उसे भारत माँ की महानता की कहानियाँ सुनाना।" खत के अंत में नेताजी ने जो लिखा, वो कलेजा चीर देता है— "तुम मेरे जीवन की आखिरी किरण हो। अगर मैं न रहूँ, तो निराश मत होना। याद रखना, आज़ादी की इस लड़ाई में मैंने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया, यहाँ तक कि तुम्हें और अपनी बेटी को भी।" एक अनसुना बलिदान... जरा सोचिए, जिस इंसान ने लाखों की फौज खड़ी कर दी, वो अपनी नन्ही बेटी के लिए भीतर ही भीतर कितना तड़प रहा होगा। उन्होंने अपना परिवार, अपनी ममता और अपनी खुशियाँ सिर्फ इसलिए कुर्बान कर दीं ताकि आज हम और हमारे बच्चे एक आज़ाद देश में सांस ले सकें। नेताजी चले गए, लेकिन एमिली ने उस खत को ताउम्र अपने सीने से लगाकर रखा। उन्होंने कभी दूसरी शादी नहीं की, बस उस आखिरी खत की यादों के सहारे अपनी पूरी जिंदगी अपनी बेटी को पालने में काट दी। एक सच्चा हिंदुस्तानी ही इस दर्द और इस महानता को महसूस कर सकता है। 🙏 अगर नेताजी के इस बलिदान ने आपकी आँखों को नम किया है, तो कमेंट में 'जय हिन्द'लिखें और इस पोस्ट को SHARE करें ताकि हर भारतीय जान सके कि हमारी आज़ादी की कीमत क्या थी! 🇮🇳❤️ #NetajiSubhashChandraBose #EmilieSchenkl #UnheardHistory #EmotionalJourney #IndianHistory #Sacrifice #JaiHind #AnitaBose #TrueHero #IndianIndependence #AzadHindFauj #NationalHero #Inspirational
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का वो आखिरी खत... जो आज भी इतिहास को रुला देता है! नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का वो आखिरी खत... जो आज भी इतिहास को रुला देता है! दुनिया के सबसे निडर इंसान, जिसे अंग्रेज भी थर-थर कांपते थे, उस दिन शायद जानते थे कि समय कम है। उन्होंने अपनी जेब से एक कागज निकाला और अपनी पत्नी एमिली के नाम वो आखिरी शब्द लिखे, जो आज इतिहास के सबसे भावुक पन्ने बन चुके हैं। "एमिली, मैं एक ऐसे मिशन पर निकल रहा हूँ जहाँ मौत हर कदम पर मेरा इंतज़ार कर रही है। शायद यह हमारा आखिरी मिलन हो। लोग मुझे 'आज़ाद हिंद' का सेनापति कहते हैं, पर तुम्हारे लिए मैं सिर्फ एक वो पति हूँ जो कभी तुम्हारे साथ सुकून के दो पल नहीं बिता पाया।" सबसे दर्दनाक हिस्सा वो था जब उन्होंने अपनी नन्ही बेटी अनीता का जिक्र किया, जिसे उन्होंने कभी जी भर के देखा तक नहीं था। उन्होंने लिखा— "मेरी नन्ही अनीता... उसे बताना कि उसका पिता उसे बेपनाह प्यार करता था। उसे एक बहादुर और स्वाभिमानी इंसान बनाना और उसे भारत माँ की महानता की कहानियाँ सुनाना।" खत के अंत में नेताजी ने जो लिखा, वो कलेजा चीर देता है— "तुम मेरे जीवन की आखिरी किरण हो। अगर मैं न रहूँ, तो निराश मत होना। याद रखना, आज़ादी की इस लड़ाई में मैंने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया, यहाँ तक कि तुम्हें और अपनी बेटी को भी।" एक अनसुना बलिदान... जरा सोचिए, जिस इंसान ने लाखों की फौज खड़ी कर दी, वो अपनी नन्ही बेटी के लिए भीतर ही भीतर कितना तड़प रहा होगा। उन्होंने अपना परिवार, अपनी ममता और अपनी खुशियाँ सिर्फ इसलिए कुर्बान कर दीं ताकि आज हम और हमारे बच्चे एक आज़ाद देश में सांस ले सकें। नेताजी चले गए, लेकिन एमिली ने उस खत को ताउम्र अपने सीने से लगाकर रखा। उन्होंने कभी दूसरी शादी नहीं की, बस उस आखिरी खत की यादों के सहारे अपनी पूरी जिंदगी अपनी बेटी को पालने में काट दी। एक सच्चा हिंदुस्तानी ही इस दर्द और इस महानता को महसूस कर सकता है। 🙏 अगर नेताजी के इस बलिदान ने आपकी आँखों को नम किया है, तो कमेंट में 'जय हिन्द'लिखें और इस पोस्ट को SHARE करें ताकि हर भारतीय जान सके कि हमारी आज़ादी की कीमत क्या थी! 🇮🇳❤️ #NetajiSubhashChandraBose #EmilieSchenkl #UnheardHistory #EmotionalJourney #IndianHistory #Sacrifice #JaiHind #AnitaBose #TrueHero #IndianIndependence #AzadHindFauj #NationalHero #Inspirational
- Chhattisgarh ka mashhur Parab ATI yani akshy tritiya Badi Hi dhumdham Se manaya jata hai Johar Chhattisgarh1
- *हिंदू लड़कियों का मुस्लिम घरों में यह हाल है* *चार दिन की चांदनी फ़िर अंधेरी रात हमारे हिंदू समाज में हमारी* *बहन बेटियों को यह जरूर दिखाएं जिससे कि उन्हें सच्चाई पता चल सके और उनकी आंखें खुलें* *अगर परिवार वालों को पता चल जाए और वह अपनी बच्ची को समझाएं तो वह नहीं समझती है* *इश्क के चक्कर में अपने मां बाप को भी छोड़ देती है अपने रिश्तेदारों परिवार वालों के समझाने पर भी नहीं समझती है ऐसी लड़कियां* *आज कितना पछतावा हो रहा होगा अपने उस डिसीजन का जो मां-बाप भाई बंधू सगे संबंधी समाज बंधु सबको ताक पर रखकर उसने यह निर्णय लिया* *वीडियो बनाने वाले को धन्यवाद अगर वीडियो के साथ लोकेशन या एड्रेस भी डाल देता तो इसको पकड़ने में ज्यादा समय नहीं लगता आप भी वीडियो देखने के बाद में जितने भी आपके पास ग्रुप है उनमें इसे जरूर भेजें जिससे यह जल्द से जल्द पकड़ा जा सके 🐖🐖🐖🐖🐖और इस बच्ची को न्याय मिल सके*1
- #बंगाल_चुनाव #पश्चिम_बंगाल #झाड़ग्राम_संकल्प_सभा बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर झाड़ग्राम जिले में बंगाल भाजपा द्वारा आयोजित संकल्प सभा कार्यक्रम में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरक उपस्थिति से यह माहौल बना: "बंगाल में परिवर्तन तय है"!! निर्धारित कार्यक्रम के दौरान देश के प्रधानसेवक मोदी जी का एक वास्तविक, सहज, सरल, चिर परिचित अंदाज देखने को मिला जब अचानक से मोदी जी ने "झाड़ग्राम की झाल मुढ़ी" के स्थानीय विक्रेता से मुढ़ी खरीदे !! "वोकल फॉर लोकल" का संदेश प्रसारित करती उनकी झाल मुढ़ी वाली तस्वीर तो आज की "Pic of the Day" है!! "यूं ही कोई मोदी नहीं बन जाता" !! "मोदी है तो मुमकिन है" !! साभार , सहर्ष, सगर्व संकलक:: कुमार विश्वजीत जमशेदपुर झारखंड2
- सरायकेला खरसावां जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है। दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी के साथ छोटे बड़े जंगलों में तराई में धड़ल्ले से चल रही मिनी देसी महुआ शराब की भट्ठियां ना सिर्फ जंगलों को बंजर बना रही है , बल्कि गजराजों के लिए भी खतरा बन गई है। ग्रामीण का आरोप है कि गजराजों कि झुंड महुआ शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले जावा यानी रासायनिक पदार्थ वाले अवशेष को खा रहा है। नशे में धुत होकर मस्त हाथी गांव में प्रवेश कर उत्पादन मचा रहे हैं। फसलों को रौंदने के साथ-साथ घरों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। जंगल में कट रहे पेड़ विभाग मौन ,: दारू माफिया द्वारा जंगल की तराई में बड़े पैमाने पर देसी महुआ शराब की भट्ठियां संचालित की जा रही है। चौंकाने वाले बात यह है कि इन भट्ठियों में शराब चुलाई के लिए गैस का नहीं बल्कि जंगल से कटी गए लकड़ी के इस्तेमाल होता है। प्रतिदिन कई टन लकड़ी खपत हो रही है लेकिन इसका कोई हिसाब नहीं है। सवालों में घेरे में विभाग , स्थानीय लोगों कहना है कि जिला पुलिस , मद्य उत्पाद विभाग और वन विभाग के पदाधिकारी को इसकी पूरी जानकारी है ,फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। सवाल यह उठ रहा है कि जब ग्रामीण सूखी लकड़ियों भी लाने जाते हैं तो वन विभाग धमकी देते हैं। लेकिन अवैध भट्ठियों में प्रतिदिन , सैकड़ो पेड़ जलकर क स्वाह रहे हैं उस पर वन वन की पदाधिकारी मौन क्यों है ? बंजर हो रहे जंगल , अवैध कटाई और भट्ठियों में जलवान के लिए पेड़ों की इस्तेमाल से दिन प्रतिदिन जंगल काट रहे हैं और वन क्षेत्र बंजर होता जा रहा है। इसे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान हो रहा है बल्कि वन जीवन का प्राकृतिक आवास भी खत्म हो रहा है। भोजन -पानी की कमी से हाथी रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अवैध महुआ भट्ठियों पर रोक लगाने और जंगल की अवैध कटाई पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- सरायकेला /रवि गुप्ता की रिपोर्ट अक्षय तृतीया को लेकर पूरी की तरह सरायकेला में भी जगन्नाथ मंदिर में रथ पूजा निमार्ण कार्य चालू हो गया। विधि व्यवस्था के साथ सरायकेला में रथ की पूजा की। रथ निर्माण कार्य का शुभारंभ जगन्नाथ धाम पूरी कोणार्क से कुशल शिल्पी कारिगर द्वारा किया गया।1
- Jamshedpur | Chandil : ओलचिकी के 100 वर्ष : 340 प्रतिभागियों ने दी संताली प्रतिभा परीक्षा, बढ़ा भाषा के प्रति समर्पण... बिष्णु पद महापात्र 📲 9471102055 (wa) सरायकेला-खरसवां के चांडिल और पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला में संताली भाषा व ओलचिकी लिपि के प्रति बढ़ते उत्साह का उदाहरण देखने को मिला। सत्य नारायण सोशियो इकोनॉमिक एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आयोजित संताली टैलेंट सर्च परीक्षा में दोनों केंद्रों पर कुल 340 अभ्यर्थियों ने भाग लिया। इस पहल का उद्देश्य संताली भाषा और संस्कृति का संरक्षण व प्रसार है। चयनित प्रतिभागियों को रघुनाथ मुर्मू जयंती पर सम्मानित किया जाएगा। SantaliLanguage | OlChiki100Years | CulturalPreservation1
- Seraikell | Ichagarh : कालीचामदा सड़क विहीन : 7 दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन... बिष्णु पद महापात्र📲 9471102055 (wa) सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र की कालीचामदा गांव में सड़क नहीं होने से 70 परिवारों की करीब 400 आबादी हर बरसात में ‘कैद’ हो जाती है। कच्ची सड़क दलदल बनने से एम्बुलेंस और स्कूली बच्चों की आवाजाही ठप हो जाती है। ग्रामीणों ने बीडीओ को आवेदन सौंपकर 7 दिनों में समाधान की मांग की है, अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी है। RuralDevelopment | InfrastructureCrisis | RightToRoad1
- LNT company ki UN safety ke Karan Priyanka tuta.2