नवनिर्मित पुलिया दो-तीन माह में ध्वस्त, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल सीधी जिले के जनपद पंचायत गोपद बनास अंतर्गत ग्राम पंचायत सारों में जोगीबहरा से चोकरीदह पहुंच मार्ग पर स्थित नवनिर्मित पुलिया बरसाती पानी के तेज बहाव में ध्वस्त हो गई। बताया जा रहा है कि यह पुलिया जून माह में पंचायत निधि से स्वीकृत होकर बनाई गई थी, लेकिन निर्माण के महज दो-तीन माह बाद ही अगस्त में क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिया के इतनी कम अवधि में टूट जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया के निर्माण में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते पहली ही बरसात में पुलिया बरसाती पानी का दबाव नहीं झेल सकी और क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिया के टूटने से जोगीबहरा और चोकरीदह के बीच आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिया का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि स्कूली बच्चों सहित आम लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मामले में कब तक जांच और कार्रवाई करता है।
नवनिर्मित पुलिया दो-तीन माह में ध्वस्त, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल सीधी जिले के जनपद पंचायत गोपद बनास अंतर्गत ग्राम पंचायत सारों में जोगीबहरा से चोकरीदह पहुंच मार्ग पर स्थित नवनिर्मित पुलिया बरसाती पानी के तेज बहाव में ध्वस्त हो गई। बताया जा रहा है कि यह पुलिया जून माह में पंचायत निधि से स्वीकृत होकर बनाई गई थी, लेकिन निर्माण के महज दो-तीन माह बाद ही अगस्त में क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिया के इतनी कम अवधि में टूट जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया के निर्माण में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते पहली ही बरसात में
पुलिया बरसाती पानी का दबाव नहीं झेल सकी और क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिया के टूटने से जोगीबहरा और चोकरीदह के बीच आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिया का जल्द से जल्द पुनर्निर्माण कराया जाए, ताकि स्कूली बच्चों सहित आम लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी से राहत मिल सके। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस मामले में कब तक जांच और कार्रवाई करता है।
- राखी के पवित्र धागे में जुड़ा स्नेह और विश्वास, छात्राओं ने एसपी षियाज के.एम. को बांधी राखी सिंगरौली। रक्षाबंधन के अवसर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. को राखी बांधकर पर्व मनाया। छात्राओं ने तिलक लगाकर उनके स्वस्थ एवं सफल जीवन की कामना की। पुलिस अधीक्षक ने छात्राओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए मन लगाकर पढ़ाई करने, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन स्नेह के साथ विश्वास, सम्मान और सुरक्षा की भावना को मजबूत करता है। इस अवसर पर यातायात थाना प्रभारी सूबेदार आशीष तिवारी सहित पुलिस अधिकारी-कर्मचारी और विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।4
- बच्चों के बीच पहुंचकर अपनापन महसूस किया, पुस्तक, फल और जरूरत की सामग्री की भेंट सिंगरौली। समृद्धि सोशल एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट फाउंडेशन सिंगरौली की टीम ने खुला बालिका आश्रय गृह पहुंचकर वहां निवासरत बच्चों से मुलाकात की और उनके साथ समय बिताया। इस दौरान संस्था की ओर से बच्चों को पुस्तकें, फल एवं जरूरत की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। समृद्धि सोशल एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट फाउंडेशन की टीम के आश्रय गृह पहुंचने पर बच्चों ने उत्साह के साथ सभी का स्वागत किया। टीम के सदस्यों ने बच्चों से बातचीत कर उनकी दिनचर्या, पढ़ाई तथा रहन-सहन की जानकारी ली। बच्चों के बीच पहुंचकर टीम के सदस्यों ने उनके रहने और आपसी व्यवहार को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की तथा कहा कि यहां बच्चों के बीच उन्हें अपनापन महसूस हुआ। टीम के सदस्यों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बच्चे देश और समाज का भविष्य हैं। इनके बेहतर भविष्य के लिए सहयोग करना हम सभी का सामाजिक दायित्व है। बच्चों को शिक्षा और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से उनके सपनों को नई दिशा मिल सकती है। संस्था की टीम ने कहा कि यह उनका पहला प्रयास नहीं बल्कि बच्चों के साथ निरंतर जुड़ाव बनाए रखने की पहल है। भविष्य में भी आश्रय गृह में आकर बच्चों से मुलाकात की जाएगी और उनकी जरूरत के अनुसार हर संभव सहयोग प्रदान करने का प्रयास किया जाएगा। टीम ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।1
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- ग्लेशियर टूटने से नेपाल में तबाही, GLOF ने मचाई भारी तबाही ग्लेशियर टूटने से नेपाल में तबाही, GLOF ने मचाई भारी तबाही अंतरराष्ट्रीय डेस्क । नेपाल में ग्लेशियर टूटने के बाद अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। घटना के बाद चीन का हेलीकॉप्टर उस क्षेत्र तक पहुंचा, जहां ग्लेशियर टूटने और उससे निकले पानी के कारण बाढ़ की स्थिति बनी थी। इस तरह की प्राकृतिक आपदा को ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) कहा जाता है। क्या होता है GLOF? ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी GLOF उस स्थिति को कहा जाता है, जब ग्लेशियर से बनी या ग्लेशियर द्वारा रोकी गई झील का प्राकृतिक बांध अचानक टूट जाता है। बांध टूटते ही झील में जमा भारी मात्रा में पानी बेहद तेजी से नीचे की ओर बहने लगता है। पानी के अत्यधिक दबाव, ग्लेशियर में बनी दरारों अथवा अन्य प्राकृतिक कारणों से झील का अवरोध कमजोर हो सकता है। इसके बाद पानी अपने साथ चट्टान, मिट्टी और मलबा लेकर पहाड़ी क्षेत्रों से तेज गति से नीचे की ओर आता है। कुछ ही समय में बदल सकती है स्थिति GLOF की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अचानक आने वाली विनाशकारी बाढ़ है। पहाड़ी क्षेत्रों में झील का बांध टूटने के बाद पानी बहुत कम समय में निचले इलाकों तक पहुंच सकता है। इससे रास्तों, पुलों, घरों और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचने के साथ जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है। नेपाल जैसे हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियरों और उनसे बनी झीलों की निगरानी इसलिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। जलवायु परिवर्तन के कारण ग्लेशियरों में हो रहे बदलावों के बीच ऐसी घटनाओं का जोखिम भी वैज्ञानिकों के लिए गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में औद्योगिक क्षेत्र मालनपुर, जिला भिंड में आयोजित गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की नवीन विनिर्माण इकाई का शुभारंभ कार्यक्रम .1
- मां शेरावाली का है देवतालाब से बेतला से नई गाड़ी होते हुए 8:00 मां शेरावाली देव तालाब है1
- रीवा में महाकाल ग्रुप पर धड़ल्ले से अबैध शराब बेचने का आरोप वीडियो वायरल खाकी की सरपरस्ती या सिस्टम का नाकारापन? चौरहटा के दाढ़ी गांव में फिर धड़ल्ले से बिक रही अवैध शराब, महाकाल ग्रुप और सुनील सिंह के नाम पर पुलिस मौन! रीवा। जिले के चोरहटा थाना अंतर्गत ग्राम दाढ़ी में अवैध शराब का कारोबार एक बार फिर अपनी जड़ें जमा चुका है। ग्रामीणों की बारंबार शिकायतों और मीडिया की पैनी नजर के बावजूद स्थानीय पुलिस की भूमिका गहरे संदेह के घेरे में है। भाड़े का मकान लेकर खुलेआम चलाई जा रही अवैध शराब की बिक्री और दुकानों पर कार्रवाई के नाम पर महज कागजी खानापूर्ति की जा रही है। हाल ही में सामने आए ताजा वीडियो ने चोरहटा पुलिस की कार्यप्रणाली की पूरी पोल खोलकर रख दी है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए किस तरह गांव में निर्भीक होकर शराब बेची जा रही है। कागजों तक सीमित 34(1) की कार्रवाई, जमीन पर वही पुराना खेल बीते दिनों ग्राम दाढ़ी में जब मीडिया की टीम ग्राउंड पर पहुंची थी, तब आनन-फानन में पुलिस ने दबिश देकर लगभग 32 लीटर अवैध शराब जब्त की थी और आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) के तहत मामला दर्ज किया था। लेकिन यह कार्रवाई महज ढोंग साबित हुई। लिखा-पढ़ी खत्म होते ही शराब माफिया ने उसी जगह से दोबारा अपना धंधा चमकाना शुरू कर दिया। सवाल यह उठता है कि क्या चोरहटा पुलिस की कार्रवाई सिर्फ दिखाने के लिए होती है । कैमरे पर खुला था राज: महाकाल ग्रुप के सुनील सिंह का नाम! पूर्व में जब मीडिया कवरेज के दौरान मौके से शराब विक्रेता पकड़े गए थे, तब उन्होंने पुलिस की मौजूदगी में ऑन-कैमरा यह कबूल किया था कि यह अवैध खेप महाकाल ग्रुप के शराब ठेकेदार सुनील सिंह की है और वे उन्हीं के इशारे व सरपरस्ती में काम कर रहे हैं। इसके बावजूद, रीवा पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग ने मुख्य सरगना पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं दिखाई। छोटे-मोटे प्यादों पर मामला दर्ज कर असली आकाओं को अभयदान देना यह साबित करता है कि जिले में शराब माफिया के हौसले बुलंद क्यों हैं। जब ऑन-कैमरा शराब ठेकेदार सुनील सिंह और महाकाल ग्रुप का नाम सामने आ चुका है, तो पुलिस ने अब तक मुख्य नामजद लोगों पर शिकंजा क्यों नहीं कसा गांव के भीतर भाड़े का कमरा लेकर अवैध शराब का अड्डा चलाया जा रहा है, क्या स्थानीय पुलिस बीट प्रभारी को इसकी कोई खबर नहीं है? ग्रामीण लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन पुलिस तब तक क्यों सोई रहती है जब तक मीडिया मौके पर पहुंचकर सच उजागर न कर दे? क्या पुलिस की यह ढिलाई महज एक इत्तेफाक है या इसके पीछे आबकारी और पुलिस महकमे के निचले कर्मचारियों की सांठगांठ और मोटी कमाई का खेल चल रहा है? रीवा एसपी की खामोशी पर सवाल: क्या रीवा पुलिस कप्तान इस खुलेआम चल रहे अवैध धंधे और चोरहटा पुलिस की संदिग्ध भूमिका का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों पर गाज गिराएंगे? ग्राम दाढ़ी में फिर से शुरू हुआ यह अवैध कारोबार सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि रीवा पुलिस के इकबाल को खुली चुनौती है। अब देखना यह होगा कि खबर के बाद जिला प्रशासन चेतता है या खाकी की छत्रछाया में यह गोरखधंधा यूं ही फलता-फूलता रहेगा।1
- सिंगरौली: नगर निगम की फायर ब्रिगेड से विधायक रामनिवास शाह की इनोवा कार धुलवाने का मामला सामने आने के बाद विधायक रामनिवास शाह ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। सिंगरौली: नगर निगम की फायर ब्रिगेड से विधायक रामनिवास शाह की इनोवा कार धुलवाने का मामला सामने आने के बाद विधायक रामनिवास शाह ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है।1