अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर कारागार में आयोजित हुआ विधिक जागरुकता एवं साक्षरता शिविर बहराइच। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बहराइच के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह के निर्देश पर अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक (मजदूर) दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बहराइच के सचिव विनोद कुमार यादव द्वारा जिला कारागार, बहराइच में विधिक जागरूकता/साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया तथा कारागार का निरीक्षण भी किया गया। शिविर एवं निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक राजीव सिंह, जेलर अजय कुमार झा, डिप्टी जेलर श्रीमती माधुरी तिवारी, असिस्टेन्ट लीगल एंड डिफेंस काउंसिल ऋषभ पाठक उपस्थित रहे। सचिव श्री यादव द्वारा सर्वप्रथम शिविर में उपस्थित बंदियों को श्रमिक दिवस की बधाई देते हुए उन्हें बताया गया कि राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों के अपार योगदान को मान्यता देते हुए उनके सम्मान में प्रत्येक वर्ष 01 मई को विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षित कार्यस्थल और कार्यजीवन के बीच सही तालमेल पर केंद्रित है। यह दिवस श्रमिकों के लिए 8 घण्टे कार्य दिवस, उचित मजदूरी और सुरक्षित वातावरण जैसे अधिकारों की मांग पूर्ति हेतु मनाया जाता है। भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए ई-श्रम पोर्टल व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से श्रमिक अपना पंजीकरण करवाकर बीमा और श्रम विभाग द्वारा चलायी जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते है। हम सभी श्रमिकों के समर्पण को नमन करते हैं और एक महत्त्वपूर्ण समावेशी कार्यसंस्कृति बनाने का संकल्प लेते है, जहाँ हर मजदूर को गरिमा और सम्मान मिले। इसके अतिरिक्त शिविर में उपस्थित बंदियों को बताया गया कि यदि किसी बंदी के पास उसके मुकदमे की पैरवी करने के लिए अधिवक्ता नहीं है तो वह अपने मुकदमे की निःशुल्क पैरवी हेतु प्रार्थना पत्र जेल पीएलवी के माध्यम से तैयार करवाकर जेल अधीक्षक कार्यालय के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बहराइच को प्रेषित कर सकते हैं, जिस पर उसके मुकदमे की पैरवी हेतु लीगल एड डिफेंस काउंसिल को नामित किया जायेगा। प्रत्येक सप्ताह जेल में छोटे वादों के मुकदमे का शीघ्र निस्तारण हेतु जेल लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। आप सभी जेल लोक अदालत का अधिकाधिक लाभ उठाएं। कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक द्वारा आभार ज्ञापित किया गया।
अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर कारागार में आयोजित हुआ विधिक जागरुकता एवं साक्षरता शिविर बहराइच। उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बहराइच के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश राजेश कुमार सिंह के निर्देश पर अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक (मजदूर) दिवस के अवसर पर शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बहराइच के सचिव विनोद कुमार यादव द्वारा जिला कारागार, बहराइच में विधिक जागरूकता/साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया तथा कारागार का निरीक्षण भी किया गया। शिविर एवं निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक राजीव सिंह, जेलर अजय कुमार झा, डिप्टी जेलर श्रीमती माधुरी तिवारी, असिस्टेन्ट लीगल एंड डिफेंस काउंसिल ऋषभ पाठक उपस्थित रहे। सचिव श्री यादव द्वारा सर्वप्रथम शिविर में उपस्थित बंदियों को श्रमिक दिवस की बधाई देते हुए उन्हें बताया गया कि राष्ट्र निर्माण में श्रमिकों के अपार योगदान को मान्यता देते हुए उनके सम्मान में प्रत्येक वर्ष 01 मई को विश्व भर में अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षित कार्यस्थल और कार्यजीवन के बीच सही तालमेल पर केंद्रित है। यह दिवस श्रमिकों के लिए 8 घण्टे कार्य दिवस, उचित मजदूरी और सुरक्षित वातावरण जैसे अधिकारों की मांग पूर्ति हेतु मनाया जाता है। भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए ई-श्रम पोर्टल व्यवस्था की गई है, जिसके माध्यम से श्रमिक अपना पंजीकरण करवाकर बीमा और श्रम विभाग द्वारा चलायी जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते है। हम सभी श्रमिकों के समर्पण को नमन करते हैं और एक महत्त्वपूर्ण समावेशी कार्यसंस्कृति बनाने का संकल्प लेते है, जहाँ हर मजदूर को गरिमा और सम्मान मिले। इसके अतिरिक्त शिविर में उपस्थित बंदियों को बताया गया कि यदि किसी बंदी के पास उसके मुकदमे की पैरवी करने के लिए अधिवक्ता नहीं है तो वह अपने मुकदमे की निःशुल्क पैरवी हेतु प्रार्थना पत्र जेल पीएलवी के माध्यम से तैयार करवाकर जेल अधीक्षक कार्यालय के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बहराइच को प्रेषित कर सकते हैं, जिस पर उसके मुकदमे की पैरवी हेतु लीगल एड डिफेंस काउंसिल को नामित किया जायेगा। प्रत्येक सप्ताह जेल में छोटे वादों के मुकदमे का शीघ्र निस्तारण हेतु जेल लोक अदालत का आयोजन किया जाता है। आप सभी जेल लोक अदालत का अधिकाधिक लाभ उठाएं। कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक द्वारा आभार ज्ञापित किया गया।
- उत्तर प्रदेश का सिद्धार्थनगर कहने को तो यहां विकास की बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी हो रही हैं, लेकिन इन इमारतों के पीछे छिपी जर्जर हकीकत ने आज एक मां की गोद उजाड़ दी। ये साठ फीट ऊंची पानी की टंकी, जो प्यास बुझाने के लिए बनी थी, आज मातम का प्रतीक बन गई है। तस्वीरें डराने वाली हैं। महज एक रील बनाने की चाहत में कुछ मासूम बच्चे इस टंकी के ऊपर जा चढ़े। उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि जिस सीढ़ी के सहारे वो ऊपर जा रहे हैं, वो मौत का फंदा बन चुकी है। अचानक एक ज़ोरदार आवाज़ हुई जर्जर सीढ़ी टूटकर नीचे गिर गई और कुछ ही सेकंड में बच्चों की हंसी, चीखों में तब्दील हो गई। हादसा दिल दहला देने वाला था। एक मासूम की मौके पर ही जान चली गई। दो बच्चे इस वक्त अस्पताल के आईसीयू में अपनी आखिरी सांसों के लिए जंग लड़ रहे हैं। और वो दो बच्चे? जो ऊपर रह गए थे... कल्पना कीजिए उस खौफ की। साठ फीट की ऊंचाई, पैर रखने को जर्जर कंक्रीट और नीचे उतरने का हर रास्ता बंद। दो घंटे तक वो बच्चे मौत को अपने सामने देखते रहे। प्रशासन जागा, क्रेन मंगाई गई, शोर मचा लेकिन यहीं विकास के दावों की पोल खुल गई। टंकी तक पहुंचने के लिए सड़क ही नहीं थी। चारों तरफ दलदल, जहां सिस्टम के पहिए धंस गए। जब ज़मीन पर रास्ते बंद हो गए, तो आसमान से उम्मीद की किरण जागी। मुख्यमंत्री कार्यालय और राहत आयुक्त के समन्वय के बाद भारतीय वायु सेना को मोर्चा संभालना पड़ा। रविवार की सुबह जब यम आई सत्तरह हेलीकॉप्टर के पंखों की गड़गड़ाहट सुनाई दी, तब जाकर उन मासूमों की सांस में सांस आई। वायु सेना के जवानों ने जांबाजी दिखाते हुए दोनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा। ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन क्या हम इसे जीत कह सकते हैं?1
- बिजनौर के थाना मंडावली की भागुवाला चौकी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में सिपाही संजय कुमार यादव एक युवक को ताबड़तोड़ थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। हालांकि वीडियो पुराना बताया जा रहा है, लेकिन पुलिसिया कार्रवाई के इस तरीके पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या वर्दी पहनकर कानून हाथ में लेना सही है? अपनी राय कमेंट में दें। #Bijnor #UPPolice #ViralVideo #AdityaBharat #CrimeNews1
- बहराइच, उत्तर प्रदेश जब सिस्टम खामोश हो जाए, तो दर्द आवाज बनकर फूट पड़ता है…एक बेबस महिला कई दिनों से अपने जमीनी विवाद को लेकर दफ्तर-दफ्तर भटक रही थी, लेकिन हर बार उसे सिर्फ तारीख और इंतज़ार ही मिला समाधान दिवस में बड़े अधिकारी बैठक कर रहे थे… उसी बीच ये महिला पहुंची और फूट-फूट कर रोने लगी उसकी आवाज में दर्द था, गुस्सा था और सबसे ज्यादा न्याय की पुकार थी “हम गरीब हैं… पैसा कहां से लाएं… अब कहीं नहीं जाएंगे… बस न्याय चाहिए सवाल ये है कि क्या गरीब को इंसाफ के लिए भी कीमत चुकानी पड़ेगी क्या बिना पैसे के न्याय मिलना सिर्फ किताबों की बात है ये सिर्फ एक महिला की कहानी नही ये उन हजारों आवाज़ों की सच्चाई है, जो सिस्टम के दरवाजे पर दम तोड़ देती हैं अब वक्त है आवाज उठाने का… ताकि किसी और को यूं रोकर न्याय न मांगना पड़े!1
- 5 din Se light nahin a rahi hai chacha ka kya kahana Hai ki gaon mein light nahin aati hai1
- Post by Ravi Verma Bahraich1
- झारखंड के धनबाद जिले के मुनीडीह स्थित बीसीसीएल की कोल वाशरी में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। स्लरी लोडिंग के दौरान अचानक मलबा ढह गया, जिससे वहां काम कर रहे चार दिहाड़ी मजदूर उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है, वहीं मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग भी तेज हो गई है।1
- Post by Pankaj Dev Tripathi1
- My 11 Years Of Instinct Just Stopped A National Security Crisis1