विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर वसुंधरा सृजन समिति द्वारा एक विशाल रक्तदान शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें 81 लोगों ने रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में दुष्यंत चतुर्वेदी, सुधीर सिंह और परम शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर दुष्यंत चतुर्वेदी और परम शर्मा ने स्वयं भी रक्तदान कर लोगों को प्रेरित किया, साथ ही रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डाला। रक्तदान शिविर में महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। वसुंधरा सृजन समिति के अध्यक्ष ऋषभ राय ने बताया कि वे अब तक 59 बार रक्तदान कर चुके हैं और निरंतर लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करते आ रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान एक महादान है, जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है। शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराना था। शिविर के दौरान सभी रक्तदाताओं का सम्मान एवं उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम के समापन पर शानू कंचन ने सभी अतिथियों, रक्तदाताओं, सहयोगियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए शिविर को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर समिति के संरक्षक के.के. अग्रवाल, उपाध्यक्ष रामू गुप्ता, आदित्य शर्मा, मुकुंद यादव, प्रिंस गुप्ता, वर्षा साहू, योगिता बंसल, भावना, भारत भूषण वशिष्ठ, अवतार खटीक और बालवीर कुशवाहा सहित अनेक कार्यकर्ता एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि रक्तदान महादान है, यह जीवन बचाने का सबसे सरल, सुरक्षित और श्रेष्ठ माध्यम है।
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर वसुंधरा सृजन समिति द्वारा एक विशाल रक्तदान शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें 81 लोगों ने रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया। इस कार्यक्रम में दुष्यंत चतुर्वेदी, सुधीर सिंह और परम शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर दुष्यंत चतुर्वेदी और परम शर्मा ने स्वयं भी रक्तदान कर लोगों को प्रेरित किया, साथ ही रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डाला। रक्तदान शिविर में महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दिया। वसुंधरा सृजन समिति के अध्यक्ष ऋषभ राय ने बताया कि वे अब तक 59 बार रक्तदान कर चुके हैं और निरंतर लोगों को नियमित रक्तदान के लिए प्रेरित करते आ रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान एक महादान
है, जो किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है। शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराना था। शिविर के दौरान सभी रक्तदाताओं का सम्मान एवं उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम के समापन पर शानू कंचन ने सभी अतिथियों, रक्तदाताओं, सहयोगियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए शिविर को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर समिति के संरक्षक के.के. अग्रवाल, उपाध्यक्ष रामू गुप्ता, आदित्य शर्मा, मुकुंद यादव, प्रिंस गुप्ता, वर्षा साहू, योगिता बंसल, भावना, भारत भूषण वशिष्ठ, अवतार खटीक और बालवीर कुशवाहा सहित अनेक कार्यकर्ता एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि रक्तदान महादान है, यह जीवन बचाने का सबसे सरल, सुरक्षित और श्रेष्ठ माध्यम है।
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- 27वें उर्स शरीफ के अवसर पर सूफियाना कलाम की गूंज सुनाई दी। इस कार्यक्रम के दौरान डॉ. संदीप ने सांप्रदायिक सौहार्द का महत्वपूर्ण संदेश दिया।1
- दतिया के भांडेर स्थित चिरगांव रोड पर 'अपना ढाबे' से एक होंडा शाइन बाइक चोरी हो गई है। हजारी मोहल्ला निवासी पीड़ित तारिक अली पिता साबिर अली ने रविवार दोपहर भांडेर थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कराया है। चोरी हुई बाइक सिल्वर रंग की होंडा शाइन है, जिसका नंबर MP 32 MD 3138 बताया गया है। जानकारी के अनुसार, तारिक अली शनिवार रात करीब 10:30 बजे अपना ढाबा बंद करके घर चले गए थे, जबकि ढाबे पर कार्यरत कर्मचारी अशफाक खान हमेशा की तरह वहीं सो रहे थे। अगली सुबह 14 जून को लगभग 6:30 बजे, जब तारिक अली ढाबे पहुँचे तो उन्हें अपनी बाइक गायब मिली। ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पता चला कि एक अज्ञात युवक ढाबे में दाखिल हुआ, पहले उसने ढाबे के पास लगा टट्टर हटाया और फिर बाइक लेकर जाने लगा। इसी दौरान कर्मचारी अशफाक खान जाग गए और उन्होंने चोर को रोकने की कोशिश की, उसका पीछा भी किया। हालांकि, आरोपी बाइक को तेज़ गति से भगाते हुए मौके से फरार हो गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसका वीडियो रविवार शाम 04 बजे सामने आया। इसमें आरोपी का हुलिया स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर, पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- पत्रकार पवन दांतरे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सेवढ़ा एसडीओपी अजय चानना ने उन 40 वाहनों के चालान काटे जो बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ रहे थे।1
- उनाव थाना प्रभारी यतेंद्र भदोरिया ने उत्तर प्रदेश के बदमाशों को दो टूक चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि कोई भी अपराधी अपराध की नियत से इस क्षेत्र में आता है, तो उसे 'ठिकाने लगा दिया जाएगा'। यह सख्त संदेश MBKS डिजिटल न्यूज़ नेटवर्क के लोकेश मिश्रा बुंदेली द्वारा रिपोर्ट किया गया है।1
- भांडेर अनुभाग के गोंदन थाना क्षेत्र के उड़ीना गाँव से अज्ञात कारणों के चलते एक वृद्ध महिला लापता हो गई है। रविवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित प्रकाश कुशवाहा की 60 वर्षीय पत्नी, जो दिमागी रूप से कमजोर बताई गई हैं, 28 मई की सुबह करीब 10:30 बजे अपने घर से लापता हो गईं। परिजनों ने हर जगह उनकी तलाश की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चल पाया। इसके बाद, परिजनों ने गोंदन थाने पहुंचकर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लापता महिला की तलाश शुरू कर दी है।1
- दतिया की राजनीति में कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है, जहाँ बड़ोनी के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और पूर्व सरपंच अशोक ककोरिया ने, जो कांग्रेस के जनपद सदस्य भी थे, अपने परिवार, समर्थकों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है। पूर्व गृह मंत्री और दतिया के वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने इस अवसर पर अशोक ककोरिया का भाजपा परिवार में स्वागत किया। इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष पवन पहाड़िया और जनपद उपाध्यक्ष सहित पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे। भाजपा नेताओं का कहना है कि दतिया में लगातार जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं का पार्टी के प्रति बढ़ता विश्वास विकास, जनसेवा और मजबूत नेतृत्व की राजनीति का ही परिणाम है। अशोक ककोरिया के भाजपा में शामिल होने को क्षेत्रीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, आगामी चुनावी समीकरणों के बीच यह सदस्यता अभियान भाजपा को संगठनात्मक मजबूती देने का काम कर सकता है। फिलहाल, दतिया की सियासत में यह बदलाव चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक प्रभावों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।1
- निवाड़ी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में रेबीज वैक्सीन की कमी सामने आई है। इस स्थिति को उजागर करते हुए, ओरछा निवासी एक युवक ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया है, जिसमें जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई गई है।1
- दतिया जिले के सेवड़ा स्थित प्रसिद्ध सनकुआ सिंध घाट पर सोमवती अमावस्या के अवसर पर आस्था का विराट जनसैलाब उमड़ पड़ा है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु पुण्य स्नान के लिए घाट पर पहुंचे हैं, लेकिन इतनी भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा इंतजाम बेहद नाकाफी दिखाई दे रहे हैं, जिस पर स्थानीय लोगों ने प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सोमवती अमावस्या के दिन सोमवार दोपहर से ही सेवड़ा के सनकुआ सिंध नदी घाट पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था, और शाम तक यहाँ लगभग डेढ़ लाख श्रद्धालुओं के पहुँचने का अनुमान लगाया जा रहा है। बड़ी संख्या में महिलाएँ, पुरुष और बच्चे सिंध नदी में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं। हालांकि, इस भारी भीड़ के सामने सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर नजर आ रही है, जहाँ मौके पर केवल 10 से 15 पुलिसकर्मी ही तैनात होने की बात सामने आई है। बढ़ती भीड़ के कारण घाट और आसपास के मार्गों पर जाम जैसी स्थिति बन गई है। कई श्रद्धालु नदी के बीच तक पहुँचकर स्नान कर रहे हैं, लेकिन उन्हें रोकने या सुरक्षित क्षेत्र में रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिख रही है। स्थानीय निवासियों ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया है कि पिछले एक महीने में सिंध नदी में डूबने की चार घटनाओं में लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के इंतजाम पर्याप्त नहीं दिख रहे। वायरल हो रहे वीडियो में छोटे बच्चे भी नदी पार करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे किसी संभावित हादसे की आशंका और बढ़ गई है। एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा है कि, “भीड़ बहुत ज्यादा है, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम कम हैं। प्रशासन को और पुलिस बल तथा बचाव दल तैनात करना चाहिए।” मौके पर आपदा प्रबंधन समिति और पुलिस का सीमित अमला मौजूद है, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या की तुलना में संसाधन बेहद कम दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में, किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में राहत और बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल, श्रद्धालुओं का आस्था पर्व जारी है, लेकिन बढ़ती भीड़ और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गई है। अब देखना होगा कि संभावित जोखिम को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त इंतजाम करता है या नहीं।1