बिहार के गया जी स्थित बिपार्ड (BIPARD) परिसर में 18वीं बिहार विधानसभा के सदस्यों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने विधायकों को राष्ट्र निर्माण का एक बड़ा विजन दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना विकसित बिहार के, विकसित भारत की परिकल्पना अधूरी है। उन्होंने रेखांकित किया कि देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सफलता का रास्ता बिहार के गांवों और गलियों से होकर ही गुजरेगा, इसलिए विधायकों को अब राज्य को पिछड़ेपन से बाहर निकालकर आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी उठानी होगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नए विधायकों को विधायी प्रक्रियाओं से अवगत कराना है ताकि वे सदन के कीमती समय का उपयोग शोर-शराबे के बजाय सकारात्मक बहसों में कर सकें। उपराष्ट्रपति ने विधायकों को सीख दी कि सदन में वैचारिक असहमति होना लोकतंत्र का जीवंत लक्षण है, लेकिन इस असहमति को व्यक्तिगत शत्रुता या जनविरोधी गतिरोध में नहीं बदला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक विधायक का पहला और अंतिम कर्तव्य भारत के संविधान के प्रति वफादार रहना है और राजनीति का अंतिम लक्ष्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान होना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक रोटियां सेकना। इस गरिमामयी मंच पर बिहार की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था का शीर्ष नेतृत्व एक साथ एकजुट नजर आया। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के मार्गदर्शक विचारों के साथ-साथ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन की प्रशासनिक दृष्टि, मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी का राजनीतिक संकल्प, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और विधान परिषद के सभापति श्री अवधेश नारायण सिंह की प्रतिबद्धता देखने को मिली। ज्ञान और मोक्ष की भूमि गया जी से शुरू हुआ यह कार्यक्रम विधायकों को 'राजनीति' से ऊपर उठकर 'राष्ट्रनीति' की ओर ले जाने का एक सुनहरा अवसर है, जिससे वे केवल सत्ता सुख भोगने के बजाय बिहार के भाग्य को बदलने के लिए कार्य कर सकें।
बिहार के गया जी स्थित बिपार्ड (BIPARD) परिसर में 18वीं बिहार विधानसभा के सदस्यों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने विधायकों को राष्ट्र निर्माण का एक बड़ा विजन दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि बिना विकसित बिहार के, विकसित भारत की परिकल्पना अधूरी है। उन्होंने रेखांकित किया कि देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की सफलता का रास्ता बिहार के गांवों और गलियों से होकर ही गुजरेगा, इसलिए विधायकों को अब राज्य को पिछड़ेपन से बाहर निकालकर आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी उठानी होगी। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नए विधायकों को विधायी प्रक्रियाओं से अवगत कराना है ताकि वे सदन के कीमती समय का उपयोग शोर-शराबे के बजाय सकारात्मक बहसों में कर सकें। उपराष्ट्रपति ने विधायकों को सीख दी कि सदन में वैचारिक असहमति होना लोकतंत्र का जीवंत लक्षण है, लेकिन इस असहमति को व्यक्तिगत शत्रुता या जनविरोधी गतिरोध में नहीं बदला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक विधायक का पहला और अंतिम कर्तव्य भारत के संविधान के प्रति वफादार रहना है और राजनीति का अंतिम लक्ष्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का उत्थान होना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक रोटियां सेकना। इस गरिमामयी मंच पर बिहार की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था का शीर्ष नेतृत्व एक साथ एकजुट नजर आया। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के मार्गदर्शक विचारों के साथ-साथ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन की प्रशासनिक दृष्टि, मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी का राजनीतिक संकल्प, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और विधान परिषद के सभापति श्री अवधेश नारायण सिंह की प्रतिबद्धता देखने को मिली। ज्ञान और मोक्ष की भूमि गया जी से शुरू हुआ यह कार्यक्रम विधायकों को 'राजनीति' से ऊपर उठकर 'राष्ट्रनीति' की ओर ले जाने का एक सुनहरा अवसर है, जिससे वे केवल सत्ता सुख भोगने के बजाय बिहार के भाग्य को बदलने के लिए कार्य कर सकें।
- गया जी के मगध आईजी कार्यालय में हर दिन शिकायतकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।1
- गया के बाराचट्टी अंतर्गत पतलुका स्थित पंचायत सरकार भवन में लोक संवाद गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी के दौरान वहां पहुंचे लोगों की समस्याओं को सुना गया।1
- गया के राजेंद्र आश्रम स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में शनिवार को नवनियुक्त बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्षों डॉ. अखौरी ओंकार नाथ उर्फ डॉ. मोहन श्रीवास्तव और सत्येंद्र नारायण सिंह के सम्मान में एक भव्य अभिनंदन एवं स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता गया जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रजनीश कुमार उर्फ झुन्ना ने की। समारोह के दौरान दोनों नेताओं के कार्यालय पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं, अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया, जिससे पूरे परिसर में कांग्रेस के समर्थन में गगनभेदी नारे गूंजने लगे। समारोह को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष रजनीश कुमार ने कहा कि डॉ. मोहन श्रीवास्तव और सत्येंद्र नारायण सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलना पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों नेताओं के लंबे अनुभव और समर्पण का लाभ बिहार कांग्रेस को मिलेगा, जिससे संगठन बूथ स्तर तक सशक्त होगा। वहीं, नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. मोहन श्रीवास्तव ने कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करना और आम जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाना है। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और संविधान की रक्षा के लिए सभी कांग्रेसजनों से एकजुट होने का आह्वान किया। इस समारोह में मेयर गणेश पासवान, संतोष कुमार, डॉ. शशि शेखर सिंह, विजय शर्मा, युगल किशोर सिंह, राम प्रमोद सिंह, विद्या शर्मा, मदीना खातून, सैफुल इस्लाम, धर्मेंद्र निराला, ओंकार शक्ति, अनिल पासवान और चंदन कुमार मेहता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।2
- औरंगाबाद के गोह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में पदस्थापित लिपिक मनोज कुमार सिंह का ड्यूटी के दौरान टेबल पर पैर रखकर सोते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। स्थानीय प्रबुद्धजनों का कहना है कि यह वायरल वीडियो सरकार और उसकी व्यवस्था को सीधा ठेंगा दिखा रहा है। लिपिक मनोज कुमार मूल रूप से अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दरधा में पदस्थापित हैं, लेकिन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा उन्हें गोह पीएचसी में नियुक्त किया गया है। लोगों का मानना है कि इस लिपिक के प्रभारी के साथ बेहद करीबी संबंध हैं। वहीं, इस मामले में लिपिक का बीच-बचाव करते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शिवशंकर कुमार ने आरोपों को खारिज किया है और सफाई दी है कि यह वीडियो करीब दो महीने पुराना है, जब लिपिक मनोज की अचानक तबीयत खराब हो गई थी।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में एक स्कूल परिसर के भीतर प्रधान अध्यापिका द्वारा एक अभिभावक की चप्पल से पिटाई करने का मामला सामने आया है। यह घटना कौशाम्बी के चरवा थाना क्षेत्र के काजू गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की बताई जा रही है, जहां प्रधान अध्यापिका अनीता देवी ने स्कूल परिसर में ही एक अभिभावक को चप्पलों से दे दनादन पीट दिया। दरअसल, अनुज कुमार यादव अपनी बहन की टीसी (ट्रांसफर सर्टिफिकेट) लेने के लिए स्कूल गए हुए थे, जहां आधार कार्ड को लेकर कुछ विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर अनुज यादव ने अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया, जिससे नाराज होकर प्रिंसिपल मैडम ने उनकी चप्पलों से जमकर पिटाई कर दी। इस मामले में पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।1