चंदौली जनपद में उप खनिजों के अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर लगाम कसने के उद्देश्य से 9 जून 2026 को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने नौबतपुर स्थित खनिज विभाग के चेकगेट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिहार राज्य से आने वाले मोरम लदे वाहनों की जांच प्रक्रिया का जायजा लिया और ISTP से संबंधित अभिलेखों की गहनता से जांच कर आवश्यक जानकारी जुटाई। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार और खनन अधिकारी को चेकगेट पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित ड्यूटी लगाने, सीमावर्ती जनपदों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा किसी भी प्रकार के अवैध उप खनिज परिवहन को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि चेकगेट से गुजरने वाले हर वाहन पर पैनी नजर रखी जाए और अवैध खनन, ओवरलोडिंग सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जाए। साथ ही, अधिकारियों को बिना किसी दबाव के नियमानुसार कार्य करने और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल प्रशासन को अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में पुलिस विभाग के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया, और कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बिना नंबर प्लेट या नंबर प्लेट छिपाकर संचालित होने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। प्रशासन की इस अचानक सख्ती से अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
चंदौली जनपद में उप खनिजों के अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर लगाम कसने के उद्देश्य से 9 जून 2026 को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग और पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने नौबतपुर स्थित खनिज विभाग के चेकगेट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बिहार राज्य से आने वाले मोरम लदे वाहनों की जांच प्रक्रिया का जायजा लिया और ISTP से संबंधित अभिलेखों की गहनता से जांच कर आवश्यक जानकारी जुटाई। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार और खनन अधिकारी को चेकगेट पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित ड्यूटी लगाने, सीमावर्ती जनपदों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा किसी भी प्रकार के अवैध उप खनिज परिवहन को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि चेकगेट से गुजरने वाले हर वाहन पर पैनी नजर रखी जाए और अवैध खनन, ओवरलोडिंग सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जाए। साथ ही, अधिकारियों को बिना किसी दबाव के नियमानुसार कार्य करने और किसी भी समस्या की स्थिति में तत्काल प्रशासन को अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में पुलिस विभाग के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया, और कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से बिना नंबर प्लेट या नंबर प्लेट छिपाकर संचालित होने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। प्रशासन की इस अचानक सख्ती से अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
- वाराणसी के अवलेशपुर में दोपहर के उजाले में, भीड़-भाड़ वाले इलाके में ताबड़तोड़ गोलियां चलीं, जिसमें जितेंद्र पटेल खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। अपराधियों ने इस दौरान न कानून का डर दिखाया, न पुलिस का खौफ और न ही किसी इंसानियत का लिहाज किया। यह घटना उत्तर प्रदेश में किए जा रहे "जीरो टॉलरेंस और अपराध मुक्त प्रदेश" के बड़े-बड़े दावों पर सीधा सवाल उठाती है। दावा है कि प्रदेश की राजधानी से सटे शहर में अपराधी खुलेआम तांडव कर रहे हैं, उनमें कोई खौफ या रोक-टोक नहीं है। आम आदमी सड़क पर निकलते समय डरने लगा है कि कहीं उसके साथ भी ऐसी वारदात न हो जाए, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि जब अपना ही मोहल्ला सुरक्षित नहीं तो भाषणों और वादों का क्या मोल रह जाता है। यह सिर्फ जितेंद्र पटेल की मौत नहीं बल्कि हर उस परिवार का डर है जो अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय सुरक्षा को लेकर चिंतित रहता है। यह दिनदहाड़े हुई जितेंद्र पटेल की गोली मारकर हत्या प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सबसे बड़ा प्रश्नचिह्न है, और "अपराध मुक्त प्रदेश" के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।1
- वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में मंगलवार सुबह से अतिक्रमण हटाओ अभियान को तेज कर दिया गया है। प्रशासन की टीम ने पोकलेन और जेसीबी मशीनों का उपयोग करते हुए मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की है। सुबह से ही पूरे इलाके में पुलिस और पीएसी की भारी तैनाती की गई है, जहाँ पोकलेन मशीनों से एक-एक कर पुराने मकानों को गिराया जा रहा है। इस ध्वस्तीकरण के कारण पूरे क्षेत्र में धूल का गुबार छा गया है। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों को अपना सामान समेटते देखा गया, जिनमें से कई परिवारों ने बताया कि वे दशकों से इस क्षेत्र में रह रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई माननीय न्यायालय के आदेश तथा क्षेत्र के सौंदर्यीकरण योजना के तहत की जा रही है। दालमंडी में ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई फिलहाल जारी है, और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।1
- सोशल मीडिया पोस्ट में देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलने के प्रयासों पर गहरा व्यंग्य किया गया है। टिप्पणी के अनुसार, शिक्षा प्रणाली को बदलने के लिए आए लोग, जिनमें 12वीं पास व्यक्ति भी शामिल थे, अपने-अपने अलग एजेंडे और नारों के साथ पहुंचे थे। पोस्ट यह सवाल उठाता है कि ऐसे में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव कैसे आएगा, क्योंकि ये लोग खुद ही यह नहीं समझ पा रहे कि वहाँ सब अपने-अपने हितों की बात कर रहे हैं।1
- वाराणसी के टांडा कला बाजार में जर्जर सीवर नाली के गंदे पानी से पूरा बाजार सराबोर हो गया है। इस गंभीर समस्या के कारण आक्रोशित व्यापारियों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया।1
- दिनांक 08.06.2026 को थाना चकरघट्टा के अंतर्गत ग्राम धनकुंवारी महादेवा में पुलिया निर्माण को लेकर एक मारपीट की घटना हुई। इस घटना के संबंध में नौगढ क्षेत्राधिकारी ने अपना वक्तव्य जारी किया है।1
- उत्तर प्रदेश के बागपत में एक सनसनीखेज वारदात हुई है, जहाँ टेंट कारोबारी सोहनलाल अग्रवाल और उनके बेटे विकास अग्रवाल की ताबड़तोड़ गोलीबारी कर हत्या कर दी गई। यह घटना तब हुई जब पिता-पुत्र अपनी दुकान पर बैठे थे। इस हमले को वरुण लुहारी गैंग के 8-10 बदमाशों ने अंजाम दिया। परिवार के अनुसार, पुलिस से पहले भी इस मामले में शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। विकास अग्रवाल की शादी छह महीने पहले ही हुई थी और उनकी पत्नी गर्भवती हैं। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने वरुण लुहारी के एनकाउंटर की मांग को लेकर सड़क जाम कर दी और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, बागपत के एसपी सूरज राय ने इस मामले को पुरानी रंजिश का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि 2016 में भी एक मामला दर्ज हुआ था और वर्तमान में जिले में कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है।1
- चंदौली जिले के सकलडीहा में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर को अपने ही गांव में उनकी बिरादरी के लोगों से बगावत का सामना करना पड़ा है। मंत्री के गृह गांव सकलडीहा में उनकी बिरादरी के लोगों ने स्पष्ट रूप से उनके खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंक दिया है। इस बगावत में सपा जिला अध्यक्ष सत्यनारायण राजभर का भी उल्लेख किया गया है।1
- वाराणसी के अवलेशपुर में दिनदहाड़े एक भीड़-भाड़ वाले इलाके में ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं, जिससे जितेंद्र पटेल खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। इस वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों ने न कानून का भय दिखाया, न पुलिस का डर और न ही किसी तरह की इंसानियत। यह घटना उस उत्तर प्रदेश में घटी है जहाँ 'जीरो टॉलरेंस' और 'अपराध मुक्त प्रदेश' के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। इन्हीं दावों के बावजूद, प्रदेश की राजधानी से सटे शहर में अपराधी बेखौफ होकर खुलेआम तांडव कर रहे हैं, उन पर कोई रोक-टोक या खौफ नहीं दिखाई देता। इस तरह की घटनाओं के कारण आम आदमी सड़क पर निकलते हुए यह सोचने पर मजबूर हो जाता है कि कहीं उसके साथ भी ऐसा ही कुछ न हो जाए, जिससे अपने मोहल्ले में भी सुरक्षित महसूस न होने की स्थिति में सरकार के भाषणों और वादों का मोल बेमानी लगने लगता है। जितेंद्र पटेल की यह मौत केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं है, बल्कि यह हर उस परिवार के भीतर का डर है जो अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय असुरक्षा महसूस करता है। इस दिनदहाड़े की गई गोलीबारी और हत्या ने प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर एक सबसे बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है और 'अपराध मुक्त प्रदेश' के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव के समापन समारोह में 'लव जिहाद' की घटनाओं को रोकने को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। अपने संबोधन में, उन्होंने माता जानकी के अपहरण और भगवान राम द्वारा उत्तर-दक्षिण को जोड़ने के प्रयासों का जिक्र किया, जिसे उन्होंने नारी गरिमा की रक्षा का एक आदर्श उदाहरण बताया। सीएम योगी ने विशेष रूप से इस प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि रावण द्वारा माता जानकी का हरण और भगवान राम का उन्हें वापस लाने के लिए पूरा यत्न, लव जिहाद की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक आदर्श उदाहरण हो सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह दृष्टांत सिखाता है कि महिलाओं के सम्मान की रक्षा कैसे की जाती है।1