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संसद में विधेयक का समर्थन करते हुए राघव चड्ढा बोले: भारत को मिला पहला समर्पित एंटी-पेपर लीक फ्रेमवर्क *छात्रों ने आवाज़ उठाई, सरकार ने सुना, प्रधानमंत्री ने मुखिया की तरह निर्णय लिया: मोदी सरकार की सराहना करते हुए राघव चड्ढा* *राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, संस्थागत सुधार चुना सरकार ने: पेपर लीक पर सरकार द्वारा त्वरित कार्यवाही की राघव चड्ढा ने सराहना की* *हर ईमानदार छात्र को ऐसा निष्पक्ष परीक्षा तंत्र मिलना चाहिए जहाँ परिणाम लीक हुए पेपर से नहीं, मेहनत और मेरिट से तय हों: राघव चड्ढा* *छात्रों और उनके भविष्य से बढ़कर कुछ नहीं, छात्र आंदोलनों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए: राघव चड्ढा* *एक परीक्षा केवल रैंक तय कर सकती है, किसी छात्र की कीमत नहीं: छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा पर राघव चड्ढा का ज़ोर* *आज वह ऐतिहासिक दिन है जब व्यवस्था को ठीक किया जा रहा है, अब पेपर लीक माफिया पर कानून की पूरी ताकत चलेगी: राघव चड्ढा* *फार्मेसी भर्ती से लेकर PSTET तक: पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान लगातार हुए पेपर लीक और परीक्षा घोटालों का राघव चड्ढा ने किया उल्लेख, जवाबदेही की मांग* *जिस मंत्री के निजी सहायक को ही पेपर लीक में गिरफ्तार किया गया: कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर राघव चड्ढा का तीखा हमला* *मुझे सुर्खियां नहीं, समाधान चाहिए था: NEET विधेयक पर भाषण के अंत में राघव चड्ढा का भावुक संदेश* *नई दिल्ली* *31 जुलाई 2026* --- *संसद में विधेयक का समर्थन करते हुए राघव चड्ढा बोले: भारत को मिला पहला समर्पित एंटी-पेपर लीक फ्रेमवर्क* राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए सांसद राघव चड्ढा ने विधेयक का पूर्ण समर्थन किया और इसे भारत का पहला समर्पित एंटी-पेपर लीक फ्रेमवर्क बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से पेपर लीक ने लाखों छात्रों की मेहनत, मेरिट और सपनों को नुकसान पहुंचाया है। अब देश अस्थायी प्रतिक्रियाओं और मीडिया की सुर्खियों से आगे बढ़कर एक ऐसे मजबूत कानूनी और संस्थागत ढांचे की ओर बढ़ रहा है, जो संगठित पेपर लीक माफिया को जड़ से समाप्त करेगा। उन्होंने कहा कि यह कानून केवल पेपर लीक होने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। राघव चड्ढा ने कहा कि यह विधेयक ईमानदार छात्रों के हितों की रक्षा करने और परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास बहाल करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। *छात्रों ने आवाज़ उठाई, सरकार ने सुना, प्रधानमंत्री ने मुखिया की तरह निर्णय लिया: मोदी सरकार की सराहना करते हुए राघव चड्ढा* अपने भाषण की शुरुआत NEET अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उनका गुस्सा जायज़ था, उनका दर्द वास्तविक था और परीक्षा प्रणाली को लेकर उनकी शिकायतें भी पूरी तरह उचित थीं। उन्होंने कहा कि जब छात्रों ने अपनी बात रखी, सरकार ने उसे गंभीरता से सुना। प्रधानमंत्री ने केवल सरकार के प्रमुख के रूप में नहीं, बल्कि परिवार के मुखिया की तरह छात्रों की पीड़ा को समझा और उस पर निर्णायक कार्रवाई की। राघव चड्ढा ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों और उनके परिवारों के त्याग का भावुक चित्रण किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपनी बचत खर्च करते हैं, कई बार कर्ज़ लेते हैं और छात्र घर-परिवार, त्योहार, दोस्तों, नींद और स्वास्थ्य तक का त्याग करते हैं क्योंकि उन्हें विश्वास होता है कि उनकी मेहनत उनके परिवार का भविष्य बदल सकती है। उन्होंने कहा, "जब पेपर लीक होता है तो सिर्फ प्रश्नपत्र नहीं लीक होता, बल्कि छात्र की मेहनत, सपने, आत्मविश्वास, भरोसा और भविष्य भी लीक हो जाता है।" चार्टर्ड अकाउंटेंसी के छात्र रहे राघव चड्ढा ने कहा कि वे स्वयं इस मानसिक दबाव और संघर्ष को समझते हैं। उन्होंने NEET प्रकरण के बाद सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने तत्काल पुनः परीक्षा कराई, जांच CBI को सौंपी, SIT गठित की, मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, मात्र 75 दिनों में चार्जशीट दाखिल की, NTA में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए, वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया, तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस लिए गए, प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया गया, परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई और भविष्य में NEET को पूर्णतः कंप्यूटर आधारित परीक्षा बनाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने नंदन नीलेकणी सहित विशेषज्ञों वाली उच्च स्तरीय टास्क फोर्स के गठन का भी स्वागत किया। *राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, संस्थागत सुधार चुना सरकार ने: पेपर लीक पर सरकार की त्वरित कार्रवाई की राघव चड्ढा ने सराहना* राघव चड्ढा ने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान केवल भाषणों और राजनीतिक बयानबाज़ी से नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि "जिस तरह कैंसर का इलाज क्रोसिन से नहीं हो सकता, उसी तरह पेपर लीक का इलाज मीडिया साउंडबाइट से नहीं बल्कि संस्थागत सुधारों से होगा।" उन्होंने कहा कि सरकार ने राजनीतिक बयानबाज़ी की जगह व्यापक कानूनी और संस्थागत सुधारों का रास्ता चुना है। बेंजामिन फ्रैंकलिन के प्रसिद्ध कथन "Well done is better than well said" का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों तक केवल चर्चा होती रही, लेकिन अब सरकार ने ठोस सुधार लागू किए हैं। *हर ईमानदार छात्र को ऐसा निष्पक्ष परीक्षा तंत्र मिलना चाहिए जहाँ परिणाम लीक हुए पेपर से नहीं, मेहनत और मेरिट से तय हों: राघव चड्ढा* राघव चड्ढा ने कहा कि नया कानून यह सुनिश्चित करेगा कि हर ईमानदार छात्र समान अवसर पर प्रतिस्पर्धा करे और सफलता केवल उसकी मेहनत और योग्यता से तय हो। उन्होंने बताया कि अब पेपर लीक को किसी एक व्यक्ति का अपराध नहीं बल्कि संगठित अपराध माना जाएगा, जिसमें कोचिंग माफिया, अंदरूनी लोग, प्रिंटिंग प्रेस, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, सॉल्वर गैंग और भ्रष्ट अधिकारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि कानून में 10 वर्ष तक की सजा, 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना, अपराधों को संज्ञेय, गैर-जमानती और गैर-समझौतायोग्य बनाए जाने, विशेष जांच दल, समयबद्ध जांच, फास्ट ट्रैक कोर्ट और विशेष लोक अभियोजक जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह कानून पेपर लीक माफिया में वास्तविक भय पैदा करेगा और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को मजबूत करेगा। *छात्रों और उनके भविष्य से बढ़कर कुछ नहीं, छात्र आंदोलनों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए: राघव चड्ढा* राघव चड्ढा ने कहा कि इस कानून का मूल उद्देश्य छात्रों और उनके भविष्य की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध, सवाल पूछने और जवाबदेही मांगने का पूरा संवैधानिक अधिकार है, लेकिन छात्र आंदोलनों को राजनीतिक मंच नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कहा, "छात्रों को न्याय चाहिए, कुछ राजनीतिक दलों को केवल फुटेज चाहिए। छात्रों को सुरक्षित परीक्षा चाहिए, कुछ नेताओं को सिर्फ वायरल क्लिप चाहिए।" उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल के बीच नहीं, बल्कि मेरिट बनाम माफिया की लड़ाई है। *एक परीक्षा केवल रैंक तय कर सकती है, किसी छात्र की कीमत नहीं: छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा पर राघव चड्ढा का ज़ोर* राघव चड्ढा ने कहा कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा, लगातार तुलना और अवास्तविक अपेक्षाओं ने छात्रों पर अत्यधिक मानसिक दबाव पैदा कर दिया है। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों और समाज से अपील की कि वे याद रखें कि परीक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन छात्र उससे भी अधिक महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा, "एक परीक्षा केवल रैंक तय कर सकती है, किसी छात्र की कीमत, सम्मान या भविष्य नहीं।" *आज वह ऐतिहासिक दिन है जब व्यवस्था को ठीक किया जा रहा है, अब पेपर लीक माफिया पर कानून की पूरी ताकत चलेगी: राघव चड्ढा* राघव चड्ढा ने कहा कि संसद केवल पेपर लीक पर चर्चा नहीं कर रही, बल्कि उसका स्थायी समाधान दे रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों से विभिन्न सरकारों के दौरान पेपर लीक होते रहे, लेकिन आज तक कोई समर्पित एंटी-पेपर लीक कानून नहीं बनाया गया था। उन्होंने UPA शासनकाल के दौरान AIIMS PG (2006), रेलवे भर्ती बोर्ड (2009), AIEEE (2011) और SSC CGL (2013) जैसी परीक्षाओं में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि बार-बार घटनाएं होने के बावजूद उस समय कोई व्यापक कानूनी ढांचा नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि "राजनीतिक स्मृति चयनात्मक हो सकती है, लेकिन सार्वजनिक रिकॉर्ड नहीं।" *फार्मेसी भर्ती से लेकर PSTET तक: पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान लगातार हुए पेपर लीक और परीक्षा घोटालों का राघव चड्ढा ने किया उल्लेख, जवाबदेही की मांग* राघव चड्ढा ने कहा कि जवाबदेही राजनीतिक दल देखकर तय नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा, नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की बारहवीं अंग्रेज़ी परीक्षा, PSTET, कृषि विकास अधिकारी भर्ती, PSB अधिकारी भर्ती और आबकारी एवं कराधान निरीक्षक भर्ती प्रक्रिया में सामने आए कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं दिखाती हैं कि पूरे देश में संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के खिलाफ एक मजबूत राष्ट्रीय कानून की आवश्यकता थी। *जिस मंत्री के निजी सहायक को ही पेपर लीक में गिरफ्तार किया गया: कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर राघव चड्ढा का तीखा हमला* राघव चड्ढा ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वहां लगातार पेपर लीक की घटनाएं जवाबदेही की विफलता को दर्शाती हैं। उन्होंने इस वर्ष हुए SSLC पेपर लीक और 2016 के प्री-यूनिवर्सिटी केमिस्ट्री पेपर लीक का उल्लेख किया, जिसमें मूल परीक्षा रद्द होने के बाद पुनर्परीक्षा का प्रश्नपत्र भी लीक हो गया था। उन्होंने कहा कि जांच में तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री के निजी सहायक की गिरफ्तारी हुई, लेकिन इतनी गंभीर घटना के बावजूद कोई राजनीतिक जवाबदेही तय नहीं हुई। *मुझे सुर्खियां नहीं, समाधान चाहिए था: NEET विधेयक पर भाषण के अंत में राघव चड्ढा का भावुक संदेश* अपने संबोधन के अंत में राघव चड्ढा ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए उनका दायित्व सवाल उठाना था, लेकिन आज उनकी जिम्मेदारी समाधान का समर्थन करना है। उन्होंने कहा कि वे रोज़ मीडिया में बयान देकर सुर्खियां बटोर सकते थे, लेकिन उन्होंने तभी बोलने का फैसला किया जब संसद वास्तव में व्यवस्था को सुधार रही थी। उन्होंने कहा, "मुझे सुर्खियां नहीं, समाधान चाहिए था।" विधेयक का स्वागत करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन सुधारों से भारत की परीक्षा प्रणाली अधिक मजबूत होगी, परीक्षाएं अधिक सुरक्षित होंगी, मेरिट का सम्मान होगा और पेपर लीक माफिया का अंत होगा। उन्होंने कहा, "व्यवस्था मजबूत होगी, प्रश्नपत्र सुरक्षित होंगे, परीक्षाएं निष्पक्ष होंगी, मेरिट का सम्मान होगा, माफिया जेल जाएगा, सरकार पहरेदार बनेगी और अंततः जीत छात्रों की होगी।"

9 hrs ago
user_अनिल कुमार गुप्ता
अनिल कुमार गुप्ता
Local News Reporter सीमा पुरी, शाहदरा, दिल्ली•
9 hrs ago
1f250d33-2aec-49f0-b9a9-4d8a8fb1ae79

संसद में विधेयक का समर्थन करते हुए राघव चड्ढा बोले: भारत को मिला पहला समर्पित एंटी-पेपर लीक फ्रेमवर्क *छात्रों ने आवाज़ उठाई, सरकार ने सुना, प्रधानमंत्री ने मुखिया की तरह निर्णय लिया: मोदी सरकार की सराहना करते हुए राघव चड्ढा* *राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, संस्थागत सुधार चुना सरकार ने: पेपर लीक पर सरकार द्वारा त्वरित कार्यवाही की राघव चड्ढा ने सराहना की* *हर ईमानदार छात्र को ऐसा निष्पक्ष परीक्षा तंत्र मिलना चाहिए जहाँ परिणाम लीक हुए पेपर से नहीं, मेहनत और मेरिट से तय हों: राघव चड्ढा* *छात्रों और उनके भविष्य से बढ़कर कुछ नहीं, छात्र आंदोलनों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए: राघव चड्ढा* *एक परीक्षा केवल रैंक तय कर सकती है, किसी छात्र की कीमत नहीं: छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा पर राघव चड्ढा का ज़ोर* *आज वह ऐतिहासिक दिन है जब व्यवस्था को ठीक किया जा रहा है, अब पेपर लीक माफिया पर कानून की पूरी ताकत चलेगी: राघव चड्ढा* *फार्मेसी भर्ती से लेकर PSTET तक: पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान लगातार हुए पेपर लीक और परीक्षा घोटालों का राघव चड्ढा ने किया उल्लेख, जवाबदेही की मांग* *जिस मंत्री के निजी सहायक को ही पेपर लीक में गिरफ्तार किया गया: कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर राघव चड्ढा का तीखा हमला* *मुझे सुर्खियां नहीं, समाधान चाहिए था: NEET विधेयक पर भाषण के अंत में राघव चड्ढा का भावुक संदेश* *नई दिल्ली* *31 जुलाई 2026* --- *संसद में विधेयक का समर्थन करते हुए राघव चड्ढा बोले: भारत को मिला पहला समर्पित एंटी-पेपर लीक फ्रेमवर्क* राज्यसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए सांसद राघव चड्ढा ने विधेयक का पूर्ण समर्थन किया और इसे भारत का पहला समर्पित एंटी-पेपर लीक फ्रेमवर्क बताया। उन्होंने कहा कि वर्षों से पेपर लीक ने लाखों छात्रों की मेहनत, मेरिट और सपनों को नुकसान पहुंचाया है। अब देश अस्थायी प्रतिक्रियाओं और मीडिया की सुर्खियों से आगे बढ़कर एक ऐसे मजबूत कानूनी और संस्थागत ढांचे की ओर बढ़ रहा है, जो संगठित पेपर लीक माफिया को जड़ से समाप्त करेगा। उन्होंने कहा कि यह कानून केवल पेपर लीक होने के बाद कार्रवाई करने तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। राघव चड्ढा ने कहा कि यह विधेयक ईमानदार छात्रों के हितों की रक्षा करने और परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास बहाल करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। *छात्रों ने आवाज़ उठाई, सरकार ने सुना, प्रधानमंत्री ने मुखिया की तरह निर्णय लिया: मोदी सरकार की सराहना करते हुए राघव चड्ढा* अपने भाषण की शुरुआत NEET अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि उनका गुस्सा जायज़ था, उनका दर्द वास्तविक था और परीक्षा प्रणाली को लेकर उनकी शिकायतें भी पूरी तरह उचित थीं। उन्होंने कहा कि जब छात्रों ने अपनी बात रखी, सरकार ने उसे गंभीरता से सुना। प्रधानमंत्री ने केवल सरकार के प्रमुख के रूप में नहीं, बल्कि परिवार के मुखिया की तरह छात्रों की पीड़ा को समझा और उस पर निर्णायक कार्रवाई की। राघव चड्ढा ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों और उनके परिवारों के त्याग का भावुक चित्रण किया। उन्होंने कहा कि माता-पिता अपनी बचत खर्च करते हैं, कई बार कर्ज़ लेते हैं और छात्र घर-परिवार, त्योहार, दोस्तों, नींद और स्वास्थ्य तक का त्याग करते हैं क्योंकि उन्हें विश्वास होता है कि उनकी मेहनत उनके परिवार का भविष्य बदल सकती है। उन्होंने कहा, "जब पेपर लीक होता है तो सिर्फ प्रश्नपत्र नहीं लीक होता, बल्कि छात्र की मेहनत, सपने, आत्मविश्वास, भरोसा और भविष्य भी लीक हो जाता है।" चार्टर्ड अकाउंटेंसी के छात्र रहे राघव चड्ढा ने कहा कि वे स्वयं इस मानसिक दबाव और संघर्ष को समझते हैं। उन्होंने NEET प्रकरण के बाद सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने तत्काल पुनः परीक्षा कराई, जांच CBI को सौंपी, SIT गठित की, मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, मात्र 75 दिनों में चार्जशीट दाखिल की, NTA में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए, वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला किया, तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया, छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस लिए गए, प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया गया, परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई और भविष्य में NEET को पूर्णतः कंप्यूटर आधारित परीक्षा बनाने का निर्णय लिया गया। उन्होंने नंदन नीलेकणी सहित विशेषज्ञों वाली उच्च स्तरीय टास्क फोर्स के गठन का भी स्वागत किया। *राजनीतिक बयानबाज़ी नहीं, संस्थागत सुधार चुना सरकार ने: पेपर लीक पर सरकार की त्वरित कार्रवाई की राघव चड्ढा ने सराहना* राघव चड्ढा ने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान केवल भाषणों और राजनीतिक बयानबाज़ी से नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि "जिस तरह कैंसर का इलाज क्रोसिन से नहीं हो सकता, उसी तरह पेपर लीक का इलाज मीडिया साउंडबाइट से नहीं बल्कि संस्थागत सुधारों से होगा।" उन्होंने कहा कि सरकार ने राजनीतिक बयानबाज़ी की जगह व्यापक कानूनी और संस्थागत सुधारों का रास्ता चुना है। बेंजामिन फ्रैंकलिन के प्रसिद्ध कथन "Well done is better than well said" का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों तक केवल चर्चा होती रही, लेकिन अब सरकार ने ठोस सुधार लागू किए हैं। *हर ईमानदार छात्र को ऐसा निष्पक्ष परीक्षा तंत्र मिलना चाहिए जहाँ परिणाम लीक हुए पेपर से नहीं, मेहनत और मेरिट से तय हों: राघव चड्ढा* राघव चड्ढा ने कहा कि नया कानून यह सुनिश्चित करेगा कि हर ईमानदार छात्र समान अवसर पर प्रतिस्पर्धा करे और सफलता केवल उसकी मेहनत और योग्यता से तय हो। उन्होंने बताया कि अब पेपर लीक को किसी एक व्यक्ति का अपराध नहीं बल्कि संगठित अपराध माना जाएगा, जिसमें कोचिंग माफिया, अंदरूनी लोग, प्रिंटिंग प्रेस, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, सॉल्वर गैंग और 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बावजूद उस समय कोई व्यापक कानूनी ढांचा नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि "राजनीतिक स्मृति चयनात्मक हो सकती है, लेकिन सार्वजनिक रिकॉर्ड नहीं।" *फार्मेसी भर्ती से लेकर PSTET तक: पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान लगातार हुए पेपर लीक और परीक्षा घोटालों का राघव चड्ढा ने किया उल्लेख, जवाबदेही की मांग* राघव चड्ढा ने कहा कि जवाबदेही राजनीतिक दल देखकर तय नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा, नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की बारहवीं अंग्रेज़ी परीक्षा, PSTET, कृषि विकास अधिकारी भर्ती, PSB अधिकारी भर्ती और आबकारी एवं कराधान निरीक्षक भर्ती प्रक्रिया में सामने आए कथित पेपर लीक और अनियमितताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं दिखाती हैं कि पूरे देश में संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के खिलाफ एक मजबूत राष्ट्रीय कानून की आवश्यकता थी। *जिस मंत्री के निजी सहायक को ही पेपर लीक में गिरफ्तार किया गया: कर्नाटक कांग्रेस सरकार पर राघव चड्ढा का तीखा हमला* राघव चड्ढा ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 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#अनूपशहर में #गंगातलहटी पर #अवैध_प्लाटिंग के आरोप पर #SDM #अनूपशहर ने 7-सदस्यीय टीम गठित जियोटैग फोटो के साथ रिपोर्ट मांगी
    user_News 22 India
    News 22 India
    TV News Anchor करावल नगर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    11 hrs ago
  • 20 जुलाई की घटना कोलेकर दिल्ली पुलिस केपक्ष में आए रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी CJP पर होगी बड़ी कार्रवाई
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    20 जुलाई की घटना कोलेकर दिल्ली पुलिस केपक्ष में आए रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी CJP पर होगी बड़ी कार्रवाई
    user_न्यूज़ आइकॉन 24
    न्यूज़ आइकॉन 24
    Press advisory सीलमपुर, उत्तर पूर्वी दिल्ली, दिल्ली•
    10 hrs ago
  • लोहरदगा में अपराधी बेलगाम... गली गली में युवा हथियार लेकर घूम रहे हैं...
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    लोहरदगा में अपराधी बेलगाम... गली गली में युवा हथियार लेकर घूम रहे हैं...
    user_Shashikant
    Shashikant
    Court reporter Gandhi Nagar, East Delhi•
    10 hrs ago
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