Shuru
Apke Nagar Ki App…
गणगौर महाउत्सव 2025
Ramesh Patel
गणगौर महाउत्सव 2025
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मासूम बच्चे के जीवन बचाने की मां नर्मदा से की मन्नत पूरी होने पर 1008 लोहे की खिलो पर लेट कर दंडवत जा रहे हैं मां नर्मदा के तट नेमावर कन्नौद,जीवनदायनी मां नर्मदा पर जहां भक्तों का अटूट विश्वास है वहीं मां नर्मदा भी अपने प्रिय भक्तों को कभी निराशा नहीं करती हैं, जिसके चलते नित्य प्रतिदिन मां के चमत्कारों के सच्ची कहानियां हर किसी के सामने आती हैं। दो वर्ष पूर्व ऐसी ही एक विचित्र घटना तब घटी जब सन्नौद निवासी अंकुश नामक एक मासूम जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। मामले में इंदौर बॉम्बे हॉस्पिटल के डॉक्टर्स भी जवाब दे चुके थे कि अंकुश का बचाना मुश्किल है। तभी मां गायत्री पति महेश विनाक्या ने मां नर्मदा से अपनी झोली पसार कर अंकुश को बचाने की मन्नत की और संकल्प लिया कि अंकुश के सुरक्षित होने पर वह दंडवत करते हुए मां के तट तक पहुंचेगी। मां गायत्री ने बताया कि आज दो वर्ष बाद संकल्प पूरा करने का समय आ गया हैं। जिसके चलते वह अपने बेटे व परिवार के साथ 1008 खिलो के काटो पर लेट कर दंडवत करते हुए मां नर्मदा के तट नेमावर जा रहीं हैं। बाइट - गायत्री विनाक्या, अंकुश की मां3
- डिंडोरी माता के दरबार में आस्था की पुकार, नर्मदा परिक्रमा कर श्रद्धालुओं ने मांगा जीवन की समस्याओं से मुक्ति का आशीर्वाद डिंडोरी (मध्यप्रदेश)। मां नर्मदा स्वर्ण मंदिर, डेम घाट स्थित डिंडोरी माता मंदिर आस्था, विश्वास और मनोकामना पूर्ति के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां डिंडोरी माता के दरबार में की गई पूजा कभी निष्फल नहीं जाती। इसी गहरी आस्था के साथ नर्मदा परिक्रमा कर रहे श्रद्धालु श्री पी.डी. पंवार (चाचा जी) एवं चाची जी ने डिंडोरी माता के पावन स्थान पर विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने अपने भतीजे के जीवन में आ रही लगातार समस्याओं, बाधाओं और कष्टों से मुक्ति के लिए मां नर्मदा एवं डिंडोरी माता से विशेष प्रार्थना की। पूजन के समय दीप प्रज्वलन, आरती एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां के चरणों में मनोकामना अर्पित की गई। श्रद्धालुओं का कहना है कि मां डिंडोरी माता का यह स्थान केवल मंदिर नहीं बल्कि संकटमोचक शक्ति का केंद्र है, जहाँ आने वाला हर भक्त मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा अनुभव करता है। डिंडोरी माता मंदिर का धार्मिक महत्व डिंडोरी माता मंदिर मां नर्मदा के तट पर स्थित एक प्राचीन और सिद्ध पीठ माना जाता है। कहा जाता है कि यहाँ की गई पूजा से— जीवन की समस्याओं से मुक्ति रोग, शोक और मानसिक तनाव का निवारण परिवार में सुख-शांति कार्यों में सफलता जैसी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। नर्मदा परिक्रमा के दौरान यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। स्थानीय पुजारियों और श्रद्धालुओं के अनुसार, मां नर्मदा और डिंडोरी माता की संयुक्त कृपा से भक्तों के जीवन में नई दिशा और ऊर्जा का संचार होता है। आस्था का संदेश आज के भागदौड़ भरे जीवन में जब व्यक्ति चारों ओर से समस्याओं से घिरा होता है, तब ऐसे पवित्र स्थल श्रद्धा, विश्वास और धैर्य का मार्ग दिखाते हैं। डिंडोरी माता का दरबार इसी विश्वास का जीवंत उदाहरण है। जय मां नर्मदा। जय डिंडोरी माता।4
- मुंदी नगर के वार्ड दो में स्थित राधा कृष्ण विहार कॉलोनी के रहवासियों की समस्याओं से नप उपाध्यक्ष ने सीएमओ को मौके पर बुलाकर कराया अवगत, कई महीनों से नल में नहीं आ रहा था पानी, उपाध्यक्ष ने 4 घंटे में करवाया ठीक1
- पिपरिया में सतपुड़ा ट्रॉफी लेदर बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का फाइनल मैच रविवार को 2:00 बजे राना खेल मैदान पर खेला गया रोमांचक मुकाबले में बनखेड़ी टीम ने नर्मदा पुरम को अंतिम गेंद पर सिक्स लगाकर हराकर ट्राफी अपने नाम की1
- नगर परिषद मुंदी उपाध्यक्ष राजनारायण मण्डलोई ने राधा कृष्ण विहार कॉलोनी की समस्याओं का कराया समाधान इस्हाक़ गौरी मुंदी वार्ड क्रमांक 02 के पार्षद एवं नगर परिषद उपाध्यक्ष राजनारायण मण्डलोई ने राधा कृष्ण विहार कॉलोनी में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का त्वरित समाधान कराया। कॉलोनीवासियों ने खुले चैंबरों व बंद नल कनेक्शन की शिकायत की थी। सूचना मिलते ही उपाध्यक्ष मण्डलोई मौके पर पहुँचे और स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने सीएमओ संजय जैन को बुलाकर समस्याओं से अवगत कराया। सीएमओ ने संबंधित अधिकारियों को चैंबर बंद कराने, सफाई व्यवस्था सुधारने व नल कनेक्शन शीघ्र चालू करने के निर्देश दिए। नगर परिषद उपाध्यक्ष की त्वरित पहल से कॉलोनीवासियों में संतोष है।1
- समाधिस्थ परम पूज्य 108 श्री भूतबली सागर महाराज जी के शिष्य, परम पूज्य 108 श्री मुक्ति सागर महाराज जी दीर्घकाल से तप, त्याग, संयम एवं कठोर साधना द्वारा आत्मशुद्धि के पथ पर अग्रसर थे। तहसील पिड़ावा, जिला झालावाड़ में, निर्यापक मुनि परम पूज्य 108 श्री मुनि सागर महाराज के पावन सानिध्य में, विधिवत् मंत्रोच्चार एवं शास्त्रीय विधान के अनुसार यम संलेखना व्रत का प्रारंभ किया गया था। सोलह दिनों तक आपने आहार-पानी सहित सभी शारीरिक आवश्यकताओं का क्रमशः त्याग कर, समभाव, क्षमा और वैराग्य के साथ इस व्रत का पालन किया और अंततः सत्रहवें दिन समाधि को प्राप्त हुए।1
- Road complaint Nahin Hua Hai aur toll tax chalu condition dekh sakte hain Road ka kya hal hai1
- पिपरिया कृषि उपज मंडी में रविवार 2 बजे को ‘कृषक कल्याण वर्ष–2026’ के शुभारंभ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी विशेष रूप से सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के दौरान भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का लाइव प्रसारण पिपरिया कृषि उपज मंडी परिसर में देखा गया, जिसे उपस्थित किसानों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक देखा। इस अवसर पर सांसद श्री चौधरी ने कृषक कल्याण वर्ष–2026 की भावना को जन-जन तक पहुँचाने हेतु प्रचार-प्रसार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने किसानों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और सरकार की योजनाओं के बारे में बताया। सांसद श्री चौधरी ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की प्रतिबद्धता और डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के सम्मान, समृद्धि व सशक्तिकरण के लिए कटिबद्ध हैं। केंद्र सरकार की पहलें: पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना (PMFBY), और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद जैसे कदम।राज्य स्तर पर: मध्य प्रदेश में किसान कल्याण योजनाएं, जैसे सब्सिडी वाले उर्वरक, बीज व सिंचाई सुविधाएं। 2026 का विशेष फोकस: 'कृषक कल्याण वर्ष' में डिजिटल मंडी, ई-नाम प्लेटफॉर्म का विस्तार और किसान क्रेडिट कार्ड को मजबूत करना।यह कार्यक्रम किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि किसान हमारे देश की रीढ़ हैं और उनके आर्थिक, सामाजिक एवं तकनीकी सशक्तिकरण के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। कृषक कल्याण वर्ष–2026 किसानों के जीवन में समृद्धि, आत्मनिर्भरता और सम्मान का नया अध्याय साबित होगा। कार्यक्रम में तहसीलदार वैभव बैरागी, भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान सदस्य नीतिराज सिंह पटेल, प्रभारी मंडी सचिव चंदशिवराम उईके, कृषि विभाग से निराली जी जनपद सदस्य नरसिंह रावत मंडल अध्यक्ष प्रशांत रघुवंशी भूपेंद्र सिंह मनोहर पटेल सहित मंडी प्रशासन, जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग के अधिकारी, किसान साथी एवं आमजन उपस्थित रहे।1