मैहर में बड़ी शान-ओ-शौकत के साथ मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी *मैहर में बड़ी शान-ओ-शौकत के साथ मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी* मैहर। शहर में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा की पैदाइश की खुशी में जश्ने ईद मिलादुन्नबी बड़े ही अकीदत, मोहब्बत और शान-ओ-शौकत के साथ मनाया गया। इस्लामी कैलेंडर के रबीउल अव्वल माह में मनाया जाने वाला यह पर्व पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए बेहद अहम है। इस अवसर पर लोग पैगंबर साहब की सीरत, उनके बताए हुए अमन, भाईचारे, इंसानियत और नेक रास्ते के पैगाम को याद करते हैं। मैहर में जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर सुबह से ही उत्साह और धार्मिक माहौल देखने को मिला। जगह-जगह सजावट की गई, लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और मस्जिदों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहर में बाइक रैली और भव्य जुलूस भी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस का आगाज जामा मस्जिद से हुआ। इसके बाद जुलूस करबला होते हुए घंटाघर, गल्ला मंडी चौक, स्टेट बैंक, पूर्व दरवाजा, रंगलाल चौक, रहीम चौक, हुसैन चौक और किला चौक से होकर गुजरा। जुलूस का समापन ईदगाह मैदान में हुआ। पूरे जुलूस मार्ग पर जगह-जगह लंगर और शरबत का इंतजाम किया गया था। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर जुलूस का स्वागत किया। रास्ते भर नात-ए-पाक और दरूदो-सलाम की सदाएं गूंजती रहीं, जिससे पूरा शहर रूहानी रंग में रंगा नजर आया। ईदगाह पहुंचने के बाद धार्मिक विद्वानों और उलेमा-ए-किराम ने तकरीर करते हुए पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद की जिंदगी और उनके बताए रास्ते पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब ने पूरी इंसानियत को अमन, मोहब्बत, भाईचारा, इंसाफ और इंसानियत का संदेश दिया है। उनके बताए हुए रास्ते पर चलकर ही समाज में प्रेम और सौहार्द कायम किया जा सकता है। कार्यक्रम के समापन पर देश, प्रदेश, मैहर शहर और पूरी इंसानियत की खुशहाली, अमन-चैन और तरक्की के लिए दुआ की गई। इसके साथ ही अगले साल फिर इसी जोश और अकीदत के साथ जश्ने ईद मिलादुन्नबी मनाने के लिए कार्यक्रम को मुकम्मल किया गया। मैहर में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का यह जुलूस धार्मिक आस्था के साथ-साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता की खूबसूरत मिसाल बनकर सामने आया।
मैहर में बड़ी शान-ओ-शौकत के साथ मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी *मैहर में बड़ी शान-ओ-शौकत के साथ मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी* मैहर। शहर में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा की पैदाइश की खुशी में जश्ने ईद मिलादुन्नबी बड़े ही अकीदत, मोहब्बत और शान-ओ-शौकत के साथ मनाया गया। इस्लामी कैलेंडर के रबीउल अव्वल माह में मनाया जाने वाला यह पर्व पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए बेहद अहम है। इस अवसर पर लोग पैगंबर साहब की सीरत, उनके बताए हुए अमन, भाईचारे, इंसानियत और नेक रास्ते के पैगाम
को याद करते हैं। मैहर में जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर सुबह से ही उत्साह और धार्मिक माहौल देखने को मिला। जगह-जगह सजावट की गई, लोगों ने एक-दूसरे को मुबारकबाद दी और मस्जिदों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहर में बाइक रैली और भव्य जुलूस भी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस का आगाज जामा मस्जिद से हुआ। इसके बाद जुलूस करबला होते हुए घंटाघर, गल्ला मंडी चौक, स्टेट बैंक, पूर्व दरवाजा, रंगलाल चौक, रहीम चौक, हुसैन चौक और किला चौक से होकर
गुजरा। जुलूस का समापन ईदगाह मैदान में हुआ। पूरे जुलूस मार्ग पर जगह-जगह लंगर और शरबत का इंतजाम किया गया था। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर जुलूस का स्वागत किया। रास्ते भर नात-ए-पाक और दरूदो-सलाम की सदाएं गूंजती रहीं, जिससे पूरा शहर रूहानी रंग में रंगा नजर आया। ईदगाह पहुंचने के बाद धार्मिक विद्वानों और उलेमा-ए-किराम ने तकरीर करते हुए पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद की जिंदगी और उनके बताए रास्ते पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि पैगंबर साहब ने पूरी इंसानियत को अमन, मोहब्बत, भाईचारा, इंसाफ और इंसानियत
का संदेश दिया है। उनके बताए हुए रास्ते पर चलकर ही समाज में प्रेम और सौहार्द कायम किया जा सकता है। कार्यक्रम के समापन पर देश, प्रदेश, मैहर शहर और पूरी इंसानियत की खुशहाली, अमन-चैन और तरक्की के लिए दुआ की गई। इसके साथ ही अगले साल फिर इसी जोश और अकीदत के साथ जश्ने ईद मिलादुन्नबी मनाने के लिए कार्यक्रम को मुकम्मल किया गया। मैहर में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का यह जुलूस धार्मिक आस्था के साथ-साथ आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता की खूबसूरत मिसाल बनकर सामने आया।
- KJS के खिलाफ कार्रवाई से क्यों बच रहा खनन विभाग? प्रदूषण विभाग की खामोशी पर भी उठे गंभीर सवाल KJS के खिलाफ कार्रवाई से क्यों बच रहा खनन विभाग? प्रदूषण विभाग की खामोशी पर भी उठे गंभीर सवाल1
- *सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के पहचान पर उठे सवाल* मैहर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर ने बुधवार को मैहर सिविल अस्पताल के निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों के पहचान पत्र को लेकर नाराजगी जताई। डॉक्टरो द्वारा पहचान id नहीं पहने जाने पर उन्होंने कहा कि डॉक्टर कि विभागीय पहचान पत्र तो उनकी राष्टीयता पहचान और गौरव का विषय है।स्पेशल मॉनिटर ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों को निर्धारित ड्रेस व्हाइट एप्रेन के साथ अपना पहचान पत्र भी स्पष्ट रूप से पहनना चाहिए, ताकि मरीज और उनके परिजन आसानी से चिकित्सक की पहचान कर सकें।उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी मरीज को इलाज के दौरान कोई समस्या होती है या इलाज को लेकर शिकायत सामने आती है, तो बिना पहचान पत्र के यह कैसे स्पष्ट होगा कि संबंधित मरीज का उपचार किस डॉक्टर ने किया था।निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को डॉक्टरों की पहचान स्पष्ट रखने और व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। डॉक्टरों की पहचान और जवाबदेही को लेकर की गई इस टिप्पणी के बाद सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। *सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के पहचान पर उठे सवाल* मैहर। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर ने बुधवार को मैहर सिविल अस्पताल के निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों के पहचान पत्र को लेकर नाराजगी जताई। डॉक्टरो द्वारा पहचान id नहीं पहने जाने पर उन्होंने कहा कि डॉक्टर कि विभागीय पहचान पत्र तो उनकी राष्टीयता पहचान और गौरव का विषय है।स्पेशल मॉनिटर ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों को निर्धारित ड्रेस व्हाइट एप्रेन के साथ अपना पहचान पत्र भी स्पष्ट रूप से पहनना चाहिए, ताकि मरीज और उनके परिजन आसानी से चिकित्सक की पहचान कर सकें।उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि किसी मरीज को इलाज के दौरान कोई समस्या होती है या इलाज को लेकर शिकायत सामने आती है, तो बिना पहचान पत्र के यह कैसे स्पष्ट होगा कि संबंधित मरीज का उपचार किस डॉक्टर ने किया था।निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को डॉक्टरों की पहचान स्पष्ट रखने और व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। डॉक्टरों की पहचान और जवाबदेही को लेकर की गई इस टिप्पणी के बाद सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- मैहर /अमरपाटन- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल सिविल अस्पताल मैहर का निरीक्षण करने पहुँचे मैहर - राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल सिविल अस्पताल मैहर का निरीक्षण करने पहुँचे।गंदगी देखकर भडके ,इसके साथ ही मरीज के पास मौजूद काफी लोगो को देखकर जताई नाराजगी, बोले मलिफ्ट के पास लगी शिकायत पेटी में मिली गुटखे का खाली पैकेटरीज के पास इतने लोग क्यों लिफ्ट के पास लगी शिकायत पेटी में मिली गुटखे का खाली पैकेट2
- *सतना- “वर्दी का रौब! या नशे का जुनून।शराब के नशे में देर रात आइसक्रीम लेने होटल पहुंचा पुलिसकर्मी, कर्मचारी ने मना किया तो गाली-गलौज कर की मारपीट घटना CCTV में कैद सिविल लाइन कोठी मोड़ स्थित प्रतिहार होटल का मामला, कोलगवां थाने में पदस्थ बताया जा रहा पुलिसकर्मी।* *सतना- “वर्दी का रौब! या नशे का जुनून।शराब के नशे में देर रात आइसक्रीम लेने होटल पहुंचा पुलिसकर्मी, कर्मचारी ने मना किया तो गाली-गलौज कर की मारपीट घटना CCTV में कैद सिविल लाइन कोठी मोड़ स्थित प्रतिहार होटल का मामला, कोलगवां थाने में पदस्थ बताया जा रहा पुलिसकर्मी।*1
- ककरहटी में बड़ी धूमधाम से मनाया गया जश्न ए ईद मिलादुन्नबी ककरहटी में बड़ी धूमधाम से मनाया गया जश्न ए ईद मिलादुन्नबी नगर परिषद ककरहटी में आज दिनांक जश्न ए ईद मिलादुन्नबी बड़े उत्साह पूर्वक मनाया गया यह जश्न पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब की पैदाइश पर मनाया जाता है ककरहटी मस्जिद में जश्न ए ईद मिलादुन्नबी पर विशेष तैयारियां की गई साथ ही मुस्लिम भाईयो के द्वारा एक दूसरे को पर्व की मुबारकबाद दी जिसमें नगर जुलुस निकाला गया जुलूस में धार्मिक नारों एवं भाईचारे एकता के साथ जुलूस का समापन किया गया जुलूस में ककरहटीनगर समीपस्थ एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मुस्लिम भाई शामिल रहे जश्न ए ईद जुलुस में ककरहटी चौकी प्रभारी एवं पुलिस बल की सराहनीय भूमिका रही1
- *आजादी के 80 साल बाद भी विकास से दूर रतगवा, 4 किलोमीटर सड़क बनी ग्रामीणों की सबसे बड़ी मजबूरी* *लोकेशन : देवेंद्रनगर* *रिपोर्टर : अशोक विश्वकर्मा* ------------------------------------- *आजादी के 80 साल बाद भी विकास से दूर रतगवा, 4 किलोमीटर सड़क बनी ग्रामीणों की सबसे बड़ी मजबूरी* *एंकर:-* पन्ना जिले में विकास के दावों के बीच एक ऐसा गांव भी है, जहां आजादी के 80 साल बाद भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। देवेंद्रनगर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत गुखोर के मजरा ग्राम रतगवा में करीब 100 घरों की बस्ती है, लेकिन गांव तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़क नहीं है। बारिश के मौसम में कच्चा रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है और बच्चों से लेकर मरीजों तक को इसी मुश्किल रास्ते से गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों ने अब जनसुनवाई में कलेक्टर से सड़क और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। *वीओ-1:* नेशनल हाईवे-39 से महज करीब 4 किलोमीटर अंदर बसा ग्राम रतगवा आज भी विकास की राह देख रहा है। गांव में न तो पक्की सड़क है और न ही स्वास्थ्य केंद्र। बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। कच्चा रास्ता कीचड़ और दलदल में बदल जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। *वीओ-2:* सबसे ज्यादा परेशानी तब सामने आती है, जब गांव में कोई बीमार पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक सामान्य स्थिति में मरीज को किसी तरह चार किलोमीटर का रास्ता तय कर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है, जबकि गंभीर मरीज को चारपाई पर ले जाने की मजबूरी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचना भी चुनौती बन जाता है। *वीओ-3:* ग्रामीणों ने बताया कि कई बार उन्होंने क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश वर्मा का भी ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराया, लेकिन सड़क निर्माण की समस्या का अब तक समाधान नहीं हो सका। जंगल और कच्चे रास्ते से पैदल आवाजाही के दौरान जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। “कई सालों से सड़क की मांग कर रहे हैं। बारिश में रास्ता पूरी तरह खराब हो जाता है। बच्चों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। शासन-प्रशासन से हमारी मांग है कि गांव तक पक्की सड़क और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाए।” *वीओ-4:* एक तरफ देश डिजिटल इंडिया और आधुनिक विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर पन्ना का यह गांव आज भी सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं के इंतजार में है। ग्रामीणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर से जल्द सड़क निर्माण और स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। *बाइट:-कंछेदी लाल (ग्रामीण)* *बाइट:-विकास रजक (आवेदन करता)*4
- आयुष्मान हॉस्पिटल के सामने फिर लगा जाम, शिकायतों के बाद भी नहीं सुधरे हालात सतना। आयुष्मान हॉस्पिटल के सामने सड़क पर वाहनों की बेतरतीब पार्किंग से एक बार फिर जाम की स्थिति बन गई है। अस्पताल आने वाले मरीज और उनके परिजन सड़क पर वाहन खड़े कर अंदर चले जाते हैं, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। बताया जा रहा है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा पर्याप्त संज्ञान नहीं लिए जाने के कारण समस्या लगातार बनी हुई है। शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने से लोग परेशान हैं।1
- माँ जगत जननी राजराजेश्वरी माँ शारदा भवानी जी के आज दिनांक 26/08/2026 दिन बुधवार के प्रात: कालीन श्रृंगार के दर्शन अदभुत श्रृंगार जय हो माई की2
- *ईद-ए-मिलाद-उन-नबी पर बिरसिंहपुर में निकला भव्य जुलूस, तहसीलदार डॉ. शैलेन्द्र बिहारी शर्मा रहे मौजूद* ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के पावन अवसर पर सतना जिले के बिरसिंहपुर में मुस्लिम समाज द्वारा उत्साह और श्रद्धा के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। इस दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए आगे बढ़ा, जिसमें समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। जुलूस के दौरान लोगों में खासा उत्साह नजर आया। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और पर्व की एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। *प्रशासन रहा मुस्तैद* ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर निकाले गए जुलूस को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। बिरसिंहपुर तहसीलदार डॉ. शैलेन्द्र बिहारी शर्मा मौके पर मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। प्रशासन एवं पुलिस की मौजूदगी में जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। तहसीलदार डॉ. शैलेन्द्र बिहारी शर्मा ने मौके पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन की सक्रियता के चलते जुलूस के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था सामने नहीं आई। *भाईचारे और सौहार्द का दिया संदेश* ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के इस अवसर पर निकले जुलूस के माध्यम से क्षेत्र में आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द का संदेश भी देखने को मिला। समाजजनों ने पर्व को शांतिपूर्ण एवं सद्भावपूर्ण वातावरण में मनाया। बिरसिंहपुर में निकला यह जुलूस धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द की मिसाल भी बना। प्रशासन की निगरानी और समाजजनों के सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।1