साइबर अपराधों पर अंकुश को लेकर SP ज्येष्ठा मैत्रेयी सख्त, आमजन से की सतर्क रहने की अपील साइबर अपराधों पर अंकुश को लेकर SP ज्येष्ठा मैत्रेयी सख्त, आमजन से की सतर्क रहने की अपील "बैंकिंग जानकारी और OTP साझा न करें, छोटी-सी सावधानी बचाएगी बड़े साइबर फ्रॉड से" सवाई माधोपुर (ब्यूरो/संवाददाता)। जिले में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और आमजन को वित्तीय ठगी से सुरक्षित रखने के लिए पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में है। सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी ने साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने को लेकर जिलेवासियों के नाम एक बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा अपील जारी की है। SP ज्येष्ठा मैत्रेयी ने कहा कि आज के दौर में अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ आमजन की सतर्कता भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "आपकी एक छोटी-सी सावधानी आपको बहुत बड़े साइबर फ्रॉड से बचा सकती है।" बैंक खातों व नई सिम के सुरक्षित उपयोग पर जोर पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से बैंक अकाउंट और नई सिम के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी सिम या बैंक खाता इस्तेमाल न करने दें, क्योंकि अपराधी इनका उपयोग अवैध गतिविधियों में कर सकते हैं। एसपी द्वारा जारी साइबर सुरक्षा के मुख्य सुझाव: गोपनीयता बरतें: अपने बैंक खाते की जानकारी, OTP, ATM PIN और पासवर्ड किसी के साथ भी साझा न करें। संदिग्ध कॉल/लिंक से बचें: किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी संदिग्ध व्यक्ति के कॉल पर भरोसा करें। झांसे में न आएं: बैंक प्रतिनिधि या सरकारी अधिकारी बनकर कॉल करने वाले ठगों की बातों में न आएं। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत SP मैत्रेयी ने बताया कि यदि कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (Cyber Crime Portal) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। समय पर दी गई सूचना से ठगे गए पैसों को होल्ड कराया जा सकता है।
साइबर अपराधों पर अंकुश को लेकर SP ज्येष्ठा मैत्रेयी सख्त, आमजन से की सतर्क रहने की अपील साइबर अपराधों पर अंकुश को लेकर SP ज्येष्ठा मैत्रेयी सख्त, आमजन से की सतर्क रहने की अपील "बैंकिंग जानकारी और OTP साझा न करें, छोटी-सी सावधानी बचाएगी बड़े साइबर फ्रॉड से" सवाई माधोपुर (ब्यूरो/संवाददाता)। जिले में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और आमजन को वित्तीय ठगी से सुरक्षित रखने के लिए पुलिस प्रशासन एक्शन मोड में है। सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी ने साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने को लेकर जिलेवासियों के नाम एक बेहद महत्वपूर्ण सुरक्षा अपील जारी की है। SP ज्येष्ठा मैत्रेयी ने कहा कि आज के दौर में अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ आमजन की सतर्कता भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, "आपकी एक छोटी-सी सावधानी आपको बहुत बड़े साइबर फ्रॉड से बचा सकती है।" बैंक खातों व नई सिम के सुरक्षित उपयोग पर जोर पुलिस अधीक्षक ने विशेष रूप से बैंक अकाउंट और नई सिम के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी सिम या बैंक खाता इस्तेमाल न करने दें, क्योंकि अपराधी इनका उपयोग अवैध गतिविधियों में कर सकते हैं। एसपी द्वारा जारी साइबर सुरक्षा के मुख्य सुझाव: गोपनीयता बरतें: अपने बैंक खाते की जानकारी, OTP, ATM PIN और पासवर्ड किसी के साथ भी साझा न करें। संदिग्ध कॉल/लिंक से बचें: किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी संदिग्ध व्यक्ति के कॉल पर भरोसा करें। झांसे में न आएं: बैंक प्रतिनिधि या सरकारी अधिकारी बनकर कॉल करने वाले ठगों की बातों में न आएं। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत SP मैत्रेयी ने बताया कि यदि कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (Cyber Crime Portal) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। समय पर दी गई सूचना से ठगे गए पैसों को होल्ड कराया जा सकता है।
- कम बारिश से गहराया अकाल का संकट, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जताई चिंता कम बारिश से गहराया अकाल का संकट, पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जताई चिंता सरकार को अकाल राहत कार्यों की पूर्व तैयारी शुरू करने की दी सलाह जोधपुर / जयपुर: प्रदेश में इस वर्ष कम बारिश के कारण अकाल जैसी गंभीर स्थिति निर्मित होने की आशंका बढ़ गई है। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की अनिश्चितता और कम बारिश को लेकर गहरा दुख एवं चिंता व्यक्त की है। जोधपुर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए गहलोत ने राज्य सरकार को स्थिति बिगड़ने से पहले ही आवश्यक राहत कदम उठाने की नसीहत दी है। 20 जिलों में अकाल जैसे हालात पूर्व मुख्यमंत्री ने आंकड़े सामने रखते हुए कहा कि राज्य के लगभग 18 से 20 जिलों में सामान्य से बेहद कम बारिश हुई है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो ग्रामीण इलाकों और किसानों के सामने अकाल का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। "अकाल के संकट से निपटने के लिए सरकार को अभी से सक्रिय होना पड़ेगा। पानी, चारा और रोजगार की अग्रिम व्यवस्था करना बेहद जरूरी है।" > — अशक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री प्रमुख मांगें एवं सुझाव पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार और ज़िला प्रशासनों को निम्नलिखित बिन्दुओं पर तत्काल ध्यान केंद्रित करने को कहा: पेयजल की आपूर्ति: ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पीने के पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। पशुधन एवं चारा प्रबंध: गायों एवं अन्य मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा डिपो स्थापित किए जाएं और जल व्यवस्था दुरुस्त की जाए। रोजगार की गारंटी: प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पलायन से रोकने के लिए रोजगार और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए। प्रशासनिक तालमेल: ज़िला प्रशासन से लेकर राज्य स्तर तक की टीमों को समय रहते अलर्ट मोड पर लाया जाए। पूर्व कार्यकाल के अनुभव का दिया हवाला अपने पिछले कार्यकालों का जिक्र करते हुए गहलोत ने कहा कि उन्होंने अपने शासनकाल के दौरान चार बड़े अकालों का सामना किया है। उस दौरान बेहतर आपदा प्रबंधन, 'काम के बदले अनाज' योजना और त्वरित राहत कार्यों के कारण राज्य को संकट से उबारा गया था, जिसकी सराहना पूरे देश में हुई थी। उन्होंने चेतावनी दी कि संकट आने का इंतजार करने के बजाय यदि अग्रिम प्रबंधन नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति बेकाबू हो सकती है।1
- सवाई माधोपुर जिले की बौली तहसील मैं साइबर ठगी पर मित्रपुरा पुलिस का बड़ा प्रहार फर्जी बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाला आरोपी गिरफ्तार1
- सूरौठ कस्बे में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक आयोजित, आगामी पंचायत व निकाय चुनावों की रणनीति पर हुआ मंथन सूरौठ राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार शनिवार को सूरौठ स्टेशन रोड स्थित अग्रसेन वाटिका धर्मशाला में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सूरौठ द्वारा संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी पंचायत एवं निकाय चुनावों की तैयारियों, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने तथा कांग्रेस की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। शनिवार दोपहर 3:00 बजे आयोजित बैठक में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श करते हुए संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों और जनसंपर्क अभियान को तेज करने पर जोर दिया।बैठक में पूर्व जिला अध्यक्ष शिवराज मीणा, टोडाभीम विधायक घनश्याम मेहर, हिंडौन विधायक अनीता जाटव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव रिंकू जाटव सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- यह कचरा हमेशा पड़ा रहता है रास्ते में निकलने वाले को दिक्कत होता है कृपया करके इसको साफ करें1
- "करौली की राजनीति में आखिर ऐसा क्या हुआ कि कांग्रेस की बैठक हंगामे में बदल गई? विधायक पर लगे गंभीर आरोप, नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक और बढ़ते विवाद के बीच कई बड़े पदाधिकारी बैठक छोड़कर निकल गए। क्या चुनाव से पहले कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं? आइए करते हैं इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा खुलासा..." #Karauli #HindaunCity #Congress #CongressMeeting #PoliticalDrama #BreakingNews #RajasthanPolitics #AnitaJatav #KarauliNews #HindaunNews #ViralNews #LatestNews #PatrikaNayakSamachar #HanisSheikh #Politics #BigBreaking #NewsUpdate #HindiNews #Viral #Breaking1
- स्कूल प्रबंधन पर छात्र को प्रताड़ित करने का आरोप, जहर खाने के बाद अस्पताल में भर्ती गंगापुर सिटी। क्षेत्र के एक निजी विद्यालय के छात्र को कथित रूप से मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना देने का मामला सामने आया है। परिजनों ने विद्यालय के संस्था प्रमुख पर गंभीर आरोप लगाते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के अनुसार आकाश मीना, पुत्र भीमसिंह मीना, जय गुरुकुल सीनियर सेकेंडरी विद्यालय, तलावड़ा का छात्र है। आरोप है कि छात्र गलती से मोबाइल फोन स्कूल लेकर चला गया था। मोबाइल मिलने के बाद संस्था प्रमुख ने छात्र को कथित रूप से शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया तथा धमकाकर उसकी टीसी (स्थानांतरण प्रमाण-पत्र) भी काट दी। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद छात्र तीन दिनों तक गहरे मानसिक तनाव में रहा। उसने किसी से ठीक से बात नहीं की और न ही भोजन किया। इसके बाद तनाव में आकर उसने कथित रूप से कोई विषाक्त पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तुरंत गंगापुर सिटी स्थित रिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार जारी है। परिजनों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में किसी अन्य छात्र के साथ ऐसी घटना न हो।1