चित्रकूट: ग्राम पंचायत घुनुवां की सड़कों की हालत बदहाल, ग्रामीणों में आक्रोश उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले की ग्राम पंचायत घुनुवां में सड़कों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढों और टूटी हुई सड़कों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जब सड़कों पर जलभराव हो जाता है और रास्ते दलदल में तब्दील हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के पहुंचने में भी देरी हो रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत और निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं और ग्रामीणों को राहत मिलती है। चित्रकूट: ग्राम पंचायत घुनुवां की सड़कों की हालत बदहाल, ग्रामीणों में आक्रोश उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले की ग्राम पंचायत घुनुवां में सड़कों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढों और टूटी हुई सड़कों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जब सड़कों पर जलभराव हो जाता है और रास्ते दलदल में तब्दील हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के पहुंचने में भी देरी हो रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत और निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं और ग्रामीणों को राहत मिलती है।
चित्रकूट: ग्राम पंचायत घुनुवां की सड़कों की हालत बदहाल, ग्रामीणों में आक्रोश उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले की ग्राम पंचायत घुनुवां में सड़कों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढों और टूटी हुई सड़कों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जब सड़कों पर जलभराव हो जाता है और रास्ते दलदल में तब्दील हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के पहुंचने में भी देरी हो रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत और निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं और ग्रामीणों को राहत मिलती है। चित्रकूट:
ग्राम पंचायत घुनुवां की सड़कों की हालत बदहाल, ग्रामीणों में आक्रोश उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले की ग्राम पंचायत घुनुवां में सड़कों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढों और टूटी हुई सड़कों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दिनों में हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जब सड़कों पर जलभराव हो जाता है और रास्ते दलदल में तब्दील हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। एंबुलेंस और अन्य जरूरी सेवाओं के पहुंचने में भी देरी हो रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सड़कों की मरम्मत और निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं और ग्रामीणों को राहत मिलती है।
- *सतना -* रेलवे स्टेशन में वेंडर उड़ा रहे नियमों की धज्जियां। तमाशा बीन बने जिम्मेदार अधिकारी। नियमों को ताक पर रखकर पटरी पार कर रहे वेंडर।1
- सतना: स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास स्थित अंधेरी पुलिया के बगल में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग कचरे और झाड़ियों में लगने के कारण तेजी से फैली।1
- Post by Thakur dharmendra singh1
- बबेरू कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गौरी खानपुर गांव से पूर्वी दिशा की ओर खेतों पर एक बबूल के पेड़ पर आज सोमवार की सुबह फांसी पर लटक शव हुआ मिला है। जैसे ग्रामीणों ने देखा तो पुलिस को सूचना दिया, मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से व्यक्ति की पहचान मुबीन शेख पुत्र सुबराती उम्र करीब 49 वर्ष निवासी बगेहटा थाना बबेरु के नाम से की गई, जानकारी के मुताबिक मृतक मुबीन शेख बीते गुरुवार की सुबह अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया था। तब से पुलिस के द्वारा तलाश कर रही थी, वही आरोपी ने गौरी खानपुर गांव पर पहुंचकर गांव के पूर्वी दिशा की ओर रविवार व सोमवार की मध्य रात्रि खेतों में बबूल के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम को मौके पर बुलवाकर जांच पड़ताल करवाई गई है। उसके बाद शव को फांसी के फंदे से नीचे उतार कर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज बांदा भेज दिया है। जानकारी के अनुसार मृतक के पंच पुत्र व दो पुत्री थी।1
- माननीय अध्यक्ष महोदय नरैनी विधानसभा से मै दिलीप कुमार भारती अध्यक्ष महोदय हमारी नरैनी विधानसभा केविधानसभा के लोगो को बढ़िया शिक्षा प्राप्त करने मे सहायता होगी धन्यवाद1
- Post by Prakash Pathak Satna1
- *_⛏️💥 मैहर में अवैध रेत उत्खनन का बड़ा खेल बेनकाब, प्रशासन की निष्पक्षता पर उठे तीखे सवाल ❗_* _*🚨 कुबरी में वर्षों से जारी उत्खनन, 9 ट्रक जप्त—फिर भी जिम्मेदारों की चुप्पी क्यों?*_ _📍 मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुबरी में अवैध रेत उत्खनन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि यहां वर्षों से बेखौफ तरीके से उत्खनन जारी रहा, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करने में नाकाम नजर आए। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस अवैध कारोबार के पीछे मजबूत सेटिंग काम कर रही थी, जिसके चलते बड़े अधिकारी भी खुलकर कार्रवाई नहीं कर पाए। इसी बीच मझटोलवा सरपंच द्वारा कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर रामनगर थाने पर संरक्षण के आरोप लगाए गए हैं। जब जिला प्रशासन पर सवाल उठ रहे थे, तभी वन विभाग की सोन घड़ियाल इकाई ने छापामार कार्रवाई करते हुए 9 ट्रकों में भरी अवैध रेत जप्त कर बड़ा खुलासा किया। कार्रवाई के दौरान रामनगर पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। 🚛_ _❗ इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब वर्षों से शिकायतें हो रही थीं, तब स्थानीय पुलिस, एसडीएम और तहसील प्रशासन की चुप्पी क्यों बनी रही? लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई होती, तो सरकार को राजस्व का नुकसान नहीं होता। अब जब मामला उजागर हो चुका है, तो जिम्मेदारों की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। खनिज विभाग की निष्क्रियता भी चर्चा में है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो अवैध उत्खनन के पर्याप्त प्रमाण सामने आ सकते हैं। 📉_ _🗣️ जनता अब नवागत कलेक्टर से उम्मीद लगाए बैठी है कि पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जाए और यह सामने लाया जाए कि इस अवैध कारोबार को किसका संरक्षण प्राप्त था। साथ ही, एक आरक्षक के पुनः रामनगर थाने में पदस्थापना को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिसे लोग इस पूरे मामले से जोड़कर देख रहे हैं।_ _❓ अब बड़ा सवाल—क्या मैहर प्रशासन इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? 🤔_1
- Post by Thakur dharmendra singh1
- "ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के तहत स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।"CLEAN ENERGY PROJECTGREEN HYDROGEN MISSION1