दरभंगा जिले का Baba Kusheshwar Nath Temple बिहार के सबसे प्रसिद्ध शिवधामों में से एक माना जाता है। इसे मिथिलांचल का “बाबाधाम” और “मिथिला की काशी” भी कहा जाता है। यहाँ भगवान शिव की पूजा “बाबा कुशेश्वरनाथ” के रूप में होती है। दरभंगा जिले का Baba Kusheshwar Nath Temple बिहार के सबसे प्रसिद्ध शिवधामों में से एक माना जाता है। इसे मिथिलांचल का “बाबाधाम” और “मिथिला की काशी” भी कहा जाता है। यहाँ भगवान शिव की पूजा “बाबा कुशेश्वरनाथ” के रूप में होती है। � Bihar Tourism +1 इस स्थान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी धार्मिक मान्यता और प्राचीन इतिहास है। लोककथाओं के अनुसार भगवान श्रीराम के पुत्र “कुश” ने यहाँ शिवलिंग की स्थापना की थी, इसलिए इसका नाम “कुशेश्वर स्थान” पड़ा। एक अन्य कथा में कहा जाता है कि एक चरवाहे ने देखा कि उसकी गाय एक विशेष स्थान पर स्वयं दूध अर्पित करती थी। बाद में वहाँ शिवलिंग प्रकट हुआ और मंदिर की स्थापना हुई। � srimandir +1 यह मंदिर खासकर सावन, महाशिवरात्रि और श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन जाता है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से पूजा और जलाभिषेक करने पर भगवान शिव भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं और कष्ट दूर होते हैं। दूर-दूर से लोग परिवार की सुख-समृद्धि, संतान प्राप्ति, स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति के लिए दर्शन करने आते हैं। � Bihar Tourism +2 कुशेश्वर स्थान केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक दृष्टि से भी प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र आर्द्रभूमि (wetland) और पक्षी अभयारण्य के लिए भी जाना जाता है, जहाँ सर्दियों में विदेशी प्रवासी पक्षी आते हैं। इसी कारण यह स्थान धार्मिक पर्यटन और प्रकृति प्रेमियों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
दरभंगा जिले का Baba Kusheshwar Nath Temple बिहार के सबसे प्रसिद्ध शिवधामों में से एक माना जाता है। इसे मिथिलांचल का “बाबाधाम” और “मिथिला की काशी” भी कहा जाता है। यहाँ भगवान शिव की पूजा “बाबा कुशेश्वरनाथ” के रूप में होती है। दरभंगा जिले का Baba Kusheshwar Nath Temple बिहार के सबसे प्रसिद्ध शिवधामों में से एक माना जाता है। इसे मिथिलांचल का “बाबाधाम” और “मिथिला की काशी” भी कहा जाता है। यहाँ भगवान शिव की पूजा “बाबा कुशेश्वरनाथ” के रूप में होती है। � Bihar Tourism +1 इस स्थान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी धार्मिक मान्यता और प्राचीन इतिहास है। लोककथाओं के अनुसार भगवान श्रीराम के पुत्र “कुश” ने यहाँ शिवलिंग की स्थापना की थी, इसलिए इसका नाम “कुशेश्वर स्थान” पड़ा। एक अन्य कथा में कहा जाता है कि एक चरवाहे ने देखा कि उसकी गाय एक विशेष स्थान पर स्वयं दूध अर्पित करती थी। बाद में वहाँ शिवलिंग प्रकट हुआ और मंदिर की स्थापना हुई। � srimandir +1 यह मंदिर खासकर सावन, महाशिवरात्रि और श्रावणी मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन जाता है। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से पूजा और जलाभिषेक करने पर भगवान शिव भक्तों की मनोकामना पूरी करते हैं और कष्ट दूर होते हैं। दूर-दूर से लोग परिवार की सुख-समृद्धि, संतान प्राप्ति, स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति के लिए दर्शन करने आते हैं। � Bihar Tourism +2 कुशेश्वर स्थान केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक दृष्टि से भी प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र आर्द्रभूमि (wetland) और पक्षी अभयारण्य के लिए भी जाना जाता है, जहाँ सर्दियों में विदेशी प्रवासी पक्षी आते हैं। इसी कारण यह स्थान धार्मिक पर्यटन और प्रकृति प्रेमियों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
- मंत्रिमंडल गठन के बाद ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार नालंदा के नूरसराय पहुँचे, जहाँ उनका शानदार स्वागत किया गया। उन्होंने दावा किया कि डबल इंजन सरकार बिहार के विकास को तेज़ी से आगे बढ़ाएगी और वे अपने विभागों में पूरी ईमानदारी से काम करेंगे। मंत्री ने बंगाल में एनडीए सरकार बनने पर भी खुशी जताई।1
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने दावा किया है कि देश में भाजपा और नरेंद्र मोदी को सिर्फ वही राजनीतिक शक्ति चुनौती दे सकती है। पार्टी ने जोर देकर कहा कि जनता के सहयोग से वे वैचारिक लड़ाई लड़ते हुए भाजपा को हराएंगे। उनका कहना है कि कोई और दल भाजपा को हराने में सक्षम नहीं है।1
- नालंदा के बिहार शरीफ में देर शाम अचानक ओलावृष्टि हुई, जिससे पूरा बाजार सन्नाटे में डूब गया। करीब 7 साल बाद जिले में बारिश के साथ बर्फ के ओले गिरे, जिसने लोगों को चौंका दिया। पिछले एक सप्ताह से 40 डिग्री तापमान की गर्मी झेल रहे इलाके में इससे अचानक ठंडक महसूस हुई।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की जनता के प्रति आभार जताते हुए मंच से नतमस्तक होकर अभिवादन किया। उनका यह भावुक पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों का ध्यान खींच रहा है।1
- पटना के बेलछी में एक ग्रामीण ने चुनाव में किए गए सड़क विकास के वादों के पूरा न होने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि हर चुनाव में नेता आते हैं, वादे करते हैं, लेकिन उनके गांव की सड़कें आज भी बदहाल हैं। ग्रामीण जल्द से जल्द इस दिशा में कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1
- बिहार के नालंदा जिले में बदलते मौसम के मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राजगीर में इस नए निर्णय से जनजीवन पर सीधा असर पड़ने की उम्मीद है। लोग आगे की जानकारी के लिए अपडेट्स का इंतजार कर रहे हैं।1
- भक्तों ने प्रभु हनुमान से अपनी विनय प्रस्तुत की है। संत हितकारी कहे जाने वाले बजरंगबली से हर मुश्किल में साथ देने और संकट दूर करने की प्रार्थना की गई।1
- बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने बिहार शरीफ स्थित जदयू कार्यालय में महाराणा प्रताप की जयंती मनाई। इस अवसर पर उन्होंने वीर योद्धा महाराणा प्रताप के जीवनकाल और त्याग पर प्रकाश डाला।1
- पटना के मुठापुर इलाके में निर्माणाधीन एक महत्वपूर्ण पुल के काम की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों को निर्माण की गति और गुणवत्ता को लेकर चिंता है, जिससे परियोजना की तय समय-सीमा पर असर पड़ सकता है।1