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इन दिनों अजीबोगरीब हालात देखने को मिल रहे हैं, जहाँ एक तरफ बर्फ पिघल रही है तो वहीं दूसरी तरफ लोहा भी पिघल रहा है। इन घटनाओं को देखकर यह समझना मुश्किल हो रहा है कि आखिर आजकल क्या चल रहा है।
Sunil Gupta
इन दिनों अजीबोगरीब हालात देखने को मिल रहे हैं, जहाँ एक तरफ बर्फ पिघल रही है तो वहीं दूसरी तरफ लोहा भी पिघल रहा है। इन घटनाओं को देखकर यह समझना मुश्किल हो रहा है कि आखिर आजकल क्या चल रहा है।
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- अंबिकापुर में नगर निगम की घोर लापरवाही सामने आई है, जहाँ पानी की सप्लाई अभी तक शुरू नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें अब तक एक बूँद भी पानी नहीं मिला है, जो नगर निगम के उदासीन रवैये का स्पष्ट 'नमूना' है।1
- धर्मजयगढ़ वनमंडल के बोरो वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने देर रात एक जेसीबी मशीन को जब्त किया है। यह कार्रवाई बोरो रेंज के जबगा बीट क्षेत्र में की गई, जहाँ संरक्षित वन (पीएफ) क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में जेसीबी मशीन मिली। जब्त की गई मशीन को धर्मजयगढ़ काष्ठागार में सुरक्षित रखा गया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। वन विभाग को बीती रात सूचना मिली थी कि पीएफ क्षेत्र में जेसीबी मशीन के माध्यम से अवैध निर्माण या खुदाई जैसी गतिविधियां चल रही हैं। इस सूचना पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुँचे और जबगा बीट के कक्ष क्रमांक 600 के पीएफ जंगल क्षेत्र में देर रात जेसीबी मशीन को पाया। विभागीय अधिकारियों ने मशीन जब्त कर ली है और अब यह पता लगाया जा रहा है कि यह जेसीबी जंगल क्षेत्र में किस उद्देश्य से लाई गई थी और क्या वहां कोई अवैध गतिविधि संचालित की जा रही थी। यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि धर्मजयगढ़ वन क्षेत्र में पिछले कुछ समय से जेसीबी मशीनों के जरिए जंगल भूमि को नुकसान पहुँचाने और अवैध निर्माण की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। फिलहाल, वन विभाग इस मामले की जांच में जुटा हुआ है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इसमें क्या तथ्य सामने आते हैं और विभाग संबंधित लोगों के खिलाफ क्या वैधानिक कार्रवाई करेगा। संरक्षित वन क्षेत्र के भीतर आधी रात को जेसीबी मशीन की मौजूदगी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब जांच के निष्कर्षों के बाद ही सामने आ सकेंगे।4
- main pat aise Na Ja Raha milte rahata dekhne ke liye is najar ko like comment kijiye Chhattisgarh sarguja main pat1
- पंजाब को देश और कांग्रेस दोनों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य बताते हुए, वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, सभी कार्यकर्ता और नेता एकजुट होकर संगठन को मजबूत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ता जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में उतरेंगे। बघेल ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी की मजबूती, कार्यकर्ताओं की एकता और जनता का विश्वास ही पंजाब में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन का आधार बनेगा। उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से एक साथ मिलकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला में एक घटना सामने आई है, जहाँ ग्रामीणों ने पौधारोपण के लिए की जा रही 14 एकड़ भूमि के सीमांकन का कड़ा विरोध किया। इस दौरान मौके पर काफी हंगामा हुआ, जिसके चलते प्रशासनिक अधिकारियों को सीमांकन की कार्रवाई रोकनी पड़ी।1
- टमाटर की उन्नत खेती ने आदिवासी किसानों के जीवन की तस्वीर बदल दी है। इस बदलाव के परिणामस्वरूप उनकी आय में वृद्धि हुई है, जिससे आत्मनिर्भरता का उनका सपना और भी मजबूत हुआ है।1
- चैनपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रुति अग्रवाल द्वारा अवैध बालू उठाव के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान से चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में बालू कारोबार से जुड़े ट्रैक्टर मालिकों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस ने हाल ही में अवैध रूप से बालू उठाव कर रहे तीन ट्रैक्टरों को जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र की नदियों से होने वाला अवैध बालू उठाव लगभग पूरी तरह बंद हो गया है। चैनपुर में अवैध बालू उठाव पर पुलिस की इस सख्ती का असर अब आम लोगों और सरकारी योजनाओं पर भी पड़ने लगा है।1
- आज सुबह धर्मजयगढ़ क्षेत्र के चुनचुनीडांड़ गांव में अचानक आई तेज आंधी और बारिश ने भारी नुकसान पहुँचाया है। तेज हवाओं के चलते कई पेड़, बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होकर धराशाई हो गए हैं। इस भीषण आंधी के कारण गांव सहित आसपास के इलाकों की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। ग्रामीणों ने बताया कि आंधी इतनी भयंकर थी कि कई स्थानों पर पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों और बिजली लाइनों पर गिर गए, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बिजली आपूर्ति ठप होने से लोगों को पेयजल, संचार और अन्य दैनिक कार्यों को पूरा करने में भी गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित क्षेत्र के लोग बिजली व्यवस्था को लेकर बेहद चिंतित और परेशान हैं, उन्हें यह चिंता सता रही है कि गांव में बिजली कब बहाल हो पाएगी।1