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विजय कुमार
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- 🔴 कुशीनगर: CCTV में कैद चोरी, फिर भी चोर बेखौफ! नेबुआ नौरंगिया तिराहा | लक्की मोबाइल केयर कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया तिराहे पर स्थित लक्की मोबाइल केयर में शटर का ताला तोड़कर चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। करीब 100 कीमती मोबाइल फोन, जिनकी अनुमानित कीमत 18 लाख रुपये बताई जा रही है, चोर बोरी में भरकर ले उड़े। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि👉 CCTV फुटेज में दो संदिग्ध चोर बोरी लेकर आराम से जाते साफ़ दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं। घटना के बाद से दुकानदारों में भारी आक्रोश है बाजार की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं हर सवाल पर जवाब वही “जांच जारी है” लेकिन सवाल सीधा है👇 ❓ जब CCTV सब कुछ दिखा रहा है, तो चोर अब तक पकड़ से बाहर क्यों? ❓ अगर बाजार सुरक्षित नहीं, तो आम आदमी कैसे सुरक्षित रहेगा? ❓ क्या चोरों को खुली छूट मिल चुकी है? 18 लाख की चोरी कोई छोटी घटना नहीं है। जनता पूछ रही है— 👉 पुलिस आखिर कर क्या रही है?2
- कुशीनगर में मंगलवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) और अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर सभा के संयुक्त बैनर तले कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन खेत मजदूर संगठनों और ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत आयोजित हुआ, जिसकी अगुवाई परमहंस सिंह ने की। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित पाँच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर मजदूर और किसान विरोधी नीतियाँ लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद के शीतकालीन सत्र के बाद लागू किया गया विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन, जो पूर्व में मनरेगा कानून के रूप में जाना जाता था, ग्रामीण गरीबों के हितों के खिलाफ है। वक्ताओं का आरोप है कि 26 नवंबर 2025 को संविधान दिवस के अवसर पर लागू की गई चारों श्रम संहिताएँ मजदूरों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करती हैं। इससे संगठित और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की सुरक्षा समाप्त हो जाएगी, बेरोजगारी और पलायन में तेज़ी आएगी तथा नियोक्ताओं को 12 घंटे तक काम लेने और कम मजदूरी देने की खुली छूट मिल जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मनरेगा को और मजबूत बनाते हुए इसे सार्वभौमिक किया जाए तथा प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 200 दिन का रोजगार और ₹600 प्रतिदिन मजदूरी की कानूनी गारंटी दी जाए। इसके साथ ही चारों श्रम संहिताओं को तत्काल निरस्त करने की मांग उठाई गई। अन्य प्रमुख मांगों में उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के निजीकरण पर रोक लगाने, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया बंद करने और 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की मांग शामिल रही। साथ ही गरीबों पर बुलडोजर कार्रवाई रोकने, प्रत्येक गरीब परिवार को आवास हेतु 5 डिसमिल भूमि उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। इसके अलावा माइक्रो फाइनेंस कंपनियों द्वारा ग्रामीण गरीबों को दिए जा रहे कर्ज में आरबीआई के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने और ₹2 लाख तक के कर्ज की माफी की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। प्रदर्शन में भाकपा (माले) के जिला प्रभारी प्रभान सिंह, मनोरमा देवी, हृदय आनंद कुशवाहा, बलिस्टर कुशवाहा, बलराम प्रसाद, मेनका यादव, हरिहर प्रसाद, शकूर अंसारी, रिंकी देवी, कल्प शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। अगर चाहें तो मैं इसे3
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