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बिलासपुर के श्री राम अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिसकर्मी सत्य कुमार पाटले की मौत का मामला अब गरमा गया है। पथरी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुए सत्य कुमार की मौत के बाद उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया था। इस घटना के बाद अब मृतक पुलिसकर्मी के पिता ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी यह मांग पूरी नहीं होती है, तो वे कब्र से शव निकालकर सड़क पर प्रदर्शन करेंगे। वहीं, इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया है।
द संक्षेप
बिलासपुर के श्री राम अस्पताल में इलाज के दौरान पुलिसकर्मी सत्य कुमार पाटले की मौत का मामला अब गरमा गया है। पथरी के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुए सत्य कुमार की मौत के बाद उनके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया था। इस घटना के बाद अब मृतक पुलिसकर्मी के पिता ने एक करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी यह मांग पूरी नहीं होती है, तो वे कब्र से शव निकालकर सड़क पर प्रदर्शन करेंगे। वहीं, इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया है।
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- बिल्हा थाना क्षेत्र से एक 17 वर्ष 6 माह की नाबालिग बालिका बिना बताए घर से फरार हो गई है। उसके परिजनों ने बिल्हा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। शुक्रवार रात 10 बजे बिल्हा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम 17:04 बजे बिल्हा थाना क्षेत्र के एक ग्राम पंचायत में रहने वाली 40 वर्षीय मां ने थाने में आकर रिपोर्ट लिखवाई है। मां के अनुसार, वह बिल्हा क्षेत्र के एक गांव में अपने परिवार के साथ रहती है और सिलाई का काम करती है। उसके तीन बच्चे हैं, जिनमें से बड़ी बेटी शादीशुदा है। 27 मई 2026 की सुबह 07:30 बजे वह बिलासपुर सामान खरीदने गई थी। जब वह दोपहर करीब 01:00 बजे घर वापस लौटी, तो उसके 11 वर्षीय सबसे छोटे बेटे ने बताया कि दीदी सुबह लगभग 09:00 बजे घर से कहीं जाने के लिए निकली थी। बेटे ने जब उससे पूछा कि वह कहां जा रही है, तो उसने कहा कि वह लौटने के बाद बताएगी। रिपोर्ट के अनुसार, लापता लड़की की उम्र 17 साल 6 माह 22 दिन है और उसने कक्षा 10वीं तक पढ़ाई के बाद स्कूल छोड़ दिया था। घर वापस न आने पर परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारों में काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। लड़की का हुलिया साँवला रंग, 5 फीट ऊँचाई, गोल चेहरा, काले बाल और सामान्य शारीरिक बनावट बताई गई है। वह काले रंग का पैंट और सफेद रंग की शर्ट पहने हुई थी। मां ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कराने के दिन तक पता न चलने पर वह अपने भाई के साथ थाने में रिपोर्ट करने आई है और कार्यवाही की मांग कर रही है। प्रार्थीया की रिपोर्ट पर बिल्हा पुलिस ने अपराध धारा- 137(2) भान्यासं. के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की विवेचना जारी है।1
- जांजगीर-चांपा जिले में कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशानुसार, कृषि विभाग ने खाद दुकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। उप संचालक कृषि श्री राकेश शर्मा के नेतृत्व में उर्वरक निरीक्षकों की टीम ने शनिवार को निजी कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण करते हुए कुल 2638 बोरी रासायनिक खाद जब्त की। इस अभियान के तहत, जिले के थोक विक्रेता मेसर्स दिशा सेल्स चांपा में रासायनिक उर्वरकों के भंडारण और वितरण में अनियमितता पाई गई। जिसके बाद उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत 1150 बोरी एनपीके 16:20:00:13 (एचयूआरएल), 428 बोरी एसएसपी (दानेदार), 630 बोरी एसएसपी (पावडर) और 98 बोरी जिंकेटेड एसएसपी उर्वरक पर विक्रय प्रतिबंध लगाते हुए उन्हें जब्त कर लिया गया। इसके अतिरिक्त, विकासखंड बलौदा के ग्राम पिसौद स्थित राजकुमार साहू कृषि केंद्र पर भी छापेमारी की गई। यहां 98 बोरी यूरिया, 94 बोरी जिंकेटेड एसएसपी, 70 बोरी ट्रिपल सुपर फास्फेट और 70 बोरी एनपीके 16:20:00:13 (एचयूआरएल) का अवैध भंडारण मिला। इन सभी उर्वरकों को जब्त करते हुए विक्रय प्रतिष्ठान को सीलबंद कर दिया गया है। उप संचालक कृषि श्री राकेश शर्मा ने जानकारी दी कि कृषि विभाग किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, कालाबाजारी रोकने और उर्वरकों के वितरण में अनियमितता पर अंकुश लगाने के लिए जिले के सभी सहकारी और निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का लगातार निरीक्षण कर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।1
- झारखंड में स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम रावणेश्वर मंदिर से आज के लाइव दर्शन उपलब्ध कराए गए हैं।1
- शुक्रवार को भाटापारा शहर के व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र हटरी बाजार स्थित एक कपड़ा दुकान में भीषण आग लग गई, जिससे लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते दुकान और आसपास का क्षेत्र धुएं व लपटों से घिर गया, जिससे स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए, लेकिन भाटापारा नगरपालिका की फायर ब्रिगेड खराब होने के कारण तत्काल सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद अम्बुजा सीमेंट और हिरमी संयंत्र से दमकल वाहनों को बुलाया गया, जो लगभग 25 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि दमकल वाहन समय पर पहुंच जाते तो नुकसान काफी कम हो सकता था। फायर ब्रिगेड के पहुंचने में हुई देरी के कारण दुकान का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया। इस घटना ने एक बार फिर भाटापारा शहर में स्थायी फायर स्टेशन की आवश्यकता को प्रमुखता से सामने ला दिया है। भाटापारा को बलौदाबाजार जिले का सबसे बड़ा व्यापारिक शहर माना जाता है, जहाँ सैकड़ों दाल मिल, पोहा मिल, राइस मिल, गोदाम और बड़े-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। इसके बावजूद, शहर में पर्याप्त अग्निशमन संसाधनों का अभाव गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। व्यापारी संगठनों और नागरिकों ने मांग की है कि शहर की बढ़ती आबादी, औद्योगिक गतिविधियों और व्यापारिक महत्व को देखते हुए भाटापारा में पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी फायर स्टेशन की स्थापना की जाए। उनका तर्क है कि आगजनी जैसी आपात स्थितियों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है और समय पर दमकल सहायता से जान-माल की बड़ी क्षति को रोका जा सकता है। हटरी बाजार की यह घटना केवल एक दुकान में लगी आग नहीं, बल्कि शहर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करने वाली चेतावनी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर आवश्यकता पर कितनी शीघ्रता से निर्णय लेता है।1
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