स्लग: संदिग्ध हालात में पल्लेदार का शव मिला, परिजनों ने युवक पर लगाए गंभीर आरोप रिपोर्टर भीम राजावत स्थान: जालौन Mo. 9628800458 एंकर: जालौन जिले के उरई कोतवाली क्षेत्र में एक पल्लेदार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में हाईवे किनारे मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक को शाम के समय एक युवक अपने साथ बाइक से ले गया था, जिसके बाद वह लहूलुहान हालत में सड़क किनारे मृत मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि परिजनों ने युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीओ: दरअसल उरई कोतवाली क्षेत्र के मौखरी गांव निवासी 45 वर्षीय संतोष बाबू कुशवाहा पल्लेदारी का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के मुताबिक शुक्रवार शाम करीब 5 बजे उरई की गल्ला मंडी निवासी राजू नाम का युवक संतोष बाबू को बाइक से अपने साथ लेकर गया था। इसके बाद देर शाम करीब 8 बजे पुलिस ने परिजनों को सूचना दी कि झांसी-कानपुर हाईवे पर दाऊ प्लाजा के पास एक व्यक्ति लहूलुहान हालत में सड़क किनारे पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां शव की पहचान संतोष बाबू कुशवाहा के रूप में हुई। घटना की खबर मिलते ही उरई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं जिस युवक के साथ संतोष बाबू घर से गए थे, उसका देर रात तक कोई पता नहीं चल सका, जिससे परिजनों की शंका और बढ़ गई है। मृतक के बेटे आर्यन कुशवाहा का आरोप है कि राजू उनके पिता को बाइक से अपने साथ लेकर गया था और घटना के बाद से वह गायब है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि संतोष बाबू की मौत किसी सड़क हादसे में भी हो सकती है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। संतोष बाबू कुशवाहा की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पत्नी अनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि दो बेटे और एक बेटी सहित पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस साथ ले जाने वाले युवक की तलाश में जुटी हुई है। बाइट: आर्यन कुशवाहा — मृतक का पुत्र
स्लग: संदिग्ध हालात में पल्लेदार का शव मिला, परिजनों ने युवक पर लगाए गंभीर आरोप रिपोर्टर भीम राजावत स्थान: जालौन Mo. 9628800458 एंकर: जालौन जिले के उरई कोतवाली क्षेत्र में एक पल्लेदार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में हाईवे किनारे मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक को शाम के समय एक युवक अपने साथ बाइक से ले गया था, जिसके बाद वह लहूलुहान हालत में सड़क किनारे मृत मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है, जबकि परिजनों ने युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वीओ: दरअसल उरई कोतवाली क्षेत्र के मौखरी गांव निवासी 45 वर्षीय संतोष बाबू कुशवाहा पल्लेदारी का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। परिजनों के मुताबिक शुक्रवार शाम करीब 5 बजे उरई की गल्ला मंडी निवासी राजू नाम का युवक संतोष बाबू को बाइक से अपने साथ लेकर गया था। इसके बाद देर शाम करीब 8 बजे पुलिस ने परिजनों को सूचना दी कि झांसी-कानपुर हाईवे पर दाऊ प्लाजा के पास एक व्यक्ति लहूलुहान हालत में सड़क किनारे पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां शव की पहचान संतोष बाबू कुशवाहा के रूप में हुई। घटना की खबर मिलते ही उरई कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं जिस युवक के साथ संतोष बाबू घर से गए थे, उसका देर रात तक कोई पता नहीं चल सका, जिससे परिजनों की शंका और बढ़ गई है। मृतक के बेटे आर्यन कुशवाहा का आरोप है कि राजू उनके पिता को बाइक से अपने साथ लेकर गया था और घटना के बाद से वह गायब है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि संतोष बाबू की मौत किसी सड़क हादसे में भी हो सकती है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। संतोष बाबू कुशवाहा की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पत्नी अनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि दो बेटे और एक बेटी सहित पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस साथ ले जाने वाले युवक की तलाश में जुटी हुई है। बाइट: आर्यन कुशवाहा — मृतक का पुत्र
- आज दिनांक 30 मार्च 2026, दिन सोमवार को जालौन के विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत भदवां स्थित प्राथमिक विद्यालय में संकुल स्तरीय शिक्षा चौपाल का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम बेसिक शिक्षा अधिकारी जालौन एवं उप बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके पश्चात वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्रों को मेडल, प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विशेष पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम प्रधान जगत कुमार निरंजन एवं एआरपी शैलेंद्र मिश्रा उपस्थित रहे। ग्राम प्रधान जगत कुमार निरंजन ने अपने संबोधन में कहा कि “शिक्षा से ही समाज का विकास संभव है, इसलिए सभी अभिभावक अपने बच्चों को नियमित विद्यालय भेजें और उनकी पढ़ाई पर ध्यान दें।” वहीं एआरपी शैलेंद्र मिश्रा ने कहा कि “शिक्षा चौपाल के माध्यम से विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होता है, जिससे बच्चों के शैक्षिक स्तर में सुधार आता है।” विद्यालय के प्रधानाध्यापक अखिलेश कुमार रजक द्वारा सभी मुख्य अतिथियों का माल्यार्पण कर एवं सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकार बंधुओं का भी अंग वस्त्र ओढ़ाकर एवं माल्यार्पण कर विशेष सम्मान किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों को परीक्षा परिणाम एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी कार्यक्रम की विशेषता रही। इस अवसर पर नीरज राजपूत, सुनीता देवी, इंद्रपाल सिंह, संदीप श्रीवास्तव, सीता शरण, वीर सिंह पाल, शिवकुमार राठौर, बलवान सिंह पाल, लोकेश, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुमन द्विवेदी, कांति देवी सहित समस्त स्टाफ एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। यह आयोजन गांव में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।4
- जालौन जिले से इस वक्त की बड़ी खबर है मनरेगा में गड़बड़झाले से जुड़ी हुई दरअसल जिलाधिकारी जालौन के आदेश पर गड़बड़झाले पर प्रधान सहित 5 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई है क्या कुछ है पूरा मामला देखें खास रिपोर्ट देवेश कुमार स्वर्णकार के साथ1
- Post by Bheem rajawat 96288004581
- Post by मुजीब आलम पत्रकार1
- औरैया जिले इस वक्त की एक ऐसी खबर आ रही है जिससे सभी के आंखों पर यकीन नहीं है। अकेलेपन से टूटा 65 वर्षीय बुजुर्ग जीते जी अपनी ही तेरहवीं करने का लिया फैसला लक्ष्मणपुर गांव के राकेश यादव ने कराया तेरहवीं भोज का ऐलान,करीब 1900 लोगों को भेजे निमंत्रण पत्रदो भाइयों की हो चुकी मौत, कोई नहीं बचा सहारा,परिवार में शादी भी नहीं हुई, जीवन में गहरा अकेलापन अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं, इसलिए लिया फैसला,आज को तेरहवीं संस्कार के रूप में कराया जाएगा भंडारा1
- कानपुर देहात डेरापुर तहसील क्षेत्र में आस्था और उल्लास का संगम देखने को मिला, जब अन्तःपुरी इंटर कॉलेज सबलपुर के पास स्थित कलिका मंदिर सबलपुर पर दो दिवसीय भव्य मेले का आयोजन हुआ। सोमवार को मेले का दूसरा दिन रहा, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंजता रहा और भक्तों ने माँ के दरबार में झंडा चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। यह मेला वर्षों पुरानी परंपरा का प्रतीक है, जो हर एकादशी के शुभ अवसर पर शुरू होता है। आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचते हैं और माँ कलिका के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं। स्थानीय मान्यता है कि इन पावन दिनों में सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत माँ अवश्य पूरी करती हैं, यही विश्वास लोगों को हर साल यहां खींच लाता है। मेले में श्रद्धा के साथ-साथ उत्सव का रंग भी देखने को मिला। दुकानों की कतारें, बच्चों की खिलखिलाहट और भक्तों की उमंग से पूरा क्षेत्र मेले में तब्दील हो गया। आयोजकों ने सोमवार शाम करीब 6 बजे बताया कि मेले के समापन के बाद रात में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को और भी रंगीन बनाएंगे।1
- अन्तः पुरी इंटर कालेज के पास कलिका मंदिर मेले में उमड़ा जनसैलाब, रात को होगा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम डेरापुर तहसील क्षेत्र में आस्था और उल्लास का संगम देखने को मिला, जब अन्तःपुरी इंटर कॉलेज सबलपुर के पास स्थित कलिका मंदिर सबलपुर पर दो दिवसीय भव्य मेले का आयोजन हुआ। सोमवार को मेले का दूसरा दिन रहा, जहां सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर परिसर “जय माता दी” के जयकारों से गूंजता रहा और भक्तों ने माँ के दरबार में झंडा चढ़ाकर सुख-समृद्धि की कामना की। यह मेला वर्षों पुरानी परंपरा का प्रतीक है, जो हर एकादशी के शुभ अवसर पर शुरू होता है। आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचते हैं और माँ कलिका के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं। स्थानीय मान्यता है कि इन पावन दिनों में सच्चे मन से मांगी गई हर मन्नत माँ अवश्य पूरी करती हैं, यही विश्वास लोगों को हर साल यहां खींच लाता है। मेले में श्रद्धा के साथ-साथ उत्सव का रंग भी देखने को मिला। दुकानों की कतारें, बच्चों की खिलखिलाहट और भक्तों की उमंग से पूरा क्षेत्र मेले में तब्दील हो गया। आयोजकों ने सोमवार शाम करीब 6 बजे बताया कि मेले के समापन के बाद रात में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को और भी रंगीन बनाएंगे।1
- Post by Bheem rajawat 96288004581