शिकारपुर नगर में अवैध पशु कटान करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यज्ञदत्त शर्मा और कस्बा इंचार्ज दिलीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुबह होते ही अवैध कटान के ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी, जिससे अवैध कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया। दबिश के दौरान पुलिस टीम ने जब संदिग्धों के दरवाजे खटखटाए, तो कुछ ने डर से गेट खोल दिए, जबकि अन्य अंदर ही छिपे रहे। खुद को घिरा देख, कटान करने वालों ने पुलिस के सामने सफाई दी कि उन्होंने काफी समय पहले ही कटान करना छोड़ दिया है और अब वे फेरी लगाकर गुजारा करते हैं। कस्बा इंचार्ज दिलीप सिंह रातभर भारी पुलिस बल के साथ नगर की संवेदनशील गलियों में गश्त करते रहे, जिसका नतीजा यह हुआ कि सुबह पूरे नगर में कहीं भी अवैध कटान नहीं हो सका। कटान करने वालों में यह खौफ बैठ गया है कि जरा सी चूक हुई तो पुलिस उन्हें रंगे हाथ दबोच लेगी। सूत्रों के अनुसार, खुद को फंसता देख अवैध कटान करने वालों ने अपनी खाल बचाने के लिए कुछ सफेदपोश नेताओं से भी सिफारिशें लगवाईं। हालांकि, कोतवाली प्रभारी यज्ञदत्त शर्मा और कस्बा इंचार्ज दिलीप सिंह की सख्ती के आगे नेताओं की एक न चली। पुलिस के इस कड़े रुख के सामने अवैध कटान करने वाले पूरी तरह नतमस्तक नजर आए। इस कार्रवाई का असर यह रहा कि रोज की तरह गोश्त खरीदने निकले लोग गली-गली भटकते रहे और एक-दूसरे से पूछते नजर आए कि क्या कहीं गोश्त मिल जाएगा। इस पर स्थानीय लोगों ने दो टूक जवाब दिया कि जब कस्बा इंचार्ज खुद रात से पुलिस टीम के साथ गलियों में घूम रहे हैं, तो गोश्त कहां से मिलेगा। आखिरकार, पुलिस की इस मुस्तैदी और कड़े पहरे के कारण नगर में अवैध कटान पर पूरी तरह से लगाम लगी रही, जिससे यह कार्रवाई सुबह से ही चर्चा का विषय बनी हुई है।
शिकारपुर नगर में अवैध पशु कटान करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यज्ञदत्त शर्मा और कस्बा इंचार्ज दिलीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुबह होते ही अवैध कटान के ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी, जिससे अवैध कारोबारियों में भारी हड़कंप मच गया। दबिश के दौरान पुलिस टीम ने जब संदिग्धों के दरवाजे खटखटाए, तो कुछ ने डर से गेट खोल दिए, जबकि अन्य अंदर ही छिपे रहे। खुद को घिरा देख, कटान करने वालों ने पुलिस के सामने सफाई दी कि उन्होंने काफी समय पहले ही कटान करना छोड़ दिया है और अब वे फेरी लगाकर गुजारा करते हैं। कस्बा इंचार्ज दिलीप सिंह रातभर भारी पुलिस बल के साथ नगर की संवेदनशील गलियों में गश्त करते रहे, जिसका नतीजा यह हुआ कि सुबह पूरे नगर में कहीं भी अवैध कटान नहीं हो सका। कटान करने वालों में यह खौफ बैठ गया है कि जरा सी चूक हुई तो पुलिस उन्हें रंगे हाथ दबोच लेगी। सूत्रों के अनुसार, खुद को फंसता देख अवैध कटान करने वालों ने अपनी खाल बचाने के लिए कुछ सफेदपोश नेताओं से भी सिफारिशें लगवाईं। हालांकि, कोतवाली प्रभारी यज्ञदत्त शर्मा और कस्बा इंचार्ज दिलीप सिंह की सख्ती के आगे नेताओं की एक न चली। पुलिस के इस कड़े रुख के सामने अवैध कटान करने वाले पूरी तरह नतमस्तक नजर आए। इस कार्रवाई का असर यह रहा कि रोज की तरह गोश्त खरीदने निकले लोग गली-गली भटकते रहे और एक-दूसरे से पूछते नजर आए कि क्या कहीं गोश्त मिल जाएगा। इस पर स्थानीय लोगों ने दो टूक जवाब दिया कि जब कस्बा इंचार्ज खुद रात से पुलिस टीम के साथ गलियों में घूम रहे हैं, तो गोश्त कहां से मिलेगा। आखिरकार, पुलिस की इस मुस्तैदी और कड़े पहरे के कारण नगर में अवैध कटान पर पूरी तरह से लगाम लगी रही, जिससे यह कार्रवाई सुबह से ही चर्चा का विषय बनी हुई है।
- बुलंदशहर जिले के देवीपुरा फर्स्ट में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ एक सरकारी सबमर्सिबल पंप में करंट उतरने से 26 वर्षीय जीतू पुत्र ओमप्रकाश की मौत हो गई। घटना के मुताबिक, जीतू पंप को चालू करने गया था, तभी वह बटन से चिपक गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद परिजनों ने सरकारी कर्मचारियों और सभासद आदि पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों ने बताया कि यह सरकारी सबमर्सिबल पंप लगभग 10 साल से लगा हुआ है, लेकिन इसकी देखरेख के लिए आज तक किसी भी कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई। इसी घोर लापरवाही के चलते 26 वर्षीय युवक की जान चली गई। इस दुखद हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और पुलिस मौके पर पहुँच चुकी है।1
- Labour Addaa, जो खुद को भारत का डिजिटल करिगर प्लेटफॉर्म बताता है, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, राजमिस्त्री, पेंटर, बढ़ई, वेल्डर, AC मैकेनिक और अन्य कुशल करिगरों को एक शानदार अवसर प्रदान कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म मुफ्त पंजीकरण की सुविधा देता है और दावा करता है कि यह कोई कमीशन या मासिक शुल्क नहीं लेता है। इसके माध्यम से, करिगर सीधे ग्राहकों से संपर्क कर सकते हैं और घर बैठे काम के ऑर्डर प्राप्त कर सकते हैं। Labour Addaa सभी कुशल कारीगरों को आज ही इससे जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करता है।1
- एक व्यक्ति ने जानकारी दी है कि उसने आज यहीं बैठकर एक गाना गाया है। उसने बताया कि उसने 'तेरा नाम लिया' कहते हुए यह गीत गाया, और विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस गाने के बोल बहुत अच्छे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के अतरौली में स्थित गोगा जी टैंट हाउस में भीषण आग लग गई। इस घटना के कारण टैंट हाउस में रखा लाखों रुपये का सामान पूरी तरह से जलकर राख हो गया, जिससे भारी नुकसान हुआ है।1
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- सियाना तहसील के राणापुर गाँव में हाल ही में स्थापित एक नए फ्रीजर प्याऊ को लेकर विधायक जी से शिकायत की गई है। ग्रामीण के अनुसार, नरेंद्र लोधी ने गाँव के मंदिर पर यह प्याऊ एक महीने पहले लगवाया था। हालांकि, शिकायतकर्ता ने बताया कि इतने कम समय में ही यह प्याऊ खराब हो चुका है और मंदिर के पंडित जी ने इसे वहाँ से हटाकर रख दिया है, लेकिन अब यह कहाँ है, इसकी कोई जानकारी नहीं है। इस तरह एक महीने पहले लगा नया प्याऊ खराब होकर अनुपयोगी हो गया है और उसका कोई अता-पता नहीं है।1
- जनपद हापुड़ के थाना पिलखुआ क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। गाजियाबाद की ओर से हापुड़ की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार कार नगर पालिका कार्यालय के सामने अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पलट गई और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय कार काफी तेज गति से चल रही थी और डिवाइडर से टकराने के बाद कई फीट तक घिसटती हुई पलटी। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार चालक नशे की हालत में दिखाई दे रहा था, जिसके चलते वाहन पर उसका नियंत्रण बिगड़ गया और यह दुर्घटना हुई। हालांकि, पुलिस द्वारा चालक के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और कार में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही थाना पिलखुआ पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर जाम की स्थिति बन गई थी। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है तथा दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नगर पालिका के सामने यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने तथा तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई करने की मांग की है। गनीमत रही कि हादसे के समय सड़क पर अधिक भीड़ नहीं थी, अन्यथा यह दुर्घटना और भी गंभीर रूप ले सकती थी।1