मई का महीना छात्रों के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा है, जहाँ NEET, CBSE, SSC और CUET UG जैसी चार बड़ी परीक्षाओं के आयोजन में पेपर लीक, तकनीकी खामी और प्रबंधन से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण छात्रों का भरोसा चार बार टूटा है। इन लगातार सामने आती घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। सीयूईटी यूजी 2026 की पहली शिफ्ट 30 मई को कई केंद्रों पर तकनीकी खराबी के कारण समय से शुरू नहीं हो सकी, जिससे परीक्षा दो घंटे देरी से शुरू हुई और दूसरी शिफ्ट भी प्रभावित हुई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने घंटों इंतजार के बाद परीक्षा को दोबारा करवाने का फैसला लिया, जिसकी वजह टीसीएस (TCS) कंपनी की ओर से आई तकनीकी समस्या बताई गई। वहीं, 3 मई को आयोजित हुई मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 इस साल सबसे ज्यादा विवादों में रही, जब पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया। जाँच में सामने आया कि परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ गेस पेपर हूबहू नीट के प्रश्न पत्र से मेल खाता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपा गया है और कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है। NTA ने 21 जून को NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा करवाने का ऐलान किया है। इन विवादों के बीच, CBSE की ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली पर भी सवाल उठे। बोर्ड कॉपियों के मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल की गई इस नई प्रणाली के विपरीत परिणाम देखने को मिले, जिसमें छात्रों ने नंबरों को लेकर असंतुष्टि, धुंधली आंसर शीट और क्रैश होते पोर्टल जैसी शिकायतें कीं, और यह मामला अभी तक शांत नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी चयन आयोग की जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा भी विवादों से अछूती नहीं रही। परीक्षा केंद्रों पर उम्मीद से अधिक उम्मीदवारों के पहुँचने, सर्वर संबंधी परेशानियों और परीक्षा प्रबंधन में खामियों को लेकर शिकायतें मिलीं। कुछ केंद्रों पर उम्मीदवारों को लंबा इंतजार करना पड़ा, जिसके कारण आयोग को कुछ शिफ्ट की परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा।
मई का महीना छात्रों के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा है, जहाँ NEET, CBSE, SSC और CUET UG जैसी चार बड़ी परीक्षाओं के आयोजन में पेपर लीक, तकनीकी खामी और प्रबंधन से जुड़ी गड़बड़ियों के कारण छात्रों का भरोसा चार बार टूटा है। इन लगातार सामने आती घटनाओं ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। सीयूईटी यूजी 2026 की पहली शिफ्ट 30 मई को कई केंद्रों पर तकनीकी खराबी के कारण समय से शुरू नहीं हो सकी, जिससे परीक्षा दो घंटे देरी से शुरू हुई और दूसरी शिफ्ट भी प्रभावित हुई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने घंटों इंतजार के बाद परीक्षा को दोबारा करवाने का फैसला लिया, जिसकी वजह टीसीएस (TCS) कंपनी की ओर से आई तकनीकी समस्या बताई गई। वहीं, 3 मई को आयोजित हुई मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 इस साल सबसे ज्यादा विवादों में रही, जब पेपर लीक के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया। जाँच में सामने आया कि परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ गेस पेपर हूबहू नीट के प्रश्न पत्र से मेल खाता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपा गया है और कई लोगों की गिरफ्तारी हुई है। NTA ने 21 जून को NEET UG 2026 की दोबारा परीक्षा करवाने का ऐलान किया है। इन विवादों के बीच, CBSE की ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली पर भी सवाल उठे। बोर्ड कॉपियों के मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल की गई इस नई प्रणाली के विपरीत परिणाम देखने को मिले, जिसमें छात्रों ने नंबरों को लेकर असंतुष्टि, धुंधली आंसर शीट और क्रैश होते पोर्टल जैसी शिकायतें कीं, और यह मामला अभी तक शांत नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी चयन आयोग की जीडी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा भी विवादों से अछूती नहीं रही। परीक्षा केंद्रों पर उम्मीद से अधिक उम्मीदवारों के पहुँचने, सर्वर संबंधी परेशानियों और परीक्षा प्रबंधन में खामियों को लेकर शिकायतें मिलीं। कुछ केंद्रों पर उम्मीदवारों को लंबा इंतजार करना पड़ा, जिसके कारण आयोग को कुछ शिफ्ट की परीक्षाओं को रद्द करना पड़ा।
- दिल्ली के जैतपुर मोड़ स्थित रामसिंह नेताजी पानी के प्याऊ के पास एक व्यक्ति की सर कुचलकर निर्मम हत्या कर दी गई है। इस घटना के सामने आने के बाद बदरपुर थाना पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है और आगे की कार्रवाई कर रही है।1
- आज रात ठीक 12 बजे से देश भर में पाँच बहुत बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। इन महत्वपूर्ण बदलावों को लेकर सावधान रहने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि दावा किया गया है कि ये पाँच बदलाव आपकी ज़िंदगी को पूरी तरह से बदल कर रख देंगे।1
- सोशल मीडिया पर एक वायरल पोस्ट के अनुसार, सूर्या की मां ने अपने बेटे की हत्या को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को 'बकरा बनाकर काट' दिया गया। इस घटना पर न्याय की मांग करते हुए, सूर्या की मां ने कहा कि उन्हें 'सातों का एनकाउंटर' चाहिए, जो यह दर्शाता है कि उनके अनुसार इस वारदात में सात लोग शामिल थे।1
- इस बात पर जोर दिया गया है कि "मोदी की गारंटी मतलब - हर गारंटी पूरी होने की गारंटी!"। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने बंगाल को जो 6 गारंटियां दी थीं, भाजपा सरकार बनने के कुछ ही समय बाद उन पर तेजी से काम शुरू हो चुका है। यह दर्शाता है कि भाजपा जो कहती है, उसे पूरा करने का दृढ़ संकल्प भी रखती है।1
- मजदूरों की बुरी हालत है।1
- अब बिजली के बिलों पर भी लोगों को भारी मार का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति आम जनता के लिए एक नई परेशानी बनकर सामने आई है।1
- आज एक दुर्घटना हुई।1
- पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) के दूसरे चैंपियंस लीग खिताब जीतने की खुशी शनिवार देर रात फ्रांस की राजधानी पेरिस में भारी बवाल और हिंसा में बदल गई। जश्न मना रही भीड़ के बीच कुछ उपद्रवियों ने जमकर उत्पाद मचाया, जिसके बाद शहर को फूंक दिया गया। हिंसा तब और बढ़ गई जब उपद्रवियों के एक समूह ने फ्रांसीसी राजधानी में स्थित एक पुलिस स्टेशन पर ही धावा बोलने की कोशिश की। इस हिंसक घटना के बाद पेरिस पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए दर्जनों लोगों को हिरासत में ले लिया है, और अब तक 400 से अधिक गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।1