हजारीबाग में झारखंड मुक्ति मोर्चा का 47वां स्थापना दिवस समारोह होगा ऐतिहासिक हजारीबाग में झारखंड मुक्ति मोर्चा का 47वां स्थापना दिवस समारोह होगा ऐतिहासिक -- जिला स्कूल मैदान में भव्य आयोजन, हजारों कार्यकर्ताओं की जुटान की तैयारी यह कार्यक्रम संगठन की ताकत और एकता का परिचायक बनेगा; फागु बेसरा यह समारोह हजारीबाग के लिए गौरव का विषय है: बेदिया हजारीबाग । झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 47वें स्थापना दिवस को लेकर हजारीबाग में तैयारियां जोरों पर हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को भव्य और यादगार बनाने के लिए पार्टी संगठन पूरी ताकत के साथ जुटा हुआ है। कार्यक्रम का आयोजन हजारीबाग शहर स्थित जिला स्कूल मैदान में किया जाएगा, जहां जिले भर से हजारों कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना है। बताया जा रहा है कि इस समारोह में लगभग 20 से 25 हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके साथ ही राज्यभर से पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, मंत्री एवं जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव फागू बेसरा ने कहा कि हजारीबाग में आयोजित होने वाला 47वां स्थापना दिवस समारोह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पार्टी के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ तैयारी में जुटे हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यक्रम संगठन की ताकत और एकता का परिचायक बनेगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारिणी सदस्य एवं हजारीबाग जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बेदिया ने कहा कि यह समारोह हजारीबाग के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शामिल होने की संभावना है। यदि किसी कारणवश वे उपस्थित नहीं हो पाते हैं, तो वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के भी इस ऐतिहासिक सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है, जिससे कार्यकर्ताओं का उत्साह और बढ़ेगा। इस आयोजन को लेकर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यह स्थापना दिवस समारोह न केवल संगठन की मजबूती को प्रदर्शित करेगा, बल्कि आने वाले समय में झारखंड की राजनीति में झामुमो की भूमिका को भी और सशक्त बनाएगा।
हजारीबाग में झारखंड मुक्ति मोर्चा का 47वां स्थापना दिवस समारोह होगा ऐतिहासिक हजारीबाग में झारखंड मुक्ति मोर्चा का 47वां स्थापना दिवस समारोह होगा ऐतिहासिक -- जिला स्कूल मैदान में भव्य आयोजन, हजारों कार्यकर्ताओं की जुटान की तैयारी यह कार्यक्रम संगठन की ताकत और एकता का परिचायक बनेगा; फागु बेसरा यह समारोह हजारीबाग के लिए गौरव का विषय है: बेदिया हजारीबाग । झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 47वें स्थापना दिवस को लेकर हजारीबाग में तैयारियां जोरों पर हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को भव्य और यादगार बनाने के लिए पार्टी संगठन पूरी ताकत के साथ जुटा हुआ है। कार्यक्रम का आयोजन हजारीबाग शहर स्थित जिला स्कूल मैदान में किया जाएगा, जहां जिले भर से हजारों कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना है। बताया जा रहा है कि इस समारोह में लगभग 20 से 25 हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसके साथ ही राज्यभर से पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, मंत्री एवं जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव फागू बेसरा ने कहा कि हजारीबाग में आयोजित होने वाला 47वां स्थापना दिवस समारोह ऐतिहासिक होगा। उन्होंने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पार्टी के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ तैयारी में जुटे हुए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यक्रम संगठन की ताकत और एकता का परिचायक बनेगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारिणी सदस्य एवं हजारीबाग जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बेदिया ने कहा कि यह समारोह हजारीबाग के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शामिल होने की संभावना है। यदि किसी कारणवश वे उपस्थित नहीं हो पाते हैं, तो वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के भी इस ऐतिहासिक सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है, जिससे कार्यकर्ताओं का उत्साह और बढ़ेगा। इस आयोजन को लेकर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि यह स्थापना दिवस समारोह न केवल संगठन की मजबूती को प्रदर्शित करेगा, बल्कि आने वाले समय में झारखंड की राजनीति में झामुमो की भूमिका को भी और सशक्त बनाएगा।
- घटनास्थल पर पहुंचे पूर्व मंत्री योगेंद्र साव एवं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, कंपनी प्रबंधन पर कठोर कार्रवाई की मांग हजारीबाग | केरेडारी कोल माइंस से ट्रांसपोर्टिंग कर रही नकाश कंपनी की 16 चक्का हाईवा गाड़ी ने एक व्यक्ति को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान सुनील सोनी (पिता–मोती सोनी), निवासी चट्टी बरियातू के रूप में हुई है। विदित हो कि एक माह के भीतर ही पति एवं पत्नी दोनों की मौत हो गई। मृतक व्यक्ति के पत्नी विगत दिनों ओदरणा घाटी में हुई थी जबकि पति की मौत ट्रांसपोर्टिंग वाहन की चपेट में आने से हो गई। 26 मार्च को ही पत्नी का श्राद्ध कर्म पूर्ण किया था और बुधवार को ट्रांसपोर्टिंग वाहन की चपेट में आने से उसकी दुखद मौत हो गई। घटना की सूचना पाकर पूर्व मंत्री योगेंद्र साव घटनास्थल पहुंचे तत्पश्चात पूर्व विधायक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद भी घटनास्थल पर पहुंची। घटनास्थल से ही अंबा प्रसाद ने कहा हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह से बात की एवं वस्तु स्थिति से अवगत कराया, उपायुक्त ने पूर्व विधायक को आस्वस्त किया कि कंपनी एवं ट्रांसपोर्टिंग वाहन पर लीगल कारवाई सुनिश्चित की जाएगी। अंबा प्रसाद ने कहा कि मृतक के बच्चों के सर से पिता का साया उठ गया है उनका लालन-पालन कैसे होगा पढ़ाई आगे जारी कैसे रहेगी इस पर प्रशासन को तत्काल आवश्यक कदम उठाना चाहिए। देर शाम कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता के बाद 7 लाख रुपए मुआवजा देने की सहमति बनी जिसमें से 3 लाख मृतक के आश्रित को तुरंत प्रदान किया गया। परिजनों को तत्काल एक नौकरी एवं मृतक के बेटे को 18 वर्ष होने के बाद नौकरी दिए जाने पर भी सहमति बनी।वहीं केरेडारी अंचल से भी एक लाख सरकारी सहायता प्रदान करने पर सहमति बनी है। ज्ञात हो कि एनटीपीसी केरेडारी कोल माइंस से पिछले तीन वर्षों से ट्रांसपोर्टिंग कार्य जारी है, लेकिन अब तक वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाया गया है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी और खतरे का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रांसपोर्टिंग कर रही नकाश कंपनी द्वारा नियम-कानूनों की अनदेखी की जा रही है, जिससे इस तरह की घटनाएं घटी हैं। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।1
- अंधविश्वास में मासूम की हत्या, मां समेत तीन गिरफ्तार हजारीबाग के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुम्बा गांव में 13 वर्षीय बच्ची की हत्या मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के नाम पर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि बच्ची की मां को झाड़-फूंक करने वाली महिला ने समस्या के समाधान के लिए कुंवारी लड़की की बलि देने के लिए उकसाया। इसके बाद पूजा के बहाने बच्ची को बांसबाड़ी ले जाकर उसकी हत्या कर दी गई।1
- हजारीबाग के इमली कोठी चौक पर हुई सड़क दुर्घटना मोटरसाइकिल सवार घायल लोग सड़क पर उतरे1
- विष्णुगढ़ नरबलि कांड का रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा: मां के अवैध संबंध और अंधविश्वास की वेदी पर चढ़ी मासूम की बलि डीजीपी तदासा मिश्रा ने खुद संभाली जांच की कमान; मां, प्रेमी और तांत्रिक महिला सहित 3 गिरफ्तार हजारीबाग (विष्णुगढ़): हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुम्भा गांव में पिछले 24 मार्च (मंगला जुलूस की रात) को हुई 13 वर्षीय किशोरी की नृशंस हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। यह मामला न केवल अंधविश्वास की पराकाष्ठा है, बल्कि इसमें अवैध संबंधों और मानवीय क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई हैं। नॉर्थ रेंज के डीआईजी अंजनी कुमार झा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि एक मां ने अपने ही प्रेमी और एक तांत्रिक महिला के साथ मिलकर अपनी मासूम बेटी की 'नरबलि' दे दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डीजीपी तदासा मिश्रा 1 अप्रैल 2026 को खुद हजारीबाग मुख्यालय पहुंचीं। अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक के बाद उन्होंने विष्णुगढ़ का दौरा किया और नामजद अभियुक्तों से कड़ी पूछताछ की, जिसके बाद इस काले सच का पर्दाफाश हुआ। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि मृतिका की मां रेशमी देवी का गांव के ही भीम राम (45 वर्ष) के साथ पिछले 10 वर्षों से अवैध संबंध है। भीम राम ही रेशमी के घर का पूरा प्रबंधन संभालता था। बीमार बेटे के लिए रची गई 'नरबलि' की साजिश रेशमी देवी का छोटा भाई अक्सर बीमार रहता था। उसे ठीक करने के लिए वह गांव की ही 'नाया-गुणी' (तांत्रिक) शांति देवी उर्फ भगतिनी (55 वर्ष) के संपर्क में आई। तांत्रिक ने सुझाव दिया कि यदि वह अपनी कुंवारी बेटी की बलि देती है, तो उसका बेटा हमेशा के लिए ठीक हो जाएगा। हत्याकांड का खौफनाक घटनाक्रम: • बहला-फुसलाकर ले जाना: अष्टमी की रात करीब 8 बजे रेशमी देवी अपनी बेटी को लेकर तांत्रिक के घर पहुंची। वहां बच्ची को सिंदूर का टीका, काजल लगाया गया और प्रसाद के रूप में इलायची दाना खिलाकर विश्वास में लिया गया। • बलि की प्रक्रिया: तांत्रिक ने कहा कि 'देवास' (दैवीय शक्ति) आने पर बलि देनी होगी और इसके लिए एक पुरुष की जरूरत है। रेशमी ने अपने प्रेमी भीम राम को बुलाया। • नृशंस हत्या: रात करीब 9:30 बजे बांसवाड़ी में ले जाकर बच्ची को लिटाया गया। तांत्रिक के इशारे पर मां ने अपनी ही लाडली के पैर पकड़े और भीम राम ने गला घोंटकर उसकी जान ले ली। • बर्बरता की हदें: हत्या के बाद तांत्रिक ने 'कॉलिंग स्टिक' (बांस की छड़ी) को मृतिका के गुप्तांग में प्रवेश कराया गया #Hazaribag #hazaribagpolice #breakingnews #viral #reelit4
- आज 02.04.2026 सरहुल पूजा सह सरहुल मिलन समारोह अरगडा सिरका......1
- Post by M.Haque Bharti1
- यही है मुख्य आरोपी भीम राम एक्टिंग ऐसे कर रहा था जैसे कुछ किया ना हो भीम राम यही है वो जिसका ताल्लुक भाजपा राजनीतिक पार्टी से था।1
- "ममता हुई शर्मसार : अंधविश्वास की आग में मां ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर चढ़ा दी अपनी ही बेटी की बलि" रामनवमी की रात तंत्र-मंत्र के नाम पर रची गई खौफनाक साजिश, एसआईटी जांच में खुला पूरा सच1
- विष्णुगढ़ कुसुम्भा मामले में भ्रांतियां फैला कर इस केस को अलग मोड़ देने की साज़िश! देखिए नामज़द केस के बाद अनुसंधान के क्रम में क्या बोले थे विष्णुगढ़ थाना प्रभारी sonumehta sachtakjharkhandnews विष्णुगढ़_पुलिस justiceforbishnugarh1