ठगी के मामले में पुलिस की ढिलाई, नामजद आरोपियों पर नहीं हुई कार्रवाई शिकायत के बावजूद सिर्फ एक आरोपी पर मुकदमा, पीड़िता ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार बरेली। थाना सुभाषनगर क्षेत्र में ठगी के एक मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़िता श्रीमती गिरीराज किशोरी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत कर आरोप लगाया है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने दिनांक 6 जनवरी 2026 को ठगी कर माल, जेवर और बैंक खाते से धनराशि निकालने के संबंध में एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। जिसके बाद 10 जनवरी 2026 को थाना सुभाषनगर में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि शिकायत में कई लोगों को नामजद करने के बावजूद पुलिस ने केवल दुर्गेश सिंह के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज किया, जबकि अन्य आरोपियों को नजरअंदाज कर दिया गया। पीड़िता का कहना है कि इससे अन्य आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता ने यह भी बताया कि मुकदमा दर्ज हुए करीब ढाई महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही मामले का खुलासा किया गया है। कई बार थाने के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में ठगी के अन्य मामलों का पुलिस द्वारा खुलासा किया जा चुका है, लेकिन इस मामले में पुलिस की सुस्ती से पीड़िता निराश है। पीड़िता ने एसएसपी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों को नामजद किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। ठगी के मामले में पुलिस की ढिलाई, नामजद आरोपियों पर नहीं हुई कार्रवाई शिकायत के बावजूद सिर्फ एक आरोपी पर मुकदमा, पीड़िता ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार बरेली। थाना सुभाषनगर क्षेत्र में ठगी के एक मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़िता श्रीमती गिरीराज किशोरी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत कर आरोप लगाया है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने दिनांक 6 जनवरी 2026 को ठगी कर माल, जेवर और बैंक खाते से धनराशि निकालने के संबंध में एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। जिसके बाद 10 जनवरी 2026 को थाना सुभाषनगर में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि शिकायत में कई लोगों को नामजद करने के बावजूद पुलिस ने केवल दुर्गेश सिंह के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज किया, जबकि अन्य आरोपियों को नजरअंदाज कर दिया गया। पीड़िता का कहना है कि इससे अन्य आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता ने यह भी बताया कि मुकदमा दर्ज हुए करीब ढाई महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही मामले का खुलासा किया गया है। कई बार थाने के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में ठगी के अन्य मामलों का पुलिस द्वारा खुलासा किया जा चुका है, लेकिन इस मामले में पुलिस की सुस्ती से पीड़िता निराश है। पीड़िता ने एसएसपी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों को नामजद किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
ठगी के मामले में पुलिस की ढिलाई, नामजद आरोपियों पर नहीं हुई कार्रवाई शिकायत के बावजूद सिर्फ एक आरोपी पर मुकदमा, पीड़िता ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार बरेली। थाना सुभाषनगर क्षेत्र में ठगी के एक मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़िता श्रीमती गिरीराज किशोरी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत कर आरोप लगाया है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने दिनांक 6 जनवरी 2026 को ठगी कर माल, जेवर और बैंक खाते से धनराशि निकालने के संबंध में एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। जिसके बाद 10 जनवरी 2026 को थाना सुभाषनगर में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि शिकायत में कई लोगों को नामजद करने के बावजूद पुलिस ने केवल दुर्गेश सिंह के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज किया, जबकि अन्य आरोपियों को नजरअंदाज कर दिया गया। पीड़िता का कहना है कि इससे अन्य आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता ने यह भी बताया कि मुकदमा दर्ज हुए करीब ढाई महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही मामले का खुलासा किया गया है। कई बार थाने के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में ठगी के अन्य मामलों का पुलिस द्वारा खुलासा किया जा चुका है, लेकिन इस मामले में पुलिस की सुस्ती से पीड़िता निराश है। पीड़िता ने एसएसपी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों को नामजद किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। ठगी के मामले में पुलिस की ढिलाई, नामजद आरोपियों पर नहीं हुई कार्रवाई शिकायत के बावजूद सिर्फ एक आरोपी पर मुकदमा, पीड़िता ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार बरेली। थाना सुभाषनगर क्षेत्र में ठगी के एक मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़िता श्रीमती गिरीराज किशोरी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से शिकायत कर आरोप लगाया है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने दिनांक 6 जनवरी 2026 को ठगी कर माल, जेवर और बैंक खाते से धनराशि निकालने के संबंध में एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। जिसके बाद 10 जनवरी 2026 को थाना सुभाषनगर में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि शिकायत में कई लोगों को नामजद करने के बावजूद पुलिस ने केवल दुर्गेश सिंह के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज किया, जबकि अन्य आरोपियों को नजरअंदाज कर दिया गया। पीड़िता का कहना है कि इससे अन्य आरोपियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़िता ने यह भी बताया कि मुकदमा दर्ज हुए करीब ढाई महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही मामले का खुलासा किया गया है। कई बार थाने के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में ठगी के अन्य मामलों का पुलिस द्वारा खुलासा किया जा चुका है, लेकिन इस मामले में पुलिस की सुस्ती से पीड़िता निराश है। पीड़िता ने एसएसपी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों को नामजद किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
- जेल अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था पर गरजा ‘गरीब शक्ति दल’, एम्स जैसी सुविधाओं की उठी मांग बरेली से रिपोर्ट – कविता मौर्य भारत में कैदियों के स्वास्थ्य अधिकारों को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है। ‘गरीब शक्ति दल’ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि देश की जेलों में कैदियों को बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं, जो संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) का खुला उल्लंघन है।1
- Post by जिला संवाददाता हरपाल यादव बरेल1
- #Bareilly के पुराने शहर के लोधी टोला क्षेत्र के वार्ड नंबर 62 में हालात बेहद खराब हो चुके हैं। #1
- बरेली से क्राइम ब्यूरो चीफ मोहम्मद आजिब अली की रिपोर्ट कॉन्फ्रेंस: Casca Aesthetics ने पेश की एडवांस स्किन और हेयर केयर की नई दिशा शहर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान Casca Aesthetics ने अपने अत्याधुनिक स्किन और हेयर ट्रीटमेंट्स, सेफ्टी स्टैंडर्ड्स और फ्यूचर विज़न को मीडिया के सामने विस्तार से रखा। इस मौके पर विशेषज्ञों ने आम लोगों के मन में उठने वाले सवालों के जवाब भी दिए और सौंदर्य चिकित्सा (Aesthetics) से जुड़े कई मिथकों को दूर किया Casca Aesthetics और इसका विज़न? Casca Aesthetics एक आधुनिक क्लिनिक है, जहां स्किन और हेयर से जुड़ी समस्याओं का वैज्ञानिक और पर्सनलाइज्ड तरीके से इलाज किया जाता है। संस्थान का विज़न है — “नेचुरल ब्यूटी को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से निखारना इनोग्रेशन के चीफ गेस्ट डॉ सबीन अहसन रही अंकिता भाटिया अतिथि के रूप में रही Aesthetics का सरल मतलब क्या है? डॉक्टर्स के अनुसार, Aesthetics का मतलब है — त्वचा, बाल और चेहरे की सुंदरता को बेहतर बनाना, वो भी हेल्दी और नेचुरल तरीके से। किन समस्याओं का होता है इलाज? यहां पिगमेंटेशन, एक्ने, मेलाज्मा, एजिंग, हेयर फॉल, हेयर थिनिंग जैसी समस्याओं का इलाज एडवांस तकनीकों से किया जाता है। Casca Aesthetics क्यों है खास? क्लिनिक की खासियत है पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट प्लान, एडवांस मशीनें और एक्सपर्ट टीम। यहां हर मरीज की स्किन टाइप और जरूरत के अनुसार इलाज तय किया जाता है। Casca Signature Treatment क्या है? यह एक खास ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल है, जिसमें स्किन की डीप क्लीनिंग, रिपेयर और ग्लो को एक साथ टारगेट किया जाता है, जिससे नेचुरल और लॉन्ग-लास्टिंग रिजल्ट मिलते हैं। सेंसिटिव और डैमेज्ड स्किन के लिए क्या खास? ऐसे मरीजों के लिए क्लिनिक में जेंटल और बैरियर-रिपेयर आधारित ट्रीटमेंट अपनाए जाते हैं, जिससे स्किन को नुकसान पहुंचाए बिना सुधार किया जा सके। गलत क्रीम्स और स्टेरॉयड के इस्तेमाल पर क्या सलाह? विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड क्रीम का इस्तेमाल स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है। सही1
- Post by भूपेंद्र शर्मा1
- बरेली से एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने अपने ही परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की है। पीड़िता ने शपथ पत्र के माध्यम से बताया कि वह बालिग है और पिछले दो महीनों से अपने माता-पिता से अलग रह रही है। उसका कहना है कि परिवार के लगातार उत्पीड़न से तंग आकर उसे घर छोड़कर किराये के मकान में रहना पड़ा। सबसे गंभीर आरोप उसने अपने बड़े भाई पर लगाए हैं। पीड़िता का दावा है कि उसके भाई ने कई बार उसके साथ दुष्कर्म किया। जब उसने इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं, जब उसने माता-पिता को इस बारे में बताया, तो उन्होंने भी उसका साथ नहीं दिया और उल्टा उसे ही प्रताड़ित किया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि उसके चरित्र पर झूठे आरोप लगाए जाते थे, जिससे मानसिक रूप से परेशान होकर उसने परिवार से दूरी बना ली। अब पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। अब सवाल ये है—क्या पीड़िता को मिलेगा इंसाफ? और क्या आरोपी पर होगी सख्त कार्रवाई? पूरे मामले में पीड़िता ने आज गुरुवार समय लगभग दोपहर के 3:00 बजे जानकारी देते हुए बताया1
- बरेली। नवाबगंज क्षेत्र में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर एक बार फिर मामला गरमा गया है। संस्था की अध्यक्ष सुनीता गंगवार ने नवाबगंज प्रशासन को पत्र सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा। सुनीता गंगवार ने बताया कि पूर्व में प्रशासन के लिखित आश्वासन पर किसानों ने धरना समाप्त किया था। उस समय प्रशासन ने तीन माह में भुगतान कराने का भरोसा दिया था, जिसकी समय सीमा 31 मार्च को पूरी हो चुकी है, लेकिन अब तक दो वर्ष का बकाया भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अपने वादे पर पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे से नवाबगंज क्षेत्र के 161 गांवों के किसान प्रभावित हैं और अपनी मेहनत की कमाई पाने के लिए आंदोलन को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के विधायक की नीलामी पर लगाई गई आपत्ति को आधार बनाकर प्रशासन ने किसानों के साथ छल किया है। साथ ही सत्ताधारी नेताओं पर भी भुगतान में बाधा डालने का आरोप लगाया। सुनीता गंगवार ने स्पष्ट किया कि अब 161 गांवों के किसान तहसील परिसर में एकत्र होकर आंदोलन करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर तहसील को बंद कराने की भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो तहसील किसानों के साथ न्याय नहीं कर सकती, उसका कोई औचित्य नहीं है। संस्था के कोषाध्यक्ष वहीद अहमद ने भी प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी किसानों की समस्याएं सुनने के बजाय नेताओं को खुश करने में लगे हैं। इस दौरान रामरतन गंगवार, खेमकरण गंगवार, ब्रह्मानंद गंगवार और नेपाल सिंह गंगवार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।1
- फर्जी लोन घोटाले का आरोप: फर्नीचर दुकान पर गंभीर आरोप, एसएसपी से जांच की मांग बरेली। शहर में फर्जी लोन का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने फर्नीचर दुकान पर धोखाधड़ी कर उसके नाम पर गलत तरीके से लोन कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) व एलआईयू से कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित के अनुसार उसने बजाज फाइनेंस से लिए गए सभी लोन की किश्तें समय पर जमा की हैं, लेकिन सिकलापुर स्थित एक फर्नीचर दुकान के माध्यम से उसके नाम पर ₹50,000 का लोन फर्जी तरीके से पास करा दिया गया। आरोप है कि दुकान संचालकों ने बजाज फाइनेंस कर्मचारियों को गुमराह कर सोफा सेट, डबल बेड और गद्दा सेट के नाम पर फर्जी बिल लगाकर लोन स्वीकृत कराया। पीड़ित का कहना है कि उसने केवल पर्सनल लोन की मांग की थी, लेकिन उसे धोखे में रखकर यह लोन कराया गया। बदले में उसे केवल ₹20,500 ऑनलाइन और करीब ₹5,000 का गद्दा सेट दिया गया, जबकि उसके नाम पर पूरा ₹50,000 का लोन दर्शाया गया है। मामले में पहली किश्त भी पीड़ित के खाते से ऑटो डेबिट कर ली गई, जिससे वह और अधिक परेशान हो गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित धोखाधड़ी है और इसमें संबंधित लोगों की मिलीभगत है। पीड़ित ने एसएसपी से मिलकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और फर्जी लोन से राहत दिलाने की मांग की है।1
- Bareilly Ke Thana bamora Ka mamla/ baap bete girftar heroine ke sath/ 12 karod Ka Nasha baramad/ 87.520 nagad hue baramad/ baramad sath mein mobile phone/ Biksha Aisa Jaal fas Gaye taskar/ Thana bhamora/1