मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में 6 जून 2017 को फसलों के उचित दाम और पूर्ण कर्जमुक्ति की मांग को लेकर भड़की किसान क्रांति को आज पूरे नौ वर्ष बीत चुके हैं। तत्कालीन पुलिस फायरिंग में अपने प्राणों की आहुति देने वाले 6 युवा किसानों—अभिषेक, पुनमचंद, चैनराम, सत्यनारायण, कन्हैयालाल और घनश्याम की शहादत को याद करते हुए देश के किसानों में आज भी आक्रोश की चिंगारी बरकरार है। इसी शहादत दिवस के अवसर पर, शनिवार को भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के तत्वाधान में सागर जिले की जैसीनगर तहसील के ग्राम साजी (पंचायत सरखडी) में शहीद किसान दिवस आक्रामक रूप में मनाया गया। देर शाम सैकड़ों किसान हाथों में जलती मशालें लेकर पूरे गांव में एक विशाल मशाल जुलूस में शामिल हुए, जहाँ 'शहीद किसान अमर रहें' के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। जुलूस के बाद, एकत्रित किसानों ने शहीद किसानों के तैलचित्र पर फूल-मालाएं अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के जिला अध्यक्ष नितिन ठाकुर ने सरकारों की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए सवाल उठाया कि नौ वर्ष बाद भी शहीद किसानों को न्याय क्यों नहीं मिला और दोषी अधिकारियों पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 2017 में जिन कर्जा मुक्ति और फसलों के पूरे दाम के लिए मंदसौर के किसानों ने सीने पर गोलियां खाई थीं, आज भी देश और प्रदेश का किसान उसी हक के लिए भटकने को मजबूर है। उन्होंने शहीदों के सपनों को मंजिल तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प दोहराया। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप ठाकुर ने वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था और लचर खरीद प्रणाली की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन ने किसानों को प्रताड़ित करने की सारी हदें पार कर दी हैं, जहाँ अन्नदाता को यूरिया और डीएपी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए सोसायटियों के बाहर लंबी लाइनों में रातें काटनी पड़ रही हैं। संदीप ठाकुर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को दो महीने पहले बेची गई चना, मसूर और गेहूं की फसलों का भुगतान अब तक नहीं मिला है, और सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं। उन्होंने पिछली बार मक्का, धान और सोयाबीन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ठीक से खरीद न होने से हुए भारी घाटे का भी जिक्र किया। यूनियन के प्रांतीय नेतृत्व ने सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि चालू सीजन में किसानों की मक्का, धान और सोयाबीन की फसलों के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संदीप ठाकुर ने मांग की कि इस बार सरकार को किसानों के सोयाबीन, मक्का और धान का एक-एक दाना तय सरकारी व्यवस्था के अनुसार एमएसपी पर खरीदना ही होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने खरीद में लापरवाही या आनाकानी की, तो पूरे मध्य प्रदेश में एक बड़ा और उग्र किसान आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। यह भी विदित है कि 2017 के मंदसौर किसान आंदोलन ने ही देशभर के बिखरे हुए किसान संगठनों को एक मंच पर लाकर 'अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति' (AIKSCC) और बाद में 'संयुक्त किसान मोर्चा' (SKM) के गठन की नींव रखी थी। मंदसौर के इसी संघर्ष की मजबूत विरासत ने दिल्ली के बॉर्डरों पर 380 दिनों तक चले देश के सबसे बड़े और ऐतिहासिक किसान आंदोलन की नींव रखी, जिसने अंततः केंद्र सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया था।
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में 6 जून 2017 को फसलों के उचित दाम और पूर्ण कर्जमुक्ति की मांग को लेकर भड़की किसान क्रांति को आज पूरे नौ वर्ष बीत चुके हैं। तत्कालीन पुलिस फायरिंग में अपने प्राणों की आहुति देने वाले 6 युवा किसानों—अभिषेक, पुनमचंद, चैनराम, सत्यनारायण, कन्हैयालाल और घनश्याम की शहादत को याद करते हुए देश के किसानों में आज भी आक्रोश की चिंगारी बरकरार है। इसी शहादत दिवस के अवसर पर, शनिवार को भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के तत्वाधान में सागर जिले की जैसीनगर तहसील के ग्राम साजी (पंचायत सरखडी) में शहीद किसान दिवस आक्रामक रूप में मनाया गया। देर शाम सैकड़ों किसान हाथों में जलती मशालें लेकर पूरे गांव में एक विशाल मशाल जुलूस में शामिल हुए, जहाँ 'शहीद किसान अमर रहें' के गगनभेदी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। जुलूस के बाद, एकत्रित किसानों ने शहीद किसानों के तैलचित्र पर फूल-मालाएं अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए यूनियन के जिला अध्यक्ष नितिन ठाकुर ने सरकारों की नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए सवाल उठाया कि नौ वर्ष बाद भी शहीद किसानों को न्याय क्यों नहीं मिला और दोषी अधिकारियों पर कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 2017 में जिन कर्जा मुक्ति और फसलों के पूरे दाम के लिए मंदसौर के किसानों ने सीने पर गोलियां खाई थीं, आज भी देश और प्रदेश का किसान उसी हक के लिए भटकने को मजबूर है। उन्होंने शहीदों के सपनों को मंजिल तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प दोहराया। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप ठाकुर ने वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था और लचर खरीद प्रणाली की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन ने किसानों को प्रताड़ित करने की सारी हदें पार कर दी हैं, जहाँ अन्नदाता को यूरिया और डीएपी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए सोसायटियों के बाहर लंबी लाइनों में रातें काटनी पड़ रही हैं। संदीप ठाकुर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों को दो महीने पहले बेची गई चना, मसूर और गेहूं की फसलों का भुगतान अब तक नहीं मिला है, और सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं। उन्होंने पिछली बार मक्का, धान और सोयाबीन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर ठीक से खरीद न होने से हुए भारी घाटे का भी जिक्र किया। यूनियन के प्रांतीय नेतृत्व ने सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि चालू सीजन में किसानों की मक्का, धान और सोयाबीन की फसलों के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संदीप ठाकुर ने मांग की कि इस बार सरकार को किसानों के सोयाबीन, मक्का और धान का एक-एक दाना तय सरकारी व्यवस्था के अनुसार एमएसपी पर खरीदना ही होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने खरीद में लापरवाही या आनाकानी की, तो पूरे मध्य प्रदेश में एक बड़ा और उग्र किसान आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। यह भी विदित है कि 2017 के मंदसौर किसान आंदोलन ने ही देशभर के बिखरे हुए किसान संगठनों को एक मंच पर लाकर 'अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति' (AIKSCC) और बाद में 'संयुक्त किसान मोर्चा' (SKM) के गठन की नींव रखी थी। मंदसौर के इसी संघर्ष की मजबूत विरासत ने दिल्ली के बॉर्डरों पर 380 दिनों तक चले देश के सबसे बड़े और ऐतिहासिक किसान आंदोलन की नींव रखी, जिसने अंततः केंद्र सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया था।
- अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के तत्वावधान में सागर के गोद लिए गए ग्राम पामाखेड़ी में शुचिता, नैतिक मूल्यों और नशामुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से पंचकुंडी गायत्री यज्ञ का भव्य आयोजन श्रद्धा और भक्तिपूर्ण वातावरण में शुरू हुआ। कार्यक्रम का आरंभ देव पूजन के साथ हुआ, जिसमें आरएन शुक्ला, योगेश गुप्ता और रजनी गुप्ता ने पूजा-अर्चना कराई। इस अवसर पर गायत्री परिवार के प्रमुख ट्रस्टी अनिल तिवारी ने देव पूजन कर मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया। भोपाल से आए मुख्य वक्ता रघुनाथ हजारी ने कथा के दौरान गायत्री मंत्र को वेदों की जननी और विश्व का सर्वश्रेष्ठ मंत्र बताया। उन्होंने इसके नियमित जप से मन और बुद्धि के विकास, अहंकार के नाश तथा व्यक्ति के भीतर सकारात्मक ऊर्जा के संचार पर विशेष जोर दिया। उपजोन प्रभारी लक्ष्मीपति शर्मा ने यज्ञ को भारतीय संस्कृति का केंद्रीय तत्व बताते हुए कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु तक के सभी संस्कारों में इसका विशेष महत्व है। शर्मा ने परोपकार की भावना से किए गए श्रेष्ठ एवं निष्काम कर्म को यज्ञ का वास्तविक अर्थ बताया और कहा कि प्रकृति का प्रत्येक तत्व यज्ञ भाव से अपना कर्तव्य निभा रहा है, जिससे सृष्टि का संचालन संभव हो पाता है। शाम के सत्र में गायत्री परिवार द्वारा 1001 दीपों के साथ एक भव्य दीप यज्ञ आयोजित किया गया, जिसकी दिव्य आभा से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया। वक्ताओं ने दीप यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वैदिक परंपरा में गायत्री को माता और यज्ञ को पिता की संज्ञा दी गई है। इस दीप यज्ञ को मानव जीवन को प्रकाश, सद्भावना और आत्मोत्थान की दिशा प्रदान करने वाला बताया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन में डीपी साहू, सीताराम नेमा, मनोज नेमा, देवेंद्र हजारी, अखिलेश पाठक, आरएन सोलंकी, कमलेश रैकवार, नेतराम कुर्मी, रामजी गुप्ता, अच्छेलाल साहू और डॉ. अनिल खरे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और गायत्री परिवार के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- पुरुषोत्तम मास के शुभ अवसर पर मथुरा वृंदावन धाम में भक्तों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा है। दूर-दूर से श्रद्धालु गिरिराज जी की परिक्रमा करने के लिए पहुंच रहे हैं, जहाँ उनमें अपार श्रद्धा का भाव देखने को मिल रहा है। गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को एक महत्वपूर्ण सिद्ध तीर्थ क्षेत्रों में से एक बताया गया है, जो भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं से जुड़ा हुआ है। यह मार्ग करीब 21 किलोमीटर लंबा है। गिरिराज जी की परिक्रमा दान घाटी मंदिर से आरंभ होती है और रास्ते में नारद कुंड एवं तपस्या स्थली, साथ ही राधा कुंड जी के दर्शन भी इसी मार्ग पर प्राप्त होते हैं। पुरुषोत्तम मास में इस स्थान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है, जिसके कारण भक्तों का निरंतर आना और भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मथुरा वृंदावन आने वाले भक्तों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं।2
- बहुजन समाज पार्टी ने बीना विधानसभा क्षेत्र में "गांव चलो अभियान, भाईचारा बनाओ अभियान" के तहत विभिन्न गांवों में जनसंपर्क और नुक्कड़ बैठकों का आयोजन किया। इस अभियान में पार्टी कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से संपर्क कर उनकी समस्याओं को सुना और संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष दशरथ अहिरवार के नेतृत्व में ग्राम डुरुआ, कोहा, खेजरा, इज्जतमंडी, बामोरा, सेमरखेड़ी सहित कई अन्य गांवों में पोलिंग बूथ और सेक्टर कमेटियों का गठन किया गया और उनकी समीक्षा भी की गई। इस दौरान, समाज में बढ़ते अत्याचार, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर कार्यकर्ताओं ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवेदन और ज्ञापन देकर शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने, समाज के सभी वर्गों में भाईचारा स्थापित करने और बहुजन समाज पार्टी की नीतियों व जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प भी लिया। इन बैठकों में तुलसीराम अहिरवार, संतोष अहिरवार, मुकेश अहिरवार, विनोद अहिरवार, प्रकाश अहिरवार, पूरनलाल, रामचरण, प्रमोद कुमार, काशीराम, नरेंद्र अहिरवार, जयराम, गणेशाराम, मुन्नालाल, कमल अहिरवार, इमारत लाल, राजा अहिरवार, दिनेश अहिरवार, सोनू अहिरवार, सुरेंद्र कुमार, जमुना प्रसाद और गोविंद अहिरवार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- बहुजन समाज पार्टी ने अपने "गांव चलो, भाईचारा बनाओ" अभियान के तहत बीना विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया। इस अभियान के दौरान, पार्टी पदाधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।1
- बहुजन समाज पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष दशरथ अहिरवार के नेतृत्व में बीना विधानसभा क्षेत्र 35 के अंतर्गत आने वाले ग्राम डुरुआ, कोहा, खेजरा, इज्जत मंडी, बामोरा और सेमर खेड़ी सहित कई गाँवों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। संघर्ष, सादगी और जन सेवा की पहचान रखने वाले अहिरवार ने इस दौरान पोलिंग बूथ कमेटी और सेक्टर कमेटी का गठन व समीक्षा की। जनसंपर्क के दौरान समाज पर हो रहे अन्याय, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और विकास से वंचित लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। साथ ही, शासन की योजनाओं से लाभान्वित न हो पाने वाले लोगों की शिकायतें भी दर्ज की गईं। दशरथ अहिरवार ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवेदन और ज्ञापन के माध्यम से इन समस्याओं का शीघ्र हल करने का आश्वासन दिया। इस अभियान का उद्देश्य महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलना, सर्व समाज में भाईचारा स्थापित करना और बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी के दिशा-निर्देशों के अनुसार सर्व समाज को पार्टी से जोड़ना था। कार्यकर्ताओं ने बहुजन समाज पार्टी की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में "बीएसपी की क्या पहचान, नीला झंडा हाथी निशान", "बहुजन समाज पार्टी जिंदाबाद", "मान्यवर कांशीराम साहब जिंदाबाद", और "बहन कुमारी मायावती जी जिंदाबाद" जैसे नारों से पार्टी का संदेश मुखर किया गया। इस अवसर पर संतोष अहिरवार, मुकेश अहिरवार, विनोद अहिरवार, प्रकाश अहिरवार, पूरनलाल, रामचरण, प्रमोद कुमार, काशीराम, नरेंद्र अहिरवार, जय राम, गणेशाराम, मुन्नालाल, कमल अहिरवार, इमारत लाल, राजा अहिरवार, दिनेश अहिरवार, सोनू अहिरवार, सुरेंद्र कुमार, जमुना प्रसाद, गोविंद अहिरवार सहित अनेक बहुजन कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- बहुजन समाज पार्टी के तत्वाधान पोलिंग बूथ कमेटी सेक्टर कमेटी का गठन लोकेशन:-बीना रिपोर्टर:-राकेश सेन बीना (सागर)बहुजन समाज पार्टी के तत्वाधान में बीना विधानसभा क्षेत्र 35 के अंतर्गत आने वाले ग्राम डुरुआ कोहा खेजरा इज्जत मंडी बामोरा सेमर खेड़ी आदि ग्रामों में बीएसपी के विधानसभा अध्यक्ष दशरथ अहिरवार के नेतृत्व में पोलिंग बूथ कमेटी सेक्टर कमेटी का गठन व समीक्षा समाज पर हो रहे अत्याचार, स्वास्थ्य शिक्षा रोजगार विकास एवं शासन की योजनाओं से वंचित लोगों की जनसंपर्क के दौरान समस्याएं सुनी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवेदन ज्ञापन के जरिए शीघ्र समस्या का हल करने का आश्वासन दिया और महापुरुषों के बताएं मार्ग पर चलने सर्व समाज में भाईचारा स्थापित करने बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन कुमारी मायावती जी के दिशा निर्देश अनुसार सर्व समाज को बीएसपी से जोड़ने और बहुजन समाज पार्टी के द्वारा की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया बीएसपी की क्या पहचान नीला झंडा हाथी निशान बहुजन समाज पार्टी जिंदाबाद मान्यवर कांशीराम साहब जिंदाबाद बहन कुमारी मायावती जी जिंदाबाद इस अफसर पर संतोष अहिरवार मुकेश अहिरवार विनोद अहिरवार प्रकाश अहिरवार पूरनलाल रामचरण प्रमोद कुमार काशीराम नरेंद्र अहिरवार जय राम गणेशाराम मुन्नालाल कमल अहिरवार इमारत लाल राजा अहिरवार दिनेश अहिरवार सोनू अहिरवार सुरेंद्र कुमार जमुना प्रसाद गोविंद अहिरवार आदि बहुजन कार्यकर्ता उपस्थित रहे1
- बीना। बीपीसीएल बीना रिफाइनरी और समन्वय मंडपम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय FIDE रेटिंग रैपिड चेस टूर्नामेंट-2026 का रविवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हुआ। इस भव्य समापन समारोह में बीना नगरपालिका अध्यक्ष लता सकवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं, जिन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनके खेल कौशल की प्रशंसा की और विजेता तथा हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। टूर्नामेंट में विभिन्न आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिन्होंने अपनी रणनीतिक सोच, गहरी एकाग्रता और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन का परिचय दिया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के बीच कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जिसने उपस्थित खेल प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया। इस अवसर पर, नगरपालिका अध्यक्ष लता सकवार ने जोर देकर कहा कि शतरंज केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास की एक प्रभावी पाठशाला है। यह खेल खिलाड़ियों में धैर्य, अनुशासन, दूरदर्शिता, रणनीतिक सोच और तेजी से निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाता है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में शतरंज जैसे खेल युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लता सकवार के अनुसार, FIDE रेटिंग रैपिड चेस टूर्नामेंट जैसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय रेटिंग प्राप्त करने के साथ-साथ बड़े मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलता है। ऐसे आयोजन क्षेत्र में खेल संस्कृति को मजबूत करने और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। लता सकवार ने बीपीसीएल बीना रिफाइनरी और समन्वय मंडपम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि खेलों के विकास के लिए इस तरह की प्रतियोगिताओं का नियमित रूप से आयोजन होना चाहिए, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ी आगे बढ़कर अपने सपनों को साकार कर सकें। समापन समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और आयोजन समिति के सदस्यों ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर खुशी व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस टूर्नामेंट ने, जो खेल भावना, प्रतिभा और सम्मान के साथ संपन्न हुआ, बीना क्षेत्र में शतरंज के बढ़ते प्रभाव और युवाओं के खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह की एक नई मिसाल पेश की।2
- सागर जिले की बंडा में एक अत्यंत गरिमामय वातावरण में 'युवा संवाद' एवं 'विप्र समागम' कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन में विप्र समाज की एकजुटता, युवाओं की भूमिका, और सामाजिक विसंगतियों को दूर करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-मंथन किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रबुद्ध जन और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में एसवीएन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अनिल तिवारी ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने उद्बोधन में समाज के बौद्धिक विकास और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने जोर दिया कि आज के समय में युवाओं का संस्कारवान और उच्च शिक्षित होना सबसे बड़ी आवश्यकता है। डॉ. तिवारी ने समाज में आपसी समन्वय और विश्वास पर भी विशेष बल देते हुए, पूर्व मंत्री एवं रहली विधायक गोपाल भार्गव के विचारों का जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज को वास्तव में आगे बढ़ने और मजबूत होने के लिए 'पीठ पीछे बुराई करने' की प्रवृत्ति को पूरी तरह बंद करना होगा, क्योंकि अक्सर लोग एक मंच पर एकत्रित होने के बावजूद पीठ पीछे एक-दूसरे की आलोचना करते हैं। इस समागम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रखर भाजपा नेता अभिषेक भार्गव (दीपू भैया) का विप्र बंधुओं और युवाओं द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। राजकुमार पचौरी और जयनारायण तिवारी सहित अन्य प्रमुख विप्रजनों ने भी अपने विचार साझा किए और समाज की उन्नति के लिए एकजुट होकर सकारात्मक व रचनात्मक कार्य करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन उपस्थित जनसमुदाय द्वारा वक्ताओं के विचारों की सराहना और सामाजिक एकता तथा समरसता को बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।2
- मध्य प्रदेश के बीना रेलवे स्टेशन पर भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच मानव सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिल रहा है। यहां नि:शुल्क जल वितरण समिति, बीना (म.प्र.) के तत्वावधान में विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं और समाजसेवियों द्वारा रेल यात्रियों को प्रतिदिन नि:शुल्क ठंडा पेयजल वितरित किया जा रहा है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को गर्मी के मौसम में राहत पहुँचाने के उद्देश्य से यह सेवा अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। समिति द्वारा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाली रेलगाड़ियों के यात्रियों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस जनसेवा अभियान में राजेंद्र कुमार सेन (रज्जू), ऑल इंडिया सेन जी महासंघ ट्रस्ट बीना, प्रभात रजक, सूरज आठ्या, विकास रजक, समन्वय मंडपम संस्था बीना और स्काउट-गाइड मास्टर संजय विश्वकर्मा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही, कुमारी रितु बघेल, कुमारी इशिका अहिरवार, तरुण राजपूत, धैर्य तिवारी, हर्षित राजपूत, विशेष प्रजापति, कनिष्क लोधी, कुमारी नमिता बघेल, आनंद बघेल और कुमारी कृतिका अहिरवार जैसे युवा स्वयंसेवक एवं स्काउट-गाइड छात्र-छात्राएँ भी अपनी सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को सफल बनाने में योगदान दे रहे हैं। समिति के सदस्यों ने इस सेवा को 'मानव सेवा सबसे बड़ा धर्म' बताया है और यात्रियों को ठंडा पेयजल उपलब्ध कराना समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी मानी है। यात्रियों ने भी इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए समिति और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया है। यह सेवा अभियान न केवल समाज में मानवता, सहयोग और सेवा भावना को मजबूत कर रहा है, बल्कि युवाओं को भी सामाजिक कार्यों में भागीदारी के लिए प्रेरित कर रहा है, जिससे भीषण गर्मी में जरूरतमंद यात्रियों को बड़ी राहत मिल रही है।1