Shuru
Apke Nagar Ki App…
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले में निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि उनका कार्यक्षेत्र सीमित है, जबकि एनओसी जारी करने सहित सभी महत्वपूर्ण अधिकार मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के पास हैं। कमलेंद्र सिंह ने दमकल विभाग के घटनास्थल पर देर से पहुंचने के लिए भी सीधे तौर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सीएफओ की जवाबदेही तय की जाए और उनके (कमलेंद्र सिंह) खिलाफ की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाए।
BHARAT TODAY NEWS
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड मामले में निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर अपने खिलाफ हुई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि उनका कार्यक्षेत्र सीमित है, जबकि एनओसी जारी करने सहित सभी महत्वपूर्ण अधिकार मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के पास हैं। कमलेंद्र सिंह ने दमकल विभाग के घटनास्थल पर देर से पहुंचने के लिए भी सीधे तौर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सीएफओ की जवाबदेही तय की जाए और उनके (कमलेंद्र सिंह) खिलाफ की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाए।
More news from दिल्ली and nearby areas
- भारतीय जन क्रान्ति सेना लोगों से राष्ट्र निर्माण में योगदान करने और राष्ट्र धर्म निभाने का आह्वान कर रही है। यह संदेश 'बदलाव का वक्त' बताते हुए नागरिकों से सेना के नेतृत्व से जुड़ने और सदस्य बनकर देश तथा समाज को मजबूत बनाने का संकल्प लेने का आग्रह करता है। जो लोग भारतीय जन क्रान्ति सेना से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें 'BJKS Join' लिखकर WhatsApp करने के लिए कहा गया है। यह आह्वान 'जयहिन्द', 'जयभारत' और 'वंदेमातरम' के उद्घोष के साथ समाप्त होता है।1
- जगदलपुर से मिली जानकारी के अनुसार, दलपत सागर का निरीक्षण किया गया है। यह निरीक्षण जनता से किए गए वादे के संबंध में था। एम नेशनल न्यूज़ के संवाददाता महेंद्र सिंह ठाकुर ने इसकी रिपोर्ट दी है।1
- दिल्ली में डीटीसी संवाहकों पर शिकंजा कसने से माहौल गर्मा गया है, जहां परिवहन मंत्री पंकज जी के आदेश के बाद ईको चेकिंग वाले बेवजह छोटी-छोटी बातों पर संवाहकों का चालान बना रहे हैं। संवाहकों का आरोप है कि ये ईको चेकिंग अधिकारी बीच सड़क पर बसों को रोककर यात्रियों को भी परेशान करते हैं, जिससे पूरी दिल्ली में तनाव बढ़ गया है। यह स्थिति डीटीसी अधिकारियों द्वारा बढ़ते शोषण की ओर इशारा करती है। इस गंभीर समस्या पर दिल्ली परिवहन मजदूर संघ ने संज्ञान लिया है और कार्यवाही का आश्वासन दिया है। संघ के अध्यक्ष गुगन जी ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाए जाएंगे क्योंकि इस तरह से चालान बनाना और संवाहकों को परेशान करना बिल्कुल उचित नहीं है।1
- hiralalsuryvanshi ❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️❤️🪔 🪔🪔🪔 hiralalsuryvanshi 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷🌷👺🐒🐒💐💐🌷👺🐒🐒🐒💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐1
- दिल्ली के बाबा हरिदास जी ने अब तक 5000 से अधिक ऐसे पौधे लगाए हैं जो चौबीस घंटे ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, और बड़ी बात यह है कि उनकी देखरेख वे स्वयं करते हैं। वे पिछले लगभग 20 वर्षों से निस्वार्थ सेवा और तपस्या में लीन हैं, जिसका मुख्य केंद्र पर्यावरण संरक्षण और यमुना सफाई अभियान है। प्रतिदिन सुबह 5 बजे से 10 बजे तक, बाबा हरिदास जी साधु-संतों के साथ यमुना किनारे 14 नंबर ठोकर श्मशान घाट के पीछे यज्ञ-हवन करते हैं और भोजन प्रसाद का वितरण करवाते हैं। यह अनुष्ठान सनातन धर्म को मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया जाता है, और बताया गया है कि वैदिक सनातन पद्धति से इस तरह के कार्य कम ही संत करते हैं। बाबा हरिदास जी एक ज्योतिषाचार्य भी हैं जो लोगों के कल्याण में लगे रहते हैं। उनकी जीवनशैली अत्यंत साधारण है और वे हर व्यक्ति से करुणा भाव से मिलते हैं, स्वयं के साथ-साथ दूसरों के कल्याण का भी विचार रखते हैं। हाल ही में 14 जून को 14 घाट पर दिल्ली सरकार द्वारा चलाए गए सफाई अभियान में भी कहीं न कहीं बाबा हरिदास जी के संकल्प की भूमिका रही है। वे प्रतिदिन 14 नंबर ठोकर पर यमुना की सफाई करते हैं और वहाँ पेड़-पौधे भी लगाते हैं; 50 वर्षीय व्यक्ति के लिए यमुना से पानी लाकर पौधों में डालना जैसा कठिन कार्य भी वे रोज करते हैं। समाज में ऐसे संत बहुत कम देखने को मिलते हैं जो समाज के कल्याण के साथ-साथ पर्यावरण और पशुओं का भी ध्यान रखते हैं, चाहे वह यमुना की सफाई हो, गंगा की सफाई हो, या गौ हत्या पर रोक और गौ सेवा हो। बाबा हरिदास जी की निस्वार्थ सेवा और समर्पण उन्हें एक अद्वितीय स्थान दिलाता है।1
- पूर्वी दिल्ली के शकरपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक ड्रग पेडलर और एक सप्लायर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से 106.68 ग्राम संदिग्ध हेरोइन/स्मैक बरामद की, जिसे मध्यम मात्रा बताया गया है। इसके अतिरिक्त, ड्रग्स की बिक्री से जुड़ी ₹1,01,732 की संदिग्ध नकदी भी जब्त की गई। पुलिस ने मौके से एक स्कूटी, एक मोबाइल फोन और ईयरफोन भी बरामद किए। यह कार्रवाई NDPS एक्ट की धारा 21 के तहत दर्ज FIR संख्या 144/2026 की जांच के दौरान की गई। नशीले पदार्थ की पहचान सुनिश्चित करने के लिए नारकोटिक ड्रग डिटेक्शन किट और मोबाइल क्राइम फोरेंसिक टीम की मदद ली गई। दोनों गिरफ्तार आरोपियों से आगे की जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें पुलिस ड्रग सप्लाई चेन और इसमें शामिल अन्य सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है।2
- मुख्यमंत्री योगी ने एक अग्नि कांड की घटना का संज्ञान लिया है, जिसमें आधिकारिक तौर पर 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस गंभीर घटना के बाद, मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ से अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और वापस लौट रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा, जिनकी वजह से यह इतनी बड़ी घटना हुई है। मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरी संवेदना भी व्यक्त की है। घटनास्थल पर डीजीपी, प्रमुख सचिव ग्रह संजय प्रसाद और डिप्टी सीएम मौजूद हैं। प्रमुख सचिव ग्रह लगातार मुख्यमंत्री योगी को फोन पर पल-पल की अपडेट दे रहे हैं। इस मामले में एलडीए और फायर ब्रिगेड के साथ स्थानीय पुलिस के जिम्मेदारों पर भी गाज गिरने की आशंका है, और इन विभागों के अधिकारियों पर जल्द ही बड़ा एक्शन लिया जाएगा। यह सवाल उठ रहा है कि जिस इमारत में दो रास्ते नहीं थे, वहां फायर विभाग और एलडीए ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) कैसे जारी कर दिया था। इमारत में अभी भी धुआं भरा हुआ है, जिसके कारण लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। घायलों के इलाज के लिए विशेषज्ञ लगाए गए हैं और उनका केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। डिप्टी सीएम ने बताया है कि मुख्यमंत्री योगी स्वयं घटना स्थल पर आएंगे, जिनकी सुरक्षा टीम पिछले एक घंटे से मौके पर मौजूद है।1
- अस्पताल में स्ट्रेचर न मिलने की गंभीर समस्या सामने आई है, जहाँ तीमारदारों को एक मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए मजबूरन उसके हाथ-पैर पकड़कर लटकाना पड़ा। यह घटना स्वास्थ्य सुविधाओं में व्याप्त कमी और तीमारदारों की बेबसी को उजागर करती है।1
- मंगलवार शाम गुलावठी की एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान पर पारपा के रोहताश की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के कुछ ही मिनटों के भीतर, गुलावठी थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने अपनी पुलिस टीम के साथ मिलकर हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से असलाह भी बरामद किए। हत्यारों को दबोचने की इस कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा को अपनी भुजा में चोट भी आई। उनकी इस बहादुरी और त्वरित कार्रवाई के सम्मान में, पुलिस कप्तान ने थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार शर्मा के लिए ₹25,000 के इनाम की घोषणा की है।1